केंद्रीय मंत्रिमंडल की हरी झंडी: बागमती पर बनेगा 340 मीटर लंबा पुल, 30 महीने में पूरा होगा निर्माण कार्य
विशेष संवाददाता | मुजफ्फरपुर
उत्तर बिहार के बुनियादी ढांचे और सड़क नेटवर्क को ऐतिहासिक मजबूती देते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-22 के मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा खंड को चार लेन मानक में अपग्रेड करने की बहुप्रतीक्षित योजना को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 3,590.73 करोड़ रुपये (लगभग 3,591 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम बजट खर्च किया जाएगा। नेपाल सीमा से सीधे जुड़ने वाला यह मार्ग न केवल उत्तर बिहार की लाइफलाइन साबित होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कैबिनेट ब्रिफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना के दूरगामी प्रभावों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वीकृत यह हाईवे प्रोजेक्ट पूरे बिहार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है। यह परियोजना नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा से शुरू होकर सीतामढ़ी होते हुए नीचे मुजफ्फरपुर तक पहुंचेगी। एक तरीके से यह नेपाल बॉर्डर से कनेक्टिविटी स्थापित करते हुए संपूर्ण परिवहन की एक बहुत बड़ी मेन लाइन और आर्टरी के रूप में कार्य करेगी, जिसका लाभ बिहार को आने वाले कई वर्षों तक लगातार मिलता रहेगा।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं एवं आंकड़े:
- कुल लंबाई: 82.578 किलोमीटर (लगभग 83 किलोमीटर ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट)।
- कुल लागत: 3,590.73 करोड़ रुपये।
- निर्माण अवधि: 30 महीने का लक्ष्य।
- विकास मॉडल: हाइब्रिड एन्यूइटी मोड (एचएएम) के तहत निर्माण।
- संरचनाएं: बागमती नदी पर 340 मीटर का बड़ा पुल, 7 प्रमुख पुल (मेजर ब्रिज), 3 आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) तथा 6 अंडरपास।
- सड़क की गुणवत्ता: लचीला एवं मजबूत ब्लैकटॉप पेमेंट।
परियोजना के सामाजिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस रूट पर कई प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थल स्थित हैं। यह मार्ग सीतामढ़ी जिले में स्थित मां जानकी के पावन मंदिर को सीधे जोड़ेगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, इस पूरे क्षेत्र को एक विशाल इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे व्यापारिक और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

इधर, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस निर्णय पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे ‘समृद्ध बिहार’ के संकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। सम्राट चौधरी ने कहा कि मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा खंड को चार लेन मानकों के अनुरूप बनाने से उत्तर बिहार में कनेक्टिविटी, आवागमन और व्यापार को नई गति मिलेगी। इससे यात्रियों और माल की तेज तथा सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी। उन्होंने राज्य को आधुनिक सड़क संरचना की यह सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार और अभिनंदन व्यक्त किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, 30 महीने की समयावधि में पूरा होने वाला यह फोर लेन मार्ग न केवल यात्रा के समय और ईंधन की बचत करेगा, बल्कि भारत-नेपाल सीमा पार व्यापारिक संबंधों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। बागमती नदी पर बनने वाले 340 मीटर लंबे पुल सहित अन्य संरचनाओं के निर्माण से बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी वर्ष भर निर्बाध यातायात संभव हो सकेगा।
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