डिजिटल जालसाजी का ‘डर्टी गेम’: वैशाली में फर्जी आधार-पैन बनाने वाली फैक्ट्री सील, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

हाजीपुर (वैशाली): बिहार में साइबर अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए पुलिस ने एक और बड़ी स्ट्राइक की है। वैशाली जिले में ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ (CSC) की आड़ में चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़ा नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यहाँ तकनीक का इस्तेमाल लोगों की मदद के लिए नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले जाली दस्तावेज बनाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने इस ‘फर्जीवाड़ा फैक्ट्री’ को सील करते हुए इसके मुख्य संचालक को धर दबोचा है।

वैशाली पुलिस की गिरफ्त में खड़ा मास्टरमाइंड राजीव रंजन। मेज पर सजे लैपटॉप और फर्जी दस्तावेजों का ढेर इस ‘डर्टी गेम’ की पूरी कहानी बयां कर रहा है। (तस्वीर में मध्य में पुलिस पदाधिकारी चांदनी सुमन अपनी टीम के साथ)।

गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई जानकारी के अनुसार, CCSU (साइबर क्राइम यूनिट) पटना को यह इनपुट मिला था कि वैशाली के भगवानपुर रत्ती चौक स्थित रंजीत डिजिटल स्टूडियो एवं CSC सेंटर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना थी कि यहाँ अवैध वेबसाइटों (babartps.xyz और psprint.xyz) का उपयोग कर बड़े पैमाने पर फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद साइबर थाना वैशाली की एक विशेष टीम का गठन किया गया और चिन्हित स्थान पर छापेमारी की गई।

रंगे हाथों पकड़ा गया सौदागर छापेमारी के दौरान पुलिस ने सेंटर के संचालक राजीव रंजन कुमार को लैपटॉप पर अवैध तरीके से काम करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी अगस्त 2024 से ही इस काले धंधे को अंजाम दे रहा था। वह महज 200 से 500 रुपये के लालच में किसी भी व्यक्ति का फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड बनाकर दे देता था।

तकनीकी उपकरणों का जखीरा बरामद पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अपराध में प्रयुक्त हाई-टेक लैपटॉप और मोबाइल फोन।
  • फिंगरप्रिंट क्लोनिंग डिवाइस और स्कैनर।
  • भारी संख्या में पहले से तैयार किए गए फर्जी आधार, पैन कार्ड और वोटर आईडी।
  • कई बैंकों की पासबुक और अन्य सरकारी कागजात।

पुलिस की चेतावनी: फर्जी दस्तावेज बनवाना भी है अपराध इस मामले में पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जो इस गिरोह को बैकएंड से अवैध वेबसाइट का एक्सेस दे रहे थे। पुलिस ने आम जनता को भी आगाह किया है कि अधिकृत केंद्रों के अलावा कहीं और से दस्तावेज बनवाना या फर्जी कागजात का उपयोग करना भारी पड़ सकता है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है, जिससे कई और बड़े नामों के खुलासे की उम्मीद है।

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