शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की दोटूक- अब पोर्टल से ऑटोमेटिक होगा पारदर्शी तबादला, महिलाओं और पुरुषों के लिए बना विशेष ब्लूप्रिंट, एनसीईआरटी की सभी किताबें होंगी लागू
विशेष संवाददाता, पटना:
बिहार के शिक्षा महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य के लाखों शिक्षकों के हित में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसला लेते हुए बड़ा ऐलान किया है। शिक्षा मंत्री ने साफ कर दिया है कि अब शिक्षकों को अपने ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए दफ्तरों और बाबुओं के चक्कर काटने की कतई जरूरत नहीं होगी। विभाग ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। अब शिक्षा विभाग के विशेष पोर्टल पर केवल एक आवेदन करने के बाद पूरी तरह से पारदर्शी और ऑटोमेटिक तरीके से ट्रांसफर कर दिया जाएगा, जिससे भ्रष्टाचार और पैरवी राज पर हमेशा के लिए ताला लग जाएगा।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि हमारे शिक्षक ही हमारी व्यवस्था का असली आधार हैं। शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। कैबिनेट से इस नई और बेहद सरल स्थानांतरण नीति को बाकायदा पास करा दिया गया है। इस नीति के लागू होने से अब ट्रांसफर की राह देख रहे शिक्षकों को दर-दर भटकने से मुक्ति मिल जाएगी। सरकार ने इसे शिक्षकों के लिए एक बहुत बड़ा तोहफा करार दिया है, जिससे पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार मुक्त और जवाबदेह बनेगी।
महिलाओं और पुरुषों के लिए विशेष ब्लूप्रिंट
मंत्रालय द्वारा तैयार ब्लूप्रिंट के अनुसार, महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए खास तौर पर राहत देने वाली योजना बनाई गई है। नई नीति के तहत महिला शिक्षकों को उनकी अपनी पंचायत के ठीक बगल वाली पंचायत में ही तैनाती दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर, पुरुष शिक्षकों को उनके वर्तमान ब्लॉक के बगल वाले ब्लॉक में ट्रांसफर करने की योजना तैयार की गई है। इस नियम से शिक्षकों को अपने घर के नजदीक काम करने का अवसर मिलेगा और उनका मानसिक तनाव दूर होगा। शिक्षा मंत्री ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस नई व्यवस्था में लापरवाही बरतेगा या किसी भी प्रकार की अनियमितता करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सरकार बेहद सख्त एक्शन लेगी।
कोचिंग संस्थानों के लिए आ रही नई नियमावली
राज्य में कुकुरमुत्ते की तरह खुल रहे कोचिंग संस्थानों पर भी सरकार पूरी तरह से नकेल कसने की तैयारी में है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि बिहार में कोचिंग संस्थानों के लिए सुरक्षा मानकों को लेकर एक बेहद सख्त और नई नियमावली लाई जा रही है। इस गाइडलाइन के आने के बाद जो भी कोचिंग संस्थान तय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करेंगे, उन पर बड़ी कार्रवाई होना तय है। छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई के माहौल से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों को बग्श नहीं जाएगा।

इसके साथ ही, शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधारने के लिए बिहार सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति को राज्य में बेहद प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि नई शिक्षा नीति का पूरा आधार एनसीईआरटी ही है, इसलिए अब एनसीईआरटी की हर एक पुस्तक को पूरे बिहार के विद्यालयों में सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने कक्षा नाइंथ की नई पुस्तक में चुनाव आयोग की पारदर्शी भूमिका और चुनावी प्रक्रिया की प्रशंसा को शामिल किए जाने के फैसले का पुरजोर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह बदलाव हमारे बच्चों के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक और मील का पत्थर साबित होगा।
संवाददाता के साथ हुई सीधी बातचीत में नियोजित शिक्षकों के भविष्य और उनके तबादलों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि नियोजित शिक्षकों की नियमावली बिल्कुल अलग है और उनकी नियोजन इकाई को ही उनके ट्रांसफर का पूरा अधिकार है, जिसके लिए आगे चलकर एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। इसके साथ ही, कक्षा नाइंथ की नई पुस्तक में चुनाव आयोग की पारदर्शी भूमिका को शामिल करने के एनसीईआरटी के फैसले का पुरजोर स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का पूरा बेस एनसीईआरटी ही है और बिहार में इसकी हर बुक लागू की जाएगी, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, राज्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों पर सीधे ऐक्शन के सवाल पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया कि सरकार बहुत जल्द एक नई कोचिंग नियमावली लेकर आ रही है, जिसके आते ही ऐसी संस्थाओं पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो जाएगा और उन्हें सरकार द्वारा तय की गई सख्त गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
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