- ताजपुर के फतेहपुर मुसहरी में भू-माफिया के इशारे पर जेसीबी से रौंदे गए आधा दर्जन आशियाने, विरोध बढ़ा तो प्रशासनिक टीम दुम दबाकर भागी
- वीडियो बना रहे ग्रामीणों के मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट करने का गंभीर आरोप, भाकपा माले ने जांच और उग्र आंदोलन का किया ऐलान
ताजपुर/समस्तीपुर (28 अगस्त 2026): ताजपुर प्रखंड अंतर्गत फतेहपुर पंचायत के वार्ड संख्या 3 स्थित मुसहरी में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अंचल प्रशासन का बुलडोजर अचानक गरीबों के आशियाने उजाड़ने पहुंच गया। अंचलाधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ पहुंची प्रशासनिक टीम ने जेसीबी की मदद से वर्षों से बसे गरीब मुसहर परिवारों के लगभग आधा दर्जन घरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और उस जगह की खुदाई करके बड़ा बड़ा गढ्ढा खोद कर छोड़ दिया गया है । इस घटना के बाद से पूरे इलाके में गहरा आक्रोश व्याप्त है और बेघर हुए परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

बिना नोटिस के भू-माफिया के इशारे पर हुई कार्रवाई
भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह एवं अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने जारी संयुक्त बयान में इस कार्रवाई की कड़ी भर्त्सना की है। उन्होंने कहा कि सीताराम सदा, बाबूलाल सदा, सितबिया देवी और सुरेश सदा समेत कई भूमिहीन मुसहर परिवार इस सरकारी जमीन पर पुश्तैनी रूप से घर बनाकर रहते आ रहे थे। प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या कानूनी प्रक्रिया का पालन किए सीधे बुलडोजर चला दिया। नेताओं ने सीधा आरोप लगाया कि अंचल प्रशासन ने भू-माफियाओं के साथ साज़िश रचकर निजी कब्जे की मंशा से इस असंवैधानिक घटना को अंजाम दिया है।

साज़िश के तहत चुना रक्षाबंधन का त्यौहार
भाकपा माले नेताओं ने बताया कि प्रशासन ने इस दमनकारी कार्रवाई के लिए रक्षाबंधन का दिन जानबूझकर चुना, ताकि त्योहार के कारण अधिकांश लोग अपने घरों से बाहर हों और विरोध न हो सके। हालांकि, जैसे ही घटना की खबर फैली और स्थानीय लोग एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे, तो प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल बदहवास होकर मौके से भाग निकले।
माले नेताओं ने तीखा सवाल खड़ा करते हुए पूछा, “यदि प्रशासन की यह कार्रवाई कानून सम्मत और वैध थी, तो जनता के विरोध करते ही अधिकारियों को घटनास्थल छोड़कर क्यों भागना पड़ा?”

मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट करने की हरकत पर सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जब कुछ युवाओं ने बुलडोजर से घर गिराए जाने का वीडियो अपने मोबाइल से बनाना शुरू किया, तो पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक कर्मियों ने उनसे मोबाइल छीन लिए और रिकॉर्ड किए गए वीडियो को जबरन डिलीट कर दिया। भाकपा माले का कहना है कि साक्ष्य छुपाने की यह हरकत इस बात का साफ प्रमाण है कि अंचल प्रशासन ने भू-माफिया के इशारे पर निजी जमीन का रास्ता खोलने के लिए यह गैर-कानूनी कदम उठाया है। जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वहां किसी भी सरकारी निर्माण या सार्वजनिक विकास कार्य की कोई आधिकारिक योजना स्वीकृत नहीं थी।

पर्चा, आवास और पुनर्वास की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान
घटना की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई और बेघर हुए परिवारों के तत्काल पुनर्वास की मांग को लेकर भाकपा माले ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है।
पार्टी नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक सभी पीड़ित दलित, गरीब और भूमिहीन परिवारों को:
- वास-भूमि का पर्चा,
- पक्का आवास,
- स्थायी पुनर्वास, तथा
- बस्ती के लिए पहुंच-पथ

उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक भाकपा माले का यह जन-संघर्ष रुकने वाला नहीं है। प्रशासन की इस बर्बरता के खिलाफ ताजपुर में जल्द ही एक बड़े जन-आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।
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