2 लाख पद खाली, फिर भी युवाओं पर लाठी; क्या यही है बिहार का सुशासन?
पटना | विशेष संवाददाता
बिहार की सियासत में इन दिनों ‘कुर्सी’ और ‘लाठी’ के बीच एक अजीबोगरीब द्वंद्व छिड़ा हुआ है। एक तरफ जहां सत्ता के गलियारों में नए समीकरणों के जरिए ‘अपनों’ को सेट किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पटना की सड़कों पर अपना भविष्य मांग रहे युवाओं पर पुलिसिया दमन चक्र चल रहा है। इसी मुद्दे पर शनिवार को सदाकत आश्रम स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने नीतीश-भाजपा सरकार पर जम कर भड़ास निकाली।

“अपनों को मलाई, युवाओं को रुसवाई”
राजेश राम ने बेहद कड़े शब्दों में सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा शासन में नैतिकता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मंत्रियों के बेरोजगार बेटों के लिए तो ‘मंत्री पद’ की कुर्सी सुरक्षित कर दी, लेकिन राज्य के उन लाखों होनहार परीक्षार्थियों को तोहफे में लाठियां दीं, जो अपनी नियुक्तियों का इंतजार कर रहे थे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने शिक्षा विभाग की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा, “अकेले शिक्षा विभाग में 2 लाख से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। स्कूलों में विज्ञान और अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों के शिक्षक नहीं हैं, जिससे छात्रों का भविष्य गर्त में जा रहा है। सरकार रिक्तियां भरने के बजाय अपनी कुर्सी बचाने और राजनीतिक गोटियां सेट करने में व्यस्त है।”
TRE-4 अभ्यर्थियों का दमन और ‘तानाशाही‘ रवैया
प्रेस वार्ता के दौरान टीआरई-4 (TRE-4) के शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ हुए दुर्व्यवहार का मुद्दा प्रमुखता से उठा। राजेश राम ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के पहले ही दिन जिस तरह से अभ्यर्थियों और विशेषकर महिला अभ्यर्थियों के साथ अभद्रता की गई और उन पर लाठियां बरसाई गईं, वह लोकतंत्र के नाम पर कलंक है। उन्होंने छात्र नेता दिलीप की गिरफ्तारी और उन्हें जेल भेजे जाने की भी घोर निंदा की।
“क्या से क्या हो गए देखते-देखते…”
मुख्यमंत्री की बदलती राजनीतिक स्थिति पर चुटकी लेते हुए राजेश राम ने अदनान सामी के मशहूर गाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “कल शपथ ग्रहण समारोह के दौरान जिस तरह पूर्व मुख्यमंत्री मंच पर अपनी कुर्सी ढूंढती नजर आईं, उसे देखकर यही लगता है कि मुख्यमंत्री जी ‘क्या से क्या हो गए देखते-देखते‘। उन्हें आज अपनी ही सरकार में सम्मान की कुर्सी खोजनी पड़ रही है।”
सरकार के भीतर ‘ऑल इज नॉट वेल‘
मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा जारी उस पत्र पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए जिसमें जदयू से मंत्री बनाये गये किसी भी मंत्री के नाम के साथ ‘उप-मुख्यमंत्री’ पद का जिक्र नहीं था। राजेश राम ने इसका विश्लेषण करते हुए कहा कि बिहार सरकार में फिलहाल ‘स्थिति तनावपूर्ण है लेकिन नियंत्रण में है‘। उन्होंने भविष्यवाणी की कि यह खींचतान जल्द ही अनियंत्रित होगी और जदयू में एक बार फिर बड़े बिखराव की स्थिति पैदा होगी।
मीडिया और विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश
राजेश राम ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आज जो भी जनता की आवाज बन रहा है—चाहे वह मीडिया हो, पोर्टल चलाने वाले साथी हों या राजनीतिक दल—उन्हें दबाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पटना सिटी में मासूम बच्ची के साथ हुए रेप कांड के खिलाफ आवाज उठाने पर कांग्रेस नेता शशांक शेखर पर FIR कर दी गई। उन्होंने राज्यपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्हें ‘भाजपा का कार्यकर्ता’ करार दिया।
कांग्रेस का अल्टीमेटम: होगा बड़ा आंदोलन
प्रेस वार्ता के अंत में प्रदेश अध्यक्ष ने साफ कर दिया कि कांग्रेस पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है। राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी इन अभ्यर्थियों के संघर्ष के साथ खड़ी है और जल्द ही इस दमनकारी नीति के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रमुख उपस्थित:
- राजेश राठौर: मीडिया के मुख्य प्रवक्ता
- शशांक शेखर: पूर्व चुनाव प्रत्याशी (पटना साहिब)
- टीम कनेक्ट सेंटर: कमल, नदीम, रंजीत वाल्मीकि, निर्भय एवं अन्य।
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