मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: मार्च 2027 तक दशहरा कमेटी को मिलेगा नया स्थायी ठिकाना, श्रीकृष्ण महोत्सव 4.0 में दी बधाई
पटना, 05 सितंबर: राजधानी पटना के गांधी मैदान में वर्षों से आयोजित होने वाला ऐतिहासिक रामलीला और रावण वध कार्यक्रम अब जल्द ही एक नए और भव्य पते पर स्थानांतरित होने जा रहा है। पटना के मरीन ड्राइव के समीप तीन विशाल मैदान तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें से एक मैदान का नामकरण विशेष रूप से ‘रामलीला मैदान‘ किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के गांधी मैदान में आयोजित ‘श्रीकृष्ण महोत्सव 4.0-2026: कान्हा के रंग, उत्सव के संग’ कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करते हुए की।

दशहरा कमेटी की 71 साल पुरानी मांग होगी पूरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में बताया कि दशहरा कमेटी ट्रस्ट वर्ष 1955 से गांधी मैदान में रामलीला महोत्सव एवं रावण वध का सफल आयोजन करता आ रहा है। समिति की ओर से लंबे समय से इन आयोजनों के लिए एक अलग और समर्पित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। इस दिशा में कार्रवाई करते हुए पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। अगले वर्ष मार्च तक मरीन ड्राइव के पास तीनों मैदान बनकर तैयार हो जाएंगे और मार्च 2027 तक दशहरा कमेटी ट्रस्ट को नया रामलीला मैदान हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके बाद रामलीला और रावण वध के भव्य आयोजन वहीं पूरी भव्यता और आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ संपन्न होंगे।

अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य की विजय का संदेश
श्रीकृष्ण महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और उनका दर्शन हमें हमेशा अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने महाभारत का प्रसंग याद दिलाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने शांति के लिए हर संभव प्रयास किया था और कौरवों से केवल 5 गांव मांगे थे, लेकिन अधर्म और अन्याय के कारण युद्ध को टाला नहीं जा सका। गीता के माध्यम से उन्होंने अर्जुन को कर्तव्य और धर्म का बोध कराया। आज भी उनका संदेश समाज को न्याय और सत्य के पथ पर चलने की राह दिखाता है।

बाढ़ की स्थिति पर सरकार की पैनी नजर, नदियों के किनारे बनेंगे मार्ग
प्रदेश में जारी प्राकृतिक आपदा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों की तुलना में इस बार गंगा नदी का जलस्तर काफी अधिक है। सोन और गंडक नदियों में भी भारी मात्रा में जलप्रवाह हो रहा है। नेपाल की तराई वाले क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण बिहार के निवासियों को हर वर्ष परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी प्रभावित जिलों में मंत्रियों और अधिकारियों को तैनात किया है। कोसी, गंडक और गंगा बेसिन को व्यवस्थित करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग के साथ मिलकर दोनों बेसिनों के किनारों पर पक्की सड़कों का निर्माण और वाटर ट्रांसपोर्टेशन (जल परिवहन) की व्यवस्था विकसित की जाएगी ताकि मानसून के दौरान जनता को होने वाली कठिनाइयों को कम किया जा सके।

विकसित बिहार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए बिहार सरकार पूरी निष्ठा से काम कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच और परिकल्पना के अनुरूप बिहार को एक समृद्ध और सशक्त राज्य बनाने का खाका तैयार कर लागू किया जा रहा है।
दही-हांडी प्रतियोगिता में बढ़ाया युवाओं का उत्साह
कार्यक्रम के दौरान कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार और सात्विका ग्रुप के सौजन्य से आयोजित दही-हांडी प्रतियोगिता में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं जाकर हिस्सा लिया और भाग लेने वाले प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। दशहरा कमेटी ट्रस्ट के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

गहमागहमी के बीच प्रमुख हस्तियों की रही उपस्थिति
गांधी मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में राज्य के कई गणमान्य नेता और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। मंच एवं प्रांगण में स्वास्थ्य मंत्री निशांत, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, सांसद रविशंकर प्रसाद, विधायक संजीव चौरसिया, महापौर सीता साहू, बिस्कोमान अध्यक्ष विशाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा, दशहरा कमेटी ट्रस्ट के पदाधिकारी तथा भारी संख्या में आम जनता उपस्थित थी।
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