Thursday, July 30, 2026

एमडीडीएम कॉलेज में क्रिकेट का रोमांच: ‘विकेट वारियर’ ने ‘गोल्डेन गुल्ली’ को हराया

रंजना बनीं ‘मैन ऑफ द मैच’, 38 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को दिलाई जीत

मुजफ्फरपुर | 17 मार्च, 2026 महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (MDDM) के प्रांगण में मंगलवार को वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के तहत क्रिकेट मैच का भव्य आयोजन किया गया। इस मुकाबले में विकेट वारियर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्डेन गुल्ली को हराकर जीत का परचम लहराया।

प्राचार्या ने किया उद्घाटन

प्रतियोगिता का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका जायसवाल ने किया। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर उनका परिचय लिया और उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास के लिए जरूरी है, बल्कि यह टीम भावना और अनुशासन भी सिखाता है।

मैच का लेखा-जोखा

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ‘गोल्डेन गुल्ली’ की टीम ने निर्धारित ओवरों में जीत के लिए 88 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी ‘विकेट वारियर’ की टीम ने सधी हुई बल्लेबाजी की और 89 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

  • स्टार परफॉर्मर: विकेट वारियर की रंजना ने सर्वाधिक 38 रन बनाए, जिसके लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।
  • खेल भावना: मैच के बाद गोल्डेन गुल्ली की कप्तान काजल ने खेल भावना का परिचय देते हुए विजेता टीम की कप्तान रंजना को जीत की बधाई दी।

इनकी रही मुख्य भूमिका

खेल के सफल आयोजन में खेल सचिव डॉ. राम दुलार सहनी, सह खेल सचिव डॉ. मीनाक्षी कुमारी और डॉ. नूतन कुमारी की सराहनीय भूमिका रही। उन्होंने पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया। इस रोमांचक मुकाबले का आनंद लेने के लिए कॉलेज की सभी छात्राएं, प्राध्यापक और प्राध्यापिकाएं दर्शक दीर्घा में मौजूद रहीं और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

वैशाली: पुलिस अधीक्षक ने जनता दरबार में सुनीं जन-समस्याएं, त्वरित निष्पादन के निर्देश

वैशाली। जिले में बेहतर कानून-व्यवस्था और पुलिस-पब्लिक समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को वैशाली थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान एसपी ने न केवल आम लोगों की फरियाद सुनी, बल्कि मौके पर मौजूद अधिकारियों को उनके तत्काल समाधान के कड़े निर्देश भी दिए।

इन मुख्य मुद्दों पर रही नजर

जनता दरबार में स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित मामले सामने आए:

  • भूमि विवाद एवं आपसी मारपीट: जमीन से जुड़े पुराने मामलों और आपसी रंजिश की शिकायतों की भरमार रही।
  • सुरक्षा एवं गश्ती: क्षेत्र में रात्रि गश्ती बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने की मांग की गई।
  • साइबर अपराध: बढ़ते साइबर ठगी के मामलों पर लगाम लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई।

लापरवाही बरतने वालों को दी चेतावनी

शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए एसपी विक्रम सिहाग ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों का निष्पादन त्वरित, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि आम जनता की शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता बरती जाए। किसी भी स्तर पर पुलिसिया ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

“क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। पुलिस अधिकारी रात्रि गश्ती बढ़ाएं और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करें।” — विक्रम सिहाग, एसपी वैशाली

जनता से सहयोग की अपील

एसपी ने स्थानीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए है। यदि क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखे या आपराधिक गतिविधि की सूचना मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इस अवसर पर थानाध्यक्ष वैशाली समेत कई पुलिस अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

हरियाणा राज्यसभा चुनाव: ‘अंधेरी रात’ की साजिश नाकाम, करमवीर बौद्ध की जीत ने दिल्ली तक हिलायी भाजपा की सियासी बिसात

नई दिल्ली। हरियाणा राज्यसभा चुनाव का परिणाम केवल एक सीट की जीत-हार नहीं, बल्कि उच्च-स्तरीय राजनीतिक ड्रामे का पटाक्षेप साबित हुआ है। दिल्ली में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सांसद दीपेंद्र हुड्डा और राजेंद्र पाल गौतम ने रणनीतिक विवरणों के साथ भाजपा के ‘ऑपरेशन लोटस’ की पोल खोल दी। दीपेंद्र हुड्डा ने इसे ‘धनतंत्र’ पर ‘गणतंत्र’ की सीधी चोट करार दिया है।

गुजरात से हरियाणा तक भाजपा की ‘स्पेशल फील्डिंग’

प्रेस वार्ता में दीपेंद्र हुड्डा ने खुलासा किया कि भाजपा इस सीट को लेकर कितनी बेचैन थी। उन्होंने बताया:

  • हाईकमान की दखल: भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने गुजरात के उपमुख्यमंत्री को विशेष तौर पर ऑब्जर्वर बनाकर हरियाणा भेजा था।
  • टारगेट क्रॉस वोटिंग: दीपेंद्र हुड्डा के अनुसार, भाजपा की योजना कांग्रेस के 8-9 विधायकों से क्रॉस वोटिंग कराने की थी।
  • प्लान-बी: यदि कांग्रेस के विधायक नहीं टूटते, तो कम से कम 7 विधायकों को तोड़कर इनेलो की दो वोटों के सहारे जीत हासिल करने का ‘अथक प्रयास’ किया गया।

‘रात के अंधेरे में लोकतंत्र की हत्या की कोशिश’

दीपेंद्र हुड्डा ने बेहद आक्रामक लहजे में कहा, “रात के अंधेरे में भाजपा ने सरेआम लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की। भाजपा का लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है, उन्हें सिर्फ और सिर्फ सत्ता चाहिए”। उन्होंने हरियाणा के कांग्रेस विधायकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा के ‘साम-दाम-दंड-भेद’ के खेल को फेल कर दिया और खरीद-फरोख्त के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

अंबेडकरवादी बनाम पूंजीवादी सोच

कांग्रेस एससी विभाग के चेयरमैन राजेंद्र पाल गौतम ने भाजपा के नजरिए पर चोट करते हुए कहा कि भाजपा करमवीर बौद्ध को एक ‘कमजोर’ उम्मीदवार मान रही थी। उन्होंने तर्क दिया कि भाजपा की नजर में वही उम्मीदवार ‘मजबूत’ है जिसके पास अकूत पैसा हो। लेकिन कांग्रेस ने एक सच्चे अंबेडकरवादी और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाले कार्यकर्ता को मैदान में उतारकर यह साबित किया कि पार्टी का आधार वैचारिक है, न कि आर्थिक।

हुड्डा की ‘वोट चोरी’ वाली थ्योरी हुई सच

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जीत को ‘प्रदेश की जनता के विश्वास की जीत’ बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के वक्त से ही वे ‘वोट चोरी’ की बात कह रहे थे, जो इस चुनाव में भाजपा की हताशा को देखकर साबित हो गई है। हुड्डा ने स्पष्ट किया कि बहुमत के आधार पर एक सीट कांग्रेस की ही थी, लेकिन भाजपा ने तीसरा कैंडिडेट उतारकर अनैतिक तरीके से वोट चुराने की कोशिश की, जिसे कांग्रेस की एकजुटता ने नाकाम कर दिया।

मुख्य झलकियां:

  • रणनीति: भाजपा ने गुजरात के शीर्ष नेतृत्व को मैदान में झोंका था।
  • प्रतिरोध: कांग्रेस के 8-9 विधायकों को तोड़ने की कोशिश नाकाम रही।
  • चेहरा: एक आम अंबेडकरवादी कार्यकर्ता ने भाजपा के धनबल को मात दी।
  • उम्मीदवार: करमवीर बौद्ध (कांग्रेस) विजयी।
  • आरोप: भाजपा ने गुजरात के उपमुख्यमंत्री को ऑब्जर्वर बनाकर क्रॉस वोटिंग की कोशिश की।
  • नारा: ‘धनतंत्र’ पर ‘गणतंत्र’ की जीत।
  • संदेश: कांग्रेस ने सामाजिक न्याय और अंबेडकरवादी विचारधारा को दी प्राथमिकता।

राज्यसभा से विधानसभा तक का संदेश:इस जीत ने न केवल करमवीर बौद्ध को राज्यसभा पहुंचाया है, बल्कि हरियाणा कांग्रेस में एक नई ऊर्जा भर दी है। दीपेंद्र हुड्डा ने इस जीत का श्रेय कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व— मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल को देते हुए इसे आगामी चुनावों के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट बताया है।

बिहार राज्यसभा चुनाव: NDA ने किया ‘क्लीन स्वीप’, महागठबंधन की रणनीति फेल, पांचों सीटों पर कब्जा

पटना | विशेष संवाददाता बिहार की राजनीति में सोमवार का दिन एनडीए (NDA) के लिए बड़ी जीत और महागठबंधन के लिए आत्ममंथन का संदेश लेकर आया। राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में एनडीए ने पांचों सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया है। विधानसभा चुनाव के महज चार महीने बाद हुए इस शक्ति परीक्षण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा गठबंधन ने विपक्ष की घेराबंदी को ध्वस्त करते हुए अपना परचम लहरा दिया।

विजयी उम्मीदवारों की सूची

राज्यसभा पहुंचने वाले नवनिर्वाचित सदस्यों में सत्ता पक्ष के दिग्गज चेहरे शामिल हैं:

  • नीतीश कुमार (जदयू)
  • रामनाथ ठाकुर (जदयू)
  • नितिन नवीन (भाजपा)
  • शिवेश कुमार (भाजपा)
  • उपेंद्र कुशवाहा (रालोमो)

पांचवीं सीट का दिलचस्प गणित और एनडीए की सेंधमारी

चुनाव की शुरुआत में एनडीए की चार सीटों पर जीत तय मानी जा रही थी, लेकिन रोमांच तब बढ़ा जब महागठबंधन की ओर से राजद (RJD) ने अमरेंद्र धारी सिंह को पांचवें उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतार दिया। यहीं से मुकाबला ‘एनडीए बनाम महागठबंधन’ में बदल गया।

एनडीए के पास कुल 202 विधायकों का ठोस समर्थन था, वहीं महागठबंधन को पांचवीं सीट जीतने के लिए 41 मतों की आवश्यकता थी। विपक्षी खेमे को भरोसा था कि वे निर्दलीय और अन्य छोटे दलों के सहयोग से खेल बिगाड़ देंगे, लेकिन परिणाम इसके विपरीत रहे।

तेजस्वी की इफ्तारऔर होटल पॉलिटिक्सरह गई अधूरी

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था। उन्होंने रणनीतिक तौर पर एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान की इफ्तार पार्टी में शिरकत कर समीकरण साधने की कोशिश की। बसपा के एकमात्र विधायक सतीश यादव ने भी महागठबंधन को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था।

15 मार्च को एकजुटता दिखाने के लिए तेजस्वी ने सभी विधायकों को पटना के एक बड़े होटल में रुकने का निर्देश दिया था। लेकिन सोमवार सुबह मतदान के समय रणनीति बिखर गई।

अपनों ने ही दिया झटका: चार विधायकों ने किया खेला

महाबंधन की हार का सबसे बड़ा कारण उनके अपने ही विधायकों की अनुपस्थिति रही।

  • अनुपस्थित विधायक: मतदान के दौरान कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक विधानसभा नहीं पहुंचे।
  • वोटिंग का असर: इन चार विधायकों के न आने से महागठबंधन का गणित पूरी तरह बिगड़ गया और एनडीए के पांचवें उम्मीदवार शिवेश कुमार ने आसानी से जीत हासिल कर ली।

दूसरी ओर, एनडीए के सभी 202 विधायकों ने अनुशासन दिखाते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शाम को मतगणना के बाद जैसे ही चुनाव अधिकारी ने पांचों उम्मीदवारों की जीत की घोषणा की, एनडीए खेमे में जश्न का माहौल बन गया।


विश्लेषण: क्या रहे इस चुनाव के मायने?

यह चुनाव केवल राज्यसभा सीटों का नहीं था, बल्कि विधानसभा चुनाव के बाद बिहार में सत्ता और विपक्ष की मजबूती का लिटमस टेस्ट था। एनडीए ने दिखा दिया कि सरकार स्थिर है और उनके विधायक एकजुट हैं। वहीं, महागठबंधन के लिए अपने विधायकों को एकजुट रख पाना एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरा है।

बड़ी बात: चार विधायकों की अनुपस्थिति ने भविष्य के राजनीतिक समीकरणों और ‘क्रॉस वोटिंग’ की आशंकाओं को भी जन्म दे दिया है।

सियासी दूरियां मिटीं: चिराग की इफ्तार पार्टी में पहुंचे सीएम नीतीश, सम्राट चौधरी समेत कई दिग्गजों का जमावड़ा

पटना। राजधानी के शहीद पीर अली मार्ग स्थित लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय में सोमवार को आयोजित दावत-ए-इफ्तार सियासी मेल-मिलाप का केंद्र बनी। इस आयोजन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विशेष रूप से शामिल हुए, जहाँ मेजबान और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।

सामाजिक सौहार्द का दिखा अनूठा नजारा

लोजपा (रामविलास) द्वारा आयोजित इस इफ्तार पार्टी में सत्ता पक्ष के कई दिग्गज चेहरे एक साथ नजर आए। मुख्यमंत्री के अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी 1-व्हीलर रोड स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान नेताओं के बीच काफी सौहार्दपूर्ण माहौल दिखा। रोजेदारों के साथ बैठकर नेताओं ने अमन-चैन की दुआ मांगी और एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी।

एकता और भाईचारे का संदेश

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मौके पर कहा कि इस तरह के आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि:

“माननीय मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति सामाजिक सौहार्द, आपसी सम्मान और एकता का एक सशक्त संदेश है।”

प्रमुख उपस्थिति

इस दावत-ए-इफ्तार में केवल मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि एनडीए गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता, पार्टी कार्यकर्ता और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग मौजूद रहे। चिराग पासवान ने व्यक्तिगत रूप से सभी अतिथियों का स्वागत किया, जो राज्य की राजनीति में बदलते समीकरणों और आपसी तालमेल की एक सुखद तस्वीर पेश कर रहा था।

मुख्यमंत्री ने पटना समाहरणालय और कलेक्टेरियट घाट सड़क निर्माण का लिया जायजा; अधिकारियों को जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश

पटना | मुख्य संवाददाता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के नवनिर्मित भवन और गंगा तट पर चल रहे विकास कार्यों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समाहरणालय की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा और कलेक्टेरियट घाट से सभ्यता द्वार तक बन रही सड़क के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।

समाहरणालय के हर तल का किया मुआयना

मुख्यमंत्री ने समाहरणालय भवन के पाँचवें तल पर स्थित आधुनिक मीटिंग हॉल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने उप विकास आयुक्त (DDC), जिला परिषद कार्यालय और अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) के कार्यालयों का भी भ्रमण किया। उन्होंने भवन के प्रत्येक तल पर जाकर वहां की कार्यप्रणाली और जन-सुविधाओं की जानकारी ली।

छठ व्रतियों और मॉर्निंग वॉकर को मिलेगी बड़ी सौगात

समाहरणालय के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री कलेक्टेरियट घाट पहुंचे। वहां उन्होंने सभ्यता द्वार तक बनाई जा रही नई सड़क के निर्माण कार्य की प्रगति देखी।

  • सुगम होगी पूजा: मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सड़क के बनने से छठ व्रतियों को घाट तक पहुंचने और पूजा-अर्चना करने में काफी सहूलियत होगी।
  • पर्यटन और स्वास्थ्य: यह सड़क न केवल कलेक्टेरियट घाट की भव्यता बढ़ाएगी, बल्कि सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) करने वाले स्थानीय लोगों के लिए भी एक बेहतरीन स्थल साबित होगी।

मेट्रो से कनेक्टिविटी पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में देरी न की जाए। उन्होंने विशेष रूप से पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ बेहतर तालमेल (समन्वय) बिठाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि सड़क और मेट्रो प्रोजेक्ट के कार्यों में सामंजस्य रहे, ताकि भविष्य में मेट्रो से कनेक्टिविटी बेहतर हो सके और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिले।

“कलेक्टेरियट घाट से सभ्यता द्वार तक की सड़क पटना की सुंदरता और सुविधा में चार चांद लगाएगी। इसे गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा करें।” – नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री

कांशी राम की जयंती पर ‘परिवार मेडिसिन’ का भव्य उद्घाटन, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़

सकरा (मुजफ्फरपुर): प्रखंड के चौसीमा गांव में आज बहुजन नायक मान्यवर कांशी राम जी के जन्मदिवस के अवसर पर ‘परिवार मेडिसिन’ नामक दवा दुकान का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मान्यवर कांशी राम जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।

उद्घाटन एवं मुख्य अतिथि

दवा दुकान का विधिवत उद्घाटन ग्रामीण चिकित्सक संघ के सकरा प्रखंड अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार राम ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दवाओं और प्राथमिक चिकित्सा की उपलब्धता समय की मांग है। उन्होंने संचालक अखिलेश कुमार के इस प्रयास की सराहना की।

निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

जयंती के उपलक्ष्य में दुकान परिसर में ही एक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आए दर्जनों ग्रामीणों की बीपी, शुगर और अन्य सामान्य जांच की गई और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।

प्रमुख उपस्थित लोग

दवा दुकान के मालिक अखिलेश कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। मौके पर मुख्य रूप से:

  • राजेश कुमार, रंजन कुमार, चंदेश्वर राय, आदित्य राम।
  • महेश राम, प्रमोद कुमार, संजय राय, किशुनदेव राम।
  • महिला शक्ति: पुतुल कुमारी, रंजू देवी, संजू देवी, अंजली कुमारी, गुड़िया कुमारी और सावित्री देवी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

संचालक अखिलेश कुमार ने बताया कि मान्यवर कांशी राम जी के सेवा और संघर्ष के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने इस प्रतिष्ठान की शुरुआत की है, ताकि समाज के हर वर्ग को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवा मिल सके।

समस्तीपुर चीनी मिल को दोबारा चालू करने की गूँज, संघर्ष मोर्चा ने निकाला विशाल जुलूस

समस्तीपुर | 15 मार्च, 2026 समस्तीपुर की पहचान रही बंद पड़ी चीनी मिल को पुनः शुरू करने की माँग अब तेज होने लगी है। शुक्रवार को जिला विकास संघर्ष मोर्चा के बैनर तले लोगों ने सड़कों पर उतरकर हुंकार भरी। स्टेशन चौक से निकला यह विरोध जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए चीनी मिल चौक पहुँचा, जहाँ एक संघर्ष मोर्चा  के द्वारा सभा का आयोजन कर सरकार को चेतावनी दी गई।

सभा की अध्यक्षता शंकर प्रसाद साह ने की और संचालन मोर्चा के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने किया। मोर्चा के नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह और राकेश कुमार ठाकुर ने कहा कि मिल बंद होने से हजारों गन्ना किसान और मजदूर दाने-दाने को मोहताज हैं। किसानों को अपनी उपज का सही बाजार नहीं मिल रहा, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।

क्यों खास है यह चीनी मिल?

वक्ताओं ने तकनीकी और भौगोलिक तथ्यों को रखते हुए कहा कि अन्यत्र नई मिल खोलने के बजाय इसी मिल को पुनर्जीवित करना सरकार के लिए फायदेमंद होगा। इसके पक्ष में निम्नलिखित तर्क दिए गए:

  • परयाप्त संसाधन: मिल के पास 22 एकड़ से अधिक जमीन उपलब्ध है।
  • कनेक्टिविटी: यहाँ सड़क, बिजली और रेल परिवहन की मुकम्मल व्यवस्था है।
  • कच्चा माल: आस-पास के 10 प्रखंड चीनी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • सस्ता श्रम: क्षेत्र में प्रशिक्षित और सस्ते श्रमिक आसानी से उपलब्ध हैं।
  • कम लागत: नई यूनिट लगाने की तुलना में यहाँ सरकारी राशि की लागत काफी कम आएगी।

“चीनी मिल चालू होने से न केवल हजारों परिवारों को रोजगार मिलेगा, बल्कि समस्तीपुर के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।” – शंकर प्रसाद साह (अध्यक्ष)

अन्य विकास कार्यों की भी उठी माँग

चीनी मिल के साथ-साथ मोर्चा ने जिले की अन्य ज्वलंत समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान खींचा:

  1. दूधपुरा हवाई अड्डा: इसके जीर्णोद्धार और परिचालन की माँग।
  2. रेल ओवरब्रिज: भोला टाकीज और अटेरन चौक रेल गुमटी पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करना।
  3. चिल्ड्रेन पार्क: माधुरी चौक पर बच्चों के लिए पार्क का निर्माण।

इनकी रही उपस्थिति

सभा को अशोक कुमार, शंभू राय, राम विनोद पासवान, शाहिद हुसैन, मनोज कुमार राय, सुशील कुमार राय, मिथिलेश कुमार राय, बंधु प्रसाद और विश्वनाथ सिंह हजारी सहित कई गणमान्य लोगों ने संबोधित किया।

बाल विवाह मुक्त समाज के लिए एकजुट हों सभी वर्ग: मायाशंकर चौधरी

जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र द्वारा सेमिनार आयोजित, गरीबों के बीच ग्लूकोज का वितरण

दलसिंहसराय/समस्तीपुर: पांड़ पंचायत में रविवार को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, अख्तियारपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय मुखिया सुनिता देवी ने की, जबकि मंच संचालन प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता शिवकिशोर सिंह ने किया।

सामाजिक विषमता के खिलाफ एकजुटता की अपील सेमिनार को संबोधित करते हुए अवकाश प्राप्त डीएसपी मायाशंकर चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में कुछ तत्वों द्वारा सामाजिक विषमता को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस विषमता को मिटाने के लिए हम सभी को जाति और धर्म की दीवारों से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा।

बाल अधिकारों पर चर्चा और ग्लूकोज वितरण संस्था के सीनियर रिसर्च कंसल्टेंट रविन्द्र पासवान ने बाल अधिकारों और संस्था के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए डाबर इंडिया लिमिटेड के सहयोग (CSR) से जरूरतमंदों के बीच ग्लूकोज का वितरण किया जा रहा है।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:

  • बाल संरक्षण: कार्यकारिणी सदस्य रामप्रित चौरसिया ने कहा कि संस्था बच्चों को बाल विवाह और बाल श्रम से बचाने के लिए कृतसंकल्पित है।
  • साझा प्रयास: वक्ताओं ने बाल विवाह मुक्त गाँव बनाने के लिए सामुदायिक भागीदारी पर बल दिया।
  • राहत कार्य: सेमिनार के अंत में 50 गरीब लोगों को ग्लूकोज दिया गया। साथ ही, उजियारपुर के बैकुंठपुर ब्रहण्डा पंचायत (वार्ड 14) स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर 50 बच्चों और 36 परिवारों को भी ग्लूकोज उपलब्ध कराया गया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति मौके पर उप मुखिया रामनाथ पासवान, श्रवण पंडित, लक्ष्मी महतो, अविनाश रावत, सियाशरण महतो, हरिओम सिंह, बनारसी पासवान, सोनू दास और हर्ष मोहन कुमार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में राजीव कुमार पासवान ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

“सावधान! आज से बंद हुए स्वर्ग के द्वार? जानें क्यों 30 दिनों तक देव भी नहीं देंगे साथ!”

“सूर्य हुए ‘निस्तेज’, थमे मांगलिक काज: आज से खरमास का ‘सन्नाटा’:आखिर क्यों ‘खरमास’ में वर्जित हैं शहनाइयां?

मुजफ्फरपुर | विशेष डेस्कदिनांक: 15 मार्च, 2026| : क्या आप अगले कुछ दिनों में शहनाई बजाने या नए घर में प्रवेश करने की तैयारी कर रहे हैं? यदि हाँ, तो रुक जाइए! आज, 15 मार्च 2026 की सुबह से ब्रह्मांड की ऊर्जा बदल चुकी है और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, ‘स्वर्ग के द्वार’ कुछ समय के लिए संकुचित हो गए हैं। सूर्य देव ने जैसे ही मीन राशि की चौखट पर कदम रखा, वैसे ही पूरे देश में ‘खरमास’ का साया गहरा गया है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह वह कालखंड है जब समस्त मांगलिक कार्यों को शक्ति देने वाले भगवान भास्कर अपने गुरु की सेवा में लीन होकर ‘निस्तेज’ हो जाते हैं। विद्वानों का दावा है कि अगले 30 दिनों तक ग्रहों की स्थिति ऐसी है कि किसी भी शुभ कार्य को देवताओं का आशीर्वाद मिलना असंभव होगा। आखिर क्यों इस महीने को ‘अशुभ’ की श्रेणी में रखा गया है? क्या वाकई गधों की सवारी ने सूर्य की रफ्तार कम कर दी है? 14 अप्रैल तक लगने वाले इस ‘महा-ब्रेक’ के पीछे का रहस्य और आपकी राशि पर इसके खतरे को समझने के लिए पढ़िए हमारी यह विशेष रिपोर्ट…

हिंदू पंचांग और भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज 15 मार्च 2026 से ब्रह्मांड के अधिपति सूर्य देव ने अपनी चाल बदल ली है। सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही देश भर में ‘खरमास’ (जिसे लोकभाषा में मलमास भी कहा जाता है) का आगाज़ हो गया है। आज से लेकर अगले एक महीने तक, यानी 14 अप्रैल तक, वैवाहिक कार्यक्रमों की शहनाइयां खामोश रहेंगी और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह विराम लग जाएगा।

सूर्य का मीन राशि में प्रवेश: क्या कहता है गणित?

ज्योतिषाचार्य पंडित रामकुमार शास्त्री के अनुसार, शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि (14 मार्च की रात 1:04 बजे) सूर्य देव ने कुंभ राशि को त्यागकर मीन राशि में गोचर किया है। ज्योतिष की गणना के अनुसार, जब सूर्य देव बृहस्पति की राशियों—धनु  या मीन में प्रवेश करते हैं, तो उस विशिष्ट कालखंड को ‘खरमास’ कहा जाता है।

वर्तमान में यह ‘मीन खरमास’ है, जो 14 अप्रैल 2026 की सुबह 9:33 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे (मेष संक्रांति), तब जाकर मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त पुनः खुलेंगे।


ज्योतिषीय दृष्टिकोण: क्यों निर्बलहो जाते हैं सूर्य?

हिंदू ज्योतिष में सूर्य को ‘आत्मा’, ‘तेज’, ‘सफलता’ और ‘राजसत्ता’ का कारक माना गया है। किसी भी शुभ कार्य—जैसे विवाह, मुंडन या नींव पूजन—के लिए सूर्य का बली (पावर फुल) होना अनिवार्य है।

पंडितों का तर्क है:

  1. गुरु की सेवा: बृहस्पति (गुरु) देवताओं के गुरु हैं। जब सूर्य उनके घर (धनु या मीन राशि) में जाते हैं, तो वे शिष्य भाव में आ जाते हैं और अपने गुरु की सेवा में लीन हो जाते हैं। इस दौरान सूर्य का अपना ‘स्व-तेज’ या ‘अधिकार’ कम हो जाता है।
  2. ऊर्जा का अभाव: चूंकि सूर्य ही समस्त संसार को ऊर्जा प्रदान करते हैं, उनके ‘शिथिल’ पड़ने से मांगलिक कार्यों को वह दैवीय शक्ति नहीं मिल पाती जो उनके सफल संपादन के लिए आवश्यक है। यही कारण है कि इस समय किए गए कार्यों के ‘पूर्ण फल’ न मिलने की आशंका बनी रहती है।

पौराणिक कथा: सात घोड़ों की थकान और गधों की सवारी

‘खरमास’ नाम के पीछे एक अत्यंत रोचक पौराणिक कथा प्रचलित है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, सूर्य देव अपने सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर निरंतर ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हैं। उन्हें रुकने की अनुमति नहीं है।

कथा के अनुसार, निरंतर दौड़ते रहने के कारण एक बार सूर्य के घोड़े अत्यधिक प्यास और थकान से व्याकुल हो गए। उन्हें तड़पता देख सूर्य देव का हृदय पसीज गया और वे उन्हें एक तालाब के किनारे ले गए। लेकिन समस्या यह थी कि यदि रथ रुक जाता, तो सृष्टि का चक्र थम जाता। तभी सूर्य देव की दृष्टि वहां खड़े दो ‘खर’ (गधों) पर पड़ी। उन्होंने घोड़ों को विश्राम देने के लिए गधों को रथ में जोत दिया। गधों की धीमी गति और कमजोर सामर्थ्य के कारण सूर्य का तेज कम हो गया और रथ की रफ्तार घट गई। तभी से इस ‘मंद गति’ वाले महीने को ‘खरमास’ कहा जाने लगा।


वर्जित और शुभ कार्य: एक तुलनात्मक विश्लेषण

अक्सर लोग खरमास को ‘अशुभ’ मान लेते हैं, जबकि विद्वानों का कहना है कि यह ‘अशुभ’ नहीं बल्कि ‘आध्यात्मिक’ समय है। नीचे दी गई तालिका से समझें कि इस दौरान क्या करना उचित है और क्या नहीं:

श्रेणीवर्जित कार्य (क्या न करें)कारण
विवाहशादी-ब्याह और सगाई।वैवाहिक सामंजस्य और सुख में कमी की आशंका।
भवनगृह प्रवेश या नए घर की नींव रखना।वास्तु के अनुसार ऊर्जा का अभाव रहता है।
संस्कारमुंडन, यज्ञोपवीत (जनेऊ) और नामकरण।संस्कारों के लिए आवश्यक शुद्ध ऊर्जा नहीं मिलती।
व्यापारनए शोरूम का उद्घाटन या बड़ा निवेश।आर्थिक स्थिरता में बाधा आने का डर रहता है।
श्रेणीशुभ कार्य (क्या करें)लाभ
आध्यात्ममंत्र जाप, तप और ध्यान।अंतर्मन की शांति और ईश्वर से जुड़ाव।
दानअन्न, वस्त्र और धन का दान।इस अवधि में किए गए दान का फल अनंत होता है।
स्नानपवित्र नदियों (गंगा, यमुना) में स्नान।पापों का शमन और शरीर की शुद्धि।
उपासनासूर्य देव को नियमित अर्घ्य देना।स्वास्थ्य लाभ और आत्मविश्वास में वृद्धि।

साल 2026 में दो बार लगेगा ब्रेक

वर्ष 2026 में खरमास का प्रभाव दो बार देखने को मिलेगा:

  1. प्रथम (मीन खरमास): 15 मार्च 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक। (वर्तमान में प्रभावी)
  2. द्वितीय (धनु खरमास): 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक। यह अवधि मकर संक्रांति के दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ समाप्त होगी।

विशेषज्ञों की सलाह: कैसे करें प्लानिंग?

यदि आप आने वाले महीनों में किसी बड़े आयोजन की तैयारी कर रहे हैं, तो विशेषज्ञों के ये सुझाव आपके काम आ सकते हैं:

  • वैवाहिक योजना: विवाह या सगाई के लिए 14 अप्रैल के बाद के मुहूर्त ही चुनें। अप्रैल के उत्तरार्ध और मई में विवाह के कई श्रेष्ठ मुहूर्त उपलब्ध होंगे।
  • रियल एस्टेट: यदि आप नए घर में शिफ्ट होना चाहते हैं, तो 15 अप्रैल के बाद की तिथि तय करें। तब तक आप घर की साज-सज्जा या पेंटिंग जैसे ‘रखरखाव’ के कार्य कर सकते हैं।
  • निवेश: शेयर बाजार या बड़े व्यापारिक समझौतों के लिए यह समय ‘प्रतीक्षा और अध्ययन’ का है। 14 अप्रैल के बाद नई शुरुआत करना ज्योतिषीय रूप से अधिक लाभदायक होगा।

भीतर झांकने का समय: खरमास का संदेश स्पष्ट है—संसार की भागदौड़ और बाहरी दिखावे से हटकर कुछ समय अपने भीतर की शांति के लिए निकालें। यह समय ‘सेलिब्रेशन’ का नहीं, बल्कि ‘मेडिटेशन’ का है। जैसे ही सूर्य अपनी उच्चता की ओर बढ़ेंगे (मेष राशि में), जीवन में खुशियों का संचार पुनः शुरू हो जाएगा। तब तक धैर्य और भक्ति ही श्रेष्ठ मार्ग हैं।

विवरणतारीख और समय
खरमास (मीन) प्रारंभ15 मार्च 2026 (आज से शुरू)
मीन संक्रांति समय14 मार्च की मध्यरात्रि (1:04 AM)
खरमास (मीन) समाप्त14 अप्रैल 2026 (सुबह 9:33 AM)
शुभ मुहूर्त पुनः प्रारंभ14 अप्रैल 2026 (दोपहर के बाद)
अगला खरमास (धनु)16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027

क्या रहेगा पूरी तरह वर्जित?

  • 💍 विवाह एवं सगाई: शहनाइयां और रोका रस्म।
  • 🏠 गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश या नींव पूजन (भूमि पूजन)।
  • 🏢 नया व्यापार: दुकान या शोरूम का उद्घाटन।
  • ️☀ संस्कार कार्य: मुंडन, जनेऊ और नामकरण संस्कार।

क्या करना रहेगा शुभ?

  • 💧 पवित्र स्नान: गंगा या अन्य नदियों में स्नान।
  • 🙏 दान-पुण्य: अन्न, वस्त्र और गुड़ का दान।
  • सूर्य उपासना: प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य देना।
  • 🧘 मंत्र जाप: गायत्री मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ।

विशेष : 14 अप्रैल को ‘मेष संक्रांति’ के साथ ही सूर्य अपनी उच्च राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे सभी प्रकार के दोष समाप्त हो जाएंगे और मांगलिक कार्यों की शुभता लौट आएगी।