पटना। बांकीपुर क्षेत्र में मिली सफलता के बाद प्रशांत किशोर पूरी तरह से एक्शन में नजर आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बांकीपुर ने जो उम्मीदों का दीया जलाया है, उसकी रोशनी अब पूरे बिहार में फैलेगी।
राजधानी पटना में पिछले 10 दिनों के दौरान आम लोगों से बातचीत और फीडबैक के आधार पर प्रशांत किशोर ने पुलिस विभाग से जुड़ी तीन सबसे गंभीर समस्याओं को चिन्हित किया। इन्हीं मुद्दों पर ठोस कदम उठाने और त्वरित समाधान निकालने के लिए वे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और वरीय पुलिस पदाधिकारियों से मिलने पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच काफी सकारात्मक और सहयोगात्मक माहौल में विस्तृत चर्चा हुई।

तीन प्रमुख मुद्दों पर हुई गहन चर्चा:
- ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान: पटना शहर की सबसे बड़ी समस्या बन चुके ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बहु-विभागीय (मल्टी-डिपार्टमेंटल) मॉडल और आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग करने पर सहमति बनी है। इसके लिए देश भर की विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जाएगी। इस विषय पर कल मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) को पत्र भेजा जा रहा है ताकि एक संयुक्त बैठक और कार्यशाला (वर्कशॉप) आयोजित की जा सके। लक्ष्य यह है कि अगले तीन से चार वर्षों में पटना की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ और सुगम बनाया जाए।
- सूखे नशे के नेटवर्क पर नकेल: शहर के युवाओं और बस्तियों में पैर पसार रहे सूखे नशे की रोकथाम के लिए पुलिस प्रशासन और नागरिक समाज संगठनों (सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन) को एक साथ जोड़कर अभियान चलाया जाएगा।
- वेंडर्स और हॉकर्स की समस्याओं का समाधान: सड़क किनारे दुकान लगाने वाले वेंडर्स और हॉकर्स के साथ पुलिस के अक्सर तनावपूर्ण संबंध रहते हैं। हॉकर्स द्वारा वसूली और उत्पीड़न के जो आरोप लगाए जाते हैं, उन्हें समाप्त करने और पारदर्शी व्यवस्था कायम करने पर भी चर्चा की गई।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने बताया कि पुलिस के शीर्ष अधिकारियों का रुख अत्यंत सकारात्मक और सहयोगात्मक रहा है। तय रणनीतियों पर कल से ही अमल शुरू कर दिया जाएगा और अगले एक-दो महीनों में इसके ठोस और सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
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