Monday, November 2, 2026

सकरा में प्रशासनिक फेरबदल: विदाई समारोह में छलके आंसू, नए बीडीओ रंजीत कुमार वर्मा ने संभाली कमान

मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड परिसर स्थित अंबेडकर सभागार में शुक्रवार को एक बेहद भावुक और गरिमापूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सकरा के पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मनोज कुमार को तीन वर्षों के सफल कार्यकाल के बाद भावभीनी विदाई दी गई। वहीं, दूसरी ओर नव पदस्थापित प्रखंड विकास पदाधिकारी रंजीत कुमार वर्मा ने आधिकारिक तौर पर अपना पदभार ग्रहण कर लिया। इस मौके पर प्रखंड के तमाम जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और प्रखंड कर्मियों ने दोनों अधिकारियों को अंगवस्त्र, बुक्के, गुलदस्ता और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

वक्ताओं ने की बेदाग कार्यकाल की सराहना

समारोह की अध्यक्षता मुखिया संघ के अध्यक्ष इंद्रभूषण सिंह अशोक ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रखंड प्रमुख नूर आलम और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रखंड उप-प्रमुख मदन प्रसाद सिंह उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पूर्व बीडीओ मनोज कुमार के लगभग 3 वर्षों के कार्यकाल की जमकर सराहना की। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनके कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में विकास योजनाओं को नई गति मिली और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के बीच हमेशा एक बेहतर समन्वय स्थापित रहा।

मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड परिसर स्थित अंबेडकर सभागार में आयोजित विदाई सह पदभार ग्रहण समारोह के दौरान पूर्व बीडीओ मनोज कुमार (दायें से) और नए बीडीओ रंजीत कुमार वर्मा (बांये से) को अंगवस्त्र एवं फूलों की माला पहनाकर सम्मानित करते जनप्रतिनिधि और प्रखंड कर्मी।

विदाई गीत सुन भावुक हुए लोग

समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब बंधुआ मुक्ति मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रिंकू कुमारी ने एक मर्मस्पर्शी विदाई गीत प्रस्तुत किया। उनके इस भावपूर्ण गीत ने सभागार में मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की आंखें नम कर दीं। गीत समाप्त होते ही पूरा सभागार काफी देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।

इस गरिमापूर्ण समारोह में जिला परिषद सदस्य (क्षेत्र संख्या 51) से सुरेश प्रसाद यादव, जिला परिषद सदस्य (क्षेत्र संख्या 53) से अनिल कुमार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सविता कुमारी, बीपीआरओ दिग्विजय नारायण सिन्हा, मुखिया सच्चिदानंद ठाकुर, अवधेश प्रसाद सिंह, दिनेश पुष्पम सहित विभिन्न पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, पंचायत सचिव, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में प्रखंड कर्मी उपस्थित रहे।

विजन वैली हॉल सकरा के सभागार में आयोजित विदाई  समारोह के दौरान पूर्व बीडीओ मनोज कुमार को सम्‍मानित करते एससी एसटी कर्मचारी संघ सकरा के कर्मी

एससी एसटी कर्मचारी संघ ने विजन वैली हॉल में किया भव्य विदाई समारोह

प्रखंड मुख्यालय के मुख्य कार्यक्रम से पूर्व, एक अन्य भव्य विदाई समारोह का आयोजन एससी एसटी कर्मचारी संघ सकरा द्वारा विजन वैली हॉल में किया गया। इस कार्यक्रम में भी दर्जनों भावुक गीतों की प्रस्तुति के साथ पूर्व बीडीओ मनोज कुमार को विदाई दी गई और उन्हें अंगवस्त्र, बैग व अन्य उपहार भेंट किए गए।

मैं बाबा साहेब के कारवां का छोटा सिपाही: मनोज कुमार

विजन वैली हॉल में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए निवर्तमान बीडीओ मनोज कुमार काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा:

“मैं बोधिसत्व भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ। मेरे सम्मान में इस भव्य कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए हमारी रिंकू दीदी और उनकी पूरी टीम को हृदय से धन्यवाद। हम लोग बाबा साहेब के कारवां के एक छोटे से सिपाही और आपके भाई-बंधु हैं। एक कुशल प्रशासक बनने के लिए सामाजिक पृष्ठभूमि, आप सबका सहयोग और सरकारी दिशा-निर्देशों का तालमेल जरूरी होता है।”

उन्होंने आगे कहा, “प्रशासनिक सेवा में स्थानांतरण एक निरंतर प्रक्रिया है। यहां आने में जितलाल जी का बहुत आग्रह और प्रयास रहा था, जिनसे  मुझे हमेशा अपनापन  मिला। रिंकू दीदी से मेरा संबंध प्रोफेशनल से पर्सनल हो गया, वे मेरी बड़ी दीदी की तरह रहीं। चंद्रभूषण जी ने हमेशा बड़े भाई की तरह ख्याल रखा। अधिकारी के रूप में हमारी सबसे बड़ी कमाई यही होती है कि हम अपना पूरा काम समय के अनुसार करते हुए पूरी तरह बेदाग होकर यहां से जाएं। सकरा में जो प्यार-मोहब्बत मुझे मिला, वह अतुलनीय है। आपके इस प्यार को मेरा सलाम है।”

आपके रूप में हमें गार्जियन मिला था: राजेश राम

कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए समाजसेवी राजेश राम ने कहा:

“सर को विदा करने में तकलीफ जरूर है, लेकिन इस बात की बेहद खुशी है कि वे पूरी तरह बेदाग और सम्मान के साथ जा रहे हैं। उन्होंने सकरा में अच्छे काम किए, अच्छे नाम कमाए और वे हमेशा लोगों के दिलों में बसे रहेंगे। हमारा बहुजन समाज अक्सर अधिकारियों से बात करने में सकुचाता है, लेकिन सर ने हमेशा ऐसे लोगों को हिम्मत दी। जब वे यहां अधिकारी बनकर आए थे, तो हमें लगा कि ब्लॉक में हमारा कोई गार्जियन बैठा है। सीना गर्व से चौड़ा होता था कि कोई भी दिक्कत होगी तो सर संभाल लेंगे। मैं ईश्वर से कामना करता हूँ कि वे भविष्य में और बड़े अधिकारी बनकर पुनः मुजफ्फरपुर जिला में आएं।”

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर एससी एसटी कर्मचारी संघ सकरा के प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुमार, प्रखंड महासचिव चंद्रभूषण, उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार दास, जिला सचिव अवधेश कुमार पासवान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इनके अलावा शिक्षक जीत लाल राम, संजय कुमार चंचल, वार्ड पार्षद उदय कुमार, भीम आर्मी प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार, लक्ष्मी पासवान, भूषण कुमार, संगीता कुमारी, माहेश्वरी देवी, चंद्रकला देवी, सुनीला देवी, अनुराधा देवी, सीमा देवी सहित दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

मौत के कुएं को चीरकर बाहर आया 3 साल का मासूम: 300 फीट गहरे बोरवेल में फंसी जिंदगी जीती, रात भर चले ऑपरेशन के बाद पीयूष सुरक्षित बाहर

गया/फतेहपुर: बिहार के गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत रघुनगर गांव में एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे देश की सांसें थाम दीं। खेलते-खेलते एक 3 वर्षीय मासूम बच्चा पीयूष कुमार 300 फीट गहरे खुले बोरवेल के काल में समा गया। घटना की सूचना आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौत के उस अंधेरे कुएं के चारों तरफ प्रशासनिक अमला और रेस्क्यू टीमों का जमावड़ा लग गया। हर तरफ बस एक ही दुआ थी कि बच्चा सुरक्षित बाहर आ जाए। रात भर चले सांसें रोक देने वाले इस महा-ऑपरेशन के बाद आखिरकार मौत हार गई और मासूम पीयूष कुमार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

मौत को मात देकर मां की आगोश में मासूम: गया के रघुनगर में 300 फीट गहरे बोरवेल से सुरक्षित निकाले जाने के बाद अपनी मां से लिपटा 3 वर्षीय पीयूष कुमार, पास में मौजूद रेस्क्यू टीम के सदस्य।

40 फीट की गहराई पर फंसा था मासूम : 300 फीट गहरा यह बोरवेल किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रहा था। खेलते समय जब पीयूष कुमार इसमें गिरा, तो वह करीब 40 फीट की गहराई पर जाकर एक मोड़ पर फंस गया। अगर वह और नीचे चला जाता तो उसे बचाना बेहद मुश्किल हो जाता। घटना की जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ की 9वीं वाहिनी बिहटा और एसडीआरएफ की टीमें अत्याधुनिक उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं और मोर्चा संभाल लिया।

कैमरे से मिली सटीक लोकेशन, मां की आवाज ने बांधा ढांढस:  रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करते ही सबसे पहले बोरवेल के अंदर विशेष रूप से डिजाइन किए गए कैमरे डाले गए। कैमरे की मदद से पीयूष कुमार की सटीक स्थिति का पता लगाया गया, जिससे यह साफ हुआ कि वह 40 फीट पर अटका हुआ है। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने आधुनिक संचार प्रणाली (कम्युनिकेशन सिस्टम) का उपयोग करते हुए बोरवेल के भीतर माइक और स्पीकर के जरिए पीयूष कुमार की उसकी मां से बातचीत कराई। मां की ममता भरी आवाज जब बोरवेल के अंधेरे में बच्चे के कानों तक पहुंची, तो उसका मनोबल बना रहा और उसने हिम्मत नहीं हारी।

सुनियोजित रणनीति से जीता रात भर चला ऑपरेशन : एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने बिना एक पल गंवाए एक बेहद सुनियोजित रणनीति तैयार की। आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों और हाइड्रोलिक सिस्टम की मदद ली गई। पूरी रात रेस्क्यू कर्मी बिना सोए, बेहद सावधानी से एक-एक इंच आगे बढ़ते रहे, क्योंकि एक छोटी सी चूक भी बच्चे की जान पर भारी पड़ सकती थी। आखिरकार, भोर होते-होते रेस्क्यू टीम को बड़ी कामयाबी मिली और पीयूष कुमार को सकुशल अंधेरे गड्ढे से बाहर खींच लिया गया।

रात भर चला जिंदगी बचाने का महा-अभियान: बोरवेल के मुहाने पर आधुनिक उपकरणों की मदद से बेहद सतर्कता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देते एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जांबाज जवान।

कमांडेंट ने दी जानकारी, परिजनों की आंखों में आए खुशी के आंसू : एनडीआरएफ के कमांडेंट हितेंद्र पाल सिंह कंडारी ने सफल ऑपरेशन के बाद प्रेस ब्रीफिंग में पूरी रेस्क्यू प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि टीम की सजगता और आधुनिक तकनीक के सटीक इस्तेमाल से इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया जा सका। बाहर निकालते ही डॉक्टरों की टीम द्वारा बच्चे की गहन चिकित्सा जांच की गई। पूर्ण रूप से स्वस्थ पाए जाने के बाद पीयूष कुमार को उसके माता-पिता और परिजनों को सौंप दिया गया। अपने लाडले को दोबारा गोद में पाकर माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पूरे रघुनगर गांव में जश्न का माहौल है और लोग रेस्क्यू टीमों को देवदूत मानकर उनका आभार जता रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह बड़ा संदेश दिया है— “बोरवेल सील करें। जीवन बचाएं।”

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

इतिहास रचते हुए पटरियों पर दौड़ी देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन: बिना डीजल-बिजली केवल भाप छोड़ते हुए तय करेगी सफर, भारत बना दुनिया की 5वीं महाशक्ति!

जींद/सोनीपत। भारतीय रेल ने आधुनिक तकनीक, स्वदेशी नवाचार और हरित ऊर्जा के साथ भविष्य की ओर तेजी से बढ़ते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। जींद और सोनीपत के बीच भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई है। नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जींद जंक्शन से सोनीपत के लिए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया है। विकसित भारत के संकल्प को नई गति देने वाला यह एक बेहद ऐतिहासिक कदम है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि भारतीय रेलवे टीम की प्रतिभा और समर्पण को दर्शाती है। यह आत्मनिर्भर भारत का गौरवपूर्ण प्रतीक है और स्वच्छ, भविष्य के लिए तैयार परिवहन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को पूरी मजबूती से दर्शाता है। यह बड़ी उपलब्धि केवल तकनीकी प्रगति नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी सशक्त करती है। स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में यह नई शुरुआत पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। भारत ने इस कदम के साथ हरित गतिशीलता की ओर एक बहुत बड़ा कदम बढ़ा दिया है।

बिना डीजल और बिजली के तारों के चलेगी यह ट्रेन यह देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन है जो कि बिना डीजल और बिजली के तारों के चलेगी। जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली इस पैसेंजर ट्रेन में 2600 लोग सफर कर सकेंगे। फिलहाल यह ट्रेन 89 किलोमीटर के रूट पर चलेगी और 2 घंटे में यह दूरी तय करेगी। बीच में यह ट्रेन 12 स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी।

इंजन से नहीं निकलेगा धुआं, होगा केवल जलवाष्प का उत्सर्जन रेल मंत्रालय के अनुसार, 10 डिब्बों वाली यह ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली पैदा कर संचालित होती है तथा इससे केवल जलवाष्प का उत्सर्जन होता है। रेलवे ने बताया है कि इस ट्रेन का इंजन पुराने इंजन जैसा ही है, बस इसमें डीजल या फिर बाहर से बिजली नहीं ली जाती है। इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से ट्रेन के अंदर ही बिजली बनती है। इस रासायनिक अभिक्रिया से केवल भाप निकलती है। इसके अलावा वातावरण में कोई भी प्रदूषक उत्सर्जित नहीं होता है। यह ट्रेन देश के नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को पाने और जीवाश्म ईंधन कम करने की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है।

हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला दुनिया का पांचवां देश बना भारत हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला भारत अब दुनिया का पांचवां देश बन गया है। इससे पहले यह तकनीक केवल जर्मनी, चीन, जापान, फ्रांस और अमेरिका के पास उपलब्ध है। इस ऐतिहासिक अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इस कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी करीब 26,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों में रेलवे, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत और हरित परिवहन से जुड़ी कई बेहद महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

खून के रिश्ते में खूनी जंग: सकरा में मामूली पैसों के विवाद में चचेरे भाई ने की भाई की पीट-पीटकर निर्मम हत्या, पूरे इलाके में फैली सनसनी!

मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र के रहीमपुर रकसा गाँव की हृदयविदारक घटना; सुबह साथ निकले थे दोनों भाई, कुछ ही घंटों में लाश बनकर लौटा संजय पासवान, हत्यारा पुलिस की गिरफ्त में।

सकरा (मुजफ्फरपुर): मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रहीमपुर रकसा गाँव से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ खून का रिश्ता ही खूनी बन बैठा। मामूली पैसों के आपसी लेनदेन और विवाद में एक चचेरे भाई ने अपने ही सगे चचेरे भाई की बर्बरतापूर्वक लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे गाँव और आस-पास के इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। मृत युवक की पहचान संजय पासवान के रूप में की गई है, जबकि हत्या को अंजाम देने वाले आरोपी का नाम सीताराम पासवान है।

घटना के बाद रहीमपुर रकसा गाँव में पहुँची सकरा पुलिस बल की टीम आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों को ढांढस बंधाती हुई तथा घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाती हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक संजय पासवान और आरोपी सीताराम पासवान दोनों आपस में चचेरे भाई थे। गाँव के लोगों ने बताया कि दोनों भाइयों के बीच कोई पुराना बैर नहीं था और हमेशा की तरह आज सुबह भी दोनों भाई एक साथ हँसते-बोलते घर से बाहर निकले थे। लेकिन किसी को इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि यह मुलाकात आखिरी साबित होने वाली है। घर से कुछ दूरी पर जाने के बाद दोनों के बीच चंद रुपयों के लेनदेन को लेकर बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच जमकर मारपीट होने लगी। इसी दौरान तैश में आकर सीताराम पासवान ने संजय पासवान पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और पीट-पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों द्वारा मामले की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना पाकर सकरा थाना की पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हत्यारे सीताराम पासवान को अपनी कस्टडी में ले लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को भागने का मौका नहीं दिया और उसे दबोच लिया।

घटनास्थल पर जाँच और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को भी बुलाया गया है, जो विभिन्न बिंदुओं पर गहनता से छानबीन कर रही है ताकि कोर्ट में मजबूत सबूत पेश किए जा सकें।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मीडियाकर्मियों को चचेरे भाई की हत्या की प्रारंभिक जाँच और कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी-02, मुजफ्फरपुर मनोज कुमार सिंह।

पुलिस का आधिकारिक बयान:

इस घटना के संदर्भ में जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी-02, मुजफ्फरपुर मनोज कुमार सिंह ने बताया:

“रहीमपुर रकसा गाँव जो सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आता है, वहाँ एक चचेरे भाई द्वारा दूसरे चचेरे भाई को मारपीट कर हत्या कर देने का मामला सामने आया है। मृतक का नाम संजय पासवान और आरोपी का नाम सीताराम पासवान है। दोनों भाई सुबह साथ निकले थे और पैसों के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया। हत्यारे को कस्टडी में लेकर पूछताछ की जा रही है। एफएसएल की टीम भी जाँच कर रही है।”

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

तीन दिवसीय सदस्यता अभियान का समापन, गरीबों के हक पर डाका डालने वालों के खिलाफ फतेहपुर में गरजी खेग्रामस

ताजपुर (समस्तीपुर): गरीबों, भूमिहीनों और मेहनतकशों की हकमारी करने वाले तंत्र की चूलें हिलाने के लिए बिहार प्रदेश खेत मजदूर सभा (खेग्रामस) ने तीन दिवसीय विशेष सदस्यता अभियान चलाया ।  अभियान के अंतिम दिन गांव में व्यवस्था के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया। इस महाअभियान के दौरान फतेहपुर और आस-पास के क्षेत्रों से 300 से अधिक अत्यंत गरीब, शोषित, दलित और दिन-रात हाड़-तोड़ मेहनत करने वाले ग्रामीणों ने खेग्रामस का दामन थामकर शोषण के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।

मजदूरों की हकमारी और दमन बर्दाश्त नहीं करेंगे: सुरेंद्र प्रसाद सिंह

सदस्यता अभियान का संयुक्त रूप से कुशल नेतृत्व कर रहे भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अखिल भारतीय किसान महासभा प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, जुझारू किसान नेता मनोज कुमार सिंह, रंजीत सिंह और चंद्रशेखर कुमार ने उपस्थित लोगों  को संबोधित किया।

सभा के दौरान नेताओं ने वर्तमान प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि , “आज की तारीख में भी लाखों भूमिहीन और अत्यंत गरीब परिवार बुनियादी वासभूमि तथा सिर छिपाने के लिए एक अदद आवास से पूरी तरह महरूम हैं। यह व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है कि हकदारों को उनकी जमीन का सरकारी पर्चा नहीं दिया जा रहा है।”

भ्रष्ट तंत्र पर प्रहार: मनरेगा ठप, राशन कार्डों पर चली कैंची

वक्ताओं ने स्थानीय प्रशासन और नीति-निर्माताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण रोजगार योजना को जमीनी स्तर पर दम तोड़ने के लिए छोड़ दिया गया है। जरूरतमंदों को पर्याप्त और नियमित काम नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही, बेहद अमानवीय और क्रूर रवैया अपनाते हुए बड़ी संख्या में अत्यंत निर्धन और पात्र परिवारों के राशन कार्डों को दुर्भावनापूर्ण तरीके से रद्द कर दिया गया है, जिससे गरीबों के निवाले पर संकट मंडराने लगा है।

खेग्रामस ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के समक्ष अपनी निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:

  1. समस्त भूमिहीन परिवारों को तत्काल वासभूमि एवं रहने योग्य पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए।
  2. जिन पर्चाधारियों को अब तक जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला है, उन्हें अविलंब उनकी जमीन पर वास्तविक कब्जा दिलाया जाए।
  3. मनरेगा के तहत प्रत्येक जरूरतमंद मजदूर को साल भर नियमित रूप से काम सुनिश्चित कराया जाए।
  4. गरीबों के रद्द किए गए सभी राशन कार्डों को बिना किसी देरी के तुरंत पुनर्बहाल किया जाए।

25 जुलाई को होगा ऐतिहासिक घेराव: आर-पार की लड़ाई की चेतावनी

खेग्रामस के नेताओं ने भारी जनसमूह के बीच अंतिम चेतावनी जारी करते हुए घोषणा की कि यदि गरीबों की इन जायज मांगों को तुरंत स्वीकार नहीं किया गया, तो आने वाली 25 जुलाई को ताजपुर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा। उन्होंने फतेहपुर सहित पूरे प्रखंड के समस्त दलितों, वंचितों, खेत मजदूरों और आम ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस दमनकारी व्यवस्था के खिलाफ लाखों की संख्या में सड़कों पर उतरें और 25 जुलाई के इस महाआंदोलन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉक्टरों पर गिरेगी गाज: स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि का कड़ा एक्शन, सीधे सस्पेंड होंगे लापरवाह चिकित्सक

मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने और सरकारी ड्यूटी के दौरान प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई; बेहतर काम करने वालों को मिलेगा सम्मान

पटना । 16 जुलाई 2026।  बिहार के सरकारी स्वास्थ्य महकमे में लापरवाही और कर्तव्यहीनता बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है। बिहार स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जो भी डॉक्टर बिना किसी पूर्व स्वीकृत अवकाश के अपनी रोस्टर ड्यूटी से गायब पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा। सचिव के इस कड़े रुख से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।

बिहार स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान बड़ी स्क्रीन पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के 4 जिलों के सरकारी अस्पतालों की लाइव निगरानी करते स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी।

स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने अरवल, भोजपुर, लखीसराय और सहरसा के सरकारी अस्पतालों के कामकाज की बेहद गहनता से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में उन्होंने अस्पतालों के वार्डों की स्थिति, डॉक्टरों की दैनिक उपस्थिति और मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की लाइव रिपोर्ट देखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निजी प्रैक्टिस और रेफर करने के खेल पर रोक

समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव को कई माध्यमों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ सरकारी डॉक्टर ऑन-ड्यूटी होने के बावजूद अस्पतालों से नदारद रहते हैं या फिर मरीजों को जबरन और अनावश्यक रूप से निजी क्लीनिकों या निजी अस्पतालों में रेफर कर देते हैं। इस गंभीर मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कुमार रवि ने निर्देश दिया कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को अनुचित लाभ के लिए निजी अस्पतालों में भेजने वाले और सरकारी ड्यूटी की समयावधि के दौरान चोरी-छिपे निजी प्रैक्टिस में संलिप्त पाए जाने वाले चिकित्सकों पर निलंबन सहित कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

बेहतर कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी होंगे सम्मानित

एक तरफ जहां लापरवाह और गैर-जिम्मेदार डॉक्टरों के लिए विभाग ने बेहद सख्त रवैया अख्तियार किया है, वहीं दूसरी तरफ कर्मठ, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सकों के मनोबल को बढ़ाने के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने स्पष्ट किया कि जो भी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी विषम परिस्थितियों में भी अपनी उत्कृष्ट और सराहनीय सेवा दे रहे हैं, उन्हें सरकार द्वारा चिन्हित किया जाएगा। ऐसे बेहतर कार्य करने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभाग की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार हो सके।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

पटना की सड़कों पर उमड़ा आस्था का सैलाब: सीएम  ने खुद झाड़ू लगाकर खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ, जयघोष से गूंजा बिहार!

पटना, 16 जुलाई 2026 बिहार की राजधानी पटना में आज उस वक्त भक्ति का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला, जब भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) मंदिर और गर्दनीबाग स्थित ठाकुरबाड़ी में आयोजित इस भव्य रथ यात्रा महोत्सव का शुभारंभ करने स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहुंचे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर इस ऐतिहासिक और पावन महोत्सव का उद्घाटन किया।

आस्था और सेवा का अनोखा संगम: (बाएं) बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर द्वारा आयोजित भव्य रथ यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भक्तिपूर्वक मार्ग पर झाड़ू लगाकर सेवा करते हुए। (दाएं) गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ रथ की रस्सी खींचकर महाप्रभु की पावन यात्रा का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

भक्ति में लीन मुख्यमंत्री ने खुद संभाली कमान

इस बेहद खास और पावन अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न केवल भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की आरती उतारी, बल्कि भक्ति भाव में लीन होकर रथ यात्रा के मार्ग में स्वयं झाड़ू लगाया। उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ महाप्रभु के रथ की रस्सी खींची और इस विशाल रथ यात्रा को आगे बढ़ाया। इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी हुई थी, जो लगातार जय जगन्नाथ और हरे कृष्णा के नारे लगा रही थी।

इस्कॉन मंदिर प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष रमन मनोहर दास ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को पुष्पमाला पहनाई, अंगवस्त्र ओढ़ाया और एक विशेष स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में भी गूंजा जयकारा

इस्कॉन मंदिर के इस भक्तिमय कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सीधे गर्दनीबाग स्थित ठाकुरबाड़ी पहुंचे, जहां बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद द्वारा भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया था।

गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उसी श्रद्धा भाव से भगवान जगन्नाथ की आरती की और रथ मार्ग पर झाड़ू लगाकर सेवा की। इसके बाद उन्होंने महाप्रभु के रथ की रस्सी खींचकर रथ यात्रा को प्रस्थान कराया। यहां मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ के चरणों में शीश नवाया और राज्य की जनता के लिए सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की मंगल कामना की। इस दौरान बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन ने मुख्यमंत्री को पुष्पमाला और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

दिग्गज नेताओं की रही भारी मौजूदगी

इस ऐतिहासिक और भक्तिमय महाआयोजन में बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों ने भी हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिहार विधानसभा के सभापति अवधेश नारायण सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, उच्च शिक्षा सह विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक संजय सरावगी उपस्थित रहे। इसके साथ ही विधायक संजीव चौरसिया, विधायक रत्नेश कुशवाहा, विधायक श्याम रजक, बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य शायन कुणाल, इस्कॉन मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य राधापति चरण दास सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,

||  https://newsbharattv.in  ||

सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगी NEET-JEE की फ्री कोचिंग, सीएम सम्राट चौधरी ने पटना के 10 मॉडल स्कूलों में शुरू की डिजिटल क्रांति!

पटना, 16 जुलाई 2026 बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर, पटना से एक बेहद महत्वाकांक्षी और अभिनव पहल ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेस’ का भव्य शुभारंभ कर राज्य में डिजिटल व तकनीक-संचालित शिक्षा के एक नए युग की शुरुआत कर दी है.

इस क्रांतिकारी कदम के बाद अब राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब और सामान्य परिवारों के विद्यार्थियों को भी बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों की तरह विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा लाइव कक्षाएं, बेहतरीन डिजिटल अध्ययन सामग्री तथा आधुनिक तकनीक पर आधारित शिक्षण का लाभ मिल सकेगा. इसके साथ ही, मुख्यमंत्री द्वारा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से संचालित ऑनलाइन कोचिंग कार्यक्रम एवं इंजीनियरिंग (JEE) व मेडिकल (NEET) प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष ‘निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण तैयारी अभियान’ का शंखनाद किया गया.

पहले चरण में राजधानी के 10 मॉडल स्कूल कनेक्टेड, सीधे क्लासरूम तक पहुँचेगी क्वालिटी एजुकेशन इस महा-अभियान के तहत पहले चरण में राजधानी पटना के 10 चयनित मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालयों) के विद्यार्थियों को अत्याधुनिक लाइव शिक्षण व्यवस्था से सीधे जोड़ दिया गया है. इसके जरिए अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सीधे क्लासरूम की स्क्रीन तक पहुंचेगी. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल में नवनिर्मित 2 अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम और इंटरएक्टिव पैनल पर आधारित आधुनिक शिक्षण प्रणाली का लोकार्पण किया. यह नई व्यवस्था छात्रों के सीखने के अनुभव को और अधिक प्रभावी, रोचक, दृश्य-श्रव्य माध्यमों से लैस तथा तकनीक-संपन्न बनाएगी. समारोह में जिला अधिकारी कुंदन कुमार ने एक शानदार प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) के माध्यम से मुख्यमंत्री को ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेस’ की पूरी पृष्ठभूमि और इसके जरिए संचालित होने वाली आगामी शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी.

स्कूल का सघन निरीक्षण, मेधावी छात्रों और हॉकी प्लेयर्स का बढ़ा मान : शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर का सघन निरीक्षण किया. उन्होंने स्कूल की नवनिर्मित बायोलॉजी लैब, फिजिक्स लैब, आईएसएम लैब, आईसीटी लैब, स्पोर्ट्स रूम और म्यूजिक रूम का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद छात्राओं से अत्यंत आत्मीयता से बातचीत की, पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया और उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आप सभी पूरी एकाग्रता और लगन से मन लगाकर पढ़ें और जीवन में आगे बढ़ें.

इस गौरवमयी अवसर पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट स्थान हासिल करने वाले मेधावी अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री के हाथों ‘उत्कृष्टता प्रमाण पत्र’ देकर सम्मानित किया गया. इसके साथ ही, खेल के क्षेत्र में स्कूल का नाम रोशन करने वाली और हॉकी खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शास्त्रीनगर गर्ल्स हाई स्कूल की प्रतिभावान छात्राओं को मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सम्मानित किया और उनके बीच खेल को बढ़ावा देने के लिए निशुल्क हॉकी किट का वितरण भी किया. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलों का भी जीवन में बेहद महत्वपूर्ण स्थान है.

शिक्षा में बड़ी डिजिटल छलांग: 7 दिग्गज स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ ऐतिहासिक ‘एमओयू‘ साइन बिहार की शिक्षा व्यवस्था में नवाचार, कौशल विकास और गुणवत्ता को एक अभूतपूर्व गति देने के उद्देश्य से आज मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में शिक्षा विभाग ने देश की 7 प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. जिन 7 बड़ी संस्थाओं के साथ एमओयू किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  1. लॉर्ड्स एजुकेशन एंड हेल्थ सोसाइटी / वाधवानी एआई
  2. खान एकेडमी इंडिया
  3. प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन
  4. एएक्सएल (एक स्टेप फाउंडेशन)
  5. पीआई जैम फाउंडेशन
  6. मंत्रा4चेंज
  7. शिक्षा लोकम फाउंडेशन

इस ऐतिहासिक साझेदारी का पूरा लाभ बिहार के सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को पूरी तरह निशुल्क मिलेगा. इन संस्थाओं के सहयोग से सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN), स्टेम (STEM) शिक्षा, गणित एवं विज्ञान के कठिन विषयों की सरल समझ, शिक्षण नेतृत्व (टीचिंग लीडरशिप), कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, कोडिंग, डिज़ाइन थिंकिंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, शिक्षकों का विश्वस्तरीय क्षमता निर्माण, एआई-आधारित मूल्यांकन (असेसमेंट) तथा डेटा-आधारित शैक्षणिक प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यापक और युगांतकारी सुधार किए जाएंगे.

संसाधनों के अभाव में अब दम नहीं तोड़ेंगे बिहार के बच्चों के सपने: सम्राट चौधरी इस ऐतिहासिक मौके पर अपना संकल्प दोहराते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट और अडिग है— बिहार का कोई भी विद्यार्थी अब संसाधनों की कमी या आर्थिक तंगी के कारण अपने सुनहरे सपनों से समझौता नहीं करेगा. तकनीक पर आधारित, गुणवत्तापूर्ण और प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर उन्मुख शिक्षा की समान पहुंच राज्य के हर कोने तक सुनिश्चित करके हम अपनी नई पीढ़ी को बेहद आत्मविश्वासी, सक्षम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा (ग्लोबल कॉम्पिटिशन) का सामना करने के लिए तैयार बना रहे हैं. ऑनलाइन कोचिंग और नीट-जेईई प्रोग्राम के शुरू होने से अब सूबे के हर तबके के बच्चे को देश के टॉप एक्सपर्ट्स का मार्गदर्शन घर बैठे मिल सकेगा, जो बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई बुलंद ऊँचाई पर ले जाएगा.

समारोह में राज्य की शीर्ष लीडरशिप और प्रशासनिक अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी शास्त्रीनगर में आयोजित इस बेहद भव्य और उच्च स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मंच और दीर्घा में राज्य के कई प्रमुख राजनेता और प्रशासनिक सेवा के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ त्याग राजन एसएम, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सज्जन राज शेखर, बीएसईआईडीसी की प्रबंध निदेशक इनायत खान, प्राथमिक शिक्षा के निदेशक कुमार निशांत विवेक, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा सहित शिक्षा विभाग के कई अन्य आला अधिकारी शामिल हुए. इसके साथ ही राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर की प्राचार्या श्वेता रानी, स्कूल के सभी शिक्षकगण, शिक्षिकाएं और सैकड़ों की संख्या में उत्साहित छात्राएं इस ऐतिहासिक पल की गवाह बनीं.

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें

||  https://newsbharattv.in  ||

इसी महीने टीआरई 4 की अधियाचना बीपीएससी को भेजने का एलान, तबादले की पारदर्शी नीति से बदलेगी पूरी व्यवस्था!

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की बड़ी घोषणा: महिला शिक्षकों को पंचायत और पुरुषों को प्रखंड के पास तैनात करने का सरकार का संकल्प

पटना, 16 जुलाई 2026 | बिहार सरकार ने राज्य के लाखों शिक्षकों और शिक्षक अभ्यर्थियों के हित में एक बेहद महत्‍वपूर्ण कदम उठाया है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान राज्य की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए बड़े फैसलों का एलान किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने साफ तौर पर कहा है कि इसी महीने टीआरई-4  की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी को भेजी जा रही है, सरकार के इस कदम से राज्य में रोजगार और शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया को एक नई और अभूतपूर्व रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसके साथ ही राज्य में लंबे समय से लंबित और बहुप्रतीक्षित शिक्षकों के स्थानांतरण यानी ट्रांसफर की प्रक्रिया को लेकर भी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया बीती 10 जुलाई से शुरू हो चुकी है। इस समय इसके तहत विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। वर्तमान में रेशनलाइजेशन यानी युक्तिकरण का काम बेहद युद्धस्तर पर चल रहा है ताकि किसी भी शिक्षक को ट्रांसफर लेने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

हर 5 साल में होगा तबादला सरकार के संकल्प के मुताबिक अब राज्य में हर 5 साल की अवधि पर शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित होती रहेगी। इस नीति के तहत महिला शिक्षकों को उनके गृह पंचायत के बिल्कुल बगल में और पुरुष शिक्षकों को उनके गृह प्रखंड के बगल में लाने की नीति बनाई गई है ताकि वे बिना किसी मानसिक तनाव के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकें।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जोर देकर कहा कि इस बार जो स्थानांतरण नीति लागू की गई है, वह नीति इतनी पारदर्शी, इतनी सुगम और लोकोपयोगी है कि इससे बिहार की शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। सरकार का यह संकल्प है कि शिक्षकों को उनके घर के नजदीक तैनात किया जाए ताकि उनका मनोबल बढ़े। इसी पवित्र उद्देश्य के साथ रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से पार करके शिक्षक अपना मनचाहा और सुगम स्थानांतरण पा सकेंगे। राज्य सरकार के इस कदम से संपूर्ण बिहार के शिक्षकों में भारी हर्ष का माहौल देखा जा रहा है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

अब सात समंदर पार नौकरी करेंगे बिहार के लाल, फ्री में सीखें कोरियन, जर्मन और जापानी भाषा!

पटना, 16 जुलाई 2026।  बिहार के युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार और उच्च शिक्षा के बंद दरवाजे अब पूरी तरह से खुलने जा रहे हैं। बिहार सरकार ने राज्य के होनहार युवाओं को विदेशों में रोजगार के बेहतरीन और बड़े अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के विशेष अवसर पर राजधानी पटना के पटना सिटी स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), गुलजारबाग में एक भव्य समारोह के बीच कोरियन भाषा प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया।

पटना के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), गुलजारबाग में विश्व युवा कौशल दिवस पर कोरियन भाषा प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ के अवसर पर दीप प्रज्वलित करते युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. कौशल किशोर। साथ में उपस्थित बिहार कौशल विकास मिशन के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नवदीप शुक्ला, निदेशक सुनील कुमार एवं प्रबंध निदेशक मनीष शंकर।

इस महत्वाकांक्षी केंद्र का उद्घाटन युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार सरकार के सचिव डॉ. कौशल किशोर के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस ऐतिहासिक पहल के बाद अब बिहार के युवाओं को विदेशी धरती पर बड़े पैकेजों वाली नौकरियों से सीधे जोड़ा जा सकेगा।

300 घंटे की मुफ्त ट्रेनिंग, नहीं लगेगा एक भी पैसा : उद्घाटन के उपरांत समारोह को संबोधित करते हुए विभाग के सचिव डॉ. कौशल किशोर ने युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस केंद्र में दिया जाने वाला करीब 300 घंटे का यह विशेष भाषा प्रशिक्षण पूरी तरह से निःशुल्क होगा। युवाओं को इसके लिए एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि संस्थान में केवल कोरियन ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा मांग में रहने वाली अन्य भाषाएं जैसे अंग्रेजी, जर्मन, जापानी और अरबी भाषा का भी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होंगे युवा:  इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार के युवाओं के भीतर से विदेशी भाषाओं की झिझक को पूरी तरह समाप्त करना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाले रोजगार एवं उच्च शिक्षा के अवसरों के योग्य बनाना है। यह केंद्र युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, उनके भीतर विदेशी भाषा कौशल को पूरी तरह से विकसित करने तथा अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट जगत में रोजगार के नए एवं सुनहरे रास्ते खोलने में मील का पत्थर साबित होगा।

समारोह में जुटे आला अधिकारी : इस ऐतिहासिक शुभारंभ के अवसर पर बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नवदीप शुक्ला, नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशक सुनील कुमार तथा प्रबंध निदेशक मनीष शंकर सहित अन्य गणमान्य अतिथियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अधिकारियों ने युवाओं को इस योजना का बढ़-चढ़कर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

इस कार्यक्रम के तहत कोई भी स्नातक, ITI, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग या नर्सिंग का अभ्यर्थी एडमिशन ले सकता है। इसके लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर 1800-296-5656 और पंजीकरण लिंक भी जारी कर दिया है, ताकि युवा घर बैठे इसके लिए आवेदन कर सकें।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||