समस्तीपुर | 16 अप्रैल 2026 (विशेष संवाददाता)
समस्तीपुर के मालगोदाम चौक स्थित भाकपा माले जिला कार्यालय में बुधवार को ‘लोकतंत्र’ का एक अलग ही चेहरा देखने को मिला। मौका था दरभंगा में होने वाले आगामी राज्य सम्मेलन के लिए डेलीगेट (प्रतिनिधि) चुनाव का। जहाँ अक्सर राजनीतिक दलों पर ‘हाईकमान’ के फैसले थोपने के आरोप लगते हैं, वहीं भाकपा माले ने मतदान के जरिए अपने प्रतिनिधि चुनकर एक कड़ा संदेश दिया है।

33 सूरमा और 444 निर्णायक: रात भर चली वोटों की गिनती
जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार की देखरेख में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। इस चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि महज 14 पदों के लिए 33 दिग्गज उम्मीदवार मैदान में उतरे। मतदाताओं की सूची में जिला कमिटी से लेकर पंचायत और शाखा स्तर के 444 सचिव व सदस्य शामिल थे। देर रात तक चली वोटिंग के बाद अब परिणाम घोषित किए जा रहे हैं, जो पार्टी के भीतर की नई शक्ति संरचना को तय करेंगे।

पर्यवेक्षक का दोटूक बयान: “यह महज चुनाव नहीं, जागरूकता का प्रमाण है”
राज्य कमिटी सदस्य सह चुनाव पर्यवेक्षक कॉ० ध्रुव नारायण कर्ण ने बयान जारी कर इस पूरी प्रक्रिया को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा:
“निर्वाचक मंडल के 444 लोग मिलकर 33 में से 14 सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों को चुन रहे हैं। यह भाकपा माले के भीतर के अटूट आंतरिक लोकतंत्र को दर्शाता है। एक-एक कार्यकर्ता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक है और यह चुनाव उसी जागरूकता की जीत है।”

बिहार को ‘भाजपा की प्रयोगशाला‘ बनने से रोकने की रणनीति
इस चुनाव का महत्व सिर्फ पदों तक सीमित नहीं है। जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि यहाँ से जीते हुए 14 डेलीगेट 16 से 18 मई तक दरभंगा में होने वाले राज्य सम्मेलन में समस्तीपुर की आवाज बनेंगे। इस सम्मेलन का मुख्य एजेंडा बिहार में बढ़ती बेरोजगारी, बदहाल स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा में भ्रष्टाचार और राज्य को सांप्रदायिक राजनीति की ‘प्रयोगशाला’ बनाने की कोशिशों के खिलाफ एक निर्णायक संघर्ष का बिगुल फूंकना है।
मुख्य हाइलाइट्स:
- स्थान: जिला कार्यालय, मालगोदाम चौक, समस्तीपुर।
- मुकाबला: 33 उम्मीदवार बनाम 14 पद।
- वोटर: 444 (पंचायत से लेकर जिला स्तर के पदाधिकारी)।
- अगला पड़ाव: 16-18 मई, राज्य सम्मेलन, दरभंगा।




