लहेरियासराय में भाकपा माले मिथिला जोन की अहम समीक्षा बैठक आयोजित, 20 अगस्त को एलएनएमयू में छात्र-युवा संसद की सफलता के लिए झोंकी ताकत
दरभंगा, 16 अगस्त (विशेष संवाददाता): भाकपा माले मिथिला जोन की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक रविवार को दरभंगा जिला कार्यालय, लहेरियासराय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता दरभंगा जिला सचिव बैधनाथ यादव, मधुबनी जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण एवं समस्तीपुर जिला सचिव उमेश कुमार ने संयुक्त रूप से की, जबकि इसका पर्यवेक्षण मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने किया।

बैठक की शुरुआत पार्टी की राज्य कमिटी द्वारा जारी सर्कुलर के सामूहिक पाठ से हुई। इसके पश्चात हाल के दिनों में बिछड़े दिवंगत साथियों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सुखाड़ और जल संकट पर सरकार की नीयत पर उठाए सवाल
बैठक को संबोधित करते हुए मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने कहा कि पूरे मिथिलांचल क्षेत्र में अकाल की काली छाया मंडरा रही है। चारों तरफ पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन सरकार का रवैया उदासीन बना हुआ है। उन्होंने सरकार से पुरजोर मांग की कि पूरे उत्तर बिहार को अविलंब सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जाए, पीने के पानी का पुख्ता इंतजाम किया जाए और ग्रामजी कानून (मनरेगा) के तहत गरीबों को रोजगार व काम की गारंटी दी जाए।
बुलडोजर राज और बासगीत पर्चा पर तीखा हमला
धीरेंद्र झा ने राज्य सरकार की नीतियों को गरीब विरोधी करार देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस से पूर्व दलितों और गरीबों का दो दिवसीय ऐतिहासिक राज्यव्यापी अनशन-सत्याग्रह संपन्न हुआ है। बुलडोजर राज के खिलाफ पीपी एक्ट 1947 के तहत गरीबों का वास-आवास एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। जनांदोलन और दबाव के कारण सरकार बासगीत पर्चा देने की प्रक्रिया तो शुरू कर रही है, लेकिन महज डेढ़ डिसमिल जमीन देने की बात कर रही है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “डेढ़ डिसमिल जमीन में गरीबों का घर कैसे बनेगा? उनके मवेशी, गाय और बकरियां कहाँ रहेंगी? सरकार अपने पूर्व के 5 डिसमिल जमीन देने के वादे से लगातार भाग रही है।” उन्होंने ऐलान किया कि हर भूमिहीन परिवार को पर्याप्त जमीन और पूर्व से बसे परिवारों को बासगीत पर्चा दिलाने के लिए आर-पार का निर्णायक संघर्ष छेड़ा जाएगा।
20 अगस्त को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में होगी छात्र-युवा संसद
बैठक में आगामी 20 अगस्त को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू), दरभंगा में आयोजित होने वाली ‘छात्र-युवा संसद’ की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। वक्ताओं ने शिक्षा में सुधार, रोजगार, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और जनसरोकारों के सवालों पर गांव-गांव तक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया। साथ ही, सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया गया। बैठक के दौरान दलित-वंचित समाज पर लगातार बढ़ रहे हमलों की सख्त लहजे में निंदा की गई।

संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान पर मंथन
बैठक के दौरान खेग्रामस (खेतीहर मजदूर यूनियन) एवं किसान महासभा के सदस्यता अभियान की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। पार्टी संगठन को बूथ व शाखा स्तर तक मजबूत करने, कमेटियों का विस्तार करने, पार्टी की मुखपत्रिका ‘लोकयुद्ध’ के वार्षिक सदस्य बनाने और फंड संग्रह अभियान को गति देने पर गंभीरतापूर्वक रणनीति बनाई गई।
बैठक में ये प्रमुख नेता व कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस बैठक में मिथिलांचल के विभिन्न जिलों से आए दर्जनों प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। मौके पर वंदना सिंह, गंगा मंडल, सत्यनारायण पासवान, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, श्याम पंडित, विशंभर कामत, ललन कुमार, दिनेश कुमार, रंजीत राम, ललन पासवान, विनोद कुमार सिंह, अमित कुमार, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार, शनिश्चरी देवी, लोकेश राज सहित दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर जिला के अनेक सदस्य व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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