मुजफ्फरपुर । भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार में सम्राट सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड अंतर्गत सिराजाबाद पंचायत में मनरेगा कार्यों में कमीशनखोरी का खेल खेल रहे पंचायत रोजगार सेवक जितेन्द्र कुमार को निगरानी की टीम ने 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई निगरानी थाना कांड संख्या 0-083/26 के तहत 14 जुलाई 2026 को दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की गिरफ्त में सिराजाबाद पंचायत का आरोपी रोजगार सेवक जितेन्द्र कुमार (लाल घेरे में), जिसे 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
मार्ट में चल रहा था घूस का खेल: मिली जानकारी के अनुसार, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने जाल बिछाकर आरोपी जितेन्द्र कुमार को सकरा थाना क्षेत्र के सबहा रोड स्थित एक मार्ट से घूस की रकम लेते हुए दबोचा। ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि रोजगार सेवक विकास योजनाओं के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है।
वार्ड सदस्य ने ही खोल दी पोल : इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब सिराजाबाद पंचायत के वार्ड संख्या 11 के वर्तमान वार्ड सदस्य आदित्य कुमार (पिता- तपेश्वर साह) ने मरेगा से संबंधित कार्यों को कराने के एवज में मांगी जा रही घूस से तंग आकर पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। आदित्य कुमार ने आरोप लगाया था कि उनके वार्ड में मनरेगा से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए रोजगार सेवक जितेन्द्र कुमार लगातार पैसों की मांग कर रहा था।
वरीय पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में बनी धावा दल टीम: शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने चुपके से मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रोजगार सेवक द्वारा रिश्वत मांगे जाने का पुख्ता प्रमाण मिला। इसके तुरंत बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के वरीय पुलिस उपाधीक्षक विकास कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक विशेष धावादल (रेडिंग टीम) का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से सबहा रोड के एक मार्ट में छापेमारी की और जैसे ही आदित्य कुमार ने जितेन्द्र कुमार को 20,000 रुपये थमाए, वैसे ही निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत के पैसे बरामद कर लिए गए हैं।
निगरानी की इस साल की 78वीं बड़ी ट्रैप कार्रवाई : विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की यह 83वीं प्राथमिकी है, जबकि रंगे हाथों दबोचने (ट्रैप) का यह 78वां मामला है। इस साल अब तक ब्यूरो ने कुल 78 अभियुक्तों को घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है और उनके पास से 28,87,800 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है। वहीं पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप केस दर्ज किए गए थे, जिसमें 37,80,300 रुपये बरामद हुए थे।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी जितेन्द्र कुमार से कड़ी पूछताछ की जा रही है, जिसके बाद उसे मुजफ्फरपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी के समक्ष उपस्थापित किया जाएगा। निगरानी ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक या सरकारी अधिकारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो वे तुरंत उनके टोल फ्री नंबरों और हेल्पलाइन पर संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
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भगलपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यूनिवर्सिटी, 400 एकड़ में चमचमाता औद्योगिक हब, गंगा मरीन ड्राइव, रोप-वे और एयरपोर्ट की सौगात; गुंडों और कामचोरों की अब खैर नहीं!
पटना, 15 जुलाई 2026: बिहार की शैक्षणिक और आर्थिक तस्वीर बदलने की दिशा में एक अभूतपूर्व क्रांति का आगाज़ हो चुका है। आज भागलपुर के ग्राम कासिल, पंचायत सालपुर, प्रखंड गोराडीह स्थित नवस्थापित राजकीय महाविद्यालय (उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, कासिल) परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। वहां उपस्थित लाखों की भीड़ के बीच मुख्यमंत्री ने पूरे सूबे के 211 नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों में पठन-पाठन के महा-कार्य का विधिवत शुभारंभ कर दिया। यह ऐतिहासिक कदम राज्य के प्रत्येक प्रखंड तक उच्च शिक्षा की मजबूत पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
मंच पर भव्य शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर और अन्य वरिष्ठ नेतागण शिलापट्ट अनावरण के गौरवशाली क्षणों में एक साथ।
इस ऐतिहासिक महा-उत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री ने भागलपुर के समग्र विकास को अभूतपूर्व दिशा देने वाली कई घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि भागलपुर की पावन धरती पर अब ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय‘ की स्थापना की जाएगी, जिससे बिहार तकनीकी शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। इसके साथ ही, सदियों पुराने और विश्वप्रसिद्ध प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करते हुए, उसके पुनर्स्थापन की प्रक्रिया को बुलेट ट्रेन की रफ्तार दे दी गई है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा लगभग 220 एकड़ भूमि पहले ही हस्तांतरित की जा चुकी है और अगले 1 वर्ष के भीतर इस भव्य विश्वविद्यालय को पूरी तरह स्थापित करने का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है।
उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार की महा-क्रांति:
भागलपुर की औद्योगिक और आधारभूत संरचना को चमकाने के लिए सरकार ने तिजोरी खोल दी है। इलाके में बड़े उद्योगों को आकर्षित करने के लिए लगभग 400 एकड़ के विशाल भूभाग में एक अत्याधुनिक और सर्वसुविधायुक्त आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, बहुप्रतीक्षित विक्रमशिला सेतु को आगामी 30 नवंबर तक हर हाल में पूर्ण रूप से चालू करने का सख्त निर्देश दिया गया है। मुंगेर से लेकर भागलपुर तक कुल 83 किलोमीटर लंबी शानदार ‘गंगा मरीन ड्राइव’ के निर्माण का कार्य भी तेजी से शुरू हो चुका है, जिसका विस्तार भविष्य में सबौर से लेकर सीधे राजमहल बॉर्डर तक किया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कहलगांव के समीप गंगा नदी के किनारे स्थित विश्वप्रसिद्ध धार्मिक स्थल बटेश्वरधाम मंदिर तक एक शानदार रोप-वे परियोजना का निर्माण कराया जाएगा। पीरपैंती में 2400 मेगावाट के महा-पावर प्लांट को मंजूरी दी गई है, जिसकी क्षमता को 1600 मेगावाट और बढ़ाया जाएगा, जिसमें कुल 70 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश होने जा रहा है। सुल्तानगंज में एक नए प्रस्तावित एयरपोर्ट सहित भागलपुर क्षेत्र में 2-2 एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे।
गोराडीह के कासिल मैदान में मुख्यमंत्री के ऐतिहासिक भाषण और विकास योजनाओं की झड़ी को सुनने के लिए उमड़ी हजारों की उत्साहित आम जनता और जीविका दीदियों की भीड़।
अपराधियों और कामचोरों को सीधा अल्टीमेटम:
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों की अब खैर नहीं है, चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग का हो। अपराधी को या तो भागलपुर जेल जाना होगा या फिर बिहार छोड़ना होगा। अपराधियों को तुरंत सजा दिलवाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जा रहा है और साइबर अपराधियों पर भी नकेल कसी जा रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सुधार करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि 15 अगस्त से कोई भी सरकारी डॉक्टर मरीजों को बाहर के अस्पतालों में रेफर नहीं कर पाएगा। अनुमंडल और जिला स्तर के अस्पतालों में ही मुकम्मल इलाज होगा और बेवजह मरीजों को रेफर करने वाले डॉक्टरों पर गाज गिरेगी।
कार्यक्रम में शामिल रहे ये सभी दिग्गज:
इस गौरवशाली महा-अवसर पर मंच को सुशोभित करने और गरिमा बढ़ाने वालों में उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, सांसद अजय कुमार मंडल, विधायक शुभानंद मुकेश, विधायक रोहित पांडे, विधायक ललित नारायण मंडल, विधायक मिथुन कुमार, विधायक मुरारी पासवान शामिल रहे। इनके साथ ही विधान पार्षद विजय कुमार सिंह, विधान पार्षद संजीव कुमार सिंह, विधान पार्षद एन के यादव भी मौजूद रहे। प्रशासनिक अमले से मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग सह भागलपुर जिले के प्रभारी सचिव दीपक आनंद, जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव सहित अन्य तमाम वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति और भारी संख्या में आम जनता उपस्थित थी।
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पटना: बिहार की राजनीति में राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट (182) हमेशा से हाई-प्रोफाइल और वैचारिक रूप से बेहद जागरूक रही है। यह सीट भाजपा का पारंपरिक और सबसे मजबूत गढ़ मानी जाती है। हालांकि, जुलाई 2026 में होने जा रहे इस उपचुनाव ने बिहार की राजनीतिक सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है। भाजपा के कद्दावर नेता नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर मुकाबला अब आम नहीं रहा। इस बार यहाँ मुख्य मुकाबला त्रिकोणीय हो चुका है, जिसने पूरे सूबे की निगाहें इस सीट पर टिका दी हैं।
प्रशांत किशोर ने इस उपचुनाव को नीतीश-सम्राट चौधरी सरकार पर एक “जनमत संग्रह” करार दिया है, जिससे इस सीट की अहमियत और बढ़ गई है।
बायें से राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता, जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की वीणा मंडावी, जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर एवं सबसे दायें में भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2026 के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें मुख्य मुकाबला त्रिकोणीय रूप ले चुका है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तहत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से नीरज कुमार सिन्हा ने अपना नामांकन दाखिल किया है। इससे पहले भाजपा ने अभिषेक कुमार उर्फ बंटी का नामांकन कराया था, लेकिन पारिवारिक कारणों से उनके नाम वापस लेने के बाद नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा गया। वहीं, जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और देश के दिग्गज चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने खुद पहली बार चुनावी मैदान में उतरते हुए बांकीपुर से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सबको चौंका दिया है। दूसरी तरफ, महागठबंधन के तहत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की तरफ से रेखा गुप्ता ने महिला कार्ड के रूप में अपना पर्चा भरा है। इन प्रमुख दावेदारों के अलावा जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की वीणा मंडावी सहित कुछ अन्य निर्दलीय व छोटे दलों के प्रत्याशियों ने भी चुनावी जंग में अपनी किस्मत आजमाने के लिए नामांकन दाखिल किया है।
बांकीपुर का ऐतिहासिक और सामाजिक-जातीय ताना-बाना
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र पटना शहरी इलाके का हिस्सा है। यहाँ की साक्षरता दर बिहार के औसत से काफी अधिक है, और यहाँ का मतदाता राजनीतिक रूप से बेहद मुखर है।
कायस्थ और सवर्ण बहुल क्षेत्र: बांकीपुर को पारंपरिक रूप से सवर्णों, विशेषकर कायस्थ, वैश्य, और ब्राह्मण मतदाताओं का गढ़ माना जाता है। यहाँ कायस्थ मतदाताओं की संख्या निर्णायक रही है, यही वजह है कि भाजपा ने लंबे समय तक इस सीट पर अपना कब्ज़ा बनाए रखा है।
अल्पसंख्यक और दलित मतदाता: शहरी झुग्गियों और कुछ खास क्षेत्र में मुस्लिम और यादव मतदाताओं की भी अच्छी खासी आबादी है, जो पारंपरिक रूप से राजद का कोर वोटर बेस रही है।
मध्यम वर्ग और व्यापारी वर्ग: यह निर्वाचन क्षेत्र पटना के मुख्य व्यापारिक केंद्रों जैसे कदमकुआं, बोरिंग रोड, अशोक राजपथ का हिस्सा को समेटता है, जहाँ व्यापारियों और नौकरीपेशा मध्यम वर्ग का खासा प्रभाव है।
तीनों उम्मीदवारों की रणनीति और उनका नफा-नुकसान
भाजपा (एनडीए): नीरज कुमार सिन्हा – ‘गढ़‘ बचाने की चुनौती
भाजपा के लिए बांकीपुर सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि उसकी साख का सवाल है। नितिन नवीन ने यहाँ लगातार कई चुनावों में बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। पार्टी ने पहले अभिषेक कुमार उर्फ बंटी को उतारा था, लेकिन बाद में नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा (मध्य) अपने वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा करते हुए।
रणनीति: भाजपा पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व और “डबल इंजन सरकार” के सुशासन व राष्ट्रवाद के एजेंडे पर निर्भर है। भाजपा का मुख्य फोकस अपने पारंपरिक सवर्ण और वैश्य वोट बैंक को बिखरने से रोकना है।
मजबूती: आरएसएस और भाजपा का मजबूत कैडर बेस। शहरी मतदाताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा आकर्षण। एनडीए के सहयोगी दलों (जेडीयू, लोजपा-आर) का भी पूरा समर्थन ग्राउंड पर दिख रहा है।
कमजोरी: एंटी-इन्कंबेंसी और पटना शहर की जलजमाव व ट्रैफिक जैसी बुनियादी नागरिक समस्याएं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की एंट्री से भाजपा के शहरी और युवा समर्थकों में सेंधमारी का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
जन सुराज पार्टी: प्रशांत किशोर – ‘विकल्प‘ बनने की जंग
लगातार 2 साल से अधिक समय तक बिहार के गांवों और शहरों में पदयात्रा करने के बाद, प्रशांत किशोर ने खुद बांकीपुर से चुनावी राजनीति में सीधे कदम रखकर सबको चौंका दिया है।
बांकीपुर से सीधे चुनावी मैदान में उतरे जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपने समर्थकों के साथ पदयात्रा और जनसंपर्क अभियान के दौरान।
रणनीति: प्रशांत किशोर की रणनीति “राइट टू रीकॉल” और बिहार की पारंपरिक “जातिवादी और तुष्ठीकरण की राजनीति” पर प्रहार करने की है। वे खुद को लालू के ‘जंगलराज’ और नीतीश-भाजपा के ‘अफसरशाही राज’ के बीच एक मजबूत, शिक्षित और आधुनिक विकल्प के रूप में पेश कर रहे हैं।
मजबूती: प्रशांत किशोर की अपनी व्यक्तिगत छवि, असीमित संसाधन, युवाओं और बदलाव चाहने वाले प्रबुद्ध वर्ग के बीच उनकी स्वीकार्यता। पीके सीधे तौर पर उन वोटर्स को टारगेट कर रहे हैं जो भाजपा से नाराज हैं लेकिन राजद को वोट नहीं देना चाहते।
कमजोरी: जन सुराज का कोई पुराना स्थापित कैडर न होना एक बड़ी और कठिन परीक्षा होगी।
राजद (महागठबंधन): रेखा गुप्ता – ‘माई‘ समीकरण और महिला कार्ड
राजद ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाकर बेहद सधा हुआ दांव खेला है। पटना के शहरी क्षेत्र में राजद आमतौर पर वैचारिक रूप से पिछड़ जाती है, लेकिन इस बार त्रिकोणीय मुकाबले का फायदा उठाने की फिराक में है।
राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता के समर्थन में जुटी महिलाओं और कार्यकर्ता
रणनीति: रेखा गुप्ता के जरिए राजद गैर-यादव और महिला मतदाताओं में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, तेजस्वी यादव के “ए टू जेड” वाले नारे के तहत वे सवर्णों और मध्यम वर्ग को भी जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।
मजबूती: राजद का अपना प्रतिबद्ध ‘माई’ (मुस्लिम+यादव) वोट बैंक, जो किसी भी परिस्थिति में एकजुट रहता है। इसके साथ ही महागठबंधन (कांग्रेस और वाम दल) के पारंपरिक वोटर्स का साथ मिलना।
कमजोरी: पटना के शहरी मध्यम और उच्च-मध्यम वर्ग में राजद के प्रति पुरानी नकारात्मक छवि (लालू राज के दौर की यादें) को पूरी तरह मिटा पाना अब भी एक चुनौती है। अगर भाजपा और जन सुराज के बीच सवर्ण वोटों का बंटवारा नहीं हुआ, तो राजद के लिए वैचारिक रूप से इस शहरी सीट को जीतना कठिन होगा।
क्या त्रिकोणीय मुकाबला चुनावी समीकरण बदल देगा?
बांकीपुर में अमूमन मुकाबला द्विपक्षीय (भाजपा बनाम राजद/कांग्रेस) होता रहा है, जिसमें भाजपा एकतरफा बाजी मारती आई है। लेकिन 2026 के इस उपचुनाव में प्रशांत किशोर की एंट्री ने पूरे गणित को “3डी” (त्रिकोणीय) बना दिया है। यह मुकाबला समीकरणों को निम्नलिखित तरीकों से प्रभावित कर रहा है:
1. वोटों का बिखराव और जीत का मार्जिन
अब तक भाजपा इस सीट पर 30,000 से 50,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीतती रही है। लेकिन इस बार प्रशांत किशोर भाजपा के शहरी, युवा, और प्रबुद्ध सवर्ण (विशेषकर कायस्थ और ब्राह्मण) वोटों में बड़ी सेंध लगा सकते हैं। यदि पीके ने भाजपा के पारंपरिक वोटों में 15-20% की भी सेंधमारी की, तो भाजपा की राह बेहद कठिन हो जाएगी और जीत का मार्जिन न्यूनतम स्तर पर आ जाएगा।
2. राजद को ‘वॉकओवर‘ या पीके का खेल?
राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग मानता है कि यदि प्रशांत किशोर भाजपा का वोट काटते हैं, तो इसका सीधा फायदा राजद की रेखा गुप्ता को मिल सकता है, क्योंकि राजद का अपना बेस वोट (लगभग 20-25%) पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, प्रशांत किशोर केवल भाजपा के वोट बैंक पर नजर नहीं गड़ाए हैं; वे मुस्लिम और दलित बस्तियों में भी जाकर राजद के “वोट बैंक मॉडल” को चुनौती दे रहे हैं। अगर पीके दोनों तरफ से वोट खींचने में सफल रहे, तो मुकाबला बेहद रोचक हो जाएगा।
3. ‘ब्रांड पीके‘ और ‘जन सुराज‘ का लिटमस टेस्ट
यह उपचुनाव केवल बांकीपुर का नहीं, बल्कि 2025-2026 के बिहार के नए राजनीतिक नैरेटिव का लिटमस टेस्ट है। यदि प्रशांत किशोर यहाँ सम्मानजनक वोट लाते हैं या चमत्कारिक रूप से जीत दर्ज करते हैं, तो यह संदेश जाएगा कि बिहार की जनता वाकई राजद-भाजपा के पारंपरिक ध्रुवीकरण से इतर एक तीसरे विकल्प को स्वीकार करने के लिए तैयार है।
कानूनी शिकंजे में जेजेडी: सलाखों के पीछे से चुनावी बिगुल फूंकतीं वीणा मंडावी
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2026 के महासंग्राम में जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की प्रत्याशी वीणा मंडावी की उम्मीदवारी पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। नामांकन पत्र दाखिल करने के ठीक बाद हुई उनकी अचानक गिरफ्तारी ने पार्टी और उनके समर्थकों को बड़ा झटका दिया है। इस कानूनी पचड़े के कारण जहाँ वे जमीन पर सीधे जनसंपर्क और चुनावी प्रचार अभियान से दूर हो गई हैं, वहीं उनकी अनुपस्थिति ने जेजेडी के कैडर को भी पशोपेश में डाल दिया है।
नामांकन दाखिल करने के बाद जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की वीणा मंडावी को गिरफ्तार कर ले जाती पटना पुलिस
हालांकि, राजनीति में कई बार सहानुभूति की लहर (सिम्पैथी कार्ड) उम्मीदवारों के पक्ष में काम कर जाती है, लेकिन बांकीपुर जैसे पढ़े-लिखे, जागरूक और त्रिकोणीय मुकाबले वाले हाई-प्रोफाइल क्षेत्र में सलाखों के पीछे रहकर चुनाव लड़ना और खुद को मुख्य मुकाबले में बनाए रखना वीणा मंडावी के लिए एक अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण परीक्षा साबित होने वाला है।
बांकीपुर का ऊँट किस करवट बैठेगा?
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2026 बिहार की राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक चुनाव बन चुका है। भाजपा के लिए यह अपने सबसे सुरक्षित किले को बचाने और यह साबित करने की लड़ाई है कि पटना आज भी ‘मोदी लहर’ और एनडीए के साथ मजबूती से खड़ा है। प्रशांत किशोर के लिए यह उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा दांव है, जहाँ वे खुद को रणनीतिकार के बजाय एक स्थापित राजनेता के रूप में साबित करना चाहते हैं। राजद के लिए यह शहरी पटना में अपनी पैठ बढ़ाने और विरोधी वोटों के बिखराव का फायदा उठाकर सत्ता पक्ष को बड़ा झटका देने का एक सुनहरा मौका है।
फिलहाल, बांकीपुर की जनता खामोश है और तीनों खेमों की रणनीतियों को बारीकी से तौल रही है। 30 जुलाई को होने वाला मतदान और 3 अगस्त के नतीजे यह साफ कर देंगे कि बांकीपुर का यह त्रिकोणीय मुकाबला बिहार के राजनीतिक समीकरणों को किस नए मोड़ पर ले जाता है।
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ताजपुर/समस्तीपुर, 12 जुलाई 2026 । ताजपुर प्रखंड के सिरसिया गांव से एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां के निवासी और भाकपा माले नेता जीतेंद्र सहनी की माता रामरती देवी का 85 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया है। इस खबर के फैलते ही पूरे सिरसिया और आस-पास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। दिवंगत रामरती देवी के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर शुभचिंतकों और ग्रामीणों का तांता लग गया, जिससे वहां का माहौल पूरी तरह से गमगीन हो गया।
दिवंगत रामरती देवी (दाएं) और उनकी अंतिम यात्रा के दौरान दर्शन करने पहुंचे ग्रामीणों एवं परिजनों की भीड़ (बाएं).
नेताओं और शुभचिंतकों ने दी श्रद्धांजलि: रामरती देवी के निधन की सूचना मिलते ही भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, खेग्रामस प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन गुप्ता, रामदयाल पासवान, संतोष महतो, संतोष साह, अरुण साह और अनिल साह सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण उनके निवास स्थान पर पहुंचे। सभी ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक व्यक्त करने वाले नेताओं ने इसे पूरे क्षेत्र और पीड़ित परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।
रविवार को रामरती देवी की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें सिरसिया गांव के अलावा दूर-दूर से आए सामाजिक कार्यकर्ता, शुभचिंतक और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। अंतिम यात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह से भावुक था। इसके बाद मानपूरा श्मशान घाट पर पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। रामरती देवी के छोटे पुत्र जीतेंद्र सहनी ने अपनी माता को मुखाग्नि दी। वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें इस दृश्य को देखकर नम हो गईं।
शोक व्यक्त करने वाले तमाम लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और इस दुख की अत्यंत कठिन घड़ी में शोकाकुल परिवार को धैर्य और साहस प्रदान करने की प्रार्थना की है।
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पूसा रोड (समस्तीपुर): पुरी पीठाधीश्वर गोवर्धन मठ श्रीमदजगतगुरु शंकराचार्य नीशचलानन्द सरस्वती महाराज के 84वें प्राकट्य महोत्सव को ‘राष्ट्र उत्कर्ष दिवस’ के रूप में धूमधाम से मनाया गया। आसाढ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, 12 जुलाई 2026 को गंगापुर ओइनी पूसा रोड स्थित गंगेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पूरा आयोजन शंकराचार्य नीशचलानन्द सरस्वती महाराज के शिष्य परिवार समूह के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
गंगेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर, गंगापुर ओइनी पूसा रोड में राष्ट्रोत्कर्ष दिवस के अवसर पर सामूहिक सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए शंकराचार्य के शिष्य परिवार समूह के सदस्य।
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित भक्तों और बुद्धिजीवियों ने एक सुर में सामूहिक हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। इस सामूहिक पाठ में मुख्य रूप से चन्द्र भूषण झा, रमेश कुमार झा गुलाब, पंडित चंदन कुमार, विवेक, अधिवक्ता चंदन कुमार झा, शिवेश झा, शैलेश कुमार झा, अनिल कुमार राय, कौशिक राज काश्यप और रामकिशोर राय शामिल रहे।
नासा, इसरो और वर्ल्ड बैंक को भी मिला मार्गदर्शन: रमेश कुमार झा
पाठ की समाप्ति के बाद शंकराचार्य महाराज के असाधारण व्यक्तित्व और सनातन धर्म पर एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। सभा को संबोधित करते हुए रमेश कुमार झा गुलाब ने कहा कि शंकराचार्य महाराज का व्यक्तित्व सनातन धर्म के सार्वभौम गुरुपद पर सुशोभित है। उनका ज्ञान और मार्गदर्शन केवल आध्यात्मिक जगत तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ल्ड बैंक, नासा और इसरो जैसी वैश्विक संस्थाओं के वैज्ञानिक भी उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि महाराजश्री ने विलुप्त हो चुके वैदिक गणित को अपने रचित ग्रंथों के माध्यम से पुनः उद्भासित कर दुनिया के सामने रखा है, जो आधुनिक विज्ञान के लिए एक बड़ी देन है।
सनातन सत्ता को चुनौती देने वाले कालनेमियों को मिलेगा करारा जवाब: चंदन कुमार झा
कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ता चंदन कुमार झा ने वर्तमान सामाजिक और धार्मिक परिस्थितियों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज के समय में सनातन सत्ता को कुछ कालनेमियों द्वारा लगातार चुनौती दी जा रही है, जिसका डटकर सामना करने की जरूरत है। इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित शिवेश झा और कौशिक राज काश्यप ने भी अपने विचार प्रकट किए और सनातन संस्कृति की रक्षा व राष्ट्र के उत्कर्ष के लिए शंकराचार्य महाराज के बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया।
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शेखपुरा। बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे राज्य के राजनीतिक गलियारों और ग्रामीण इलाकों में हलचल तेज कर दी है। बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने शेखपुरा जिला दौरे के दौरान पंचायत चुनाव के समय पर होने को लेकर एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण बयान दिया है। मंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि राज्य में पंचायतों के परिसीमन को लेकर उच्च स्तरीय विचार चल रहा है और यदि परिसीमन करने का अंतिम निर्णय लिया जाता है, तो पंचायत चुनाव में कुछ समय का विलंब हो सकता है।
शेखपुरा जिला समाहरणालय सभागार में पंचायती राज विभाग की महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश एवं मंच पर उपस्थित अन्य प्रशासनिक अधिकारी।
परिसीमन पर सरकार का बड़ा बयान, टल सकती है तारीख : शेखपुरा जिला अतिथि गृह में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार ने चुनाव की पूरी तैयारी कर ली है, तो मंत्री ने कहा, “निर्वाचन आयोग के निर्देशन में सारी तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि चुनाव सारी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए सही समय पर कराए जाएं।” लेकिन इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा, “आपके पंचायत का चुनाव सही समय पर हो, इसके लिए एक तरफ परिसीमन के ऊपर अभी गहन विचार चल रहा है। अगर सरकार द्वारा यह निर्णय होता है कि परिसीमन करना है, तो चुनाव में थोड़ी विलंब की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।” मंत्री के इस बयान के बाद अब यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि भावी प्रत्याशियों को चुनाव के लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
योजनाओं की समीक्षा बैठक में अफसरों को सख्त हिदायत : प्रेस वार्ता से पूर्व, मंत्री दीपक प्रकाश ने शेखपुरा जिला समाहरणालय के सभागार में पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की एक हाई-लेवल समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, भौतिक स्थिति और कार्यों की गुणवत्ता की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की। मंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन तय समय सीमा के भीतर होना चाहिए और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मॉडल पंचायत सरकार भवन का निरीक्षण और घुसकुरी में डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन : अपने व्यस्त दौरे के क्रम में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश शेखपुरा जिला के बरबीघा प्रखंड अंतर्गत सर्वा ग्राम पंचायत पहुंचे। वहां उन्होंने नवनिर्मित मॉडल पंचायत सरकार भवन का औचक निरीक्षण किया। भवन की व्यवस्थाओं को देखते हुए उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवन आम लोगों के लिए बेहतर और आधुनिक सुविधाओं का एक प्रमुख केंद्र बनना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को सभी सरकारी सेवाएं पूरी पारदर्शिता, सुगमता और बिना किसी भ्रष्टाचार के स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।
शेखपुरा जिला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को पौधा भेंट कर सम्मानित करते वरिष्ठ अधिकारी।
इसके पश्चात, मंत्री अरियरी प्रखंड के घुसकुरी ग्राम पहुंचे, जहां उन्होंने नवनिर्मित पंचायत लाइब्रेरी (पुस्तकालय) का फीता काटकर भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी गांव के युवाओं, छात्राओं और प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का एक मील का पत्थर साबित होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सुविधाओं से शिक्षा का स्तर ऊंचा उठेगा।
संत बाबा नरपतमल मंदिर में टेका माथा, जनता ने किया भव्य स्वागत शेखपुरा दौरे के अंतिम चरण में मंत्री दीपक प्रकाश घाटकुसुम्भा स्थित प्रसिद्ध संत बाबा नरपतमल मंदिर परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिर परिसर में स्थानीय साथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं द्वारा उनके सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया था। अपने आत्मीय स्वागत, स्नेह और सम्मान से गदगद होकर मंत्री दीपक प्रकाश ने सभी स्थानीय जनता और श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस पूरे दौरे के दौरान पंचायती राज विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के आला अफसर और भारी संख्या में मुख्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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मुजफ्फरपुर: बाबा गरीबनाथ की पावन धरती मुजफ्फरपुर से उत्तर बिहार के विकास को एक नई दिशा और नया विश्वास मिला है। मुजफ्फरपुर जिले के एमआईटी मैदान में नगर विकास एवं आवास विभाग तथा बुडको द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास का एक नया इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री ने एक साथ 1047.09 करोड़ रुपये की लागत वाली 982 महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस भव्य कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने मंच से सीधे तौर पर घोषणा की कि विकसित बिहार के बिना विकसित भारत का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। बिहार के 12 जिलों में पटना के कंकड़बाग की तर्ज पर अत्याधुनिक सैटेलाइट सिटी विकसित की जाएगी, जिससे शहरीकरण को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।
रैपिड रेल, एक्सप्रेस-वे और तिरहुत टाउनशिप से चमकेगा उत्तर बिहार : मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरपुर और पूरे उत्तर बिहार के लिए कनेक्टिविटी के मोर्चे पर कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने बताया कि पटना-मुजफ्फरपुर रैपिड रेल कॉरिडोर परियोजना पर तेजी से काम जारी है। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर से एक्सप्रेस-वे गुजरेगा और हल्दिया-रक्सौल हाईवे जैसी महापरियोजनाएं धरातल पर उतरने के लिए तैयार हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर बिहार न केवल बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ेगा, बल्कि यह क्षेत्र विकास, भारी निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार का नया केंद्र बनकर उभरेगा। इसके अतिरिक्त क्षेत्र की आधुनिक जरूरतों को देखते हुए तिरहुत टाउनशिप और मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट को लेकर भी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
एमआईटी में खुलेगा आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय : शिक्षा के क्षेत्र में मुजफ्फरपुर को एक ऐतिहासिक सौगात देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एमआईटी मुजफ्फरपुर में एक नए और समर्पित आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय को स्थापित करने का बड़ा ऐलान किया। इस ऐतिहासिक कदम से उत्तर बिहार के छात्रों को तकनीकी शिक्षा के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा और यह संस्थान तकनीकी शिक्षा का एक बड़ा हब बनेगा।
सिकंदरपुर लेक फ्रंट का लोकार्पण, बनी मुजफ्फरपुर की नई पहचान : इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सिकंदरपुर लेक फ्रंट पहुंचकर 213.25 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की गई विश्वस्तरीय परियोजना का भव्य लोकार्पण किया। आकर्षक फव्वारों, आधुनिक लाइटिंग व्यवस्था एवं मनमोहक कलाकृतियों से सुसज्जित यह नवनिर्मित लेक फ्रंट अब मुजफ्फरपुर की नई पहचान और आधुनिक बिहार के बदलते स्वरूप का एक बड़ा प्रतीक बनेगा। यह परियोजना स्थानीय पर्यटन को भी एक नई दिशा प्रदान करेगी। इस महा-आयोजन के दौरान मंच पर तथा निरीक्षण के समय गणमान्य हस्तियों में विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव एवं अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद रहे।
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उपराष्ट्रपति सी०पी० राधाकृष्णन, राज्यपाल सय्यद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया दो दिवसीय ऐतिहासिक प्रबोधन कार्यक्रम का शंखनाद; आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आएगी विधायी कार्यों में पारदर्शिता,
गयाजी (बिहार) | 11 जुलाई 2026। बिहार के गौरवशाली विधायी इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया जब पवित्र भूमि गयाजी के बिपार्ड (बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान) परिसर में बिहार विधानसभा के सदस्यों के दो दिवसीय विशेष प्रबोधन कार्यक्रम का अत्यंत भव्य और गरिमामयी माहौल में शंखनाद हुआ। इस युग-परिवर्तनकारी कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ देश के माननीय उपराष्ट्रपति सी०पी० राधाकृष्णन, बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त), मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार विधानपरिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
गयाजी के बिपार्ड में आयोजित बिहार विधानसभा के सदस्यों के दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के मंच पर आसीन देश के उपराष्ट्रपति सी०पी० राधाकृष्णन, बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त), मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं अन्य विशिष्ट अतिथिगण।
यह भव्य प्रबोधन कार्यक्रम बिपार्ड (गयाजी), प्राइड (लोकसभा) और बिहार विधानसभा सचिवालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नवनिर्वाचित और युवा विधायकों की विधायी क्षमताओं को निखारना तथा उन्हें संसदीय लोकतंत्र की उत्कृष्ट परंपराओं से रूबरू कराना है। उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता के रूप में उपराष्ट्रपति सी०पी० राधाकृष्णन और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने उपस्थित जनसमूह और विधायकों को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण और राज्य के संतुलित विकास में विधायी संस्थाओं की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला।
सक्षम विधायक ही समृद्ध बिहार की नींव: सम्राट चौधरी
इस अवसर पर अपने बेहद प्रभावशाली और दिशा-निर्देशक संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘सक्षम विधायक और सशक्त विधानसभा ही समृद्ध बिहार की असली आधारशिला हैं।’ उन्होंने पुरजोर तरीके से रेखांकित किया कि किसी भी जीवंत लोकतंत्र की संपूर्ण सफलता सीधे तौर पर उसके जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता, उनकी जवाबदेही और जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जब तक सदन के सदस्य विधायी कार्यों में पूरी तरह से पारंगत और सक्रिय नहीं होंगे, तब तक लोकतंत्र के वास्तविक लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने विधायकों के भारी दायित्वों की याद दिलाते हुए कहा कि जनता ने अपने अथाह विश्वास और अनगिनत अपेक्षाओं के साथ आपको अपनी आवाज़ बनाकर इस महान सदन में भेजा है। ऐसे में प्रत्येक विधायक का यह परम दायित्व और कर्तव्य बनता है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं, जनता की आकांक्षाओं तथा विकास से जुड़े अति महत्वपूर्ण मुद्दों को पूरी तैयारी, ठोस तथ्यों, आंकड़ों और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सदन के पटल पर उठाएं। उन्होंने सभी सदस्यों से बिहार विधानसभा की कार्यप्रणाली, जटिल नियमों और समृद्ध संसदीय परंपराओं का निरंतर गहन अध्ययन करने का विशेष आग्रह किया ताकि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक प्रभावी, जीवंत तथा उत्तरदायी बना सकें।
स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सत्ता और विपक्ष दोनों जरूरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकतंत्र के सुचारू संचालन में विपक्ष के महत्व को स्वीकार करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ही रचनात्मक तथा सकारात्मक भूमिका अत्यंत आवश्यक है। सदन के भीतर होने वाला स्वस्थ संवाद, सार्थक विमर्श और जनहित को सर्वोपरि रखने की महान भावना ही विधानसभा की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाती है और राज्य के समग्र विकास को एक नई व तीव्र गति प्रदान करती है। उन्होंने सभी विधायकों से पुरजोर अपील की कि वे विधानसभा सत्र के दौरान अधिक से अधिक समय सदन की कार्यवाही को दें और उसमें सक्रियता से भाग लें।
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के वृहद संकल्प और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ के सुनहरे सपने का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों महान सपनों को धरातल पर साकार करने के लिए राज्य के सभी जनप्रतिनिधियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पूरी एकजुटता के साथ मिलकर कार्य करना होगा। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना केवल सरकार का ही नहीं, बल्कि हर एक जनप्रतिनिधि का साझा दायित्व है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए०आई०) और पी०पी०पी० मॉडल से बदलेगा बिहार
तकनीक के इस आधुनिक युग में बिहार को अग्रणी बनाने का विजन प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने विधानसभा की संपूर्ण कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए०आई०) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के आने से कार्यों में अभूतपूर्व पारदर्शिता आएगी और कार्यक्षमता में भारी वृद्धि होगी। इसके अलावा, उन्होंने राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार में पी०पी०पी० (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के माध्यम से बस स्टैंड, विश्वस्तरीय टाउनशिप तथा अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से गति दी जा रही है, जो बिहार को विकास की एक नई दिशा की ओर ले जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि पवित्र गयाजी की धरती पर आयोजित यह दो दिवसीय विशेष प्रबोधन कार्यक्रम नवनिर्वाचित और युवा विधायकों को उनकी विधायी जिम्मेदारियों, संसदीय मर्यादाओं तथा जनसेवा की सच्ची भावना को और अधिक सुदृढ़ बनाने में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा।
शीर्ष अधिकारियों और राजनेताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार, बिहार विधानपरिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी विशिष्ट रूप से संबोधित किया और अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव सहित बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायकगण, राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, बिपार्ड के महानिदेशक डॉ० बी० राजेन्दर, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ० सफीना ए०एन०, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सहित अन्य तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इससे पूर्व, गयाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उपराष्ट्रपति सी०पी० राधाकृष्णन के आगमन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर उनका अत्यंत आत्मीय और भव्य स्वागत किया था।
मुख्यमंत्री का विशेष आह्वान
जन-सहयोग कार्यक्रम में निभाएं सक्रिय भूमिका मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी विधायकों से सरकार द्वारा चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी ‘सहयोग कार्यक्रम’ में पूरी सक्रियता और तत्परता के साथ भाग लेने का विशेष अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की इस कार्यक्रम में सीधी और सक्रिय भागीदारी से ही आम जनता को त्वरित न्याय मिल सकेगा और उन्हें बेहतर सरकारी सेवाएं आसानी से सुलभ हो पाएंगी।
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मुजफ्फरपुर। उत्तर बिहार की राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर में विकास और सुरक्षा को लेकर अब तक की सबसे बड़ी हलचल शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित मुजफ्फरपुर आगमन को लेकर पूरे जिले में प्रशासनिक महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। इस दौरे के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत बुडको और मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा कुल 1047.09 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार 982 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया जाएगा। इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से शहर की सड़क, जलनिकासी, पार्क, घाट, प्रकाश व्यवस्था और अन्य शहरी आधारभूत सुविधाओं का कायाकल्प होना तय माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन को लेकर अंतर जिला फकुली चेक पोस्ट पर सुरक्षा व्यवस्था और वाहनों की सघन जांच की तैयारियों का संयुक्त रूप से जायजा लेते जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर एवं वरीय पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर।
सिकंदरपुर लेक फ्रंट बनेगा शहर की नई पहचान इस महा-योजना में सबसे बड़ा आकर्षण सिकंदरपुर लेक फ्रंट परियोजना है। कुल 213.25 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की गई यह परियोजना मुजफ्फरपुर को एक आधुनिक, स्वच्छ और आकर्षक शहरी पहचान प्रदान करेगी। सरकार का दावा है कि समावेशी, आधुनिक एवं सतत शहरी विकास के माध्यम से नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम और गुणवत्तापूर्ण बनाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
फकुली चेक पोस्ट बना अभेद्य किला, परिंदा भी नहीं मार सकता पर मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था इस कदर सख्त कर दी गई है कि सीमावर्ती इलाकों में परिंदा भी पर नहीं मार सकता। इसी कड़ी में जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर और वरीय पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर द्वारा अंतर जिला फकुली चेक पोस्ट का संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया गया। दोनों आलाधिकारियों ने चेक पोस्ट पर सुरक्षा व्यवस्था, वाहनों की सघन जांच, संदिग्ध व्यक्तियों की कड़ाई से निगरानी तथा विधि-व्यवस्था संधारण की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय के प्रस्तावित मुजफ्फरपुर आगमन के दृष्टिगत आज जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर द्वारा अंतर जिला फकुली चेक पोस्ट का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया।
— Muzaffarpur Police (@MuzaffarpurPol3) July 11, 2026
सख्त निर्देश: हर गाड़ी की होगी मुस्तैद चेकिंग निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बेहद कड़े और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जिले में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन और व्यक्ति की सतर्कतापूर्वक जांच सुनिश्चित की जाए। चेकिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाए रखने का निर्देश देते हुए अधिकारियों ने सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की चेतावनी दी है।
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विशेष संवाददाता, पटना । बिहार की सियासत में इस वक्त सबसे बड़ी हलचल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर मची हुई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए अंतिम क्षणों में अपना प्रत्याशी बदल दिया है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने सत्तारूढ़ दल पर चौतरफा हमला बोल दिया है, वहीं सत्ता पक्ष ने भी करारा जवाब दिया है।
लोकसेवक आवास, पटना में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नवनियुक्त अधिकृत बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा का स्वागत करते बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी एवं अन्य सीएम सम्राट चैधरी ।
13 जुलाई को नामांकन करेंगे नीरज कुमार सिन्हा
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अब पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा होंगे। संजय सरावगी के अनुसार, नीरज कुमार सिन्हा 13 जुलाई को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस घोषणा के बाद लोकसेवक आवास, पटना में नेताओं का जमावड़ा शुरू हो गया। वहां मौजूद वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नए घोषित उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा से मुलाकात की और उन्हें इस उपचुनाव के लिए हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
जन बल के आगे बीजेपी उम्मीदवार भागा: प्रशांत किशोर
बीजेपी द्वारा पूर्व घोषित उम्मीदवार का नाम वापस लिए जाने और नया चेहरा सामने लाने पर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने तीखा तंज कसा है। प्रशांत किशोर ने कहा, “जन बल के आगे कोई बल नहीं है। अब तक लोग बीजेपी के डर से भागते थे, लेकिन पहली बार इंसाफ हुआ है कि बीजेपी का उम्मीदवार भाग गया।” प्रशांत किशोर के इस बयान ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
बीजेपी के दिल्ली से पटना तक के चाणक्य कन्फ्यूज: रोहिणी आचार्य
लालू प्रसाद यादव की बेटी और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (एक्स) पर इस मुद्दे को लेकर बीजेपी नेतृत्व पर जमकर हमला बोला। रोहिणी आचार्य ने ट्वीट कर लिखा, “चुनाव की तारीख का एलान 1 महीने से ज्यादा पहले हो गया था, लेकिन बीजेपी के दिल्ली से लेकर पटना तक के तथाकथित चाणक्यों के बीच अपना उम्मीदवार ढूंढने का कन्फ्यूजन खत्म नहीं हुआ। नामांकन खत्म होने के 3 दिन पहले तक जो पार्टी अपना दूल्हा तय नहीं कर पा रही, वो क्षेत्र का भविष्य क्या खाक तय करेगी?”
उन्होंने आगे लिखा, “2 दिन पहले तक बीजेपी के लोग अपने जिस पूर्व घोषित प्रत्याशी की खूबियां गिनाते नहीं थक रहे थे, कल अचानक उस प्रत्याशी को ही बदल दिया। कहीं ऐसा तो नहीं कि ऐसा हार की आशंका से डर कर किया? आखिरी वक्त पर पैर क्यों कांपने लगे बीजेपी के? अंतिम वक्त पर प्रत्याशी बदलना साफ तौर पर ये दर्शाता है कि बीजेपी को ये आभास हो गया है कि बांकीपुर में जमीन खिसकने वाली है। अंतिम वक्त का बदलाव रणनीति नहीं, बल्कि चुनावी डर का सबसे बड़ा सबूत है।”
बांकीपुर में तो बीजेपी की गियर ही फंस गई ..
चुनाव की तारीख का एलान महीने से ज्यादा पहले हो गया था , लेकिन बीजेपी के दिल्ली से लेकर पटना तक के तथाकथित चाणक्यों के बीच अपना उम्मीदवार ढूंढने का कन्फ्यूजन खत्म नहीं हुआ , नामांकन खत्म होने के तीन दिन पहले तक जो पार्टी अपना दूल्हा तय…
विपक्ष के इन तीखे हमलों पर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भी मोर्चा संभाल लिया है। जेडीयू प्रदेश प्रवक्ता एवं एमएलसी नीरज कुमार ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा, “दुष्प्रचार ही विपक्ष की राजनीतिक पूंजी बन गई है।” उन्होंने विपक्षी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए विश्वास जताया कि बांकीपुर में जनता का पूरा आशीर्वाद नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) के साथ है और वहां एनडीए प्रत्याशी की भारी मतों से जीत तय है।
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