बिहार में 1,00,000 करोड़ के मेगा बजट से बदल जाएगी राज्य की सूरत, बनेंगे 12 अत्याधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप!

हडको और नगर विकास विभाग के बीच ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर, 6,00,000 करोड़ का बाहरी निवेश भी आएगा, किसानों को मात्र 30 दिन में मिलेगा जमीन का पूरा मुआवजा

पटना, 03 जुलाई 2026: बिहार के शहरी विकास के इतिहास में आज तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। राज्य में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और अत्याधुनिक नागरिक सुविधाओं से लैस 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए एक अभूतपूर्व महा-समझौते पर मुहर लगी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग तथा हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हडको) के बीच 1,00,000 करोड़ रुपये (एक लाख करोड़ रुपये) के दीर्घकालिक वित्तपोषण के लिए एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। इस ऐतिहासिक समझौते पर नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार और हडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ ने हस्ताक्षर किए।

इस महात्वाकांक्षी योजना की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़े आत्मविश्वास के साथ कहा कि यह समझौता बिहार को आधुनिक शहरी विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर देगा। इस विशाल परियोजना के तहत राज्य के लगभग 3 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में अत्याधुनिक टाउनशिप विकसित किए जाएंगे। इस योजना की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी विशेषता यह है कि इसमें किसानों को लैंड पुलिंग के माध्यम से सीधा भागीदार बनाया जाएगा। किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है, जिसके तहत मुआवजे के लिए आवेदन करने वाले किसी भी किसान को मात्र 30 दिन के भीतर पूरा भुगतान सुनिश्चित कर दिया जाएगा।

6,00,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश और लाखों रोजगार

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार सरकार 12 नए टाउनशिप को लेकर हडको के माध्यम से 1,00,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश कर रही है। इसके अलावा, इस परियोजना की साख को देखते हुए 6,00,000 करोड़ रुपये का विशाल निवेश बाहरी और निजी संस्थागत स्रोतों से आकर्षित किया जाएगा। इस बड़े पैमाने पर होने वाली निर्माण गतिविधियों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बिहार के लाखों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई और तेज गति मिलेगी। सरकार ने इस ऐतिहासिक पहल के जरिए राज्य में 35 प्रतिशत शहरीकरण के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लिया है।

विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाओं से लैस होंगे नए शहर

इन सभी 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को पूरी तरह अत्याधुनिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप प्लान किया गया है। इनमें विश्वस्तरीय आधुनिक चौड़ी सड़कें, निर्बाध 24 घंटे जलापूर्ति, उन्नत और वैज्ञानिक सीवरेज सिस्टम, विद्युत ग्रिड, विशाल हरित क्षेत्र (पार्क), शानदार शैक्षणिक संस्थान, अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं और वाणिज्यिक व सामाजिक अधोसंरचना जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि बिहारवासियों को अपनी ही धरती पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहरी जीवन उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक में मौजूद रहे राज्य के ये दिग्गज अधिकारी

इस उच्च स्तरीय बैठक और हस्ताक्षर समारोह में राज्य के कई शीर्ष नीति-निर्माता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। इस खास मौके पर उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, नगर विकास एवं आवास सह सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार मौजूद रहे।

इनके अतिरिक्त मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुडकलट्टी, नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव नीलेश रामचंद्र देवड़े और हडको के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ सहित दोनों विभागों के कई वरीय अधिकारी भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। कार्यक्रम के प्रारंभ में विनय कुमार और संजय कुलश्रेष्ठ ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा, अंग वस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका भव्य स्वागत किया।

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