पंडित, हलवाई और डेकोरेटर तक पर होगी कानूनी कार्रवाई, प्रशासन और जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र का संयुक्त महाअभियान

समस्तीपुर: अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ समस्तीपुर जिला प्रशासन और जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र ने कमर कस ली है। जिले के प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर ‘सतर्कता दिवस’ मनाते हुए संस्था ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह एक संगठित अपराध है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खुदनेश्वर स्थान मंदिर परिसर में बाल विवाह मुक्त भारत का संकल्प लेते जवाहज्योति बाल विकास केंद्र के पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता।

कानून की नज़र में सब अपराधी जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव सुरेंद्र कुमार ने प्रेस वार्ता में चेतावनी दी कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (PCMA), 2006 के तहत यह एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “केवल अभिभावक ही नहीं, बल्कि इसमें सहयोग करने वाले पंडित, मौलवी, बाराती, हलवाई, डेकोरेटर, बैंड-बाजा वाले और मैरेज हॉल के मालिक भी बराबर के मुजरिम माने जाएंगे। इसमें शामिल होने वाले हर व्यक्ति को दो साल की सजा और भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।”

25,000 बाल विवाह रोकने की ऐतिहासिक सफलता जिले में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का असर अब ज़मीन पर दिखने लगा है। संस्था के सतत प्रयासों से अब तक जिले में 25,000 से अधिक बाल विवाहों को समय रहते रोका गया है। सचिव सुरेंद्र कुमार ने विश्वास जताया कि जिस तरह आम जनता अब खुद आगे आकर सूचना दे रही है, उससे हम 2030 से पहले जिले को पूरी तरह ‘बाल विवाह मुक्त’ बना लेंगे।

अक्षय तृतीया के अवसर पर “बाल विवाह अपराध है, चुप्पी भी अपराध है” का संदेश देते हुए अभियान की टीम। पोस्टर पर हेल्पलाईन नंबर 1800-102-7222 अंकित है।

इस अभियान में इनकी रही सक्रिय भागीदारी

अक्षय तृतीया के अवसर पर जिले के प्रसिद्ध धर्म स्थलों—विद्यापति धाम, खुदनेश्वर स्थान, थानेश्वर स्थान, शिवालय और श्रीराम जानकी मंदिर में जागरूकता अभियान का नेतृत्व निम्नलिखित पदाधिकारियों ने किया:

  • प्रमुख नेतृत्व: डॉ. दीप्ति कुमारी (जिला कार्यक्रम प्रबंधक), काजल राज (जिला कार्यक्रम समन्वयक), पप्पू यादव (लेखा पदाधिकारी)।
  • संस्था के पदाधिकारी व सदस्य: वीणा कुमारी (कोषाध्यक्ष), रवि कुमार मिश्र (परियोजना समन्वयक), मयंक कुमार सिन्हा (डोक्युमेंटेशन समन्वयक)।
  • सामुदायिक कार्यकर्ता व टीम: विभा कुमारी, नेहा कुमारी, ललिता कुमारी, बलराम चौरसिया, किरण कुमारी, बिभा कुमारी, रविन्द्र पासवान, संगीता कुमारी, दिनेश प्रसाद चौरसिया, मुस्कान कुमारी, संगीता कुमारी (द्वितीय), बबिता कुमारी, रुखसाना खातून, संदीप कुमार, गायत्री कुमारी, अनुष्का कुमारी, राजकुमार पासवान, प्रवीन कुमार, नेहा कुमारी (द्वितीय), हर्ष मोहन कुमार, नवनीत कुमार, रीता कुमारी।
  • कलाकार व सहयोगी: डॉ. रामसूरत दास (लोक कलाकार), दिलीप कुमार गिरि (बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य उपाध्यक्ष), शिवकिशोर कुंवर, राजीव कुमार पासवान।

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