वर्ल्ड लीडर्स फोरम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, ‘बिल्ड बिहार, बिलीव इन बिहार’ के मंत्र से बदलेगी राज्य की पूरी तस्वीर; एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट्स और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का बिछ रहा जाल
नई दिल्ली/पटना: बिहार अब पिछड़ेपन का टैग उखाड़ फेंकने और देश की आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर तेजी से कदम बढ़ा चुका है। राजधानी नई दिल्ली में आयोजित द इकोनॉमिक टाइम्स के प्रतिष्ठित ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के विकास का ऐसा विजन पेश किया, जिसने देश-दुनिया के बड़े उद्योगपतियों और निवेशकों को हैरान कर दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार बड़े बदलाव के ठीक मुहाने पर खड़ा है और सरकार का अगला लक्ष्य आगामी 4 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधे 4 गुना करना है। ‘बिल्ड बिहार, बिलीव इन बिहार’ के नए संकल्प के साथ राज्य अब उद्योग, निवेश और बुनियादी ढांचे के मामले में देश का नया हब बनने जा रहा है।

1 करोड़ नौकरियां और 53 लाख का रिकॉर्ड: रोजगार की सबसे बड़ी गारंटी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रोजगार के मुद्दे पर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वर्ष 2025 के चुनाव से पहले तक राज्य में 53 लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। अब अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार देने का ऐतिहासिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प के तहत बिहार में 43 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक आजादी के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत आज बिहार पुलिस बल में 40 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा हैं। पंचायती राज और निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के कारण आज 59 प्रतिशत महिलाएं चुनाव जीतकर नेतृत्व संभाल रही हैं।

उद्योग और निवेश के लिए क्रांतिकारी नीतियां: सेमीकंडक्टर और GCC पॉलिसी 2026
राज्य में भारी निवेश आकर्षित करने के लिए वर्ष 2026 में सेमीकंडक्टर और जीसीसी (GCC – Global Capability Centre) जैसी अत्याधुनिक औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में पहले महज 350 मेगावाट बिजली उपलब्ध थी, जो आज बढ़कर 10 हजार मेगावाट से अधिक हो चुकी है। राज्य सरकार बिजली उपभोक्ताओं को करीब 23 हजार करोड. रूपये का अनुदान दे रही है। कुशल और प्रशिक्षित युवा श्रमशक्ति के बल पर बिहार निवेशकों के लिए सबसे अनुकूल गंतव्य बन चुका है।

इंफ्रास्ट्रक्चर : 6 एक्सप्रेस-वे, 14 एयरपोर्ट्स और 12 नए स्मार्ट टाउनशिप
बिहार की कनेक्टिविटी को ग्लोबल स्टैंडर्ड का बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 4 एयरपोर्ट चालू हो चुके हैं, जबकि 10 अन्य छोटे-बड़े एयरपोर्ट्स पर काम जारी है। इसके साथ ही 6 नए एक्सप्रेस-वे पर तेजी से निर्माण चल रहा है। पटना से गया की दूरी जो पहले 4 घंटे में तय होती थी, वह अब मात्र 1.5 घंटे में पूरी हो रही है। इसके अलावा, सरकार 3.5 लाख एकड़ भूमि पर 12 आधुनिक टाउनशिप विकसित कर रही है। गंगा, गंडक और कोसी नदियों के दोनों किनारों पर एकीकृत 4-लेन सड़क और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, एजुकेशनल हब तथा इंस्टीट्यूशनल हब बनाए जाएंगे।

बाढ़-सुखाड़ का स्थायी खात्मा: कोसी-मेची लिंक और रिवर लिंकिंग
जल प्रबंधन पर अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर बिहार की बाढ़ और दक्षिण बिहार के सूखे का स्थायी समाधान तलाशा जा रहा है। राज्य में सिंचित भूमि 21 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 44 लाख हेक्टेयर कर दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर कोसी-मेची लिंक प्रोजेक्ट और सिंचाई योजनाओं के लिए विशेष सहयोग मांगा गया है। इसके साथ ही सोन नदी को फल्गु नदी से जोड़ने की योजना पर काम जारी है। गंगा और गंडक के माध्यम से हल्दिया से वीरपुर तक इंडो-नेपाल जल परिवहन विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम चल रहा है। आगामी वर्षों में खनन क्षेत्र से ही लगभग 7-8 हजार करोड़ रूपये राजस्व जुटाने का प्लान तैयार है।

शिक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक सुधार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था
शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाते हुए 15 जुलाई से एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई है (आजादी के बाद से अब तक कुल 278 डिग्री कॉलेज ही थे)। राज्य में 551 मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं। परीक्षाओं को 100 प्रतिशत पारदर्शी और पेपर लीक मुक्त बनाने के लिए पटना उच्च न्यायालय के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आग्रह किया गया है, जो सुधारों के सुझाव देगी।

सुशासन का असर: 30 दिनों में 96 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू किए गए ‘सहयोग’ कार्यक्रम की सफलता का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि अब तक मिले 6 लाख 42 हजार आवेदनों में से 96 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है। हर शिकायत के लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है, और लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर सीधे ऑटोमैटिक सस्पेंशन (स्वतः निलंबन) की कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने देश और दुनिया के तमाम बड़े उद्योगपतियों का आह्वान करते हुए कहा— “आप बिहार सरकार पर भरोसा करिए और राज्य की समृद्धि में भागीदार बनिए। भारत के नक्शे में बिहार का स्थान हृदय के समान है, और बिहार की समृद्धि से ही विकसित भारत का रास्ता प्रशस्त होगा।”

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