जमीन दाखिल-खारिज के नाम पर मांग रहा था रिश्वत, रामदेव राम की शिकायत पर पटना से आई विंग ने की बड़ी कार्रवाई
आरा/पटना : भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। भोजपुर जिला अंतर्गत गड़हनी अंचल कार्यालय में तैनात राजस्व कर्मचारी जितेन्द्र कुमार को निगरानी की मुख्यालय टीम ने 3,500 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई इतनी गोपनीय और त्वरित गति से की गई कि आरोपी कर्मचारी को भनक तक नहीं लगी और वह मौके पर ही धरा गया।

दाखिल-खारिज के नाम पर मांगी थी घूस: मिली जानकारी के अनुसार, एड़ौरा ग्राम (थाना उदवंतनगर, जिला भोजपुर) के निवासी रामदेव राम, जिनके पिता का नाम स्वर्गीय राम गोविन्द राम है, ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी रामदेव राम ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन का दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) करने के एवज में राजस्व कर्मचारी जितेन्द्र कुमार द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी और बिना पैसे दिए काम करने से मना किया जा रहा था।
जांच में सही पाया गया आरोप, बना धावा दल: ब्यूरो द्वारा प्राप्त शिकायत का गुप्त रूप से सत्यापन कराया गया। सत्यापन के क्रम में आरोपी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने का पुख्ता प्रमाण मिला। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के पश्चात तत्काल प्रभाव से निगरानी थाना कांड संख्या 0-074/26 दिनांक 22.06.2026 दर्ज किया गया। इसके बाद अनुसंधानकर्त्ता सह पुलिस उपाधीक्षक गौतम कृष्ण के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल (रेडिंग टीम) का गठन किया गया।

अंचल कार्यालय परिसर में बिछाया जाल: तय रणनीति के तहत निगरानी का धावा दल गड़हनी अंचल कार्यालय परिसर में सादे लिबास में तैनात हो गया। जैसे ही परिवादी रामदेव राम से राजस्व कर्मचारी जितेन्द्र कुमार ने रिश्वत के 3,500 (तीन हजार पाँच सौ) रुपये अपने हाथ में लिए, वैसे ही घात लगाए बैठी निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया। घूस के रूप में लिए गए रुपए उसके पास से बरामद कर लिए गए हैं। इस अचानक हुई कार्रवाई से अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया।
विशेष न्यायालय में किया जाएगा पेश: निगरानी की टीम आरोपी जितेन्द्र कुमार को हिरासत में लेकर तुरंत पटना मुख्यालय आ गई। ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, अभियुक्त से गहन पूछताछ की जा रही है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे पटना स्थित माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी के समक्ष उपस्थापित किया जाएगा। मामले में आगे की अग्रतर अनुसंधान की कार्रवाई जारी है।
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