आय से 90 प्रतिशत अधिक संपत्ति का मामला: मुक्त विद्यालयी शिक्षण बोर्ड के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के 3 ठिकानों पर ईओयू का भीषण छापा, लाखों कैश व अकूत संपत्ति का खुलासा

 पटना :  बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की बड़ी और सख्त कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबीओएसई) के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करते हुए ईओयू की टीम ने उनके तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।

पटना के खाजपुरा स्थित ‘चन्द्रतारा भवन’ पर छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस बल एवं परिसर में लगा नामपट्ट। (इनसेट: चन्द्रतारा भवन का नेमप्लेट)

प्राथमिक जांच में अधिकारियों को अजय कुमार सिंह के पास उनकी वैध आय से 90.04 प्रतिशत अधिक यानी कुल 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का पुख्ता साक्ष्य मिला है। इसके बाद अदालत से वारंट हासिल कर ईओयू के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में तीनों जगहों पर छापेमारी अभियान शुरू किया गया।

3 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई, 35 लाख से अधिक कैश बरामद

ईओयू की अलग-अलग टीमों ने 20 अगस्त 2026 की सुबह एक साथ कार्रवाई शुरू की:

  1. पटना निवास: पटना के खाजपुरा, आकाशवाणी रोड (बीबी कॉलेज के पास) स्थित ‘चन्द्रतारा भवन’ (थाना- राजीव नगर)। यहाँ तलाशी के दौरान 30 लाख रुपये से अधिक नगद कैश बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
  2. बोर्ड कार्यालय: मीठापुर (पटना) स्थित बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड में अजय कुमार सिंह का कार्यालय कक्ष।
  3. पैतृक आवास: बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना अंतर्गत ग्राम परोरा (पोस्ट- सहना) स्थित उनका विशाल पैतृक मकान। बताया जा रहा है कि लगभग 5 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले इस आलीशान मकान से भी 4.50 लाख रुपये कैश मिले हैं।

सभी ठिकानों को मिलाकर अब तक 35 लाख रुपये से अधिक नगद कैश जब्त किया जा चुका है। इसके अलावा कई चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश से जुड़े कागजात खंगाले जा रहे हैं।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

ईओयू मुख्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अजय कुमार सिंह के विरुद्ध ईओयू थाना कांड संख्या- 19/26, दिनांक- 19.08.2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (यथा संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से तलाशी अधिपत्र (सर्च वारंट) प्राप्त करने के बाद ही यह बड़ी कार्रवाई अंजाम दी गई है। ईओयू के अधिकारियों के अनुसार, सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद जब्त संपत्तियों और अन्य दस्तावेजों का विस्तृत विवरण जारी किया जाएगा।

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