Thursday, July 30, 2026

मिशन मोड में कांग्रेस: पंचायत से बूथ तक किलेबंदी शुरू, कार्यकर्ताओं में भरा जोश!

सकरा (मुजफ्फरपुर)। आगामी चुनावों की आहट से पहले ही सकरा प्रखण्ड में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सकरा प्रखण्ड कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में आयोजित संगठन सृजन साथी सदस्यता अभियान के माध्यम से पार्टी ने जमीनी स्तर पर अपनी ताकत झोंक दी है। सकरा के पूर्व प्रत्याशी उमेश कुमार राम के नेतृत्व एवं प्रखण्ड अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में कांग्रेस ने अपनी भविष्य की रणनीति साफ कर दी है।

जमीनी तैयारी: सकरा में आयोजित ‘संगठन सृजन साथी’ अभियान के दौरान मंच पर एकजुटता दिखाते जिला अध्यक्ष अरविन्द कुमार मुकुल, पूर्व प्रत्याशी उमेश कुमार राम व अन्य नेतागण। (दाएं) कार्यक्रम में उपस्थित प्रबुद्ध नागरिक एवं कार्यकर्ता।

बूथ स्तर पर मजबूती ही जीत की कुंजी: अरविन्द मुकुल

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुजफ्फरपुर जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अरविन्द कुमार मुकुल ने कार्यकर्ताओं को ‘मिशन मोड’ में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा, पार्टी को पंचायत से लेकर बूथ स्तर तक अभेद्य किले के रूप में तब्दील करना है। हमारा मूलमंत्र हैबूथ जीतो, चुनाव जीतो।” उन्होंने पर्यवेक्षक रवि रंजन कुमार के साथ मिलकर उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पार्टी की सदस्यता लेने की अपील की।

बच्चों के भविष्य के लिए कांग्रेस जरूरी: उमेश राम

सकरा के पूर्व प्रत्याशी उमेश कुमार राम ने केंद्र और राज्य की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज देश में दलितों, पिछड़ों, वंचितों और युवाओं के हितों की रक्षा केवल कांग्रेस ही कर सकती है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, यह सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि आपके बच्चों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। अपने हक और अधिकार के लिए कांग्रेस के हाथ को मजबूत करें।”

क्षेत्रीय नेताओं की रही भारी मौजूदगी

इस अवसर पर सदस्यता लेने के लिए लोगों में उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पर्यवेक्षक रवि रंजन कुमार, अनीता देवी, शिवम कुमार, मो० सागिर, रेहाना खातून, डॉ० मनीष यादव, मो० हैदर रजक, सरोज कुमार उर्फ हरी यादव, मो० जसीम अहमद और नुनू राय सहित भारी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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मानवता की मिसाल: बेटी की डोली के लिए ‘फरिश्ता’ बने ग्रामीण चिकित्सक राजेश राम, लाचारी को हराकर समाज ने थामी गरीब पिता की कलाई!

मुजफ्फरपुर (सकरा): जब गरीबी और लाचारी एक पिता की हिम्मत तोड़ने लगी, तो समाज के जागरूक लोग उम्मीद की किरण बनकर सामने आए। मामला सकरा प्रखंड के एक गाँव का है, जहाँ एक पिता अपनी आर्थिक तंगी के कारण बेटी की शादी को लेकर बेहद चिंतित थे। लेकिन समाजसेवी और ग्रामीण चिकित्सक संघ के प्रखंड अध्यक्ष राजेश कुमार राम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जो मिसाल पेश की, उसकी हर तरफ चर्चा हो रही है।

एकजुटता की शक्ति: सकरा प्रखंड में गरीब बेटी की शादी के लिए खाद्य सामग्री व राशन जुटाने के बाद समाजसेवी राजेश कुमार राम, अन्य सहयोगियों और ग्रामीणों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए।

शादी की तैयारियों में नहीं आने दी कोई बाधा 12 मई 2026 को होने वाली इस शादी के लिए जैसे ही लाचार पिता ने मदद की गुहार लगाई, राजेश कुमार और उनकी टीम ने तुरंत सक्रियता दिखाई। समाजसेवियों ने आपस में राशि एकत्रित की और जरूरत का सारा सामान—दाल, चावल, तेल,सब्जी, पत्तल, गिलास आदि—खरीदकर सीधे पिता के घर जाकर सौंपा।

कौन-कौन रहे मददगार? इस नेक काम में राजेश कुमार के साथ चंद्रकला देवी, मिन्नती देवी, पिंकी कुमारी, महेश्वरी देवी, सुधा देवी, कैलाश कुमार, सुनील कुमार और ग्रामीण रामरेख राम, धर्मेंद्र कुमार, मंटू कुमार, मुकेश राम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पैसे की कमी से नहीं रुकेगा किसी का काम” राजेश कुमार राम, जो लंबे समय से ठंड में कपड़े, मुफ्त दवा और बच्चों को पढ़ाई के लिए किताब-कॉपी उपलब्ध कराते रहे हैं, उन्होंने भावुक होते हुए कहा— पैसा और लाचारी किसी के दुख का कारण नहीं बनना चाहिए। हम सभी मिलकर एक-दूसरे का हाथ थामेंगे ताकि किसी भी गरीब की बेटी की शादी में बाधा न आए। बच्‍चों की पढ़ाई नहीं रूके, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”

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मुजफ्फरपुर में काले शीशे वाली स्कॉर्पियो से हथियारों का जखीरा बरामद, नामी होटल व्यवसायी गिरफ्तार!

नागालैंड के फर्जी लाइसेंस पर चल रहा था मौत का खेल; 53 कारतूस और दो अवैध गन के साथ धराया अपराधी

मुजफ्फरपुर (तुर्की): मुजफ्फरपुर पुलिस ने अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हासिल की है। तुर्की थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक लग्जरी स्कॉर्पियो गाड़ी से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने ‘न्यू विकास लाइन होटल’ के मालिक विकास मंडल को गिरफ्तार किया है, जिसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है।

संदेह के घेरे में आई काली स्कॉर्पियो मिली जानकारी के अनुसार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पश्चिमी-02) अनिमेश चंद्र ज्ञानी के नेतृत्व में पुलिस की टीम वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान एक काले शीशे वाली स्कॉर्पियो को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस को देख चालक और सवार व्यक्ति सकपका गए। जब सघन तलाशी ली गई, तो गाड़ी के अंदर से एक सेमी-ऑटोमेटिक एसबीबीएल (SBBL) गन और एक पिस्टल बरामद हुई।

डिजिटल जांच ने खोली फर्जीवाड़े की पोल गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस को बरगलाने की कोशिश की और नागालैंड (दीमापुर) से बने शस्त्र लाइसेंस दिखाए। हालांकि, जब जिला शस्त्र मजिस्ट्रेट के माध्यम से सत्यापन कराया गया और NDAL (नेशनल डेटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस) पोर्टल पर UIN नंबर डालकर जांच की गई, तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। पिस्टल का नवीनीकरण (Renewal) मार्च 2025 के बाद नहीं कराया गया था, जिससे वह अवैध हो गई। वहीं, एसबीबीएल गन का पोर्टल पर कोई जिक्र ही नहीं था। साथ ही, दूसरे राज्य के हथियार होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर इसकी कोई जानकारी विभाग को नहीं दी गई थी।

बरामदगी का विवरण:

  • हथियार: 01 पिस्टल, 01 सेमी-ऑटोमेटिक एसबीबीएल गन।
  • कारतूस: कुल 53 कारतूस (40 कारतूस 12-बोर के और 13 पिस्टल की गोलियां)।
  • वाहन: 01 काले शीशे वाली स्कॉर्पियो।

07 संगीन मामलों में वांछित है आरोपी SDPO अनिमेश चंद्र ज्ञानी ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। उसके विरुद्ध पहले से ही मारपीट, आर्म्स एक्ट और फर्जीवाड़ा जैसे कुल 07 मामले जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए तो नहीं किया जाना था। फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है।

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सियासी गलियारे में हलचल: क्या राजनीति के ‘पर्दे’ पर साथ दिखेंगे निशांत और अक्षरा?

पटना। बिहार की राजनीति और ग्लैमर जगत के मिलन ने एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार और भोजपुरी सिनेमा की ‘क्वीन’ कही जाने वाली अक्षरा सिंह की हालिया मुलाकात ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक सनसनी फैला दी है।

निशांत कुमार ने खुद अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (@Nishantjdu) पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। हालांकि उन्होंने इसे एक ‘सौजन्य मुलाकात’ बताया है, लेकिन जिस तरह से दोनों दिग्गजों ने बिहार की तरक्की और क्षेत्रीय फिल्मों के भविष्य पर चर्चा की, उसके कई गहरे सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

मुस्कुराहटों में छिपे बिहार की तरक्की के सपने: अभिनेत्री अक्षरा सिंह के साथ सेल्फी देते निशांत कुमार।”

मुलाकात के प्रमुख बिंदु:

  • बिहार की तरक्की का संकल्प: निशांत कुमार ने कहा कि मुलाकात का केंद्र बिंदु बिहार का विकास और राज्य के युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा करना रहा।
  • क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा: बिहारी भाषाओं (भोजपुरी, मगही, मैथिली) की फिल्मों के निर्माण और उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने को लेकर सार्थक बातचीत हुई।
  • गिफ्ट और गर्मजोशी: तस्वीरों में निशांत कुमार, अक्षरा सिंह को उपहार भेंट करते और साथ में सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं, जो दोनों के बीच की बेहतर ट्यूनिंग को दर्शाता है।
“सार्थक संवाद और सम्मान: अक्षरा सिंह को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत करते निशांत कुमार।”

क्या हैं इस मुलाकात के मायने?

राजनीतिक पंडितों की मानें तो यह मुलाकात महज ‘शिष्टाचार’ तक सीमित नहीं हो सकती। इसके पीछे तीन बड़े संकेत छिपे हो सकते हैं:

  1. युवा चेहरा और ग्लैमर का मेल: निशांत कुमार आमतौर पर प्रचार-प्रसार से दूर रहते हैं। अक्षरा सिंह जैसी बड़ी सेलिब्रिटी के साथ उनकी सक्रियता युवाओं को एक नया मैसेज देने की कोशिश हो सकती है।
  2. भोजपुरी सॉफ्ट पावर: बिहार की राजनीति में भोजपुरी भाषियों का बड़ा वोट बैंक है। अक्षरा सिंह की लोकप्रियता का लाभ आने वाले समय में सांस्कृतिक या राजनीतिक रूप से लिया जा सकता है।
  3. नई पारी का आगाज: क्या अक्षरा सिंह जेडीयू के करीब आ रही हैं? या निशांत कुमार अब पर्दे के पीछे से निकलकर सक्रिय रूप से बिहार की सांस्कृतिक नीतियों को आकार देंगे? यह मुलाकात इन सवालों को जन्म दे चुकी है।

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डिजिटल जालसाजी का ‘डर्टी गेम’: वैशाली में फर्जी आधार-पैन बनाने वाली फैक्ट्री सील, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

हाजीपुर (वैशाली): बिहार में साइबर अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए पुलिस ने एक और बड़ी स्ट्राइक की है। वैशाली जिले में ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ (CSC) की आड़ में चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़ा नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यहाँ तकनीक का इस्तेमाल लोगों की मदद के लिए नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले जाली दस्तावेज बनाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने इस ‘फर्जीवाड़ा फैक्ट्री’ को सील करते हुए इसके मुख्य संचालक को धर दबोचा है।

वैशाली पुलिस की गिरफ्त में खड़ा मास्टरमाइंड राजीव रंजन। मेज पर सजे लैपटॉप और फर्जी दस्तावेजों का ढेर इस ‘डर्टी गेम’ की पूरी कहानी बयां कर रहा है। (तस्वीर में मध्य में पुलिस पदाधिकारी चांदनी सुमन अपनी टीम के साथ)।

गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई जानकारी के अनुसार, CCSU (साइबर क्राइम यूनिट) पटना को यह इनपुट मिला था कि वैशाली के भगवानपुर रत्ती चौक स्थित रंजीत डिजिटल स्टूडियो एवं CSC सेंटर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना थी कि यहाँ अवैध वेबसाइटों (babartps.xyz और psprint.xyz) का उपयोग कर बड़े पैमाने पर फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद साइबर थाना वैशाली की एक विशेष टीम का गठन किया गया और चिन्हित स्थान पर छापेमारी की गई।

रंगे हाथों पकड़ा गया सौदागर छापेमारी के दौरान पुलिस ने सेंटर के संचालक राजीव रंजन कुमार को लैपटॉप पर अवैध तरीके से काम करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी अगस्त 2024 से ही इस काले धंधे को अंजाम दे रहा था। वह महज 200 से 500 रुपये के लालच में किसी भी व्यक्ति का फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड बनाकर दे देता था।

तकनीकी उपकरणों का जखीरा बरामद पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अपराध में प्रयुक्त हाई-टेक लैपटॉप और मोबाइल फोन।
  • फिंगरप्रिंट क्लोनिंग डिवाइस और स्कैनर।
  • भारी संख्या में पहले से तैयार किए गए फर्जी आधार, पैन कार्ड और वोटर आईडी।
  • कई बैंकों की पासबुक और अन्य सरकारी कागजात।

पुलिस की चेतावनी: फर्जी दस्तावेज बनवाना भी है अपराध इस मामले में पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जो इस गिरोह को बैकएंड से अवैध वेबसाइट का एक्सेस दे रहे थे। पुलिस ने आम जनता को भी आगाह किया है कि अधिकृत केंद्रों के अलावा कहीं और से दस्तावेज बनवाना या फर्जी कागजात का उपयोग करना भारी पड़ सकता है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है, जिससे कई और बड़े नामों के खुलासे की उम्मीद है।

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सकरा: दंपत्ति को गोली मारने वाला मुख्य आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे, लूट कांड का सनसनीखेज खुलासा!

मुजफ्फरपुर (सकरा): सकरा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बीते 27 अप्रैल को एक दंपत्ति से लूटपाट के दौरान गोलीबारी करने वाले मुख्य शातिर अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अपराधी की पहचान आदित्य आर्यन उर्फ विद्यार्थी (पिता- संजीव शर्मा, ग्राम- हरपुर कृष्ण) के रूप में हुई है। पुलिस ने इसके पास से एक अवैध देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

आधी रात को रची जा रही थी बड़ी साजिश

प्रेस वार्ता के दौरान पूर्वी-02 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) मनोज कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार की देर रात करीब 11:45 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि रेपुरा से हरपुर कृष्ण जाने वाले मार्ग पर एक संदिग्ध व्यक्ति खड़ा है और किसी बड़ी लूट की योजना बना रहा है। सूचना मिलते ही गश्ती दल मौके पर पहुँचा। पुलिस को देखते ही अपराधी भागने लगा, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे खदेड़कर धर दबोचा।

सफलता के सूत्रधार: सकरा थानांतर्गत हुए गोलीकांड और लूट का खुलासा करते पूर्वी-02 के SDPO मनोज कुमार सिंह एवं अन्य पुलिस अधिकारी।

कबूला जुर्म: मैंने ही चलाई थी दंपत्ति पर गोली

कड़ाई से पूछताछ के दौरान अभियुक्त आदित्य आर्यन ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने स्वीकार किया कि 27 तारीख को एक दंपत्ति से जेवर और नगदी लूटने के दौरान उसी ने गोली चलाई थी। अधिकारी ने बताया कि इस कांड में शामिल उसके दो अन्य साथियों को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। अब इस मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस घटना की कड़ियों को जोड़ रही है।

9 कांडों का हिस्ट्रीशीटरहै गिरफ्तार विद्यार्थी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त आदित्य आर्यन का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पहले से ही लूटपाट और अन्य संगीन अपराधों के कुल 9 मामले दर्ज हैं। वह इलाके में दहशत का पर्याय बना हुआ था। पुलिस अब उससे लूटे गए सामानों की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है।

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बेटों को कुर्सी, बेरोजगारों को लाठी: राजेश राम का सरकार पर तीखा प्रहार!

2 लाख पद खाली, फिर भी युवाओं पर लाठी; क्या यही है बिहार का सुशासन?

पटना | विशेष संवाददाता

बिहार की सियासत में इन दिनों ‘कुर्सी’ और ‘लाठी’ के बीच एक अजीबोगरीब द्वंद्व छिड़ा हुआ है। एक तरफ जहां सत्ता के गलियारों में नए समीकरणों के जरिए ‘अपनों’ को सेट किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पटना की सड़कों पर अपना भविष्य मांग रहे युवाओं पर पुलिसिया दमन चक्र चल रहा है। इसी मुद्दे पर शनिवार को सदाकत आश्रम स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने नीतीश-भाजपा सरकार पर जम कर भड़ास निकाली।

सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम। साथ में मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौर, पटना साहिब से पूर्व प्रत्याशी शशांक शेखर एवं अन्य साथी। इस दौरान राजेश राम ने सरकार की ‘लाठीतंत्र’ वाली नीति का पुरजोर विरोध किया।

अपनों को मलाई, युवाओं को रुसवाई”

राजेश राम ने बेहद कड़े शब्दों में सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा शासन में नैतिकता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मंत्रियों के बेरोजगार बेटों के लिए तो ‘मंत्री पद’ की कुर्सी सुरक्षित कर दी, लेकिन राज्य के उन लाखों होनहार परीक्षार्थियों को तोहफे में लाठियां दीं, जो अपनी नियुक्तियों का इंतजार कर रहे थे।

कांग्रेस अध्यक्ष ने शिक्षा विभाग की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा, अकेले शिक्षा विभाग में 2 लाख से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। स्कूलों में विज्ञान और अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों के शिक्षक नहीं हैं, जिससे छात्रों का भविष्य गर्त में जा रहा है। सरकार रिक्तियां भरने के बजाय अपनी कुर्सी बचाने और राजनीतिक गोटियां सेट करने में व्यस्त है।”

TRE-4 अभ्यर्थियों का दमन और तानाशाहीरवैया

प्रेस वार्ता के दौरान टीआरई-4 (TRE-4) के शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ हुए दुर्व्यवहार का मुद्दा प्रमुखता से उठा। राजेश राम ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के पहले ही दिन जिस तरह से अभ्यर्थियों और विशेषकर महिला अभ्यर्थियों के साथ अभद्रता की गई और उन पर लाठियां बरसाई गईं, वह लोकतंत्र के नाम पर कलंक है। उन्होंने छात्र नेता दिलीप की गिरफ्तारी और उन्हें जेल भेजे जाने की भी घोर निंदा की।

क्या से क्या हो गए देखते-देखते…”

मुख्यमंत्री की बदलती राजनीतिक स्थिति पर चुटकी लेते हुए राजेश राम ने अदनान सामी के मशहूर गाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा, कल शपथ ग्रहण समारोह के दौरान जिस तरह पूर्व मुख्यमंत्री मंच पर अपनी कुर्सी ढूंढती नजर आईं, उसे देखकर यही लगता है कि मुख्यमंत्री जी क्या से क्या हो गए देखते-देखते। उन्हें आज अपनी ही सरकार में सम्मान की कुर्सी खोजनी पड़ रही है।”

सरकार के भीतर ऑल इज नॉट वेल

मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा जारी उस पत्र पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए जिसमें जदयू से मंत्री बनाये गये किसी भी मंत्री  के नाम के साथ ‘उप-मुख्यमंत्री’ पद का जिक्र नहीं था। राजेश राम ने इसका विश्लेषण करते हुए कहा कि बिहार सरकार में फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण है लेकिन नियंत्रण में है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि यह खींचतान जल्द ही अनियंत्रित होगी और जदयू में एक बार फिर बड़े बिखराव की स्थिति पैदा होगी।

मीडिया और विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश

राजेश राम ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आज जो भी जनता की आवाज बन रहा है—चाहे वह मीडिया हो, पोर्टल चलाने वाले साथी हों या राजनीतिक दल—उन्हें दबाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पटना सिटी में मासूम बच्ची के साथ हुए रेप कांड के खिलाफ आवाज उठाने पर कांग्रेस नेता शशांक शेखर पर FIR कर दी गई। उन्होंने राज्यपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्हें ‘भाजपा का कार्यकर्ता’ करार दिया।

कांग्रेस का अल्टीमेटम: होगा बड़ा आंदोलन

प्रेस वार्ता के अंत में प्रदेश अध्यक्ष ने साफ कर दिया कि कांग्रेस पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है। राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी इन अभ्यर्थियों के संघर्ष के साथ खड़ी है और जल्द ही इस दमनकारी नीति के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।

प्रमुख उपस्थित:

  • राजेश राठौर: मीडिया के मुख्य प्रवक्ता
  • शशांक शेखर: पूर्व चुनाव प्रत्याशी (पटना साहिब)
  • टीम कनेक्ट सेंटर: कमल, नदीम, रंजीत वाल्मीकि, निर्भय एवं अन्य।

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वैशाली में ‘सफेद मौत’ के सौदागरों पर बड़ा एक्शन: 1 करोड़ की हेरोइन के साथ 4 तस्कर दबोचे, गुर्गों के पास से नगदी और बाइक बरामद!

हाजीपुर/वैशाली: बिहार में नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (P&SNCB) ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। ब्यूरो के विशेष अभियान दल ने एक गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए हाजीपुर टाउन थाना क्षेत्र में छापेमारी कर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

हाजीपुर में मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो द्वारा जब्त की गई करोड़ों की हेरोइन, नगदी और अन्य सामान के साथ जांच करते अधिकारी।

करोड़ों का माल, बाहरी राज्यों से जुड़ा नेटवर्क : पकड़े गए तस्करों के पास से लगभग 526 ग्राम हेरोइन (कोटा) बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ 05 लाख रुपए आंकी जा रही है। बताया जा रहा है कि यह खेप बिहार के बाहर से लाई गई थी और इसे स्थानीय स्तर पर खपाने की योजना थी।

घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी : पुलिस और विशेष अभियान दल ने वैशाली जिले के सहयोग से जाल बिछाकर 4 शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 80,820 रुपए नकद और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य कड़ियों का पता लगाया जा सके।

ब्यूरो की अपील: नशे के खिलाफ इस जंग में आम नागरिक भी भागीदार बन सकते हैं। ड्रग तस्करी से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए MANAS हेल्पलाइन नंबर 1933 पर तुरंत कॉल करें। यह सेवा 24×7 उपलब्ध है और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

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TRE-4 की जंग: तेजस्वी का प्रहार, चिराग की टीस और मंत्री का आश्वासन… लाठी के साये में शिक्षक अभ्यर्थी!

पटना। बिहार की राजधानी में एक बार फिर नियुक्तियों को लेकर संग्राम छिड़ गया है। बीपीएससी (BPSC) के चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (TRE-4) का विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे युवाओं पर पटना पुलिस ने उस वक्त बर्बर लाठीचार्ज किया, जब वे जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इस हिंसक झड़प में कई अभ्यर्थियों के घायल होने की सूचना है, जिसके बाद बिहार की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है।

जेपी गोलंबर पर पुलिसिया कार्रवाई के बीच नारेबाजी करते TRE-4 अभ्यर्थी। तस्वीर में दिख रहा आक्रोश बिहार के युवाओं के भीतर पनप रहे रोजगार के संकट की गवाही दे रहा है।

मैदान-ए-जंग बना पटना: सड़कों पर बहा लहू

मंगलवार को हजारों की संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार जानबूझकर TRE-4 का विज्ञापन अटका रही है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका है। जैसे ही प्रदर्शन उग्र हुआ और युवाओं ने सुरक्षा घेरा लांघा, पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। भगदड़ के बीच पुलिसिया कार्रवाई में कई छात्र लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े।

तेजस्वी का तीखा प्रहार: अपराधी बेखौफ, छात्र लाचार

घटना के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा, आज बीपीएससी TRE-4 के छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उनकी सुनवाई करने के बजाय उनकी आवाज दबाई जा रही है। बिहार में अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, लेकिन अपना हक मांग रहे छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। यह सरकार केवल अपनों को उपकृत करने में लगी है, जनता की इन्हें परवाह नहीं।”

चिराग की टीस: गठबंधन सरकार के भीतर से उठे सवाल

हैरानी की बात यह रही कि सरकार में सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी इस घटना पर अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने लाठीचार्ज को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि युवाओं की मांगों पर प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी। चिराग का यह रुख साफ करता है कि शिक्षक भर्ती का मुद्दा अब गठबंधन के भीतर भी एक असहज स्थिति पैदा कर रहा है।

शिक्षा मंत्री का आश्वासन: धैर्य रखें, समाधान होगा

इस भारी हंगामे के बीच बिहार के नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने अभ्यर्थियों से शांति की अपील करते हुए कहा, मैं एक छात्र और शिक्षक, दोनों की समस्याओं को गहराई से समझता हूं। हम विभाग की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित कर रहे हैं। अगर मांग तार्किक होगी, तो सरकार उस पर बिना किसी विलंब के सकारात्मक निर्णय लेगी। यह शासन के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए बनी सरकार है।”

मंत्री का 4-सूत्रीय विजन: शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे चार स्तरों पर काम करेंगे:

  1. छात्र के हित: समस्याओं का त्वरित समाधान।
  2. शिक्षक का सम्मान: उनकी चुनौतियों का विश्लेषण।
  3. पारदर्शिता: हर निर्णय निष्पक्ष और ओपन होगा।
  4. रोजगार: शिक्षा को सीधे तौर पर रोजगार से जोड़ना।

आंदोलनकारियों की दो टूक: विज्ञापन नहीं तो चैन नहीं

एक तरफ सरकार धैर्य की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ घायल अभ्यर्थी हार मानने को तैयार नहीं हैं। अस्पताल में इलाज करा रहे छात्रों का कहना है कि जब तक TRE-4 का आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं हो जाता, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।

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वादाखिलाफी के खिलाफ माले का मोर्चा: “भाजपा-सम्राट सरकार में युवाओं पर बरसीं लाठियां” प्रदर्शनकारियों पर हुए इस बल प्रयोग की तीखी निंदा करते हुए आइसा (AISA) के जिला प्रभारी  समस्तीपुर सह भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने इसे ‘बर्बर और अन्यायपूर्ण’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार विज्ञापन निकालने की घोषणा कर पीछे हट रही है और अब परीक्षा पैटर्न में बदलाव कर अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। माले नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिससे दर्जनों युवाओं के सिर और हाथ-पैर टूट गए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार के छात्र अब लाठी-गोली की यह राजनीति बर्दाश्त नहीं करेंगे। माले ने सरकार से अविलंब TRE-4 का विज्ञापन जारी करने, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने और घायलों का मुफ्त इलाज कराने की मांग की है।


बिहार में ‘परिवारवादी’ कैबिनेट: तेजस्वी ने खोली 17 मंत्रियों की पोल, पूछा- PM मोदी अब किसे कहेंगे शहजादा?

 बिहार में ‘जंगलराज’ नहीं, ‘परिवारराज’ का बोलबाला; अपराधियों पर लगाम नहीं, छात्रों पर लाठियां: तेजस्वी यादव का सीधा प्रहार

पटना | विशेष संवाददाता |  बिहार की राजनीति में ‘परिवारवाद’ के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सत्ताधारी गठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी ने नीतीश कैबिनेट के उन 17 मंत्रियों की सूची सार्वजनिक कर दी, जो किसी न किसी राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखते हैं। तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके पुराने बयानों पर घेरते हुए पूछा कि जब उनकी अपनी सरकार ‘शहजादों’ से भरी है, तो वे किस मुंह से दूसरों पर उंगली उठाते हैं?

पटना में मीडिया को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव। उनके हाथ में मौजूद मंत्रियों की यह सूची बिहार की राजनीति में नए ‘पोस्टर वॉर’ और सियासी संग्राम की शुरुआत मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री अब किसे कहेंगे शहजादा?” तेजस्वी ने सीधे प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा, ताज्जुब की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी जिस वंशवाद को खत्म करने की बात करते थे, आज उसी की बेल में खुद खाद-पानी डाल रहे हैं। बिहार कैबिनेट में 17 ऐसे मंत्री हैं जो परिवारवादी लोग हैं। अब पीएम को जवाब देना चाहिए कि क्या वे इन मंत्रियों को भी शहजादा या युवराज कहकर संबोधित करेंगे?”

अपराधियों को छूट, छात्रों पर लाठियां तेजस्वी ने आरोप लगाया कि पिछले 6 महीनों में सरकार ने केवल अपने परिवार के लोगों को सेट करने में समय बर्बाद किया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह ध्वस्त हो गया है और अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, वहीं दूसरी तरफ हक मांग रहे BPSC (TRE-4) के छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं और परीक्षाएं रद्द की जा रही हैं।


तेजस्वी की परिवारवादी मंत्रियोंकी पूरी लिस्ट:

तेजस्वी यादव ने आंकड़ों के साथ इन 17 नामों का कच्चा चिट्ठा खोला:

  1. सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री): पिता पूर्व मंत्री, माता पूर्व विधायक।
  2. विजय चौधरी (उपमुख्यमंत्री): पिता पूर्व विधायक।
  3. निशांत कुमार (मंत्री): पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र, बिना चुनाव लड़े ‘वाइल्ड कार्ड एंट्री’।
  4. नीतीश मिश्रा (मंत्री): पिता पूर्व मुख्यमंत्री, चाचा पूर्व मंत्री।
  5. संतोष सुमन (मंत्री): पिता पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री, पत्नी व सास विधायक।
  6. दीपक प्रकाश (मंत्री): पिता सांसद व पूर्व मंत्री, माता विधायक।
  7. श्रेयसी सिंह (मंत्री): पिता पूर्व मंत्री, माता पूर्व सांसद।
  8. अशोक चौधरी (मंत्री): पिता पूर्व मंत्री, बेटी वर्तमान सांसद।
  9. सुनील कुमार (मंत्री): पिता पूर्व मंत्री, भाई पूर्व सांसद।
  10. रमा निषाद (मंत्री): पति पूर्व सांसद, ससुर पूर्व केंद्रीय मंत्री।
  11. शीला मंडल (मंत्री): ससुर पूर्व मंत्री व पूर्व राज्यपाल।
  12. बुलो मंडल (मंत्री): पत्नी पूर्व विधायक।
  13. लेसी सिंह (मंत्री): पति पूर्व जिला अध्यक्ष।
  14. श्वेता गुप्ता (मंत्री): पति पूर्व लोकसभा प्रत्याशी।
  15. संजय टाइगर (मंत्री): भाई पूर्व विधायक।
  16. भगवान सिंह कुशवाहा (मंत्री): ससुर वामपंथी नेता।
  17. रामकृपाल यादव (मंत्री): पुत्र राजनीति में सक्रिय।

NDA की सभी पार्टियां परिवारवादी तेजस्वी ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री के साथ बिहार में शामिल सभी सहयोगी दल—चाहे वह रामविलास पासवान की पार्टी हो, नीतीश कुमार की हो, जीतनराम मांझी की हो या उपेंद्र कुशवाहा की—सभी परिवारवाद की पोषक हैं। उन्होंने साफ किया कि बिहार में अब जनता की सुनवाई नहीं, बल्कि सिर्फ चहेते परिवारों की भलाई हो रही है।

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