पीडीएस गोदाम में घटिया गेहूं की आपूर्ति पर मचा बवाल,
ताजपुर (समस्तीपुर) 13 अगस्त 2026 : भूमिहीन गरीबों, मजदूरों और किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर गुरुवार को ताजपुर में आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने विशाल जुलूस निकाला और प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में पहुंचकर अनिश्चितकालीन सामूहिक सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया।

सत्याग्रह स्थल पर आयोजित विरोध सभा की अध्यक्षता खेग्रामस प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता ने की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया। नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्षों से अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटक रहे गरीबों को पीपीएच एक्ट 1947 (पीपीएच ऐक्ट 1947) के तहत तुरंत बासगीत पर्चा दिया जाए। इसके साथ ही सभी भूमिहीन परिवारों को जीवन यापन और आवास के लिए कम से कम पांच डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की गई।

वक्ताओं ने राशन प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गरीबों के नाम राशन सूची से बेवजह हटाए जा रहे हैं, जिस पर अविलंब रोक लगाई जाए और हर जरूरतमंद परिवार को राशन की गारंटी दी जाए। इसके अतिरिक्त, राज्य से बाहर काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और रोजगार गारंटी के लिए ठोस कानून बनाने, जी.राम.जी. योजना के तहत काम और उचित मजदूरी सुनिश्चित करने तथा गांव के गरीब मजदूरों एवं किसानों पर लादे गए विभिन्न प्रकार के अनुचित करों (टैक्स) को तत्काल वापस लेने की चेतावनी दी गई।

आंदोलन को संबोधित करते हुए मनोज कुमार सिंह, नीलम देवी, संजीव राय, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, प्रमोद साह, ललिता देवी, रुबी कुमारी, पूजा कुमारी और रंजू देवी सहित भाकपा माले एवं खेग्रामस के कई वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया कि सरकार और प्रशासन गरीबों की मूलभूत समस्याओं के समाधान में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। इसी विफलता के कारण मजबूर होकर जनता को सड़कों पर उतरना पड़ा है।
समाचार लिखे जाने तक ताजपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में दर्जनों प्रदर्शनकारी सामूहिक सत्याग्रह पर डटे हुए थे। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनका यह अनवरत संघर्ष जारी रहेगा।
पीडीएस गोदाम में घटिया गेहूं की आपूर्ति पर मचा बवाल, भाकपा माले ने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग
ताजपुर (समस्तीपुर) 13 अगस्त 2026: ताजपुर प्रखंड कार्यालय के समीप स्थित सरकारी खाद्यान्न गोदाम में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत आम जनता के बीच बांटने के लिए लाए गए गेहूं की गुणवत्ता को लेकर भारी बवंडर खड़ा हो गया है। भाकपा माले ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अडानी समूह से जुड़ी कंपनी टीसीआई (टीसीआई) द्वारा आपूर्ति किया गया गेहूं बेहद घटिया और इंसानों के खाने के अयोग्य है।

गंभीर गुणवत्ता दोष के कारण स्थानीय उपभोक्ताओं ने इस सड़े-गले गेहूं को लेने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह ठप होने के कगार पर पहुंच गई है।
मामले को लेकर भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गरीब और असहाय उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं स्वस्थ खाद्यान्न उपलब्ध कराना सरकार का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉरपोरेट कंपनियों के फायदे के लिए गरीबों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है।

सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा घटिया अनाज की आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं और इसमें संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा निम्न स्तर का खाद्यान्न किसी भी कीमत पर गरीबों के बीच वितरित नहीं होने दिया जाएगा।
भाकपा माले ने स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे स्वयं गोदाम में जाकर गेहूं के नमूनों की जांच करें और सच्चाई उजागर करें। दल ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस घटिया खाद्यान्न को हटाकर उपभोक्ताओं को मानक स्तर का अनाज उपलब्ध नहीं कराया गया, तो भाकपा माले पूरे क्षेत्र में उग्र आंदोलन का बिगुल फूंकने के लिए बाध्य होगी।
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