15वीं वित्त की योजनाओं की मंजूरी के बदले मांगी थी घूस, नेहरू कॉलोनी स्थित किराए के मकान से दबोचे गए
बांका/पटना :01 सितंबर, 2026: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को निगरानी विभाग की विशेष टीम ने बांका जिले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फुल्लीडूमर के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अमित प्रताप सिंह और उनके सगे मामा बच्चन कुमार सिंह को 75,000 (पचहत्तर हजार) रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बांका थाना क्षेत्र स्थित नेहरू कॉलोनी में बीडीओ के किराए के मकान में की गई।

26 कार्य योजनाओं की स्वीकृति के एवज में मांगी थी रिश्वत
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार, बेलहर थाना क्षेत्र के ग्राम बदलाचक, पोस्ट- धनकुडिया निवासी परिवादी गौतम प्रकाश (पिता- स्व. जय प्रकाश नारायण राय) ने इस संबंध में पटना स्थित निगरानी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। गौतम प्रकाश का आरोप था कि प्रखण्ड विकास पदाधिकारी अमित प्रताप सिंह 15वीं वित्त आयोग की राशि से फुल्लीडूमर प्रखण्ड में स्वीकृत होने वाली 26 कार्य योजनाओं के अनुमोदन और क्रियान्वयन के एवज में उनसे रिश्वत की मांग कर रहे हैं।

सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने का आरोप सही पाया गया। प्रथम दृष्टया मामला सत्य पाए जाने पर निगरानी थाना कांड संख्या- 102/26 (दिनांक 21.08.2026) दर्ज किया गया। इसके बाद अनुसंधानकर्ता विनोद कुमार (पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में एक धावादल (ट्रैप टीम) का गठन किया गया।
मंगलवार को जैसे ही परिवादी गौतम प्रकाश रिश्वत की राशि 75,000 रुपये देने नेहरू कॉलोनी स्थित बीडीओ के किराए के घर पहुंचे, वहां पहले से मुस्तैद निगरानी की टीम ने बीडीओ अमित प्रताप सिंह और उनके मामा बच्चन कुमार सिंह को पैसे लेते हुए दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों अभियुक्तों से पूछताछ की जा रही है और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर उन्हें विशेष न्यायालय (निगरानी), भागलपुर में उपस्थापित किया जाएगा।

वर्ष 2026 में निगरानी का 94वां ट्रैप, 95 अभियुक्त गिरफ्तार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ दर्ज यह 102वीं प्राथमिकी (एफआईआर) है। चालू वर्ष में यह 94वां ट्रैप कांड है, जिसके तहत अब तक कुल 95 भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस वर्ष अब तक रिश्वत की कुल बरामद राशि 35,09,800/- (पैंतीस लाख नौ हजार आठ सौ) रुपये तथा 37,000 रुपये मूल्य की एक नई वाशिंग मशीन भी जब्त की जा चुकी है।
तुलनात्मक आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- वर्ष 2025 में: कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे और कुल 37,80,300 रुपये बरामद हुए थे। इस दौरान प्रति माह औसतन 8.4 ट्रैप केस दर्ज हुए।
- वर्ष 2026 में: प्रति माह औसतन 11.8 ट्रैप कांड दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक हैं।

जनता से अपील: घूस मांगने पर तुरंत करें शिकायत
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ इस अभियान में सहभागी बनें। यदि कोई भी लोक सेवक (सरकारी अधिकारी या कर्मी) किसी भी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो बिना डरे समय पर इसकी सूचना निगरानी विभाग को दें।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना (6 सर्कुलर रोड, पटना)
- लैंडलाइन नंबर: 0612-2215030, 0612-2215032, 0612-2215033, 0612-2215036, 0612-2215037, 0612-2999752
- हेल्पलाइन (24 घंटे): 0612-2215344
- मोबाइल नंबर: 7765953261
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