Wednesday, July 29, 2026

सीमांचल में बरसे करोड़ों के उपहार: समृद्धि यात्रा में नीतीश ने अररिया-किशनगंज को दी ₹781 करोड़ की सौगात

अररिया/किशनगंज। मुख्य संवाददाता

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के क्रम में बुधवार को सीमांचल के अररिया और किशनगंज जिलों के दौरे पर रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों के विकास के लिए कुल ₹781 करोड़ से अधिक की योजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ‘सुशासन से समृद्धि’ के मंत्र के साथ बिहारवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अररिया: पुलिस केंद्र और शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने अररिया जिले में 546 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का कार्यारंभ एवं शिलान्यास किया। उन्होंने यहाँ 331 करोड़ रुपये की 6 योजनाओं का शिलान्यास किया, जबकि 157 करोड़ की 60 योजनाओं का उद्घाटन कर उन्हें जनता को समर्पित किया। साथ ही 58 करोड़ की 2 नई योजनाओं का कार्यारंभ भी कराया गया।

भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने नए पुलिस केंद्र के प्रशासनिक भवन और जी.एन.एम. (GNM) छात्रावास का उद्घाटन किया। उन्होंने छात्रावास के छात्रों से संवाद कर उनकी पढ़ाई और सुविधाओं की जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, कोशी दुग्ध परियोजना (पूर्णिया) के अंतर्गत अररिया सेंटर के सुदृढ़ीकरण कार्य का उद्घाटन किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री ने दुग्ध आपूर्तिकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनकी आय और चुनौतियों पर चर्चा की।

किशनगंज: बाईपास और जनसंवाद की गूँज

किशनगंज की ऐतिहासिक भूमि पर पहुँचकर मुख्यमंत्री ने 235 करोड़ रुपये की सौगात दी। इसमें 133 करोड़ की 73 योजनाओं का शिलान्यास और 102 करोड़ की 49 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। ठाकुरगंज में आयोजित विशाल जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनता की समस्याओं को सुना और विकास के प्रति अपनी कटिबद्धता दोहराई।

उन्होंने विशेष रूप से ठाकुरगंज बाईपास का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान घोषित पिछली योजनाओं का भी फीडबैक लिया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि काम कागजों से निकलकर जमीन पर उतरा है या नहीं।

अधिकारियों को कड़ी हिदायत: समय सीमा का रखें ध्यान

दौरे के अंत में मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि:

  • योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए।
  • विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
  • जो योजनाएं अभी शुरू हुई हैं, उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करें ताकि जनता को त्वरित लाभ मिले।

मंच पर दिग्गजों का जमावड़ा

इस ऐतिहासिक अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री दिलीप जायसवाल, जमा खान, ठाकुरगंज विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल सहित शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।


एक नज़र में मुख्य आंकड़े:

  • कुल सौगात: ₹781 करोड़ (लगभग)
  • कुल उद्घाटन: 109 योजनाएं
  • कुल शिलान्यास: 79 योजनाएं
  • प्रमुख कार्य: पुलिस केंद्र, डेयरी प्रोजेक्ट, GNM हॉस्टल और सड़क बाईपास।

जनसमस्याओं को लेकर भाकपा माले का हल्ला बोल, आंदोलन की चेतावनी

समस्तीपुर/ताजपुर | 11 मार्च 2026

ताजपुर (समस्तीपुर): भाकपा माले की फतेहपुर शाखा की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को शाखा सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह के पर्यवेक्षण में आयोजित इस बैठक में स्थानीय जनसमस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।

भ्रष्टाचार और महंगाई पर घेरा

बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि आज आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाली से त्रस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • अंचल एवं आपूर्ति कार्यालय: यहाँ घूसखोरी का बोलबाला है, बिना पैसे के कोई काम नहीं होता।
  • योजनाओं में लूट: आवास योजना में खुलेआम घूस मांगी जा रही है और मनरेगा में व्यापक लूट मची है।
  • गैस किल्लत: रसोई गैस की किल्लत से गरीब परिवारों का चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है।

चरणबद्ध आंदोलन का शंखनाद

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए पार्टी चरणबद्ध आंदोलन छेड़ेगी। रणनीति के तहत:

  1. प्रथम चरण: गांव-गांव जाकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
  2. द्वितीय चरण: मांगें पूरी न होने पर उग्र धरना-प्रदर्शन और सरकारी कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।

पुनर्वास की मांग को लेकर कल से अनिश्चितकालीन अनशन

बैठक में एक विशेष प्रस्ताव पारित कर हसनपुर के मंगलगढ़ में पुस्तैनी रूप से बसे करीब एक हजार भूमिहीनों को उजाड़ने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई। इन परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर 12 मार्च से समस्तीपुर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष होने वाले अनिश्चितकालीन अनशन में ताजपुर प्रखंड से भारी संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।

उपस्थिति: इस बैठक में मुख्य रूप से रंजीत कुमार सिंह, सूर्यदेव सिंह, सुलेखा कुमारी, अनिल कुमार सिंह समेत दर्जनों कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

एमडीडीएम कॉलेज में खेल उत्सव का आगाज: ‘मेडल लाओ-नौकरी पाओ’ के मंत्र के साथ छात्राओं ने दिखाई खेल भावना

मुजफ्फरपुर | 11 मार्च, 2026 स्थानीय महंत दर्शन दास महिला (एमडीडीएम) महाविद्यालय के प्रांगण में बुधवार को वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। उत्साह और ऊर्जा से भरे इस आयोजन की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. डॉ. अलका जायसवाल ने की। यह प्रतियोगिता न केवल छात्राओं के शारीरिक कौशल का प्रदर्शन है, बल्कि उनके भविष्य के करियर निर्माण की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

तस्‍वीर में मुख्य अतिथि डॉ. अशोक कुमार शाह एवं प्राचार्य प्रो. डॉ. अलका जायसवाल  संयुक्त रूप से शतरंज की चाल खेलकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते

शानदार उद्घाटन: बिसात पर चलीं चालें, टेबल पर दिखा दम

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. अशोक कुमार शाह (सचिव, स्पोर्ट्स काउंसिल, बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय) और प्राचार्य प्रो. डॉ. अलका जायसवाल ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन का आकर्षण तब बढ़ गया जब अतिथियों ने स्वयं शतरंज की बिसात पर चालें चलीं और टेबल टेनिस खेलकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।

मुख्य अतिथि डॉ. शाह ने अपने संबोधन में कहा, खेल मनुष्य के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। जीवन के शुरुआती दौर से ही मनुष्य जिस कार्य को सबसे अधिक रुचि और सहजता से करता है, वह खेल ही है। यह न केवल मनोरंजन है, बल्कि अनुशासन और टीम भावना सीखने की पाठशाला भी है।”

खेल और रोजगार: प्राचार्य का बड़ा संदेश

प्राचार्य प्रो. डॉ. अलका जायसवाल ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए एक महत्वपूर्ण बिंदु पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, वर्तमान समय में खेलों में करियर की अपार संभावनाएं हैं। बिहार सरकार की मेडल लाओ, नौकरी पाओयोजना ने खिलाड़ियों के लिए रोजगार के नए द्वार खोल दिए हैं। आज खेल जगत में बेटियां अपना परचम लहरा रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ आत्मा का निवास होता है, जो शैक्षणिक सफलता के लिए भी अनिवार्य है।

मैदान पर मुकाबला: सृष्टि और रुचि ने मारी बाजी

प्रतियोगिता के पहले दिन दो प्रमुख स्पर्धाओं के परिणाम घोषित किए गए:

  • शतरंज : एकाग्रता और रणनीति के इस खेल में सृष्टि कुमारी ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। कड़ी टक्कर देने के बाद अर्जित रानी को द्वितीय स्थान से संतोष करना पड़ा।
  • टेबल टेनिस : टेबल टेनिस के फाइनल मुकाबले में रोमांच चरम पर था। रुचि रंजन ने आक्रामक खेल दिखाते हुए सृष्टि कुमारी को पराजित कर  प्रथम स्थान पर कब्जा जमाया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम की शुरुआत स्पोर्ट्स सेक्रेट्री डॉ. राम दुलार साहनी के स्वागत भाषण से हुई, जबकि अंत में डॉ. मीनाक्षी कुमारी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर डॉ. कुमारी सरोज, डॉ. निशि कांति, डॉ. अनुराधा सिंह, डॉ. प्रांजलि, डॉ. अर्चना गुप्ता, डॉ. स्मिता, डॉ. नेहा रानी, डॉ. नीरजा, डॉ. रचना, डॉ. शगुफ्ता नाज, डॉ. स्वाति कुमारी, डॉ. आभा कुमारी, डॉ. प्रियम फ्रांसिस, डॉ. माला, डॉ. सुरबाला वर्मा सहित कॉलेज के अन्य शिक्षकगण और सैकड़ों की संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।

बिहार: अंतर्जातीय विवाह पर सरकार देगी 1 लाख रुपये की मदद, सामाजिक समरसता को मिलेगा बढ़ावा

समाज कल्याण विभाग की पहल: नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक मजबूती देने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट की सुविधा

पटना | मुख्य संवाददाता बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग ने राज्य में जातिगत भेदभाव को मिटाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के तहत एक बड़ा कदम उठाया है। इस योजना के अंतर्गत अंतर्जातीय विवाह करने वाले पात्र जोड़ों को ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण

योजना का मुख्य उद्देश्य नवविवाहित महिला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार द्वारा दी जाने वाली यह राशि सीधे नकद न देकर, सावधि जमा  के रूप में प्रदान की जाती है। यह जमा राशि उस राष्ट्रीयकृत बैंक में रखी जाती है जो अधिकतम परिपक्वता  लाभ दे रहा हो, ताकि भविष्य में दंपत्ति को एक बड़ी राशि मिल सके।

योजना के लिए मुख्य शर्तें और पात्रता

अंतर्जातीय विवाह करने वाले पात्र (इच्छुक) जोड़ों के लिए विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • आयु सीमा: विवाह के समय महिला की आयु 18 वर्ष से अधिक और पुरुष की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी अनिवार्य है।
  • पंजीकरण: योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकृत विवाह  होना आवश्यक है। बिना कानूनी पंजीकरण के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

कैसे करें आवेदन?

इच्छुक पात्र दंपत्ति को अपना आवेदन विहित प्रपत्र (निर्धारित फॉर्म) में भरकर अपने जिले के जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग में जमा करना होगा। योजना की विस्तृत जानकारी और सहायता के लिए लाभार्थी अपने जिले के सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग या संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी  के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

यह योजना समाज में समानता और समरसता लाने की एक सशक्त पहल है। 1,00,000 की फिक्स्ड डिपॉजिट राशि नए जोड़ों के लिए एक सुरक्षित भविष्य की नींव रखेगी।”समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार


बिहार के युवाओं को बड़ी सौगात: हर विधानसभा क्षेत्र में खुलेगी ‘मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी’

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के छात्र-छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना के तहत अब राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी केंद्रों की स्थापना की जा रही है।

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

सबके लिए शिक्षा, सबकी उन्नति

सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच के ‘डिजिटल डिवाइड’ को कम करना है। इस योजना का स्लोगन डिजिटल लाइब्रेरी से प्रगति” रखा गया है, जो राज्य के युवाओं को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने के संकल्प को दर्शाता है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • आधुनिक सुविधाएं: इन केंद्रों पर हाई-स्पीड इंटरनेट, ई-बुक्स, और आधुनिक कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध होंगे।
  • व्यापक पहुंच: राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में केंद्र होने से दूर-दराज के गांवों के छात्रों को भी शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में मदद: छात्र यहां बैठकर यूपीएससी, बीपीएससी, बैंकिंग और रेलवे जैसी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन स्टडी मटेरियल का उपयोग कर सकेंगे।
  • नि:शुल्क संसाधन: इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण और संसाधन सुलभ होंगे।

बदलेगी बिहार की शैक्षणिक तस्वीर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना बिहार के युवाओं को न केवल शिक्षित करेगी, बल्कि उन्हें डिजिटल रूप से साक्षर बनाकर रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री की इस पहल से “सबके लिए शिक्षा” का सपना अब हकीकत में बदलता नजर आ रहा है।


अधूरे घर, अधूरे सपने… अब होंगे पूरे: बिहार सरकार दे रही ₹50,000 की सहायता

पटना। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य के गरीब और वंचित परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास सहायता योजना के तहत अब उन परिवारों का अपने पक्के घर का सपना सच हो सकेगा, जिनके निर्माण कार्य आर्थिक तंगी के कारण बीच में ही रुक गए थे।

किन परिवारों को मिलेगा लाभ?

इस योजना का मुख्य फोकस समाज के उन वर्गों पर है जिन्हें सिर छिपाने के लिए छत की सबसे ज्यादा जरूरत है। योजना के दायरे में निम्नलिखित श्रेणियों को रखा गया है:

  • अनुसूचित जाति (SC)
  • अनुसूचित जनजाति (ST)
  • अति पिछड़ा वर्ग (EBC)

₹50,000 की सीधी मदद

अक्सर देखा जाता है कि कई परिवार सरकारी आवास योजना की शुरुआती किश्त या अपनी जमापूंजी से घर बनाना शुरू तो कर देते हैं, लेकिन फंड खत्म होने के कारण घर ‘अधूरे या अपूर्ण’ अवस्था में ही रह जाते हैं। ऐसे ही अधूरे घरों को पूरा कराने के लिए सरकार 50,000 की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।

“सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गरीब परिवार अधूरे घर में रहने को मजबूर न हो। यह सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी ताकि वे अपने घर की छत, फिनिशिंग या अन्य छूटे हुए कार्यों को पूरा कर सकें।”

ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार

योजना की मुख्य बातें एक नज़र में:

विवरणजानकारी
योजना का नाममुख्यमंत्री ग्रामीण आवास सहायता योजना
सहायता राशि₹50,000
पात्र वर्गSC, ST एवं अति पिछड़ा वर्ग
उद्देश्यअधूरे/अपूर्ण आवासों को पूर्ण कराना

इस पहल से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार आएगा, बल्कि उन हजारों परिवारों को संबल मिलेगा जो वर्षों से अपने घर के पूरा होने की राह देख रहे थे।

‘समृद्धि यात्रा’ के साथ विकास की नई ऊँचाइयों पर बिहार: सुपौल और मधेपुरा को मिली 1,000 करोड़ से अधिक की सौगात

मधेपुरा/सुपौल | 10 मार्च, 2026 बिहार को विकसित राज्यों की अग्रणी श्रेणी में लाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का तीसरा चरण आज कोसी क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिख गया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सुपौल और मधेपुरा जिलों का सघन दौरा किया, जहाँ उन्होंने न केवल ₹1,000 करोड़ से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया, बल्कि जन-संवाद के माध्यम से सीधा फीडबैक भी लिया।

मधेपुरा में जीविका दीदियों का बढ़ा मान, करोड़ों के चेक वितरित

मधेपुरा में मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर रहा। उन्होंने जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और उनके उत्पादों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने:

  • 15,748 स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के बीच ₹173 करोड़ की राशि का सांकेतिक चेक प्रदान किया।
  • सतत् जीविकोपार्जन योजना के अंतर्गत 472 लाभार्थियों को ₹2,60,96,000 की सहायता राशि सौंपी।
  • मधेपुरा पुलिस लाइन के नवनिर्मित प्रशासनिक एवं आवासीय भवनों का भी उद्घाटन किया।

सुपौल में बुनियादी ढांचे को मजबूती

सुपौल जिला प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने ₹570 करोड़ की योजनाओं का उपहार दिया। इसमें:

  • 435 करोड़ रु. की लागत वाली 84 योजनाओं का शिलान्यास।
  • 135 करोड़ रु. की 129 योजनाओं का लोकार्पण।
  • निर्मली रिंग बांध के जीर्णोद्धार कार्य का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्ता के सख्त निर्देश दिए।

अधिकारियों को निर्देश: “समयबद्धता और पारदर्शिता से समझौता नहीं”

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट लहजे में कहा कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुँचना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि:

  1. सभी चालू योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से हो।
  2. आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन संवेदनशील और सक्रिय रहे।

जन-संवाद: “सुशासन से समृद्धि” का संकल्प

विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों और प्रदर्शनी (शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य) का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं और स्कूली बच्चों से भी बातचीत की। जन-संवाद कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने दोहराया कि ‘समृद्धि यात्रा’ का उद्देश्य न्याय के साथ विकास और हर क्षेत्र की समान प्रगति सुनिश्चित करना है।


बिहार के शहरों में ‘अवैध होर्डिंग’ पर चला सरकारी बुलडोजर: 11 हजार से अधिक मामले दर्ज, लाखों का जुर्माना

पटना | मुख्य संवाददाता बिहार के शहरों को सुंदर, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के संकल्प के साथ राज्य सरकार ने अवैध होर्डिंग और विज्ञापनों के खिलाफ एक निर्णायक जंग छेड़ दी है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर पूरे प्रदेश के 38 जिलों में सघन तलाशी और जब्ती अभियान चलाया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सड़कों पर नियमों को ताक पर रखकर विज्ञापन लगाने वालों को ‘आर्थिक अपराधी’ मानकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिकात्‍मक तस्‍वीर

11 हजार से अधिक मामले, 20 लाख की वसूली

ताजा आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य के 264 नगर निकायों में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत अब तक 11,000 से अधिक अवैध होर्डिंग के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए सरकार ने करीब 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। यह अभियान केवल विज्ञापन हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर भारी आर्थिक दंड भी लगाया जा रहा है।

प्रमुख शहरों में सख्त कार्रवाई का ब्योरा

अभियान का सबसे व्यापक असर राजधानी पटना सहित प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर देखा जा रहा है:

  • पटना: पटना नगर निगम क्षेत्र में 200 से अधिक अवैध होर्डिंग हटाए गए हैं, जबकि 250 से अधिक अन्य होर्डिंग मालिकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
  • भागलपुर: यहां प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 10 बड़े संस्थानों पर FIR दर्ज की है और अकेले इस जिले से 19 लाख रुपये से अधिक का दंड वसूला गया है।
  • मुजफ्फरपुर और बेगूसराय: मुजफ्फरपुर में 55 अवैध होर्डिंग हटाए गए और 71 को नोटिस दिया गया है, वहीं बेगूसराय में भी 7 प्रमुख अवैध विज्ञापनों पर कार्रवाई की गई है।

जनसुरक्षा और यातायात है प्राथमिकता

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि शहरों की सुंदरता के साथ-साथ यातायात व्यवस्था और जनसुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अक्सर अवैध होर्डिंग सड़कों के मोड़ों या बिजली के खंभों पर इस तरह लगा दिए जाते हैं जिससे वाहन चालकों का ध्यान भटकता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही, बिना अनुमति लगे भारी-भरकम होर्डिंग गिरने से जान-माल का खतरा भी बना रहता है।

चेतावनी: आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि यह कोई सांकेतिक अभियान नहीं है। आने वाले दिनों में राज्य के अन्य छोटे शहरों और कस्बों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। नगर विकास विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन की रिपोर्ट तैयार करें।

अवैध विज्ञापन सामग्री हटाने की प्रक्रिया एक निरंतर चलने वाली कार्रवाई है। जो लोग शहर की सूरत बिगाड़ रहे हैं, उन पर हमारी नजर है। आने वाले समय में कार्रवाई का दायरा और बढ़ेगा।”  — विजय कुमार सिन्हा, उपमुख्यमंत्री, बिहार

प्रशासन ने व्यवसायियों और विज्ञापन एजेंसियों से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और केवल वैध स्थानों पर ही होर्डिंग लगाएं, अन्यथा भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ का तीसरा चरण आज से: सुपौल और मधेपुरा में जनता से सीधा संवाद करेंगे मुख्यमंत्री

पटना/सुपौल । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज यानी मंगलवार, 10 मार्च 2026 से अपनी बहुचर्चित समृद्धि यात्रा के तीसरे और निर्णायक चरण का शुभारंभ कर रहे हैं। बजट सत्र के कारण स्थगित हुई यह यात्रा अब कोसी और सीमांचल के क्षेत्रों से दोबारा शुरू हो रही है। यात्रा के पहले दिन मुख्यमंत्री सुपौल और मधेपुरा जिलों का दौरा करेंगे, जहाँ वे न केवल सरकारी फाइलों की समीक्षा करेंगे बल्कि सीधे जनता के बीच जाकर सरकारी योजनाओं का ‘फीडबैक’ भी लेंगे।

फाइल फोटो (प्रतिकात्‍मक)

आज की कार्ययोजना: स्पॉट विजिट और समीक्षा बैठक

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री आज सुबह सुपौल पहुंचेंगे। यहाँ वे विभिन्न विकास योजनाओं का स्पॉट विजिट करेंगे, जिसमें सड़क, पुल, स्वास्थ्य केंद्र और हर घर नल का जल जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। दोपहर बाद वे मधेपुरा के लिए रवाना होंगे। मधेपुरा में मुख्यमंत्री जिले के आला अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि आज का रात्रि विश्राम मधेपुरा में ही होगा, जिससे वे स्थानीय समस्याओं को और अधिक गहराई से समझ सकें।

  • दौरा: 10 मार्च से 14 मार्च तक कुल 10 जिलों का भ्रमण।
  • आज का कार्यक्रम: सुपौल और मधेपुरा में योजनाओं की समीक्षा और जनसंवाद।
  • मकसद: जमीनी हकीकत का आकलन और लंबित परियोजनाओं को गति देना।

10 जिलों का तूफानीदौरा (शेड्यूल)

अगले पांच दिनों में मुख्यमंत्री बिहार के 10 जिलों की खाक छानेंगे। प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • 10 मार्च: सुपौल एवं मधेपुरा
  • 11 मार्च: अररिया एवं किशनगंज
  • 12 मार्च: पूर्णिया एवं कटिहार
  • 13 मार्च: सहरसा एवं खगड़िया
  • 14 मार्च: बेगूसराय एवं शेखपुरा (समापन)

यात्रा के मुख्य उद्देश्य: घोषणा नहीं, अब हिसाब की बारी

इस यात्रा को लेकर सियासी गलियारों में काफी चर्चा है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य केवल नई घोषणाएं करना नहीं, बल्कि पूर्व में घोषित योजनाओं की प्रगति का हिसाब लेना है।

  1. जनसंवाद: मुख्यमंत्री ग्राम पंचायतों में जाकर सीधे लाभार्थियों से बात करेंगे कि क्या उन्हें राशन, पेंशन और अन्य सहायता समय पर मिल रही है।
  2. परियोजनाओं की समीक्षा: ₹50,000 करोड़ से अधिक की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जांच करना।
  3. अधिकारियों को निर्देश: लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर मौके पर ही कार्रवाई या सख्त निर्देश दिए जा सकते हैं।

संसदीय राजनीति के बाद अब ‘जनता की अदालत’ में नीतीश

राजधानी पटना में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया और राजनीतिक जोड़-घटाव को सुव्यवस्थित करने के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब ‘जनता की अदालत’ में उतर चुके हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि जहाँ एक ओर उन्होंने उच्च सदन के लिए अपनी रणनीतिक बिसात बिछा दी है, वहीं दूसरी ओर ‘समृद्धि यात्रा’ के जरिए वे सीधे आम जनमानस की नब्ज टटोलने निकल पड़े हैं। नामांकन की गहमागहमी से निकलकर सीधे सुपौल और मधेपुरा की धरती पर जनता से संवाद करना यह दर्शाता है कि नीतीश कुमार संसदीय समीकरणों के साथ-साथ जमीनी फीडबैक को भी समान प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों और राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा के बीच, राज्यसभा नामांकन के ठीक बाद शुरू हुई यह यात्रा राज्य की राजनीति में एक बड़े ‘मास्टरस्ट्रोक’ के रूप में देखी जा रही है।

सियासी मायने और समृद्धिका संकल्प

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 की यह ‘समृद्धि यात्रा’ नीतीश कुमार के सुशासन के मॉडल को और अधिक धार देने की कोशिश है। यात्रा के माध्यम से वे यह संदेश देना चाहते हैं कि सरकार सचिवालय से नहीं, बल्कि जनता के बीच से चल रही है। 16 जनवरी को बेतिया से शुरू हुई इस यात्रा के अब तक के दो चरणों ने राज्य में विकास की एक नई बहस छेड़ दी है।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यह यात्रा बिहार को विकसित बिहार बनाने के संकल्प की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

तिथिपूर्वाह्न (सुबह)अपराह्न (दोपहर)
10.03.2026सुपौलमधेपुरा
11.03.2026अररियाकिशनगंज
12.03.2026पूर्णियाकटिहार
13.03.2026सहरसाखगड़िया
14.03.2026बेगूसरायशेखपुरा

संघर्ष से सफलता तक: एमडीडीएम कॉलेज में चिंकी के ‘IAS’ बनने के सफर ने दिखाई नारी शक्ति

मुजफ्फरपुर | 09 मार्च, 2026 शहर के प्रतिष्ठित महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (एमडीडीएम) के शिक्षाशास्त्र विभाग (बी.एड.) में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस अत्यंत उत्साहपूर्वक और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस वर्ष के विशेष विषय “सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए अधिकार, न्याय और कार्रवाई” पर केंद्रित इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज में महिलाओं की सशक्त भूमिका और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

मंच पर जीवंत हुआ चिंकी का संघर्ष

कार्यक्रम की शुरुआत बी.एड. विभाग की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत एक प्रेरणादायक नाटक से हुई। इस नाटक में चिंकी के संघर्ष से आईएएस (IAS) बनने तक के सफर को बहुत ही मार्मिक ढंग से दर्शाया गया। छात्राओं ने अपने अभिनय के जरिए दिखाया कि कैसे एक साधारण पृष्ठभूमि की लड़की तमाम सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को पार कर सफलता के शिखर तक पहुँच सकती है।

इस प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति में सोनाक्षी कुमारी, सगुन भारती, शाहीन नाज़, मनीषा कुमारी, नुसरत और फातिमा नूर के साथ अन्य छात्राओं ने भी उत्कृष्ट सहभागिता निभाई। इसके तुरंत बाद छात्राओं ने बेटी हमारी अनमोल गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसने पूरे सभागार को भावुक और प्रेरणा से भर दिया।

शिक्षा और आत्मनिर्भरता ही सफलता की कुंजी

समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका जायसवाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ शिक्षा, आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता है। उन्होंने समाज के सर्वांगीण विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में छात्रा फातिमा नूर ने भी महिला सशक्तिकरण विषय पर अपने ओजस्वी विचार व्यक्त किए। पूरे कार्यक्रम का कुशल और प्रभावी मंच संचालन छात्रा मानसी ऋतु द्वारा किया गया।

नारी शक्ति के विभिन्न रूपों का प्रदर्शन

समारोह के अंतिम चरण में छात्राओं ने एक विशेष प्रस्तुति दी, जिसमें भारतीय नारी के विभिन्न स्वरूपों और उनकी शक्ति को प्रदर्शित किया गया। इस प्रस्तुति में संध्या कुमारी, शाहीन नाज़, मनीषा कुमारी, सगुन भारती, मानसी ऋतु, सोनाक्षी कुमारी, तनु कुमारी एवं जूही कुमारी ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:

  • प्राचार्या: डॉ. अलका जायसवाल
  • बर्सर: डॉ. अनुराधा सिंह
  • विभागाध्यक्ष (बी.एड.): डॉ. हरि शंकर कुमार
  • सम्माननीय शिक्षकगण: डॉ. स्मिता गौतम, डॉ. रवि कुमार, डॉ. सुमन्त कुमार, डॉ. पवन कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. राजमणि कुमार, डॉ. मणिकांत कुमार, डॉ. श्रीनिवास सुधांशु, श्रीमती ममता कुमारी एवं श्रीमती साधना कुमारी।

सभी अतिथियों और शिक्षकों ने छात्राओं की रचनात्मकता और उनके हुनर की मुक्त कंठ से सराहना की। अंत में सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया।