भ्रष्टाचारियों की अब खैर नहीं! जब्त बंगलों में खुलेंगे स्कूल, हर जिले में खुलेगा निगरानी थाना:सीएम

पटना: बिहार को पूरी तरह से भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है । ‘ट्रिपल टी’ यानी ट्रांसपेरेंसी, टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट के मूलमंत्र पर चलते हुए सूबे में सुशासन को एक नई मजबूती दी जाएगी । यह बड़ा ऐलान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ज्ञान भवन में आयोजित बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस एवं सतर्कता जागरूकता सप्ताह के भव्य शुभारंभ के दौरान किया । इस दौरान मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मियों को पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से काम करने की सख्त शपथ भी दिलाई गई ।

पटना के ज्ञान भवन में बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस के अवसर पर सत्यनिष्ठा और ईमानदारी की शपथ लेते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार,  अन्य वरिष्ठ अधिकारी ।

नेताओं और अफसरों पर सीधा वार, जब्त संपत्तियों पर चलेंगे स्कूल

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों, विधायकों से लेकर शीर्ष और निचले स्तर तक के किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी । सरकार अब भ्रष्टाचार करने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके जब्त किए गए परिसरों और बंगलों को अपने कब्जे में लेगी और वहां बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए सरकारी विद्यालय संचालित करेगी ।

भ्रष्टाचार मुक्त बिहार के संकल्प को दोहराते हुए सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम में एक साथ खड़े होकर ईमानदारी और पारदर्शिता की सामूहिक शपथ लेते बिहार पुलिस के आला अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के कर्मीगण 。

सभी 9 प्रमंडलों में विशेष कोर्ट और हर जिले में निगरानी थाना

भ्रष्टाचार के मामलों पर त्वरित एक्शन और अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने के लिए सूबे के सभी 9 प्रमंडलों में विशेष निगरानी न्यायालय (स्पेशल विजिलेंस कोर्ट) की स्थापना की जाएगी । इसके साथ ही, जीरो टॉलरेंस की नीति को धरातल पर उतारने के लिए बिहार के प्रत्येक जिले में निगरानी थाना और सभी अनुमंडलों में निगरानी ओ.पी. स्थापित करने की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ।

सीबीआई और ईडी को भी लेनी पड़ेगी बिहार पुलिस की मदद

मुख्यमंत्री ने आर्थिक अपराध इकाई और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को निर्देश दिया कि वे अपने साथ विशेषज्ञ व्यक्तियों को जोड़कर ऐसी आधुनिक और स्मार्ट कार्यप्रणाली तैयार करें, जिससे विशेष परिस्थितियों में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी बड़ी केंद्रीय एजेंसियों को भी बिहार की टीमों से सहयोग लेने की आवश्यकता महसूस हो ।

सरकारी गवाहों को मिलेगा परिवहन भत्ता

अक्सर देखा जाता है कि गवाहों के मुकर जाने या समय पर कोर्ट न पहुंचने से भ्रष्टाचारी बच निकलते हैं। इसका तोड़ निकालते हुए सरकार ने फैसला किया है कि अपराध एवं आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में सरकारी गवाहों को गवाही के लिए आने-जाने हेतु सरकार द्वारा परिवहन भत्ता उपलब्ध कराया जाएगा । इसके अलावा, बच्चों में बचपन से ही नैतिक मूल्यों के विकास के लिए अब विद्यालयों में भी भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ।

समारोह में इन दिग्गजों की रही मौजूदगी

सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के नए लोगो का अनावरण किया और विभाग की उपलब्धियों पर बनी लघु फिल्म को भी देखा ।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर मंच पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी मौजूद रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को संबोधित भी किया । इसके अलावा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन शामिल हुए ।

प्रशासनिक महकमे से मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, गृह सचिव कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह मौजूद थे । कार्यक्रम की रूपरेखा और स्वागत निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर तथा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार द्वारा किया गया । वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के तमाम प्रमंडलीय आयुक्त, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी इस महा-शपथ कार्यक्रम से सीधे जुड़े रहे ।

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