ईसीआरईयू के आह्वान पर पूरे मंडल में मनाया गया ‘काला दिवस‘, ओपीएस बहाली और खाली पड़े पदों को भरने की मांग को लेकर रेल कर्मचारियों ने किया आर-पार की जंग का ऐलान
समस्तीपुर (विशेष संवाददाता)। ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन (ईसीआरईयू) के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर और संजीव कुमार मिश्र के कुशल नेतृत्व में 1 सितंबर 2026 को समस्तीपुर रेल मंडल में कर्मचारियों के गुस्से का प्रचंड रूप देखने को मिला। रेल प्रशासन की कर्मचारी विरोधी नीतियों, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली और लंबे समय से खाली पड़े पदों को न भरने के रवैये के खिलाफ पूरे मंडल के सभी कार्यस्थलों व शाखाओं पर कर्मचारियों ने बांहों पर काली पट्टी बांधकर ‘काला दिवस’ मनाया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

विभिन्न शाखाओं में दिखा एकजुटता का अभूतपूर्व नजारा
मंडल भर के सभी प्रमुख स्टेशनों, वर्कशॉपों और दफ्तरों में यूनियन के पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में विरोध प्रदर्शन का सफल आयोजन किया गया:
- लोको शेड शाखा: लोको शेड शाखा सचिव सह मंडल संयुक्त सचिव ईसीआरईयू सोहन कुमार यादव के नेतृत्व में शेड के रेलकर्मियों ने काली पट्टी बांधकर अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
- दरभंगा शाखा: राकेश पासवान की अगुवाई में दरभंगा स्टेशन और कार्यस्थलों पर कर्मचारियों ने एकजुट होकर रेल प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर कड़ा विरोध जताया।
- हेडक्वार्टर शाखा: खगेश के नेतृत्व में समस्तीपुर मंडल मुख्यालय परिसर में कर्मचारियों ने इकट्ठा होकर अपनी आवाज बुलंद की।
- मोतिहारी शाखा: बृजमोहन की देखरेख में शाखा स्तर पर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया।
- नरकटियागंज शाखा: अविनाश के नेतृत्व में रेलकर्मियों ने बांह पर बिल्ला व काली पट्टी लगाकर ‘काला दिवस’ मनाया।
- सहरसा एवं सुपौल क्षेत्र: चंदन के नेतृत्व में सहरसा शाखा और आसपास के क्षेत्रों में रेल कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया।
- आउटडोर शाखा: आउटडोर शाखा के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने भी अपनी ड्यूटी के दौरान काली पट्टी बांधकर सक्रिय भागीदारी निभाई।

मांगे पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा और तेज: संजीव कुमार मिश्र
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संजीव कुमार मिश्र ने कहा कि रेल प्रशासन और सरकार लगातार कर्मचारियों के न्यायसंगत अधिकारों की अनदेखी कर रही है। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, रेलवे में खाली पड़े लाखों पदों को तत्काल भरने और कार्यस्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी अति-महत्वपूर्ण मांगों पर प्रशासन का रवैया पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रेलकर्मियों की न्यायसंगत मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया, तो ईसीआरईयू का यह संघर्ष आने वाले दिनों में और अधिक उग्र एवं चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।



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