आशियाना ध्वस्त, राशन-बर्तन नष्ट… ताजपुर में बुलडोजर एक्शन के खिलाफ उग्र होने लगे आम लोग !

फतेहपुर मुसहरी में बेघर हुए गरीबों का फूटा गुस्सा; माले-खेग्रामस का प्रतिरोध मार्च, अंचलाधिकारी आरती कुमारी की जांच व बर्खास्तगी की मांग

ताजपुर/समस्तीपुर| 29 अगस्त 2026| ताजपुर प्रखंड क्षेत्र की फतेहपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 3 स्थित मुसहरी में अंचल प्रशासन की हालिया बुलडोजर कार्रवाई ने समस्तीपुर जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भूचाल ला दिया है। बिना किसी पूर्व प्रशासनिक चेतावनी या वैकल्पिक व्यवस्था के दशकों से रह रहे अत्यंत निर्धन मुसहर परिवारों के आशियानों को जमींदोज कर दिए जाने के विरोध में शनिवार को जन-आक्रोश फूट पड़ा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा माले) और बिहार राज्य खेत मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों, कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर  प्रतिरोध मार्च निकाला और प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया।

तबाही का मंजर: आशियाना ध्वस्त, राशन और बर्तन नष्ट

अंचल प्रशासन द्वारा की गई इस अचानक कार्रवाई ने दर्जनों अत्यंत गरीब परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया है। ध्वस्तीकरण के दौरान मुसहर परिवारों के कच्चे-पक्के मकान ध्वस्त हो गए, वहीं घरों के भीतर रखा अनाज, पकाने के बर्तन और रोज़मर्रा की आवश्यक वस्तुएं मलबे के नीचे दबकर पूरी तरह से नष्ट हो गईं। स्थिति यह है कि कई परिवारों के सामने अब दो वक्त के भोजन का संकट खड़ा हो गया है।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से चार सूत्रीय माँगें उठाई हैं:

  1. रैयती पर्चा एवं वासभूमि: बेघर हुए सभी पीड़ित परिवारों को तुरंत रैयती पर्चा, वासभूमि और सरकारी योजना के तहत पक्का आवास दिया जाए।
  2. पहुंचपथ की व्यवस्था: मुसहरी तक निर्बाध आवाजाही के लिए पक्का पहुंचपथ (रास्ता) उपलब्ध कराया जाए।
  3. उचित वित्तीय मुआवजा: कार्रवाई के दौरान क्षतिग्रस्त हुए मकानों, बर्तनों और खाद्य सामग्रियों के नुकसान का त्वरित आंकलन कर परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए।
  4. प्रशासनिक जवाबदेही: अवैध ढंग से बुलडोजर चलाने, जानलेवा गहरे गड्ढे खोदने और प्राकृतिक जल निकासी वाले सरकारी बाहा (नाले) को भरने के मामले में दोषी अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

प्रशासनिक लापरवाही या भू-माफिया का गठजोड़?

ताजपुर की यह घटना केवल एक सामान्य अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं दिखती, बल्कि यह प्रशासनिक तंत्र और स्थानीय भू-माफियाओं के बीच पनप रहे संदिग्ध गठजोड़ की ओर इशारा करती है।

  • बाहा को भरकर भू-माफिया को लाभ पहुंचाने का आरोप: ग्रामीणों और राजनीतिक दलों का आरोप है कि भू-माफिया के निजी हितों को साधने के लिए सरकारी बाहा (जल निकासी नाला) को मिट्टी से भर दिया गया।
  • गहरे गड्ढों से मंडराता जानलेवा खतरा: मुसहरी की जमीन पर प्रशासन ने बड़े-बड़े गड्ढे खुदवा दिए हैं। मानसून के इस मौसम में ये गड्ढे पानी से लबालब भर चुके हैं। जनसभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इन गड्ढों में गिरकर किसी मासूम बच्चे या नागरिक की डूबने से मौत होती है, तो इसके लिए अंचल प्रशासन सीधे तौर पर आपराधिक रूप से जिम्मेदार होगा।
  • अंचलाधिकारी की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल: सभा में शामिल वक्ताओं ने अंचलाधिकारी आरती कुमारी, संबंधित राजस्व कर्मियों एवं अन्य अधिकारियों की भूमिका को संदेहास्पद बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषी अफसरों की बर्खास्तगी की मांग की है।

नेतृत्व का शंखनाद: “जब तक पुनर्वास नहीं, तब तक विश्राम नहीं”

प्रतिरोध मार्च के बाद आयोजित जनसभा की अध्यक्षता भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि शोषित और भूमिहीन समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है।

जनसभा को संबोधित करने वाले मुख्य वक्ता: ललन कुमार (जिला सचिव, अखिल भारतीय किसान महासभा), जीबछ पासवान (जिला सचिव, खेग्रामस), उपेन्द्र राय (जिला अध्यक्ष, खेग्रामस), ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह, चंद्रशेखर कुमार, अनील कुमार सिंह (सामाजिक कार्यकर्ता), डॉक्टर गुलाब, सोनिया देवी, अनीता देवी, शिवकुमारी देवी,  सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि बेघर हुए गरीबों के पुनर्वास और न्याय की प्राप्ति तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।

आगामी रणनीति: 3 सितंबर को समस्तीपुर अनुमंडल कार्यालय का महा-घेराव

ताजपुर में उठी यह विरोध की चिंगारी अब जिला स्तर पर बड़े जन-आंदोलन का रूप लेने जा रही है। सभा के मंच से घोषणा की गई कि अंचल प्रशासन की इस जनविरोधी कार्रवाई के विरोध में आगामी 3 सितंबर 2026 को समस्तीपुर अनुमंडल कार्यालय पर एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। नेताओं ने क्षेत्र के सभी मजदूरों, किसानों, युवाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर इस प्रदर्शन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं और सोए हुए प्रशासन को जगाने का काम करें।

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