- भारत-नेपाल सीमा पर अवैध और आर्थिक अपराधों से जुड़ी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाने का सख्त निर्देश।
- सभी चेकपोस्टों से 15 किलोमीटर के दायरे में होगी ताबड़तोड़ और प्रभावी निगरानी।
- खाद और नशीले पदार्थों की तस्करी को कुचलने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) करेंगे मिलकर काम।
- सीमावर्ती इलाकों में जिन लोगों की संपत्ति अचानक रहस्यमयी ढंग से बढ़ी है, उनका कुंडली खंगालेगी पुलिस।
- किशनगंज जिले में उर्दू विद्यालयों की स्थापना के लिए 100 उपयुक्त स्थानों को चिन्हित करने का आदेश।
चप्पे-चप्पे पर होगी निगरानी, अपराधियों की खैर नहीं
पटना, 3 जुलाई: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और विकास को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री सचिवालय के ‘संवाद’ कक्ष में आयोजित इस बैठक में उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर किसी भी प्रकार का अवैध, अनैतिक या आर्थिक अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दोनों देशों के बीच के बेहतर रिश्तों को बरकरार रखते हुए सीमा क्षेत्र की हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाए।

बिहार से सटी भारत-नेपाल सीमा की कुल लंबाई 735 किलोमीटर है, जिसके तहत राज्य के 7 जिले, 70 पुलिस थाने और एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) की 194 बीओपी (बॉर्डर आउटपोस्ट) आते हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सभी चेकपोस्टों से 15 किलोमीटर के दायरे के भीतर सुरक्षा और चौकसी का जाल इस कदर बिछाया जाए कि कोई भी अपराधी बचकर न निकल सके।
अचानक रईस बनने वालों की अब खैर नहीं, थानों में बनेगी स्पेशल टीम
इस बैठक का सबसे बड़ा और कड़ा फैसला आर्थिक अपराधों और संदिग्ध कमाई को लेकर रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आदेश दिया है कि सीमावर्ती जिलों के सभी थानों में एक विशेष टीम (स्पेशल टीम) का गठन किया जाए। यह टीम जमीनी स्तर पर ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान और सत्यापन करेगी, जिनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में अचानक बहुत ज्यादा और असामान्य बढ़ोतरी हुई है। ऐसे रडार पर आए लोगों की पूरी जानकारी इकट्ठा की जाएगी और उनके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही, उर्वरक (खाद) और मादक पदार्थों की तस्करी को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों को नियमित रूप से समन्वय बैठकें करने के लिए कहा गया है।

डिजिटल डैशबोर्ड और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े 7 जिलों के कप्तान
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन और इससे जुड़े विभिन्न संवेदनशील मुद्दों पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बॉर्डर एरिया के सभी 7 जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक इस बैठक से लाइव जुड़े हुए थे। किशनगंज, मधुबनी और पश्चिम चम्पारण के जिलाधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों ने पहले दिए गए निर्देशों पर की गई बड़ी कार्रवाइयों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने रखी और अपने अहम सुझाव साझा किए। इसके अलावा एसएसबी, आईबी, ईडी, एनसीबी, कस्टम्स और इनकम टैक्स के आला अधिकारियों ने भी अपनी-अपनी रिपोर्ट और सुझाव पेश किए।
बैठक में साइबर अपराध, अतिक्रमण, नागरिकता से जुड़े मामले, सीमाई इलाकों के पेंडिंग काम और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी लंबी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के स्तर पर, मुख्यमंत्री के स्तर पर, मुख्य सचिव और डीजीपी के स्तर पर लगातार ऐसी बैठकें होती रही हैं, जिससे कई बड़े कामों को पूरा किया जा चुका है। बचे हुए कामों को भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ तेजी से पूरा करने का लक्ष्य है।

बैठक में ये रहे मौजूद
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव एन विजयलक्ष्मी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर उपस्थित थे।
इनके अलावा मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, गृह विभाग के सचिव कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन, गृह विभाग के विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह सहित कई अन्य सीनियर पुलिस अधिकारी और केंद्रीय एजेंसियों के आला अफसर मौके पर मौजूद थे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और सीमावर्ती जिलों के सभी डीएम और एसपी जुड़े रहे।
अन्य खबरों के लिए नीचे ’न्यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,
|| https://newsbharattv.in ||


