सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 47 बड़े प्रस्तावों पर लगी मुहर, बिहार में खुलेंगे 5 नए प्राइवेट यूनिवर्सिटी, कोर्ट भवनों और सीवरेज नेटवर्क के लिए बहेगा पैसा!

पटना: बिहार सरकार ने राज्य के विकास और शिक्षा व्यवस्था में एक अभूतपूर्व और क्रांतिकारी कदम उठाते हुए कैबिनेट की बैठक में कुल 47 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार, 24 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की इस बेहद अहम बैठक में कई ऐसे फैसले लिए गए, जो राज्य की सूरत बदल देंगे। उच्च शिक्षा को नए पंख देने से लेकर न्यायिक और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है।

बैठक समाप्त होने के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने मीडियाकर्मियों को इन सभी फैसलों की बिंदुवार और विस्तृत जानकारी दी।

शिक्षा के क्षेत्र में महाक्रांति: बिहार में खुलेंगे 5 नए निजी विश्वविद्यालय

सरकार ने राज्य के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने से रोकने और बिहार में ही विश्वस्तरीय अवसर प्रदान करने के लिए 5 नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और संचालन को हरी झंडी दे दी है। यह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा विस्तार माना जा रहा है:

  1. शांजा विश्वविद्यालय, मधुबनी: मिली ट्रस्ट (आरामनगर, नई दिल्ली की शाखा कार्यालय स्टेडियम रोड, मधुबनी) द्वारा प्रायोजित इस विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
  2. वी.बी. गिरी विश्वविद्यालय, दरौंधा (सीवान): आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित होने वाले इस नए विश्वविद्यालय का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
  3. एस.ए. विश्वविद्यालय, अशोक नगर (नवादा): एस.ए. फाउंडेशन द्वारा नवादा में इस शानदार शिक्षा केंद्र को स्वीकृति दी गई है।
  4. हिमालय विश्वविद्यालय, पालीगंज (पटना): हिमालय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा पटना के ग्रामीण इलाके में इस बड़े विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।
  5. सीतयोग विश्वविद्यालय, जसोइया मोड़ (औरंगाबाद): सीतयोग एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी द्वारा औरंगाबाद में उच्च शिक्षा के इस नए मंदिर को खोलने की मंजूरी मिल गई है।

अदालतों की सूरत बदलने के लिए करोड़ों की प्रशासनिक स्वीकृति

राज्य के न्यायिक ढांचे को हाई-टेक और सुदृढ़ बनाने के लिए विधि विभाग के तहत करोड़ों रुपये के प्रस्ताव पास किए गए हैं:

  • सीवान (महाराजगंज): नए अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय भवन (G+5), एमेनिटी भवन और हाजत भवन निर्माण के लिए 34.33 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
  • मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): कोर्ट परिसर में 20 नए कोर्ट भवनों (G+5) के निर्माण के लिए 53.02 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है।
  • बेगूसराय: परित्यक्त एस.डी.जे.एम. कोर्ट के भू-खण्ड पर 15 नए शानदार कोर्ट भवनों (G+7) के निर्माण के लिए 39.04 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
  • रजौली (नवादा): अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय में 10 कोर्ट भवन (G+5), एमेनिटी भवन (G+4) और हाजत भवन (G+1) निर्माण के लिए 38.38 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

छपरा में सीवरेज नेटवर्क और शहरी विकास पर जोर

बिहार के शहरों को आधुनिक और साफ-सुथरा बनाने के लिए अमृत 2.0 (AMRUT 2.0) योजना के तहत नगर विकास एवं आवास विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। छपरा सीवरेज नेटवर्क परियोजना के लिए 76 करोड़ 48 लाख रुपये की बड़ी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे छपरा शहर की जल निकासी और स्वच्छता व्यवस्था को नया जीवन मिलेगा।

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