सकरा और सुजावलपुर में गूंजे पैगंबर साहब के जयकारे: ईद-ए-मिलादुन्नबी पर निकला भव्य जुलूस, उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब!

सकरा (मुजफ्फरपुर): सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत हजरत मुहम्मद साहब के जन्म दिवस यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर विशाल एवं भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। इस पावन अवसर पर सकरा बाजार और सुजावलपुर मार्केट के मुख्य रास्तों से होकर जुलूस गुजरा, जहाँ पूरा इलाका हरा परचम और “लब्बैक या रसूल अल्लाह” के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा।

सकरा एवं सुजावलपुर बाजार में हजरत मुहम्मद साहब के जन्म दिवस पर जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान हरे झंडे लहराते बच्चे और सजाई गई काबा शरीफ व गुंबद-ए-खजरा की आकर्षक झांकी।

जुलूस में अकीदतमंदों का उत्साह देखते ही बन रहा था। खासकर छोटे-छोटे बच्चों में जबरदस्त उमंग और खुशी की लहर दिखाई दी। बच्चे हाथों में इस्लामी झंडे और तिरंगा लिए पैगंबर साहब की शान में नात-ओ-मनकबत पढ़ते हुए आगे बढ़ रहे थे। जुलूस के दौरान आकर्षक झांकियां भी सजाई गई थीं, जिसमें काबा शरीफ और गुंबद-ए-खजरा के मनमोहक प्रारूप (मॉडल) को देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।

सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सकरा थाना पुलिस पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद दिखी। सकरा थाना पुलिस के जवान और प्रशासनिक अधिकारी जुलूस के साथ-साथ पैनी नजर बनाए रहे, जिससे कि पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों ने भी जुलूस का भव्य स्वागत किया और भाईचारे की मिसाल पेश की।

हजरत मुहम्मद साहब का जीवन और उनके संदेश:

पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब का जन्म इस्लाम धर्म के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। वे पूरी दुनिया के लिए रहमत (दया और करुणा) बनकर आए। हजरत मुहम्मद साहब ने समाज में फैली बुराइयों, ऊंच-नीच और भेदभाव को खत्म कर सत्य, शांति, प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने गरीबों, अनाथों और बेसहारा लोगों की मदद करने तथा महिलाओं को सम्मान देने की सीख दी। उनका जीवन हर इंसान के लिए सत्य, ईमानदारी और इंसानियत के रास्ते पर चलने का एक प्रेरणादायक आदर्श है।

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