Monday, November 2, 2026

आसमान में अटका मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर, मैदान में मचा हड़कंप; हाजीपुर में  डिजिटल एवं पेपरलेस रजिस्ट्री का उद्घाटन।

हाजीपुर। वैशाली जिला अंतर्गत हाजीपुर के अक्षयवट राय स्टेडियम में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के बाद उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के तुरंत बाद आसमान में ही एक जगह पर कुछ मिनटों तक मंडराता रह गया। हेलीकॉप्टर के हवा में स्थिर हो जाने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। हालांकि, पायलट की सूझबूझ से कुछ ही मिनटों में स्थिति सामान्य हो गई और हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से गंतव्य के लिए रवाना हो गया, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।

इस हाई-प्रोफाइल वीआईपी दौरे को लेकर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए गांधी चौक से लेकर राजेंद्र चौक तक के पूरे इलाके को पूरी तरह से ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित कर दिया गया था, जहां आम वाहनों के प्रवेश पर सख्त पाबंदी रही।

हाजीपुर के अक्षयवट राय स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान अत्याधुनिक मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी एवं अन्य गणमान्य अधिकारी व नेता।

वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी सौगात, घर बैठे होगी जमीन रजिस्ट्री इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने राज्य की अत्याधुनिक डिजिटल एवं पेपरलेस निबंधन व्यवस्था का औपचारिक उद्घाटन किया। सरकार की इस नई पहल के तहत अब वैशाली जिला निबंधन कार्यालय से होम रजिस्ट्रेशन, भूमि संबंधी ऑनलाइन जांच, पेपरलेस निबंधन प्रणाली और जीआईएस मैपिंग आधारित सेवाओं का शुभारंभ कर दिया गया है।

अब राज्य के 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को जमीन रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सरकार की विशेष “मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट” सीधे उनके घर पहुंचेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

पारदर्शिता और सुरक्षा पर जोर कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 75 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों और बिहार से बाहर रहने वाले लोगों के लिए भी डिजिटल माध्यम से निबंधन की प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बनाया जाए। सरकार का दावा है कि यह नई तकनीक आधारित व्यवस्था भूमि की खरीद-बिक्री में पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगी, जिससे खरीदारों के हितों की रक्षा होगी। इसके अलावा, निबंधन कार्यालयों में आने वाले आम लोगों के लिए बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

इस नई व्यवस्था के तहत अब अंचल अधिकारी या राजस्व अधिकारी द्वारा भूमि के संबंध में निबंधन पूर्व पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, जीआईएस और जीओआईएसओ तकनीक के माध्यम से जमीन के स्थल जांच की आधुनिक सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे भूमि विवादों पर लगाम लगेगी।

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‘मुंह में राम, बगल में छुरी’: राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस का देशव्यापी संवाद ; गजनवी से की BJP-RSS की तुलना, पूछे 5 तीखे सवाल

नई दिल्ली / ब्यूरो अयोध्या के भव्य राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर आज इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) ने केंद्र की मोदी सरकार, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और धारदार मोर्चा खोल दिया है। देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में एक साथ ‘विस्फोटक’ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा किया।

कांग्रेस ने इस घटना को करोड़ों सनातनी हिंदुओं की आस्था पर ‘डकैती’ करार देते हुए आरोप लगाया कि “भगवान के नाम पर राजनीति करने वालों ने मर्यादा पुरुषोत्तम के दरबार को भी नहीं छोड़ा।” नेताओं ने दावा किया कि राम मंदिर में मात्र 40 दिनों के भीतर 70 बार चोरी की गई, जिसने क्रूर शासक गजनवी के कृत्य को भी पीछे छोड़ दिया है।

आंकड़ों का खेल: रोजाना हो रहा था 10 लाख का हेरफेर!

इंदौर (मध्य प्रदेश) में मोर्चा संभालते हुए गुजरात कांग्रेस के दिग्गज नेता शक्तिसिंह गोहिल ने चोरी के गणित को उजागर करते हुए सनसनीखेज आंकड़े सामने रखे। गोहिल ने कहा:

“जब तक राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का भंडाफोड़ नहीं हुआ था, तब तक रोजाना करीब 16 से 18 लाख रुपये का दान दर्ज हो रहा था। लेकिन जैसे ही चोरी का खुलासा हुआ, दान का आंकड़ा अचानक बढ़कर प्रतिदिन 24 से 26 लाख रुपये हो गया। यानी साफ है कि हर दिन भक्तों की गाढ़ी कमाई के करीब ₹10 लाख का खुलेआम हेरफेर किया जा रहा था।” कांग्रेस की मांग: वर्तमान राम मंदिर ट्रस्ट को तुरंत बर्खास्त कर नया ट्रस्ट बनाया जाए, चंपत राय को फौरन गिरफ्तार किया जाए और पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो।

“गजनवी को भी पीछे छोड़ा, 40 दिन में 70 बार लूटा”

पंजाब में दहाड़ते हुए AICC सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत और हरियाणा में राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा-संघ पर तीखा हमला बोला।

  • सुप्रिया श्रीनेत ने कहा: “चढ़ावा चोरी का यह महापाप BJP-RSS ने मिलकर किया है। इन्होंने ‘मुंह में राम और बगल में छुरी’ रखने का काम किया। 40 दिनों में 70 बार मंदिर का चढ़ावा लूटा गया, इन स्वयंभू हिंदुत्व के ठेकेदारों ने गजनवी को भी पीछे छोड़ दिया। यह हमारे धर्म पर कलंक हैं।”
  • दीपेंद्र हुड्डा बोले: “मैं हरियाणा से आता हूँ जहाँ सुबह ‘राम-राम’ से होती है। आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में बैठा हर भारतीय इस डकैती से दुखी है। सवाल यह है कि इन चोरों को किसका राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था?”

“श्रेय लेने में मोदी आगे, तो पाप की जवाबदेही से पीछे क्यों?”

जम्मू-कश्मीर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा और उत्तर प्रदेश (लखनऊ) में एम. पल्लम राजू ने सीधे प्रधानमंत्री की ‘खामोशी‘ पर सवाल दागे।

  • पवन खेड़ा का प्रहार: “सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बने मंदिर का क्रेडिट लेने में नरेंद्र मोदी सबसे आगे रहे। प्राण प्रतिष्ठा में भी सारा फोकस खुद पर रखवाया। लेकिन जब महापाप हुआ तो छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाकर खुद पीछे छिप गए।”
  • पल्लम राजू ने पूछा: “जिस ट्रस्ट को प्रधानमंत्री ने खुद अपने हाथों से चुना, उसने करोड़ों का गबन कर दिया। जब इतना बड़ा मुद्दा सामने है, तो प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? वह करोड़ों राम भक्तों की आस्था का सम्मान क्यों नहीं कर रहे?”

पप्पू यादव के 4 सुलगते सवाल: ‘सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर गाज क्यों?’

कानपुर (उत्तर प्रदेश) में हुंकार भरते हुए सांसद पप्पू यादव ने देश के बड़े मंदिरों पर कॉरपोरेट और RSS के कब्जे पर सवाल उठाते हुए 4 सीधे सवाल दागे:

  1. जब राम मंदिर ट्रस्ट का गठन पीएम मोदी की देखरेख में हुआ, तो चढ़ावा चोरी की नैतिक जवाबदेही कौन लेगा?
  2. अगर सब कुछ सही था और कोई घोटाला नहीं हुआ, तो चंपत राय और अनिल मिश्रा ने गुपचुप तरीके से अपने पदों से इस्तीफा क्यों दिया?
  3. प्रधानमंत्री इस पूरे महापाप पर मौन क्यों साधे हुए हैं?
  4. जब पूरा ट्रस्ट इस भ्रष्टाचार में लिप्त है, तो सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके मामले को क्यों रफा-दफा किया जा रहा है?

RTI के दायरे से ट्रस्ट को क्यों बचाया गया?

दक्षिण भारत के कोयंबटूर (तमिलनाडु) में राजीव गौड़ा ने पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस की यूपीए सरकार जो RTI एक्ट लाई थी, वह जनता का हथियार है। लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट को जानबूझकर आरटीआई के दायरे से बाहर रखा गया। अगर कोई संगठन पाक-साफ है, तो उसे जनता की नजरों से क्यों छुपाया जा रहा है?

वहीं चेन्नई (तमिलनाडु) में मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने सनातन परंपराओं के अपमान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए अधूरे मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा की और देश के बड़े साधु-संतों को दरकिनार कर सनातन परंपरा को रौंदने का काम किया।

बड़ी राजनीतिक बहस: क्या बैकफुट पर आएगी भाजपा?

कांग्रेस के इस राष्ट्रव्यापी और संगठित हमले ने राम मंदिर मुद्दे पर भाजपा की घेराबंदी मजबूत कर दी है। पहली बार कांग्रेस बैकफुट से निकलकर फ्रंटफुट पर ‘हिंदू आस्था’ और ‘राम भक्ति’ के नाम पर ही भाजपा को घेर रही है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के दावों और 10 लाख रुपये रोज के हेरफेर के आंकड़ों ने इस मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। अब देखना यह है कि इस धारदार हमले पर प्रधानमंत्री कार्यालय और भाजपा की तरफ से क्या सफाई आती है।

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100 दिन पूरे होते ही एक्शन में सम्राट चौधरी: 1 करोड़ नए राशन कार्ड और हर घर सोलर का बड़ा दांव, मार्च से पहले हर जिले में मेडिकल कॉलेज, 9,000 करोड़ के खर्च से बदलेगी सूरत!

सचिवालय छोड़ सीधे जनता के बीच जाएंगे सम्राट, नीतीश के साथ मिलकर बनाया विकास का फौलादी प्लान!

पटना। बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी  खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार के सफल 100 दिन पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘नेक संवाद’ में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एक बेहद अहम और हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस महाबैठक में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की मौजूदगी ने विरोधियों के खेमे में खलबली मचा दी है। सरकार और संगठन के बीच तालमेल को फौलादी बनाने और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष के हर वार को नाकाम करने के लिए इस बैठक में एक ऐसा अभेद्य चक्रव्यूह रचा गया है, जिसने बिहार की राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

पटना में आयोजित एनडीए की महाबैठक के दौरान मंच पर जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार का गर्मजोशी से स्वागत करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। मंच पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, संजय कुमार झा, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव सहित एनडीए के अन्य दिग्गज नेता एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए।

15 अगस्त के बाद खुद फील्ड में उतरेंगे सम्राट चौधरी, अफसरों में हड़कंप!

बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि 15 अगस्त के बाद वे खुद सचिवालय की फाइलों से बाहर निकलकर सीधे जिलों का तूफानी दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री केवल औचक निरीक्षण और विकास कार्यों की समीक्षा ही नहीं करेंगे, बल्कि वे जिलों में ही रात्रि विश्राम (नाइट हॉल्ट) भी करेंगे। मुख्यमंत्री के इस तेवर से राज्य के कामचोर अफसरों और लापरवाही बरतने वाले महकमों में हड़कंप मच गया है। सम्राट चौधरी सीधे जनता के बीच जाकर जमीनी हकीकत खंगालेंगे और ऑन-द-स्पॉट फैसले लेंगे।

नीतीश कुमार के ‘उदार नेतृत्व‘ की जमकर तारीफ, 3 महीने में होगी महाबैठक

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू सुप्रीमो नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने एनडीए के नेताओं और जिलाध्यक्षों के साथ नियमित संवाद और बैठक करने की जो शानदार परंपरा स्थापित की थी, उसी ने आज बिहार में गठबंधन को इतनी मजबूती दी है। सम्राट चौधरी ने कहा कि सामान्य तौर पर जब भी सत्ता बदलती है, तो पूरी प्रशासनिक व्यवस्था बदल जाती है, लेकिन नीतीश कुमार के उदार और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण बिहार में विकास की रफ्तार कभी नहीं थमी और गांव-गांव तक तरक्की की रोशनी पहुंची है। सरकार ने अब तय किया है कि मुख्यमंत्री और एनडीए घटक दलों के प्रदेश अध्यक्षों की हर 3 महीने में एक बड़ी बैठक होगी, ताकि गठबंधन में किसी भी स्तर पर कोई कड़वाहट या संवादहीनता न रहे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर पटना के लोक सेवक आवास में आयोजित एनडीए की उच्चस्तरीय बैठक में एकजुटता के संकल्प के साथ बैठे गठबंधन के वरिष्ठ नेता, विभिन्न राज्यों व जिलों के अध्यक्ष और कार्यकर्ता।

1 करोड़ नए परिवारों को मिलेगा मुफ्त राशन कार्ड, 9,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ उठाएगी सरकार

गरीबों और जरूरतमंदों के लिए सरकार ने तिजोरी का रास्ता खोल दिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बिहार में 1 करोड़ नए पात्र परिवारों का नया राशन कार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार से भी हरी झंडी मिल चुकी है। सम्राट चौधरी ने एनडीए के सभी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे गांव-गांव जाकर पात्र परिवारों की पहचान करें और उनका आवेदन भरवाएं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए विशेष रोजगार योजनाएं, घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली और सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 400 रुपये से बढ़ाकर सीधे 1100 रुपये करने की वजह से राज्य सरकार पर 9,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अतिरिक्त वित्तीय भार आया है, लेकिन सरकार जनता के कल्याण के लिए इस खर्च को खुशी-खुशी वहन कर रही है।

मार्च से पहले सभी जिलों में पीपीपी मोड पर बनेंगे मेडिकल कॉलेज

स्वास्थ्य व्यवस्था के मोर्चे पर भी सरकार ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि मार्च 2027 से पहले बिहार के सभी जिलों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर शानदार मेडिकल कॉलेज और अत्याधुनिक अस्पतालों के निर्माण का काम हर हाल में शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा, 20 सूत्री समिति और नागरिक परिषद से मिले सुझावों के आधार पर जिलास्तरीय समितियों का पुनर्गठन किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं का तुरंत निपटारा हो सके।

हर घर को सोलर युक्त बनाने का महाअभियान, 10 तारीख को सीधे खाते में पैसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए बिहार सरकार अब हर घर को सौर ऊर्जा (सोलर पावर) से जोड़ने जा रही है। पहले चरण में 2.5 लाख घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। सम्राट चौधरी ने एनडीए के सभी जिलाध्यक्षों को इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का जिम्मा सौंपा है। जनता को सीधे राहत देने के लिए सरकार ने ब्लॉक स्तर पर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को ‘सहयोग शिविर’ लगाने का फैसला किया है, जिसमें मिलने वाली शिकायतों का 30 दिनों के भीतर निपटारा अनिवार्य होगा। अगर वहां समाधान नहीं हुआ, तो दूसरे मंगलवार को सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर उसका फैसला होगा। साथ ही, हर महीने की 10 तारीख को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए लगभग 1 करोड़ पेंशनभोगियों के खातों में सीधे पैसे भेजे जा रहे हैं।

दिग्गजों का लगा जमावड़ा, एकजुटता का दिया संदेश

इस महाबैठक में एनडीए के शीर्ष नेताओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला। बैठक को जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव और एनडीए घटक दलों के प्रदेश अध्यक्षों सहित 7 प्रमुख जिलों के जिलाध्यक्षों ने संबोधित किया। बैठक में सरकार के तमाम मंत्री, वरिष्ठ नेता और सभी जिलों के अध्यक्ष मौजूद रहे, जिन्होंने एक सुर में आगामी चुनावों में विपक्ष का सूपड़ा साफ करने का संकल्प लिया।

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बांकीपुर उपचुनाव में भारी उलटफेर: अभिषेक कुमार बंटी ने वापस लिया नाम, भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा

पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के सियासी दंगल में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार बंटी ने अचानक अपना नाम वापस ले लिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के तुरंत बाद भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नीरज कुमार सिन्हा को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए पार्टी का नया उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से मुलाकात करते नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा।

पारिवारिक कारणों से अभिषेक कुमार बंटी ने पीछे खींचे कदम इससे पहले भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिषेक कुमार बंटी ने खुद अपने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह से निजी और पारिवारिक कारणों से यह कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी पारिवारिक परिस्थितियां बन गई हैं, जिनके कारण वे इस समय चुनाव लड़ने में असमर्थ हैं। इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर नए चेहरे को लेकर मंथन शुरू हुआ।

केंद्रीय चुनाव समिति की मुहर और नया चेहरा अभिषेक कुमार बंटी के नाम वापस लेते ही दिल्ली स्थित भाजपा केंद्रीय कार्यालय से राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह के हस्ताक्षर से एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसमें बताया गया कि दिनांक 07.07.2026 को घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार के स्थान पर अब बिहार की 182-बांकीपुर विधानसभा सीट से नीरज कुमार सिन्हा भाजपा के आधिकारिक प्रत्याशी होंगे।

प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से की मुलाकात पार्टी द्वारा बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित किए जाने के तुरंत बाद नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने सीधे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच आगामी चुनाव की रणनीति और क्षेत्र के समीकरणों को लेकर गंभीर चर्चा हुई। संजय सरावगी ने नए उम्मीदवार को जीत का मंत्र दिया और पूरी ताकत से चुनाव में जुट जाने का निर्देश दिया।

भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, जिसमें 182-बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार के स्थान पर नीरज कुमार सिन्हा को नया उम्मीदवार बनाने की घोषणा की गई है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में जोरदार स्वागत उम्मीदवार घोषित होने के बाद जैसे ही नीरज कुमार सिन्हा भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, वहां मौजूद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और गगनभेदी नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। नेताओं ने उन्हें फूलों का हार पहनाया और मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस मौके पर नीरज कुमार सिन्हा ने केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि वे पार्टी के भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरेंगे और बांकीपुर की जनता के विश्वास को जीतेंगे।

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97.84 लाख पेंशनधारियों को सरकार ने एक झटके में बांटे 1,423.94 करोड़, अब हर महीने की 10 तारीख को सीधे बैंक खाते में आएगी पेंशन

पटना, 10 जुलाई 2026: बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर सरकार ने एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कदम उठाया है । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में राज्य के 97.84 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम से सीधे 1,423.94 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि हस्तांतरित की है । इस ऐतिहासिक निर्णय के साथ ही मुख्यमंत्री ने यह बड़ी घोषणा भी की कि अब से प्रत्येक माह की 10 तारीख को पूरे राज्य में ‘बिहार पेंशन दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा ।

लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित ‘बिहार पेंशन दिवस’ कार्यक्रम के दौरान कंप्यूटर का बटन दबाकर 97.84 लाख पेंशनधारियों के खातों में 1,423.94 करोड़ रुपये की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी । मंच पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ श्वेता गुप्ता, सामाजिक सुरक्षा की निदेशक डॉ प्रीति व अन्य वरिष्ठ अधिकारी और सचिव मौजूद ।

इस व्यवस्था के तहत अब हर महीने की 10 तारीख को ही सभी पात्र पेंशनधारियों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए पेंशन राशि का हस्तांतरण सुनिश्चित कर दिया जाएगा । आज हस्तांतरित की गई राशि में तीन राज्य पेंशन योजनाओं के तहत जून 2026 महीने की राशि और तीनों एनएसएपी पेंशन योजनाओं के तहत मई और जून 2026 दोनों महीनों की राशि शामिल है ।

सभी पात्र लाभार्थियों को जोड़ने के लिए चलेगा महा-अभियान  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार गरीब, बुजुर्ग, दिव्यांग और समाज के वंचित व जरूरतमंद वर्गों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है । उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सहयोग शिविरों और पंचायत विकास दिवस कार्यक्रमों के माध्यम से जनता से सीधा संवाद किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र लाभार्थी पेंशन योजना से वंचित न रहे । छूटे हुए सभी पात्र लोगों को जोड़ने के लिए राज्य भर में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा । इसके साथ ही उन्होंने वैसे लाभार्थियों का आधार कार्ड जल्द से जल्द लिंक कराने का भी निर्देश दिया, जिनका आधार अभी तक लिंक नहीं हो पाया है ।

पेंशन राशि 400 से बढ़कर हुई 1,100 रुपये मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य सरकार का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास को मजबूत करना है । उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का बेहद प्रभावी क्रियान्वयन किया गया था , और अब इस सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर सीधे 1,100 रुपये कर दिया गया है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों के जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आया है

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े सभी जिलों के अधिकारी और लाभार्थी  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुए इस भव्य कार्यक्रम में बिहार के सभी जिलों के जिलाधिकारी, गणमान्य व्यक्ति और हजारों सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी लाइव जुड़े हुए थे । कार्यक्रम की शुरुआत में सामाजिक सुरक्षा की निदेशक डॉ प्रीति ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक हरित पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया ।

इस अवसर पर मंच और कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ श्वेता गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।

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बिहार पंचायत चुनाव पर मंत्री दीपक प्रकाश की दो टूक: 10 साल पुराना आरक्षण रोस्टर खत्म, अब ‘मल्टी-पोस्ट EVM’ से डलेंगे वोट, मंत्री दीपक प्रकाश ने साफ की आरक्षण और चुनाव की तस्वीर!

नहीं बदलेगा प्रमुख एवं अध्यक्ष चुनने का तरीका, पारदर्शी वोटिंग के लिए लगेगी ‘मल्टी-पोस्ट EVM’, 1 कंट्रोल और 6 बैलेट यूनिट वाली मशीनों से होगा पंचायत चुनाव!

बिहारशरीफ/नवादा। बिहार की ग्रामीण राजनीति और त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। आगामी पंचायत चुनाव को लेकर सरकार ने अपनी रणनीतियों को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। नालंदा दौरे पर आए बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने बिहारशरीफ जिला अतिथि गृह के सभा कक्ष में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने पंचायती राज विभाग से जुड़े कार्यों, सरकार की विकास योजनाओं तथा जनहित के विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए और मीडिया के साथ सार्थक संवाद स्थापित किया।

6 बैलेट यूनिट वाली ‘मल्टी-पोस्ट EVM’ से होगा चुनाव

प्रेस वार्ता की स्थिति को साफ करते हुए मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशन में आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियां बेहद तेज गति से चल रही हैं। उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि इस बार का चुनाव कई मायनों में खास और ऐतिहासिक होने जा रहा है। इस बार सभी 6 निर्वाचित पदों के लिए मल्टी-पोस्ट ईविएम का उपयोग किया जाएगा। इस तकनीक के तहत चुनाव प्रक्रिया में 1 कंट्रोल यूनिट और 6 अलग-अलग बैलेट यूनिट शामिल होंगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था से मतदान की पूरी प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी, निष्पक्ष और आसान हो जाएगी।

बिहारशरीफ जिला अतिथि गृह के सभा कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते और पंचायत चुनाव की नई रूपरेखा को स्पष्ट करते मंत्री दीपक प्रकाश।

10 साल पुराना आरक्षण रोस्टर होगा खत्म

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने चुनाव से जुड़ा एक और सबसे महत्वपूर्ण फैसला साझा करते हुए कहा कि 10 वर्ष की अवधि पूरी होने के कारण इस बार पंचायत चुनाव में संशोधित आरक्षण रोस्टर लागू किया जाएगा। नया रोस्टर लागू होने से पंचायतों के सामाजिक समीकरण और आरक्षण की स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी, जिससे जमीनी स्तर पर चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।

नहीं बदलेगा अध्यक्ष और प्रमुख चुनने का तरीका

चुनावी व्यवस्था को लेकर बनी असमंजस की स्थिति को दूर करते हुए मंत्री ने साफ किया कि जिला परिषद अध्यक्ष और प्रखंड प्रमुख का चुनाव वर्तमान में चल रही अप्रत्यक्ष प्रक्रिया के तहत ही संपन्न होगा। उन्होंने इसके पीछे का संवैधानिक कारण बताते हुए कहा कि इन पदों पर प्रत्यक्ष (जनता द्वारा सीधे) चुनाव कराने के लिए भारतीय संविधान में संशोधन करने की आवश्यकता होती है, जिसके अभाव में पुरानी व्यवस्था (अप्रत्यक्ष रूप से) को ही जारी रखा जाएगा।

बिहारशरीफ के सोहडीह मोहल्ले में  आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान उमड़े जनसैलाब के बीच हाथ जोड़कर स्थानीय नागरिकों का आभार प्रकट करते पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश।

नवादा से लेकर नालंदा तक मंत्री का भव्य स्वागत

अपने इस दौरे के क्रम में पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश जब नवादा जिला अतिथि गृह पहुंचे, तो वहां उपस्थित पार्टी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय साथियों ने उनका बेहद गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत किया। इसके बाद, नालंदा जिला दौरे के अंतर्गत वे बिहारशरीफ स्थित सोहडीह मोहल्ला पहुंचे, जहां अनिल मेहता के आवास पर एक भव्य स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

दौरे के अगले चरण में नवादा जिला आगमन के उपरांत नवादा सदर प्रखंड के ग्राम अंबिका विगहा (बेलघार) में स्थानीय नागरिकों और साथियों ने मंत्री का आत्मीय अभिनंदन किया। जनता और कार्यकर्ताओं से मिले इस अपार जनसमर्थन से अभिभूत होकर मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा, “आप सभी का यह स्नेह, सम्मान और विश्वास मेरे लिए अमूल्य है। आप लोगों का साथ और सहयोग ही मुझे जनसेवा के लिए हमेशा प्रेरित करता है। मैं आप सभी के सहयोग और आशीर्वाद के साथ जनहित एवं विकास के लिए निरंतर कार्य करता रहूँगा।”

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बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए का शक्ति प्रदर्शन: अभिषेक कुमार सिन्हा “बंटी” के नामांकन में उमड़ा  जनसैलाब, सीएम सम्राट चौधरी ने भरी हुंकार!

सांसद रविशंकर प्रसाद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में भाजपा प्रत्याशी ने दाखिल किया पर्चा, 30 जुलाई को ऐतिहासिक विजय का संकल्प।

पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) समर्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा “बंटी” ने आज भारी लाव-लश्कर और वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति में अपना आधिकारिक नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। इस अवसर पर आयोजित विशाल नामांकन सभा ने एक बड़े शक्ति प्रदर्शन का रूप ले लिया, जिसमें हजारों की संख्या में एनडीए घटक दलों के कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भव्य नामांकन दाखिल करने के बाद विशाल जनसभा के मंच पर हाथ उठाकर जनता का अभिवादन करते भाजपा प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा “बंटी” और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और स्थानीय सांसद रविशंकर प्रसाद सहित पार्टी के कई शीर्ष व वरिष्ठ नेता विशेष रूप से मंच पर मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक सुर में अभिषेक कुमार सिन्हा “बंटी” की प्रचंड जीत का अटूट दावा किया। इस दौरान बांकीपुर की सड़कों पर समर्थकों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला, जो पूरे रास्ते गठबंधन जिंदाबाद और विकास के समर्थन में नारेबाज़ी कर रहे थे।

नामांकन के पश्चात आयोजित एक भव्य और विशाल जनसभा को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए एनडीए को वोट देने की अपील की। सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि बांकीपुर की जनता का यह अद्भुत उत्साह और अभूतपूर्व जनसमर्थन इस बात का स्पष्ट और सीधा संकेत है कि क्षेत्र के नागरिक विकास, सुशासन और जनविश्वास की राजनीति के साथ मजबूती से खड़े हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनसभा में उपस्थित विशाल जनसमूह और सम्मानित मतदाताओं से आगामी 30 जुलाई को होने वाले मतदान में कमल के निशान पर अपना बहुमूल्य मत देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल मार्गदर्शन तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सशक्त नेतृत्व में बिहार लगातार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। समृद्ध बिहार और विकसित बांकीपुर के इस महा-संकल्प को और मजबूत बनाने के लिए जनता को एनडीए प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा “बंटी” को रिकॉर्ड मतों से विजयी बनाना होगा।

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क्रांति के महानायकों की विदाई  कार्यकर्ताओं ने खाई अधूरे सपनों को पूरा करने की कसम!

प्रेम सिंह गहलावत, नंदकिशोर प्रसाद और आरएन ठाकुर के निधन को बताया अपूरणीय क्षति

ताजपुर/समस्तीपुर: वामपंथी आंदोलन और किसान-मजदूरों के हक की आवाज बुलंद करने वाले तीन महान नेताओं के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ताजपुर प्रखंड के मोतीपुर में  अखिल भारतीय किसान महासभा (अभाकिम) और भाकपा माले कार्यकर्ताओं द्वारा  श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह सभा दिवंगत अभाकिम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कॉमरेड प्रेम सिंह गहलावत, भाकपा माले के पूर्व राज्य सचिव कॉमरेड नंदकिशोर प्रसाद सिंह तथा ऐक्टू के राज्य महासचिव कॉमरेड आरएन ठाकुर की पावन स्मृति में बुलाई गई थी। सभा की शुरुआत में वहां उपस्थित सैकड़ों लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेताओं को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन नजर आया।

मोतीपुर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान मौन रखकर दिवंगत नेताओं को नमन करते भाकपा माले और अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता एवं कार्यकर्ता।

शोषितों और वंचितों के लिए समर्पित रहा पूरा जीवन सभा की अध्यक्षता भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। वहीं बतौर मुख्य अतिथि सभा को संबोधित करते हुए अभाकिम के जिला सचिव ललन कुमार ने कहा कि इन तीनों महान नेताओं का आकस्मिक निधन वामपंथी आंदोलन, किसान-मजदूर संघर्ष तथा संगठन के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने अपने जीवन का एक-एक पल शोषित, वंचित और मेहनतकश वर्गों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। उनके द्वारा किए गए संघर्ष, उनके क्रांतिकारी विचार और संगठन निर्माण में उनके योगदान को इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में याद रखा जाएगा।

अधूरे सपनों को पूरा करने की खाई कसम श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करने वाले अन्य प्रमुख वक्ताओं में किसान महासभा के नेता ललन दास, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, शिवन सिंह, रवींद्र प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह, संजीव राय, मुंशीलाल राय तथा कैलाश सिंह शामिल थे। सभी वक्ताओं ने एक सुर में दिवंगत नेताओं के अधूरे सपनों को पूरा करने और किसान-मजदूर आंदोलन को और अधिक धारदार व मजबूत बनाने का दृढ़ संकल्प लिया। इस मौके पर भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, स्थानीय किसान एवं मजदूर उपस्थित रहे, जिन्होंने नम आंखों से अपने नेताओं को नमन किया।

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इंटरनेट के मकड़जाल में फंसा बचपन! समस्तीपुर में सीएनएलयू और क्राई का खुलासा, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिन्‍तित

समस्तीपुर। 09 जुलाई, 2026 । डिजिटल दुनिया की चकाचौंध के बीच मासूम बच्चों का बचपन एक बेहद खतरनाक और अदृश्य जाल में फंसता जा रहा है। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा  को लेकर आज समस्तीपुर नगर निगम क्षेत्र में एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने पूरे इलाके के अभिभावकों और बुद्धिजीवियों की नींद उड़ा दी है।

समस्तीपुर नगर निगम के अंतर्गत कोरबद्धा एवं लगुनिया सूर्यकंठ शहरी समुदाय में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा विषय पर एक विशेष फील्ड विजिट एवं टूल टेस्टिंग का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम  क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू, कोलकात्ता और जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के संयुक्त तत्वाधान में चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण शोध अध्ययन के अंतर्गत किया गया।

समस्तीपुर के शहरी समुदाय में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चलाए गए अभियान के दौरान चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पटना के चंदन सिंहा, सुगंधा, शिवम् और जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र की डॉ. दीप्ति कुमारी, पप्पु यादव, चंचला कुमारी के साथ आंगनवाड़ी सेविकाएं, शिक्षक और स्थानीय ग्रामीण।

कम उम्र में इंटरनेट का चस्का, मंडरा रहा बड़ा जोखिम

जांच और संवाद के दौरान जो हकीकत सामने आई है, वह बेहद डरावनी है। कार्यक्रम के दौरान 6 से 9 वर्ष और 10 से 17 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों तथा किशोरों को टूल टेस्टिंग के दायरे में लिया गया। चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पटना से आए चंदन सिंहा के नेतृत्व में सुगंधा एवं शिवम् की टीम ने जब बच्चों से इंटरनेट के उपयोग को लेकर सवाल पूछे, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इस दौरान जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र से डॉ. दीप्ति कुमारी, पप्पु यादव और चंचला कुमारी ने भी मोर्चा संभाला और बच्चों के बीच जाकर जमीनी हकीकत को टटोला।

विद्यालय परिसर में छात्रों के साथ बैठकर इंटरनेट के उपयोग और ऑनलाइन जोखिमों पर व्यक्तिगत साक्षात्कार व टूल टेस्टिंग करते सीएनएलयू पटना और जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के विशेषज्ञ।

स्कूलों में सीक्रेट इंटरव्यू, अभिभावकों के उड़े होश

जांच टीम केवल समुदाय तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने सीधे स्कूलों का रुख किया। विद्यालय परिसर में छात्रों के साथ आमने-सामने बैठकर व्यक्तिगत साक्षात्कार आयोजित किए गए। बंद कमरों और क्लासरूम में जब बच्चों से ऑनलाइन सुरक्षा, इंटरनेट उपयोग, सोशल मीडिया के खतरों, साइबर जोखिमों एवं सुरक्षा उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई, तो बच्चों की बेबाकी देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

इस दौरान सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों, आंगनवाड़ी केंद्र की सेविकाओं, स्थानीय समुदाय के लोगों और विद्यालय के शिक्षकों के साथ भी बेहद गंभीर मंथन किया गया। इस चर्चा के बाद पूरे समुदाय में हड़कंप मच गया है कि कैसे उनके लाडले अनजाने में इंटरनेट के दलदल की तरफ बढ़ रहे हैं। इस शोध और फील्ड विजिट ने यह साफ कर दिया है कि यदि अब भी समाज नहीं जागा, तो बहुत देर हो जाएगी।

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किसानों को 12 घंटे लगातार नॉन-स्टॉप बिजली सप्लाई,  पीएम-कुसुम योजना को  मिली रफ्तार, डीजल-बिजली के महंगे खर्च से किसानों को मिलेगी मुक्ति!

सम्राट चौधरी और प्रह्लाद जोशी की हाई-लेवल बैठक में  फैसला; मुफ्त बिजली योजना से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन और फ्लोटिंग सोलर पर लगी मुहर, बदल जाएगी सूबे की तस्वीर।

पटना, 09 जुलाई 2026: बिहार को ऊर्जा क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर और स्वच्छ बनाने के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मिलकर एक बेहद उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें बिहार की बिजली व्यवस्था की पूरी तस्वीर बदलने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। सरकार ने सबसे बड़ा तोहफा राज्य के अन्नदाताओं को दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि राज्य के सभी किसानों को सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक लगातार 12 घंटे एग्रीकल्चर फीडर के जरिए बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि सिंचाई की लागत को न्यूनतम किया जा सके।

पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित हाई-लेवल समीक्षा बैठक के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी, बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य उच्चाधिकारी बिहार में स्वच्छ ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई कार्ययोजना तैयार करते हुए।

लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में हुई इस महा-बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के तमाम बड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य फोकस रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) परियोजनाओं को सुपरफास्ट स्पीड से जमीन पर उतारना था। ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ को लेकर सख्त हिदायत दी गई है कि सभी जिला अधिकारी अपने-अपने जिलों के लिए तय किए गए लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर हासिल करें। इस योजना को लेकर आम जनता के बीच जागरूकता बढ़ाई जाएगी और आवेदन से लेकर बिजली मिलने तक की सभी प्रक्रियाओं को एकदम सरल और समयबद्ध किया जाएगा।

बैठक के मुख्य  फैसले:

  • पीएम-कुसुम योजना को रफ्तार: कृषि क्षेत्र के सोलरलाइजेशन (सौरकरण) को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है। इसके जरिए किसानों को सौर ऊर्जा पर आधारित सिंचाई की अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे डीजल और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता खत्म होगी और किसानों की कमाई बढ़ेगी।
  • पानी पर तैरेंगे सोलर प्लांट: बिहार के बड़े जलाशयों और उपयुक्त जल स्रोतों का पूरी तरह से वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। इसके बाद राज्य में विशाल फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं की नई कार्ययोजना तैयार होगी, जिससे बिजली उत्पादन में नया रिकॉर्ड बनेगा।
  • ग्रीन हाइड्रोजन नीति पर मुहर: भविष्य की बढ़ती हुई औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए बिहार में बेहद जल्द एक प्रभावी ग्रीन हाइड्रोजन नीति तैयार करने की दिशा में तेजी से काम शुरू करने पर सहमति बन गई है।
  • प्राइवेट इन्वेस्टमेंट का स्वागत: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक बेहद पारदर्शी और फ्रेंडली माहौल तैयार करने का आदेश दिया गया है।

बैठक के दौरान नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी और पटना में मौजूद बिहार के ऊर्जा सचिव अजय यादव ने शानदार प्रेजेंटेशन के जरिए वर्तमान और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा सामने रखी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ तौर पर कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और पारंपरिक ईंधनों के संकट को देखते हुए भारत को आत्मनिर्भर बनना ही होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ और आत्मनिर्भर भारत के सपने को बिहार में पूरी ताकत से लागू करने का संकल्प दोहराया।

इस ऐतिहासिक बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, केंद्रीय संयुक्त सचिव अनुपम कुमार और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित दोनों सरकारों के कई अन्य वरिष्ठ और जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार को इस क्षेत्र में लीडर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए, जिसपर राज्य सरकार ने तुरंत एक्शन लेने की बात कही है।

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