खाकी पर शराब का खुमार, इमरजेंसी गाड़ी से रौंदा: मुजफ्फरपुर में डायल 112 का शराबी ड्राइवर गिरफ्तार!

मुजफ्फरपुर। पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार में जब सुरक्षा और मदद का जिम्मा संभालने वाली पुलिस गाड़ियां ही ‘नशे’ में दौड़ने लगें, तो कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही सनसनीखेज और पुलिस महकमे को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस की आपातकालीन सेवा ‘डायल 112’ के चालक ने नशे की धुत हालत में एक साइकिल सवार को जोरदार टक्कर मार दी।

सदर थाना के डायल 112 चालक की शराब के नशे में गिरफ्तारी और हादसे के संदर्भ में प्रेस वार्ता कर जानकारी देते मुजफ्फरपुर के नगर पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मोहिबुल्लाह अंसारी।

इमरजेंसी वाहन बनी काल, साइकिल सवार घायल

घटना 31 अगस्त 2026 की है। सदर थाना क्षेत्र में डायल 112 की तेज रफ्तार गाड़ी ने एक साइकिल सवार व्यक्ति को सीधी टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही सदर थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार, घायल व्यक्ति की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में खुला राज: पुलिस ड्राइवर निकला शराबी

घटना के बाद जख्मी व्यक्ति के परिजनों ने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिजनों के आवेदन के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया (कांड संख्या 832/26)। जब हादसा अंजाम देने वाले डायल 112 के चालक संतोष कुमार (काजी मोहम्मदपुर / कच्ची पक्की ओपी, मुजफ्फरपुर) का संदेह के आधार पर ब्रेथ एनालाइजर मशीन से टेस्ट कराया गया, तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। जांच में चालक संतोष कुमार द्वारा अत्यधिक शराब सेवन किए जाने की पुष्टि हुई।

नगर पुलिस अधीक्षक ने दी आधिकारिक जानकारी, आरोपी ड्राइवर भेजा गया जेल

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के नगर पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मोहिबुल्लाह अंसारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत घायल को अस्पताल पहुंचाया था। परिजनों के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। ब्रेथ एनालाइजर जांच में चालक द्वारा शराब पीने की पुष्टि होने के बाद आरोपी चालक संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।

बड़ा सवाल: पूर्ण शराबबंदी में खाकी के हाथ तक कैसे पहुंची शराब?

इस पूरे वाकये ने बिहार में लागू सख्त शराबबंदी कानून के दावों की हवा निकाल दी है। जिस पुलिस पर शराबबंदी को सख्ती से लागू कराने का जिम्मा है, उसी की गाड़ी का चालक ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में धुत पाया गया। यदि पुलिस इस मामले की निष्पक्ष और ईमानदारी से जांच करे, तो कई बड़े सवाल खड़े होते हैं:

  1. पूर्ण शराबबंदी वाले राज्य में पुलिस गाड़ी के चालक संतोष कुमार तक शराब पहुंची कहां से?
  2. क्या पुलिस बेड़े या थाना परिसर के आसपास ही शराब की तस्करी या उपलब्धता आसानी से हो रही है?
  3. आपातकालीन सेवा देने वाले चालकों की ड्यूटी पर तैनाती से पहले क्या कोई मेडिकल जांच या निगरानी तंत्र काम नहीं कर रहा?

फिलहाल पुलिस ने आरोपी चालक को जेल भेजकर खानापूर्ति कर दी है, लेकिन यह घटना जिले भर में चर्चा का विषय बनी हुई है और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही है।

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