मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस की मजबूत पैरवी और न्यायालय के सख्त रुख का बड़ा असर देखने को मिला है। माननीय न्यायालय द्वारा अलग-अलग थानों से जुड़े 6 गंभीर मामलों में प्रस्तुत साक्ष्यों और चार्जशीट के आधार पर अभियुक्तों को कठोर कारावास एवं आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई गई है। पुलिस प्रशासन की ओर से की गई मुस्तैद पैरवी के कारण अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया गया है।

फैसलों का विस्तृत ब्योरा:
महिला थाना क्षेत्र (यौन उत्पीड़न मामला – वर्ष 2021):
महिला थाना अंतर्गत वर्ष 2021 में दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले में सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने अभियुक्त संतोष कुमार को पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने अभियुक्त संतोष कुमार को 20 वर्ष की कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि अदा न करने पर 03 माह के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।

मोतीपुर थाना क्षेत्र (यौन उत्पीड़न मामला – वर्ष 2023):
मोतीपुर थाना क्षेत्र के वर्ष 2023 में पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज यौन उत्पीड़न के एक मामले में माननीय न्यायालय ने अभियुक्त कुंदन कुमार को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की कारावास तथा 20,000 रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई। जुर्माना न देने की स्थिति में अभियुक्त को 03 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

सरैया थाना क्षेत्र (बलात्कार मामला – वर्ष 2020):
सरैया थाना अंतर्गत वर्ष 2020 में दर्ज बलात्कार के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए न्यायालय ने अभियुक्त धीरेन्द्र पासवान उर्फ मोती पासवान को भारतीय दंड विधान (भा०द०वि०) की धारा 376 के तहत 10 वर्ष की कारावास एवं 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि भुगतान न करने पर 02 माह की अतिरिक्त कारावास की सजा तय की गई है।

मीनापुर थाना क्षेत्र (अपहरण एवं यौन उत्पीड़न मामला – वर्ष 2026):
मीनापुर थाना अंतर्गत वर्ष 2026 के अपहरण एवं यौन उत्पीड़न मामले में माननीय न्यायालय ने अभियुक्त राजा कुमार को बीएनएसओ (BNSO) के तहत 05 वर्ष की सश्रम कारावास व 10,000 रुपये जुर्माना (भुगतान न करने पर 06 माह अतिरिक्त कारावास) तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत 05 वर्ष की सश्रम कारावास व 10,000 रुपये जुर्माना (भुगतान न करने पर 06 माह अतिरिक्त कारावास) की सजा सुनाई है।

कुढ़नी थाना क्षेत्र (अपहरण मामला – वर्ष 2022):
कुढ़नी थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 के अपहरण मामले में दोषी अभियुक्त प्रिंस कुमार को न्यायालय ने दो अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है। भा०द०वि० की धारा 363 के तहत 03 वर्ष की सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये जुर्माना (न देने पर 01 माह अतिरिक्त सजा) तथा भा०द०वि० की धारा 366 के तहत 05 वर्ष की सश्रम कारावास व 10,000 रुपये जुर्माने (न देने पर 06 माह अतिरिक्त सजा) का आदेश दिया गया है।

हथौड़ी थाना क्षेत्र (अपहरण मामला – वर्ष 2026):
हथौड़ी थाना अंतर्गत वर्ष 2026 में दर्ज अपहरण के एक मामले में सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने अभियुक्त छोटू कुमार उर्फ अजीत कुमार को बीएनएसओ (BNSO) के तहत 03 वर्ष की सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर 02 माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

पुलिस की ठोस पैरवी रंग लाई:
मुजफ्फरपुर पुलिस की तत्परता, समय पर जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने और न्यायालय में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने के कारण इन सभी 6 मामलों में सजा तय हो सकी है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध और महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर किसी भी सूरत में नरमी नहीं बरती जाएगी।

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