Monday, June 8, 2026

सियासी दूरियां मिटीं: चिराग की इफ्तार पार्टी में पहुंचे सीएम नीतीश, सम्राट चौधरी समेत कई दिग्गजों का जमावड़ा

पटना। राजधानी के शहीद पीर अली मार्ग स्थित लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय में सोमवार को आयोजित दावत-ए-इफ्तार सियासी मेल-मिलाप का केंद्र बनी। इस आयोजन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विशेष रूप से शामिल हुए, जहाँ मेजबान और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।

सामाजिक सौहार्द का दिखा अनूठा नजारा

लोजपा (रामविलास) द्वारा आयोजित इस इफ्तार पार्टी में सत्ता पक्ष के कई दिग्गज चेहरे एक साथ नजर आए। मुख्यमंत्री के अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी 1-व्हीलर रोड स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान नेताओं के बीच काफी सौहार्दपूर्ण माहौल दिखा। रोजेदारों के साथ बैठकर नेताओं ने अमन-चैन की दुआ मांगी और एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी।

एकता और भाईचारे का संदेश

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मौके पर कहा कि इस तरह के आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि:

“माननीय मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति सामाजिक सौहार्द, आपसी सम्मान और एकता का एक सशक्त संदेश है।”

प्रमुख उपस्थिति

इस दावत-ए-इफ्तार में केवल मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि एनडीए गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता, पार्टी कार्यकर्ता और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग मौजूद रहे। चिराग पासवान ने व्यक्तिगत रूप से सभी अतिथियों का स्वागत किया, जो राज्य की राजनीति में बदलते समीकरणों और आपसी तालमेल की एक सुखद तस्वीर पेश कर रहा था।

मुख्यमंत्री ने पटना समाहरणालय और कलेक्टेरियट घाट सड़क निर्माण का लिया जायजा; अधिकारियों को जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश

पटना | मुख्य संवाददाता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के नवनिर्मित भवन और गंगा तट पर चल रहे विकास कार्यों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समाहरणालय की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा और कलेक्टेरियट घाट से सभ्यता द्वार तक बन रही सड़क के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।

समाहरणालय के हर तल का किया मुआयना

मुख्यमंत्री ने समाहरणालय भवन के पाँचवें तल पर स्थित आधुनिक मीटिंग हॉल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने उप विकास आयुक्त (DDC), जिला परिषद कार्यालय और अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) के कार्यालयों का भी भ्रमण किया। उन्होंने भवन के प्रत्येक तल पर जाकर वहां की कार्यप्रणाली और जन-सुविधाओं की जानकारी ली।

छठ व्रतियों और मॉर्निंग वॉकर को मिलेगी बड़ी सौगात

समाहरणालय के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री कलेक्टेरियट घाट पहुंचे। वहां उन्होंने सभ्यता द्वार तक बनाई जा रही नई सड़क के निर्माण कार्य की प्रगति देखी।

  • सुगम होगी पूजा: मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सड़क के बनने से छठ व्रतियों को घाट तक पहुंचने और पूजा-अर्चना करने में काफी सहूलियत होगी।
  • पर्यटन और स्वास्थ्य: यह सड़क न केवल कलेक्टेरियट घाट की भव्यता बढ़ाएगी, बल्कि सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) करने वाले स्थानीय लोगों के लिए भी एक बेहतरीन स्थल साबित होगी।

मेट्रो से कनेक्टिविटी पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में देरी न की जाए। उन्होंने विशेष रूप से पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ बेहतर तालमेल (समन्वय) बिठाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि सड़क और मेट्रो प्रोजेक्ट के कार्यों में सामंजस्य रहे, ताकि भविष्य में मेट्रो से कनेक्टिविटी बेहतर हो सके और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिले।

“कलेक्टेरियट घाट से सभ्यता द्वार तक की सड़क पटना की सुंदरता और सुविधा में चार चांद लगाएगी। इसे गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा करें।” – नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री

कांशी राम की जयंती पर ‘परिवार मेडिसिन’ का भव्य उद्घाटन, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़

सकरा (मुजफ्फरपुर): प्रखंड के चौसीमा गांव में आज बहुजन नायक मान्यवर कांशी राम जी के जन्मदिवस के अवसर पर ‘परिवार मेडिसिन’ नामक दवा दुकान का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मान्यवर कांशी राम जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।

उद्घाटन एवं मुख्य अतिथि

दवा दुकान का विधिवत उद्घाटन ग्रामीण चिकित्सक संघ के सकरा प्रखंड अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार राम ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दवाओं और प्राथमिक चिकित्सा की उपलब्धता समय की मांग है। उन्होंने संचालक अखिलेश कुमार के इस प्रयास की सराहना की।

निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

जयंती के उपलक्ष्य में दुकान परिसर में ही एक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आए दर्जनों ग्रामीणों की बीपी, शुगर और अन्य सामान्य जांच की गई और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।

प्रमुख उपस्थित लोग

दवा दुकान के मालिक अखिलेश कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। मौके पर मुख्य रूप से:

  • राजेश कुमार, रंजन कुमार, चंदेश्वर राय, आदित्य राम।
  • महेश राम, प्रमोद कुमार, संजय राय, किशुनदेव राम।
  • महिला शक्ति: पुतुल कुमारी, रंजू देवी, संजू देवी, अंजली कुमारी, गुड़िया कुमारी और सावित्री देवी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

संचालक अखिलेश कुमार ने बताया कि मान्यवर कांशी राम जी के सेवा और संघर्ष के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने इस प्रतिष्ठान की शुरुआत की है, ताकि समाज के हर वर्ग को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवा मिल सके।

समस्तीपुर चीनी मिल को दोबारा चालू करने की गूँज, संघर्ष मोर्चा ने निकाला विशाल जुलूस

समस्तीपुर | 15 मार्च, 2026 समस्तीपुर की पहचान रही बंद पड़ी चीनी मिल को पुनः शुरू करने की माँग अब तेज होने लगी है। शुक्रवार को जिला विकास संघर्ष मोर्चा के बैनर तले लोगों ने सड़कों पर उतरकर हुंकार भरी। स्टेशन चौक से निकला यह विरोध जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए चीनी मिल चौक पहुँचा, जहाँ एक संघर्ष मोर्चा  के द्वारा सभा का आयोजन कर सरकार को चेतावनी दी गई।

सभा की अध्यक्षता शंकर प्रसाद साह ने की और संचालन मोर्चा के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने किया। मोर्चा के नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह और राकेश कुमार ठाकुर ने कहा कि मिल बंद होने से हजारों गन्ना किसान और मजदूर दाने-दाने को मोहताज हैं। किसानों को अपनी उपज का सही बाजार नहीं मिल रहा, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।

क्यों खास है यह चीनी मिल?

वक्ताओं ने तकनीकी और भौगोलिक तथ्यों को रखते हुए कहा कि अन्यत्र नई मिल खोलने के बजाय इसी मिल को पुनर्जीवित करना सरकार के लिए फायदेमंद होगा। इसके पक्ष में निम्नलिखित तर्क दिए गए:

  • परयाप्त संसाधन: मिल के पास 22 एकड़ से अधिक जमीन उपलब्ध है।
  • कनेक्टिविटी: यहाँ सड़क, बिजली और रेल परिवहन की मुकम्मल व्यवस्था है।
  • कच्चा माल: आस-पास के 10 प्रखंड चीनी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • सस्ता श्रम: क्षेत्र में प्रशिक्षित और सस्ते श्रमिक आसानी से उपलब्ध हैं।
  • कम लागत: नई यूनिट लगाने की तुलना में यहाँ सरकारी राशि की लागत काफी कम आएगी।

“चीनी मिल चालू होने से न केवल हजारों परिवारों को रोजगार मिलेगा, बल्कि समस्तीपुर के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।” – शंकर प्रसाद साह (अध्यक्ष)

अन्य विकास कार्यों की भी उठी माँग

चीनी मिल के साथ-साथ मोर्चा ने जिले की अन्य ज्वलंत समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान खींचा:

  1. दूधपुरा हवाई अड्डा: इसके जीर्णोद्धार और परिचालन की माँग।
  2. रेल ओवरब्रिज: भोला टाकीज और अटेरन चौक रेल गुमटी पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करना।
  3. चिल्ड्रेन पार्क: माधुरी चौक पर बच्चों के लिए पार्क का निर्माण।

इनकी रही उपस्थिति

सभा को अशोक कुमार, शंभू राय, राम विनोद पासवान, शाहिद हुसैन, मनोज कुमार राय, सुशील कुमार राय, मिथिलेश कुमार राय, बंधु प्रसाद और विश्वनाथ सिंह हजारी सहित कई गणमान्य लोगों ने संबोधित किया।

बाल विवाह मुक्त समाज के लिए एकजुट हों सभी वर्ग: मायाशंकर चौधरी

जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र द्वारा सेमिनार आयोजित, गरीबों के बीच ग्लूकोज का वितरण

दलसिंहसराय/समस्तीपुर: पांड़ पंचायत में रविवार को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, अख्तियारपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय मुखिया सुनिता देवी ने की, जबकि मंच संचालन प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता शिवकिशोर सिंह ने किया।

सामाजिक विषमता के खिलाफ एकजुटता की अपील सेमिनार को संबोधित करते हुए अवकाश प्राप्त डीएसपी मायाशंकर चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में कुछ तत्वों द्वारा सामाजिक विषमता को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस विषमता को मिटाने के लिए हम सभी को जाति और धर्म की दीवारों से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा।

बाल अधिकारों पर चर्चा और ग्लूकोज वितरण संस्था के सीनियर रिसर्च कंसल्टेंट रविन्द्र पासवान ने बाल अधिकारों और संस्था के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए डाबर इंडिया लिमिटेड के सहयोग (CSR) से जरूरतमंदों के बीच ग्लूकोज का वितरण किया जा रहा है।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:

  • बाल संरक्षण: कार्यकारिणी सदस्य रामप्रित चौरसिया ने कहा कि संस्था बच्चों को बाल विवाह और बाल श्रम से बचाने के लिए कृतसंकल्पित है।
  • साझा प्रयास: वक्ताओं ने बाल विवाह मुक्त गाँव बनाने के लिए सामुदायिक भागीदारी पर बल दिया।
  • राहत कार्य: सेमिनार के अंत में 50 गरीब लोगों को ग्लूकोज दिया गया। साथ ही, उजियारपुर के बैकुंठपुर ब्रहण्डा पंचायत (वार्ड 14) स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर 50 बच्चों और 36 परिवारों को भी ग्लूकोज उपलब्ध कराया गया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति मौके पर उप मुखिया रामनाथ पासवान, श्रवण पंडित, लक्ष्मी महतो, अविनाश रावत, सियाशरण महतो, हरिओम सिंह, बनारसी पासवान, सोनू दास और हर्ष मोहन कुमार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में राजीव कुमार पासवान ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

“सावधान! आज से बंद हुए स्वर्ग के द्वार? जानें क्यों 30 दिनों तक देव भी नहीं देंगे साथ!”

“सूर्य हुए ‘निस्तेज’, थमे मांगलिक काज: आज से खरमास का ‘सन्नाटा’:आखिर क्यों ‘खरमास’ में वर्जित हैं शहनाइयां?

मुजफ्फरपुर | विशेष डेस्कदिनांक: 15 मार्च, 2026| : क्या आप अगले कुछ दिनों में शहनाई बजाने या नए घर में प्रवेश करने की तैयारी कर रहे हैं? यदि हाँ, तो रुक जाइए! आज, 15 मार्च 2026 की सुबह से ब्रह्मांड की ऊर्जा बदल चुकी है और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, ‘स्वर्ग के द्वार’ कुछ समय के लिए संकुचित हो गए हैं। सूर्य देव ने जैसे ही मीन राशि की चौखट पर कदम रखा, वैसे ही पूरे देश में ‘खरमास’ का साया गहरा गया है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह वह कालखंड है जब समस्त मांगलिक कार्यों को शक्ति देने वाले भगवान भास्कर अपने गुरु की सेवा में लीन होकर ‘निस्तेज’ हो जाते हैं। विद्वानों का दावा है कि अगले 30 दिनों तक ग्रहों की स्थिति ऐसी है कि किसी भी शुभ कार्य को देवताओं का आशीर्वाद मिलना असंभव होगा। आखिर क्यों इस महीने को ‘अशुभ’ की श्रेणी में रखा गया है? क्या वाकई गधों की सवारी ने सूर्य की रफ्तार कम कर दी है? 14 अप्रैल तक लगने वाले इस ‘महा-ब्रेक’ के पीछे का रहस्य और आपकी राशि पर इसके खतरे को समझने के लिए पढ़िए हमारी यह विशेष रिपोर्ट…

हिंदू पंचांग और भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज 15 मार्च 2026 से ब्रह्मांड के अधिपति सूर्य देव ने अपनी चाल बदल ली है। सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही देश भर में ‘खरमास’ (जिसे लोकभाषा में मलमास भी कहा जाता है) का आगाज़ हो गया है। आज से लेकर अगले एक महीने तक, यानी 14 अप्रैल तक, वैवाहिक कार्यक्रमों की शहनाइयां खामोश रहेंगी और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह विराम लग जाएगा।

सूर्य का मीन राशि में प्रवेश: क्या कहता है गणित?

ज्योतिषाचार्य पंडित रामकुमार शास्त्री के अनुसार, शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि (14 मार्च की रात 1:04 बजे) सूर्य देव ने कुंभ राशि को त्यागकर मीन राशि में गोचर किया है। ज्योतिष की गणना के अनुसार, जब सूर्य देव बृहस्पति की राशियों—धनु  या मीन में प्रवेश करते हैं, तो उस विशिष्ट कालखंड को ‘खरमास’ कहा जाता है।

वर्तमान में यह ‘मीन खरमास’ है, जो 14 अप्रैल 2026 की सुबह 9:33 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे (मेष संक्रांति), तब जाकर मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त पुनः खुलेंगे।


ज्योतिषीय दृष्टिकोण: क्यों निर्बलहो जाते हैं सूर्य?

हिंदू ज्योतिष में सूर्य को ‘आत्मा’, ‘तेज’, ‘सफलता’ और ‘राजसत्ता’ का कारक माना गया है। किसी भी शुभ कार्य—जैसे विवाह, मुंडन या नींव पूजन—के लिए सूर्य का बली (पावर फुल) होना अनिवार्य है।

पंडितों का तर्क है:

  1. गुरु की सेवा: बृहस्पति (गुरु) देवताओं के गुरु हैं। जब सूर्य उनके घर (धनु या मीन राशि) में जाते हैं, तो वे शिष्य भाव में आ जाते हैं और अपने गुरु की सेवा में लीन हो जाते हैं। इस दौरान सूर्य का अपना ‘स्व-तेज’ या ‘अधिकार’ कम हो जाता है।
  2. ऊर्जा का अभाव: चूंकि सूर्य ही समस्त संसार को ऊर्जा प्रदान करते हैं, उनके ‘शिथिल’ पड़ने से मांगलिक कार्यों को वह दैवीय शक्ति नहीं मिल पाती जो उनके सफल संपादन के लिए आवश्यक है। यही कारण है कि इस समय किए गए कार्यों के ‘पूर्ण फल’ न मिलने की आशंका बनी रहती है।

पौराणिक कथा: सात घोड़ों की थकान और गधों की सवारी

‘खरमास’ नाम के पीछे एक अत्यंत रोचक पौराणिक कथा प्रचलित है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, सूर्य देव अपने सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर निरंतर ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हैं। उन्हें रुकने की अनुमति नहीं है।

कथा के अनुसार, निरंतर दौड़ते रहने के कारण एक बार सूर्य के घोड़े अत्यधिक प्यास और थकान से व्याकुल हो गए। उन्हें तड़पता देख सूर्य देव का हृदय पसीज गया और वे उन्हें एक तालाब के किनारे ले गए। लेकिन समस्या यह थी कि यदि रथ रुक जाता, तो सृष्टि का चक्र थम जाता। तभी सूर्य देव की दृष्टि वहां खड़े दो ‘खर’ (गधों) पर पड़ी। उन्होंने घोड़ों को विश्राम देने के लिए गधों को रथ में जोत दिया। गधों की धीमी गति और कमजोर सामर्थ्य के कारण सूर्य का तेज कम हो गया और रथ की रफ्तार घट गई। तभी से इस ‘मंद गति’ वाले महीने को ‘खरमास’ कहा जाने लगा।


वर्जित और शुभ कार्य: एक तुलनात्मक विश्लेषण

अक्सर लोग खरमास को ‘अशुभ’ मान लेते हैं, जबकि विद्वानों का कहना है कि यह ‘अशुभ’ नहीं बल्कि ‘आध्यात्मिक’ समय है। नीचे दी गई तालिका से समझें कि इस दौरान क्या करना उचित है और क्या नहीं:

श्रेणीवर्जित कार्य (क्या न करें)कारण
विवाहशादी-ब्याह और सगाई।वैवाहिक सामंजस्य और सुख में कमी की आशंका।
भवनगृह प्रवेश या नए घर की नींव रखना।वास्तु के अनुसार ऊर्जा का अभाव रहता है।
संस्कारमुंडन, यज्ञोपवीत (जनेऊ) और नामकरण।संस्कारों के लिए आवश्यक शुद्ध ऊर्जा नहीं मिलती।
व्यापारनए शोरूम का उद्घाटन या बड़ा निवेश।आर्थिक स्थिरता में बाधा आने का डर रहता है।
श्रेणीशुभ कार्य (क्या करें)लाभ
आध्यात्ममंत्र जाप, तप और ध्यान।अंतर्मन की शांति और ईश्वर से जुड़ाव।
दानअन्न, वस्त्र और धन का दान।इस अवधि में किए गए दान का फल अनंत होता है।
स्नानपवित्र नदियों (गंगा, यमुना) में स्नान।पापों का शमन और शरीर की शुद्धि।
उपासनासूर्य देव को नियमित अर्घ्य देना।स्वास्थ्य लाभ और आत्मविश्वास में वृद्धि।

साल 2026 में दो बार लगेगा ब्रेक

वर्ष 2026 में खरमास का प्रभाव दो बार देखने को मिलेगा:

  1. प्रथम (मीन खरमास): 15 मार्च 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक। (वर्तमान में प्रभावी)
  2. द्वितीय (धनु खरमास): 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक। यह अवधि मकर संक्रांति के दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ समाप्त होगी।

विशेषज्ञों की सलाह: कैसे करें प्लानिंग?

यदि आप आने वाले महीनों में किसी बड़े आयोजन की तैयारी कर रहे हैं, तो विशेषज्ञों के ये सुझाव आपके काम आ सकते हैं:

  • वैवाहिक योजना: विवाह या सगाई के लिए 14 अप्रैल के बाद के मुहूर्त ही चुनें। अप्रैल के उत्तरार्ध और मई में विवाह के कई श्रेष्ठ मुहूर्त उपलब्ध होंगे।
  • रियल एस्टेट: यदि आप नए घर में शिफ्ट होना चाहते हैं, तो 15 अप्रैल के बाद की तिथि तय करें। तब तक आप घर की साज-सज्जा या पेंटिंग जैसे ‘रखरखाव’ के कार्य कर सकते हैं।
  • निवेश: शेयर बाजार या बड़े व्यापारिक समझौतों के लिए यह समय ‘प्रतीक्षा और अध्ययन’ का है। 14 अप्रैल के बाद नई शुरुआत करना ज्योतिषीय रूप से अधिक लाभदायक होगा।

भीतर झांकने का समय: खरमास का संदेश स्पष्ट है—संसार की भागदौड़ और बाहरी दिखावे से हटकर कुछ समय अपने भीतर की शांति के लिए निकालें। यह समय ‘सेलिब्रेशन’ का नहीं, बल्कि ‘मेडिटेशन’ का है। जैसे ही सूर्य अपनी उच्चता की ओर बढ़ेंगे (मेष राशि में), जीवन में खुशियों का संचार पुनः शुरू हो जाएगा। तब तक धैर्य और भक्ति ही श्रेष्ठ मार्ग हैं।

विवरणतारीख और समय
खरमास (मीन) प्रारंभ15 मार्च 2026 (आज से शुरू)
मीन संक्रांति समय14 मार्च की मध्यरात्रि (1:04 AM)
खरमास (मीन) समाप्त14 अप्रैल 2026 (सुबह 9:33 AM)
शुभ मुहूर्त पुनः प्रारंभ14 अप्रैल 2026 (दोपहर के बाद)
अगला खरमास (धनु)16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027

क्या रहेगा पूरी तरह वर्जित?

  • 💍 विवाह एवं सगाई: शहनाइयां और रोका रस्म।
  • 🏠 गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश या नींव पूजन (भूमि पूजन)।
  • 🏢 नया व्यापार: दुकान या शोरूम का उद्घाटन।
  • ️☀ संस्कार कार्य: मुंडन, जनेऊ और नामकरण संस्कार।

क्या करना रहेगा शुभ?

  • 💧 पवित्र स्नान: गंगा या अन्य नदियों में स्नान।
  • 🙏 दान-पुण्य: अन्न, वस्त्र और गुड़ का दान।
  • सूर्य उपासना: प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य देना।
  • 🧘 मंत्र जाप: गायत्री मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ।

विशेष : 14 अप्रैल को ‘मेष संक्रांति’ के साथ ही सूर्य अपनी उच्च राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे सभी प्रकार के दोष समाप्त हो जाएंगे और मांगलिक कार्यों की शुभता लौट आएगी।

खेती को आकर्षक बनाकर ही नई पीढ़ी को कृषि से जोड़ना संभव: रामकृपाल यादव

पटना। राजधानी के एमिटी यूनिवर्सिटी परिसर में शनिवार को बिहार-झारखंड रीजनल पॉलिसी डायलॉग एंड अवॉर्ड 2026′ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामकृपाल यादव ने जलवायु परिवर्तन के दौर में कृषि के भविष्य पर जोर देते हुए कहा कि यदि हमें नई पीढ़ी को मिट्टी से जोड़कर रखना है, तो खेती को तकनीकी रूप से आधुनिक और आर्थिक रूप से आकर्षक बनाना अनिवार्य होगा।

अगले 5 साल बिहार के लिए महत्वपूर्ण: संजय झा

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने विकास का खाका खींचते हुए कहा कि बिहार की प्रगति के लिहाज से आने वाले पांच साल अत्यंत निर्णायक हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल पारंपरिक खेती (गेहूं-धान) पर निर्भर न रहें, बल्कि बाजार की मांग को देखते हुए कैश क्रॉप्स‘ (नगदी फसलों) की ओर रुख करें। इससे किसानों की आय में बड़ा उछाल आएगा।

जलवायु परिवर्तन और सतत कृषि पर मंथन

कार्यक्रम का मुख्य केंद्र ‘जलवायु परिवर्तन और सतत कृषि’ रहा। विशेषज्ञों ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे बदलती जलवायु परिस्थितियों में खेती को अधिक टिकाऊ और भविष्य के अनुकूल बनाया जा सकता है। संवाद के दौरान आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर बल दिया गया।

उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला सम्मान

इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले प्रगतिशील किसानों, बेहतर कार्य करने वाले संस्थानों और कृषि-उद्यमियों (Agri-Preneurs) को अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया।

संवाद का मुख्य उद्देश्य:

  • बदलते मौसम के अनुकूल कृषि पद्धतियों को विकसित करना।
  • खेती को अधिक आधुनिक और टिकाऊ (Sustainable) बनाना।
  • क्षेत्रीय स्तर पर कृषि नीति निर्माण के लिए एक साझा मंच प्रदान करना।

उत्तर बिहार में मौसम का मिजाज बदलने के आसार: 16-17 मार्च को बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि की चेतावनी, किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी

समस्तीपुर/मुजफ्फरपुर ।  डा० राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा स्थित ‘जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केन्द्र’ ने उत्तर बिहार के किसानों और आम जनजीवन के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी किया है । ग्रामीण कृषि मौसम सेवा द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, अगले कुछ दिनों में उत्तर बिहार के जिलों में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है ।

पिछले बीते तीन दिनों के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पूसा स्थित मौसमीय बेधशाला में औसत अधिकतम तापमान 31.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया । इस दौरान सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता का औसत 97 प्रतिशत और दोपहर में 67 प्रतिशत रहा । हवा की औसत गति 3.8 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि सूर्य के प्रकाश की अवधि औसतन 3.0 घंटे प्रतिदिन रही । पिछले तीन दिनों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा ।

अगले 5 दिनों का पूर्वानुमान: बारिश और ओलावृष्टि की आशंका विश्वविद्यालय द्वारा 14 से 18 मार्च 2026 तक के लिए जारी मध्यावधि पूर्वानुमान के अनुसार, क्षेत्र में एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय हो रहा है । इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर बिहार के सभी जिलों में 16 और 17 मार्च के बीच अधिकांश स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है ।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस अवधि के दौरान कई स्थानों पर आकाशीय बिजली (वज्रपात) चमक सकती है और कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने के साथ-साथ ओलावृष्टि (पत्थर गिरना) भी हो सकती है । हालांकि, 16 और 17 मार्च के अलावा अन्य दिनों में मौसम के मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है ।

तापमान और हवा की स्थिति: * तापमान: अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है ।

  • हवा: पूर्वानुमानित अवधि में मुख्यतः पुरवा हवा चलने का अनुमान है, जिसकी औसत गति 4 से 6 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी । 17-18 मार्च के आसपास हवाओं की गति में तेजी देखी जा सकती है ।
  • आर्द्रता: सुबह के समय नमी 80-85 प्रतिशत और दोपहर में 20-25 प्रतिशत तक रह सकती है ।

किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश (समसामयिक सुझाव) मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:

1.  फसलों की सुरक्षा और सिंचाई प्रबंधन बारिश और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए किसानों से अपील की गई है कि वे कटी हुई फसलों को खुले में न छोड़ें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखें । खड़ी फसलों में सिंचाई करने से पहले मौसम की स्थिति का आकलन अवश्य कर लें । इसके अतिरिक्त, इस अनिश्चित मौसम के दौरान फसलों पर किसी भी प्रकार के कीटनाशक का छिड़काव न करें ।

2.  गरमा सब्जियों और दलहन की बुआई : वर्षा की संभावना को ध्यान में रखते हुए गरमा सब्जियों की बुआई फिलहाल रोक देनी चाहिए । बारिश होने के तुरंत बाद बुआई करना अधिक लाभदायक होगा ।

  • किस्में: लौकी के लिए अर्का बहार, काशी कोमल, पूसा नवीन जैसी उन्नत किस्में सुझाई गई हैं । तरबूज के लिए सुगरबेबी और खरबूज के लिए पूसा शर्बती जैसी किस्मों की अनुशंसा की गई है ।
  • मूंग और उरद: गरमा मूंग (किस्में: सम्राट, पूसा विशाल) और उरद की बुआई भी सावधानीपूर्वक या वर्षा के बाद ही करें । बुआई से पहले बीजों का कार्बेन्डाजिम और राइजोबियम कल्चर से उपचार अनिवार्य है ।

3. गन्ने और ओल की खेती वर्षा से मिट्टी में आने वाली नमी का लाभ उठाते हुए बसंतकालीन ईख (गन्ना) की रोपाई में तेजी लाएं । रोपाई के लिए दोमट मिट्टी और ऊंची जमीन का चुनाव करें । इसी प्रकार, ओल (किस्म: गजेंद्र) की रोपाई के लिए भी यह समय उपयुक्त है, लेकिन इसे सावधानीपूर्वक करें ।

4. बागवानी और कीट नियंत्रण (आम के बाग) : वर्तमान में आम के बागों में पूरी तरह मंजर आ चुका है । वैज्ञानिकों ने सख्त हिदायत दी है कि मंजर आने से लेकर फल के मटर के दाने के आकार होने तक किसी भी रासायनिक दवा का छिड़काव न करें । यदि कोई मंजर विकृत (बीमार) दिखे, तो उसे काटकर जला दें ।

  • बैंगन: बैंगन की फसल में तना एवं फल छेदक कीट की निगरानी करें । प्रकोप बढ़ने पर प्रभावित हिस्सों को नष्ट कर दें और मौसम साफ होने पर ही उचित दवाओं (जैसे स्पिनोसैड) का छिड़काव करें ।

विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी डॉ० ए. सत्तार ने बताया कि आज का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है । किसानों को सलाह दी जाती है कि वे रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से मौसम की पल-पल की जानकारी लेते रहें।

कबीर मठ की जमीन पर जबरन पानी टंकी निर्माण के खिलाफ डीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल

ताजपुर/समस्तीपुर | 14 मार्च 2026 नगर परिषद क्षेत्र के योगियामठ स्थित ऐतिहासिक कबीर मठ की जमीन पर जबरन सरकारी योजना के तहत पानी टंकी निर्माण का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। मठ की जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ शनिवार को भाकपा माले के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।

बिना एनओसी निर्माण का आरोप

भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि खाता संख्या 417 और खेसरा 405 के अंतर्गत आने वाली मठ की महज 1 कट्ठा 12 धूर जमीन पर जबरन कब्जा जमाया जा रहा है। उन्होंने कहा:

  • नियमतः किसी भी संस्था की जमीन पर योजना चलाने के लिए संस्था की आम बैठक का निर्णय और अंचलाधिकारी (CO) का NOC अनिवार्य है।
  • इस मामले में न तो मठ के महंत की सहमति ली गई और न ही प्रशासन से कोई एनओसी लिया गया है।
  • यह निर्माण पूरी तरह अवैध है और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने दिया जांच का भरोसा

प्रतिनिधिमंडल में शामिल जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार, खेग्रामस जिला अध्यक्ष उपेंद्र राय और महंत भाग्य नारायण दास ने जिलाधिकारी को भूमि से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य सौंपे। जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं और आश्वस्त किया है कि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

मठ को खत्म करने की साजिश: महंत

मठ के महंत भाग्य नारायण दास ने भावुक होते हुए कहा कि यह मठ सक्रिय है और यहाँ पूर्व संतों की समाधियाँ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि:

“मठ को खुद जमीन की कमी है और हम विस्तार की योजना बना रहे हैं, ऐसे में पानी टंकी बनाकर कब्जा करने की साजिश रची जा रही है। साधु-संतों को डराया-धमकाया जा रहा है। अंचलाधिकारी आरती कुमारी और थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा से मदद न मिलने के कारण हमें जिलाधिकारी के पास आना पड़ा।”

आमरण अनशन की चेतावनी

महंत ने स्पष्ट किया कि उन्हें जिलाधिकारी से न्याय की पूरी उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य नहीं रुका और मठ की अस्मिता पर आंच आई, तो वे ताजपुर अंचल कार्यालय पर आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने कहा, “हम जान दे देंगे, लेकिन मठ को खत्म नहीं होने देंगे।”

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में सकल साह, ललन कुमार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

गैस किल्लत की अफवाहों पर सरकार सख्त: बिहार में जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर, अब घर बैठे बुक होंगे सिलेंडर

पटना | मुख्य संवाददाता राज्य में पिछले कुछ दिनों से घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों और उपभोक्ताओं के बीच बढ़ती बेचैनी को देखते हुए बिहार सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में रसोई गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ताओं की सहायता और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने विशेष राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित कर हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है।

हेल्पलाइन नंबर 0612-2233050 पर मिलेगी सीधी मदद

विभाग ने आम जनता की सहूलियत के लिए पटना स्थित मुख्यालय में एक नियंत्रण कक्ष बनाया है। यदि किसी उपभोक्ता को गैस की बुकिंग या आपूर्ति में कठिनाई हो रही है, तो वे सीधे विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

  • हेल्पलाइन नंबर: 0612-2233050
  • कार्य समय: यह सुविधा प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी। सरकार ने अपील की है कि लोग गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएँ और किसी भी शिकायत के लिए इस नंबर का उपयोग करें।

डिजिटल बुकिंग पर जोर: लाइन में लगने का झंझट खत्म

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को अब वितरक के पास जाने की आवश्यकता नहीं है। प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने घर बैठे बुकिंग के लिए डिजिटल विकल्प जारी किए हैं:

कंपनी (Agency)WhatsApp नंबरमिस्ड कॉल सेवाIVRS / SMSमोबाइल ऐप / वेब
इण्डेन (Indane)758888882484549555557718955555Indian Oil One / cx.indianoil.in
भारत गैस (Bharat)1800 22 434477109555557715012345Hello BPCL / my.ebharatgas.com
एचपी गैस (HP)922220112294936022228888823456HP Pay / myhpgas.in

आपूर्ति के नए नियम: 25 दिन बाद ही होगी अगली बुकिंग

विभाग द्वारा जारी हालिया प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम लागू किए गए हैं:

  1. बुकिंग का अंतराल: कोई भी उपभोक्ता अपने पिछले सिलेंडर की डिलीवरी मिलने के 25 दिन बाद ही अगले सिलेंडर की बुकिंग (नंबर लगाना) कर सकेगा।
  2. त्वरित डिलीवरी: बुकिंग दर्ज होने के महज 2 से 3 कार्य दिवसों के भीतर सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी।
  3. सख्त निगरानी: विभाग गैस की आपूर्ति और वितरण की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

सरकार की अपील: अफवाहों से बचें

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आम जनता से धैर्य बनाए रखने का अनुरोध किया है। विभाग के अनुसार, “राज्य में ईंधन का कोई संकट नहीं है। वितरण प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के लिए नए नियमों का पालन किया जा रहा है।” सरकार ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर चल रही भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।