अनुमंडल अधिकारी कार्यालय की जांच में खुली पोल, 09 फर्जी स्टाम्प पेपर और 32 फर्जी टिकट जब्त; चौथे आरोपी सत्यम की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी।
मुजफ्फरपुर: नगर थाना क्षेत्र में न्याय व्यवस्था और राजस्व को बड़ा चूना लगाने वाले फर्जी ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर व टिकट के अवैध कारोबार का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह में शामिल तीन शातिर अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से 09 फर्जी/नकली ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर और 32 फर्जी वेलफेयर व कोर्ट फीस टिकट बरामद किए गए हैं।

ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब पूर्वी अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) कार्यालय में पदस्थापित कार्यपालक दंडाधिकारी रामनाथ कुमार ने ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर, वेलफेयर टिकट और कोर्ट फीस की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान ये सभी दस्तावेज और टिकट पूरी तरह फर्जी पाए गए। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि इन फर्जी स्टाम्प और टिकटों की खरीद-बिक्री शहर की चार अलग-अलग दुकानों से धड़ल्ले से की जा रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यपालक दंडाधिकारी रामनाथ कुमार ने 21 अगस्त 2026 को नगर थाना में एक लिखित आवेदन सौंपा। अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी के निर्देश और मेमो नंबर 1673 के आलोक में प्राप्त आवेदन के आधार पर नगर थाना में प्राथमिक दर्ज (कांड संख्या- 465/2026) की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी विशेष टीम
मामले की संवेदनशीलता और बड़े वित्तीय धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर ने तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। इस टीम की अगुवाई पुलिस अधीक्षक नगर (मुजफ्फरपुर) मो0 मोहिबुल्लाह अंसारी के अनुश्रवण में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-01) कर रहे थे। टीम में थानाध्यक्ष नगर व अन्य पुलिस बल को शामिल किया गया।
तकनीकी व मानवीय सूचना से हत्थे चढ़े आरोपी
गठित पुलिस टीम ने मानवीय व तकनीकी आसूचना संकलन (सर्विलांस) के आधार पर त्वरित छापेमारी कर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों का विवरण इस प्रकार है:
- मुरारी कुमार (थाना – नगर)
- प्रभात चौधरी (थाना – नगर)
- राजेश कुमार (थाना – सिकंदरपुर)
पुलिस अधीक्षक नगर मो0 मोहिबुल्लाह अंसारी ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह 4-5 लोगों का एक संगठित गिरोह है, जिसका मुख्य उद्देश्य फर्जी स्टाम्प व टिकट बेचकर अवैध कमाई करना और वित्तीय धोखाधड़ी (फाइनेंशियल फ्रॉड) को अंजाम देना था।

चौथे आरोपी सत्यम की तलाश में छापेमारी जारी
प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई कि इस कांड में एक अन्य नामजद अभियुक्त सत्यम फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से फर्जी स्टाम्प का काला कारोबार करने वाले सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्द ही कानून के शिकंजे में ले लिया जाएगा।
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