3 महीने में बनेगा माटी कला बोर्ड, प्रजापति समाज के हक और सम्मान के लिए मजबूती से खड़ी है सरकार: सम्राट चौधरी

अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के शहादत दिवस पर मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान, कहा- मिट्टी को सुंदर रूप देने वाले कारीगरों को मिलेगा आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार।

पटना (विशेष संवाददाता)  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति के तत्वावधान में आयोजित अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के शहादत दिवस एवं नवनिर्वाचित विधान पार्षदों के अभिनंदन समारोह का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने माटी कला से जुड़े कारीगरों और प्रजापति समाज के उत्थान के लिए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगले 3 महीनों के भीतर राज्य में ‘माटी कला बोर्ड’ का गठन कर दिया जाएगा । बोर्ड के जरिए कुम्हार समाज और माटी कला से जुड़े कारीगरों को योजनाबद्ध तरीके से आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाएगा ।

श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल, पटना में बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति द्वारा आयोजित शहादत दिवस समारोह में अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर नमन करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। साथ में नवनिर्वाचित विधान पार्षद और अन्य गणमान्य।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मात्र 13 वर्ष की अल्पायु में देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीद रामचंद्र विद्यार्थी का बलिदान हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है । उनके योगदान को संजोना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है]। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों पंडित राजकुमार शुक्ल और अमर शहीद रामफल मंडल को भी याद कर नमन किया ।

प्रजापति समाज को मिलेगा पूरा हक और सम्मान:

प्रजापति समाज के योगदान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वह समाज है जो साधारण मिट्टी को गढ़कर सुंदर मूर्ति और कलाकृतियों का रूप देता है। अपनी मेहनत, हुनर और पारंपरिक कला से इस समाज ने सदियों से बिहार की संस्कृति को समृद्ध किया है। बिहार को सजाने-संवारने और तरक्की के नए आयाम तक पहुंचाने के लिए प्रजापति समाज का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद समाज की दो नवनिर्वाचित विधान पार्षदों शीला पंडित और शिवरानी प्रजापति का आह्वान किया कि वे जमीन पर जाकर समाज के हर अंतिम व्यक्ति को न्याय और हक दिलाने के लिए कार्य करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि जहां भी जरूरत होगी, राज्य सरकार प्रजापति समाज के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

सरकार के मुख्य फैसले और जन कल्याणकारी योजनाएं:

  • 125 यूनिट फ्री बिजली: राज्य के सभी वर्गों के विकास के लिए 125 यूनिट तक बिजली दी जा रही है।
  • वृद्धा पेंशन में बढ़ोतरी: पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है।
  • सहयोग शिविर व सख्त कार्रवाई: आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए दिए गए आवेदनों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर अनिवार्य है। आदेश न देने वाले लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई का प्रावधान है। अब तक 6.5 लाख से अधिक आवेदनों का समाधान किया जा चुका है।
  • महिला सशक्तिकरण: मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 1 करोड़ 81 लाख बहनों के खाते में 10-10 हजार रुपये अंतरित किए गए हैं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
  • नदी तटीय विकास एवं रोजगार: कोसी, गंडक और गंगा नदी के दोनों किनारों को व्यवस्थित किया जा रहा है और युवाओं को लगातार रोजगार दिए जा रहे हैं।

सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ के सपनों को पूरा करने के लिए हम सभी को एकजुट होकर काम करने की गति को और बढ़ाना होगा।

समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य:

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, प्रतीक चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी समारोह में खान एवं भूतत्व सह कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ प्रमोद कुमार, राज्यसभा सांसद डॉ भीम सिंह, विधायक आलोक सिंह, विधायक वशिष्ठ सिंह, विधान पार्षद शीला पंडित, विधान पार्षद शिवरानी प्रजापति, बिहार कुम्हार (प्रजापति) समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष रूपेश कुमार पंडित, प्रजापति समन्वय समिति के प्रदेश महामंत्री प्रजापति पिंटू गुरू जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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