शोधार्थियों के अनशन में कूदे पप्पू यादव: सरकार को दी चेतावनी, मांगें नहीं मानीं तो बिहार बंद और अनिश्चितकालीन उपवास

पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित गर्दनीबाग धरना स्थल पर पिछले 11 दिनों से जारी शोधार्थियों का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन अब बड़ा राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। रविवार को पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव अनशन स्थल पर पहुंचे और ‘ऑल पीएचडी होल्डर एंड रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ऑफ बिहार’ के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। शोधार्थियों के साथ एकजुटता दर्शाते हुए सांसद खुद भी एक दिन के उपवास पर बैठ गए। अनशन स्थल पर वे हाथों में महान क्रांतिकारी भगत सिंह की तस्वीर और ‘शिक्षा सत्याग्रह 2.0: 70वीं बीपीएससी परीक्षा को पूरी तरह निरस्त किया जाए की तख्तियां थामे नजर आए।

पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर ‘शिक्षा सत्याग्रह 2.0’ के तहत अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे शोधार्थियों के बीच बैठकर एक दिवसीय उपवास रखते पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव। हाथों में बीपीएससी परीक्षा निरस्त करने और मांगों के समर्थन की तख्तियां लिए आंदोलनरत युवा एवं शोधार्थी।

सहायक प्राध्यापक बहाली समेत कई मांगें लंबित

गर्दनीबाग में राज्यभर से आए शोधार्थी सहायक प्राध्यापक बहाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार सहित विभिन्न मांगों को लेकर 11 दिनों से डटे हुए हैं। भीषण गर्मी और मानसिक तनाव के बीच छात्र अपनी मांगों के समर्थन में अनशन पर हैं। रविवार को अनशन स्थल पहुंचे सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आंदोलनरत युवाओं और शोधार्थियों से एक-एक कर बात की, उनकी समस्याएं सुनीं और उनके हक की लड़ाई में हर कदम पर साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।

जैन जी को बौद्धिक नक्सली कहना दुखद”

आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज का युवा यानी जैन जी (Gen Z) अपने करियर, रोजगार के अवसरों और एक बेहतर भविष्य को लेकर बेहद गंभीर है। वे अपने अधिकारों की बात कर रहे हैं, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार उनकी आवाज दबाने में लगी है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री युवाओं और इस पीढ़ी को ‘बौद्धिक नक्सली’ कह रहे हैं, जो बेहद निंदनीय है। बिहार में शिक्षित युवाओं और शोधार्थियों की न्यायसंगत मांगों को अनसुना किया जा रहा है।

पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर ‘शिक्षा सत्याग्रह 2.0’ के तहत अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे शोधार्थियों के बीच बैठकर एक दिवसीय उपवास रखते पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव। हाथों में बीपीएससी परीक्षा निरस्त करने और मांगों के समर्थन की तख्तियां लिए आंदोलनरत युवा एवं शोधार्थी।

बिहार बंद और अनिश्चितकालीन उपवास का अल्टीमेटम

सांसद ने सरकार को कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अनशन पर बैठे शोधार्थियों और छात्रों की वाजिब मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया, तो यह आंदोलन केवल धरना स्थल तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि मांगें न माने जाने की स्थिति में पूरे बिहार को बंद कराया जाएगा और वे स्वयं अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठेंगे।

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