नई दिल्ली / पटना: संसद के मानसून सत्र में नीट परीक्षा और छात्रों के आंदोलन को लेकर जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने विपक्ष को खुली चुनौती दे दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को बाकायदा पत्र लिखकर नीट परीक्षा पर जारी छात्र आंदोलन पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने का आग्रह किया है। सरकार के इस आक्रामक रुख के बाद राहुल गांधी और पूरा इंडी गठबंधन अपने ही बुने भ्रम के जाल में घिरता नजर आ रहा है।

गृह मंत्री अमित शाह का सीधा वार: “हम हर सवाल का जवाब देने को तैयार, जनता तय करे कौन भाग रहा”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा है कि मोदी सरकार संसद में हर तरह की चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का उद्देश्य जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना नहीं, बल्कि केवल हंगामा खड़ा करना है।

अमित शाह ने कहा कि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष के पास चर्चा के लिए पत्र दे। सरकार आज दोपहर 3 बजे से लेकर कल दोपहर 3 बजे तक लगातार चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कल सदन में विपक्ष के एक-एक सवाल का तथ्यात्मक जवाब देंगे, ताकि देश की जनता खुद तय कर सके कि कौन चर्चा चाहता है और कौन बहस से भाग रहा है।
सम्राट चौधरी का हमला: “अपने ही जाल में फंसे राहुल गांधी, क्या फिर भाग खड़े होंगे?”
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने नीट मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी और अब जब सरकार पूर्ण चर्चा के लिए तैयार हो गई है, तो वे अपने ही झूठ और भ्रम के जाल में फंस चुके हैं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि अब विपक्ष न तो चर्चा से भाग सकता है और न ही सदन में बैठकर तीखे सवालों का सामना करने से बच सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी एक बार फिर बहस बीच में छोड़कर भागने वाले हैं?

नितिन नबीन का आरोप: “गैरजिम्मेदार कांग्रेस ने देश और लोकतंत्र को छला”
बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गैरजिम्मेदार कांग्रेस ने न केवल देश की जनता को गुमराह किया है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों का भी हनन किया है। संसद लोकतंत्र का वह पवित्र मंदिर है जहाँ सार्थक चर्चा (डिबेट, डिस्कशन और डायलॉग) से देश की दिशा तय होती है, लेकिन इस सत्र में कांग्रेस ने बार-बार अपना गोलपोस्ट बदलकर संसदीय मर्यादा को तार-तार कर दिया है।
नितिन नबीन ने कहा कि राहुल गांधी और समूचे विपक्ष का रवैया उनकी अराजक मानसिकता को उजागर करता है। युवाओं के विषय पर पहले चर्चा की मांग करना और जब सरकार तैयार हो जाए तो चर्चा छोड़कर भाग खड़े होना, विपक्ष की अगंभीरता को दर्शाता है। इस रवैये के कारण नए सांसद संसदीय प्रक्रिया से वंचित रहे और प्रश्नकाल तक नहीं चल सका। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को गिराया है। विपक्ष को पता है कि जब गृह मंत्री अमित शाह तथ्यों के साथ बोलना शुरू करेंगे, तो विपक्ष के सारे झूठ धाराशायी हो जाएंगे। इसी डर से वे बहस से कतरा रहे हैं।

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