Monday, November 2, 2026

बिहार में 1 करोड़ नए राशन कार्ड बनाने का एलान, सीएम सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का बड़ा फैसला, लागू होगा ‘सार्थक पीडीएस’ मॉडल

पटना, 9 जुलाई 2026: बिहार के करोड़ों परिवारों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार ने सूबे के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के हक में अब तक का सबसे बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज राजधानी पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में एक हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में रिकॉर्ड 1 करोड़ नए राशन कार्ड बनाने का सख्त निर्देश जारी कर दिया है। इस महाबैठक में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने मिलकर राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और हाईटेक बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है।

 पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी और बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऑनलाइन सार्वजनिक वितरण प्रणाली और वित्तीय वर्ष-वार फंड रिलीज की रिपोर्ट का विश्लेषण करते हुए।

बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों से कहा कि 1 करोड़ नए राशन कार्ड बनाने के इस विशाल लक्ष्य को हर हाल में जल्द से जल्द हासिल किया जाए। उन्होंने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गरीब कल्याण विद डिग्निटी’ यानी सम्मान के साथ गरीब कल्याण के संकल्प को धरातल पर उतारना राज्य सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। अब किसी भी पात्र लाभार्थी को अनाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और उन्हें बिना किसी रुकावट के पूरी इज्जत के साथ खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।

समीक्षा बैठक के मुख्य और बड़े फैसले:

  • 1 करोड़ नए राशन कार्ड: पात्र परिवारों को तुरंत राशन व्यवस्था से जोड़ने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू करने का आदेश।
  • स्मार्ट वेयरहाउसिंग: खाद्यान्न भंडारण को पूरी तरह आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए स्मार्ट वेयरहाउस विकसित किए जाएंगे।
  • गोदामों में बिजली: राज्य के सभी खाद्यान्न गोदामों में चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश।
  • सटीक डेटाबेस: योजनाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सभी लाभार्थियों का बिल्कुल सटीक और अद्यतन डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा।
  • सार्थक पीडीएस मॉडल: तकनीकी संरचना और बेहतर लागत साझेदारी के साथ नया ‘सार्थक पीडीएस’ मॉडल लागू होगा।

बैठक के दौरान बिहार में चल रही ऑनलाइन सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के शानदार प्रदर्शन की जमकर सराहना की गई। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार के इस बेहतर प्रदर्शन को सराहा और राज्य की तरक्की के लिए केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव सहयोग देने का बड़ा भरोसा दिया। इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय मंत्री का आभार भी जताया। बैठक में अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई कि राशन वितरण व्यवस्था की रोजाना और प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए, ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो सके।

इस महाबैठक में विभागों के शीर्ष अधिकारी भी पूरी तैयारी के साथ मौजूद रहे। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव रविशंकर और बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव दीपक आनंद ने डिजिटल प्रस्तुतीकरण के जरिए विभाग के कामकाज और फंड रिलीज की ताजा वित्तीय स्थिति की पूरी जानकारी दी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे केंद्र से मिलने वाले सुझावों पर तालमेल बिठाकर तेजी से काम पूरा करें।

इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक में बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित खाद्य सुरक्षा विभाग के कई अन्य वरिष्ठ और आला अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार के इस बड़े कदम से अब बिचौलियों का राज पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

बांकीपुर उपचुनाव में रेखा गुप्ता की जीत तय करने को राजद का बड़ा दांव! अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने बनाई 21 सदस्यीय समिति, मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने जारी की लिस्ट

विशेष संवाददाता, पटना | 09 जुलाई 2026

पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के सियासी दंगल में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपनी घोषित उम्मीदवार रेखा गुप्ता की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। चुनावी रण को फतह करने और अल्पसंख्यक मतों को पूरी तरह गोलबंद करने के लिए राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने एक बेहद रणनीतिक और बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद अली अशरफ फातमी के निर्देश पर बांकीपुर विधानसभा चुनाव अभियान हेतु एक विशेष 21 सदस्यीय महासमिति का गठन किया गया है, जो उम्मीदवार रेखा गुप्ता के समर्थन में जमीनी मोर्चा संभालेगी।

चुनावी हुंकार: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए पटना कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद समर्थकों और राजद-कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ विक्ट्री (जीत) का निशान बनाकर अपनी ताकत और एकजुटता का प्रदर्शन करतीं राजद प्रत्याशी रेखा कुमारी गुप्ता।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रत्याशी रेखा कुमारी गुप्ता ने भारी उत्साह और समर्थकों की नारेबाजी के बीच आज पटना कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस महत्वपूर्ण सियासी मौके पर उनके साथ राजद और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर विक्ट्री (जीत) का निशान बनाकर अपनी एकजुटता और जीत का संकल्प प्रदर्शित किया। नामांकन के बाद महागठबंधन के नेताओं ने दावा किया कि क्षेत्र की जनता इस बार बदलाव के लिए तैयार है और रेखा कुमारी गुप्ता की यह उम्मीदवारी बांकीपुर में विपक्ष को एक नई मजबूती देगी।

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ (राजद) द्वारा जारी इस आधिकारिक सूची के अनुसार, इस बेहद महत्वपूर्ण चुनाव अभियान समिति की कमान सैयद मोहिब उल हसन हीरा को सौंपी गई है। उन्हें समिति का अध्यक्ष बनाने के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सह प्रवक्ता की भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। राजद नेतृत्व ने बांकीपुर से अपनी उम्मीदवार रेखा गुप्ता की जीत को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ दिया है, यही वजह है कि इस समिति में पार्टी के सबसे कद्दावर और अनुभवी रणनीतिकारों को शामिल किया गया है।

अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मोहम्मद अली अशरफ फातमी द्वारा इस संबंध में राजद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को आधिकारिक पत्र भेजकर पूरी जानकारी दी गई है। इस समिति में 2 उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महासचिव और 10 राष्ट्रीय सचिवों को शामिल कर एक बेहद संतुलित और आक्रामक टीम तैयार की गई है। इस घोषणा के बाद से बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में रेखा गुप्ता के पक्ष में माहौल बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं।

बांकीपुर विधानसभा चुनाव अभियान समिति के प्रमुख चेहरे और उनके दायित्व:

  1. सैयद मोहिब उल हसन हीरा – राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सह प्रवक्ता (अध्यक्ष)
  2. तनवीर अंसारी – राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
  3. आइशा फातीमा – राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
  4. जफर अहसन उर्फ भाई आरिफ – राष्ट्रीय महासचिव
  5. हैदर आजाद – राष्ट्रीय महासचिव
  6. अख्तर अली – राष्ट्रीय महासचिव
  7. सलमान अख्तर – राष्ट्रीय महासचिव
  8. मरीउज्जमा खान उर्फ लडन खान – राष्ट्रीय महासचिव
  9. आरिफ हुसैन – राष्ट्रीय महासचिव
  10. अहलास मलिक – राष्ट्रीय महासचिव
  11. सरदार रंजीत सिंह – राष्ट्रीय महासचिव
  12. कौसर खान – राष्ट्रीय सचिव
  13. मो जावेद आलम – राष्ट्रीय सचिव
  14. वसीम अहमद मुन्ना – राष्ट्रीय सचिव
  15. मो फारूक आजम – राष्ट्रीय सचिव
  16. मसरूर अहमद फैजी – राष्ट्रीय सचिव
  17. ई शाहजहां – राष्ट्रीय सचिव
  18. शहाबुद्दीन खान – राष्ट्रीय सचिव
  19. तौकीर आलम – राष्ट्रीय सचिव
  20. वजीहुल कमर सिद्दीकी उर्फ सितारे रहमानी – राष्ट्रीय सचिव
  21. मो शाहिद जमाल – राष्ट्रीय सचिव

इस उच्च स्तरीय समिति के गठन की प्रतिलिपि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष (राजद) सह नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधानसभा तथा राष्ट्रीय सचिव (राजद) को आवश्यक कार्रवाई और सूचनार्थ भेज दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव में राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता के पक्ष में इस महासमिति का गठन विरोधियों के पसीने छुड़ाने के लिए काफी है। इस टीम का हर एक सदस्य जमीनी पकड़ और मजबूत नेटवर्किंग के लिए जाना जाता है। कैंप कार्यालय 02, वीरचंद पटेल पथ, पटना से इस पूरे चुनावी अभियान की चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

 पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के 60% आबादी के लिए सरकार ने खोला खजाना, विदेश में पढ़ाई से लेकर मुफ्त लैपटॉप देने का प्रस्‍ताव !

मंत्री रमा निषाद का ऐतिहासिक ऐलान: आईआईटी के सहयोग से बेटियां बनेंगी डेटा साइंटिस्ट, 17वीं बीपीएससी में 101 युवाओं ने मारी बाजी, अब अनुमंडल स्तर पर खुलेंगे हाईटेक आवासीय विद्यालय

पटना, 8 जुलाई। सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद ने सरकार के संकल्पों का सबसे बड़ा खाका देश के सामने रख दिया है। मंत्री रमा निषाद की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उनके प्रभावी क्रियान्वयन तथा अब तक की ऐतिहासिक उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। मंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि हमारी सरकार पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह कृतसंकल्पित है। विशेषकर इन वर्गों के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के शिखर पर पहुंचाना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है।

 सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं और ऐतिहासिक उपलब्धियों की घोषणा करतीं माननीया मंत्री रमा निषाद।

मंत्री रमा निषाद ने बताया कि वर्तमान में सूबे के 38 जिलों में 39 छात्रावास और कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन छात्राओं को आधुनिक तकनीक की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इन सभी विद्यालयों को सीधे आईआईटी मद्रास के ‘स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम’ से जोड़ दिया गया है। इसके जरिए हमारे ग्रामीण परिवेश की बेटियां अब डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्य के कोर्सेज में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रही हैं। इतना ही नहीं, आईआईटी कानपुर के ‘साथी प्रोग्राम’ की मदद से कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को जेईई, नीट सहित देश की तमाम बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बिल्कुल मुफ्त कोचिंग दी जा रही है।

शिक्षा के क्षेत्र की चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य के 38 जिलों में 100 आसन क्षमता वाले जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास संचालित हैं, जहां रहकर बच्चे उच्च शिक्षा पा रहे हैं। इसके साथ ही सरकार द्वारा संचालित प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) नई दिल्ली और बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) पटना द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षाओं के साथ-साथ एसएससी, बैंकिंग, रेलवे तथा पुलिस भर्ती परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जा रही है। इन होनहार बच्चों को पढ़ाई-लिखाई की सामग्री के लिए सरकार द्वारा एकमुश्त 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है।

मंत्री रमा निषाद ने 17वीं बीपीएससी के फाइनल रिजल्ट के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि सरकार की प्रारंभिक प्रोत्साहन योजना का लाभ लेकर इस बार अत्यंत पिछड़े वर्ग के कुल 101 अभ्यर्थियों ने फाइनल रिजल्ट में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को 50,000 रुपये और यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली छात्राओं को 1,00,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है।

अभिभावकों की आय सीमा दोगुनी, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 57,16,599 बच्चों को लाभ मंत्री रमा निषाद ने बताया कि पूर्व में इन वर्गों के छात्र-छात्राओं के अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा केवल 1.5 लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे हमारी सरकार ने बढ़ाकर अब सीधे 3 लाख रुपये कर दिया है ताकि गरीब से गरीब परिवार के बच्चों का भी बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों में आसानी से नामांकन हो सके। सरकार की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत कक्षा 1 से 10 तक के छात्र-छात्राओं को तय दर पर छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 57,16,599 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित कर सरकार ने इतिहास रच दिया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के तहत 10वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने वाले बच्चों को 10,000 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि देकर उनका हौसला बढ़ाया जा रहा है।

अब विदेशों में पढ़ाई के लिए मिलेगा भारी अनुदान: आ रही ‘अभ्युदय योजना‘ आने वाले समय के लिए अपने विज़न और भावी योजनाओं को साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि सरकार जल्द ही ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग अभ्युदय योजना’ का नया प्रस्ताव ला रही है। इसके तहत अब देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे यूपीएससी, क्लैट, निफ्ट के साथ-साथ विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए भारी-भरकम अनुदान और बेहतरीन प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अनुमंडल स्तर पर खुलेंगे 720 और 520 सीटों वाले हाईटेक आवासीय विद्यालय मंत्री ने बताया कि अब तक केवल जिला स्तर पर और केवल बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय थे, लेकिन अब सरकार अनुमंडल स्तर पर भी बालिकाओं के लिए 520 आसन वाले और बालकों के लिए 720 आसन वाले नए आलीशान आवासीय विद्यालय खोलने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। छात्रावासों की भारी मांग को देखते हुए जिला और अनुमंडल स्तर पर बालिकाओं के लिए और अनुमंडल स्तर पर बालकों के लिए 100-100 सीटों वाले नए जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों का निर्माण युद्धस्तर पर शुरू किया जा रहा है।

मुफ्त लैपटॉप और सैनिक स्कूल खोलने का विशेष प्रस्ताव मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र और अपनी आंतरिक योजनाओं के तहत कुछ विशेष प्रस्ताव तैयार किए हैं। इसके अंतर्गत 10वीं और 12वीं पास छात्राओं को फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) की ट्रेनिंग देकर सीधे आत्मनिर्भर बनाया जाएगा, जबकि पुलिस और फायर सर्विस जैसी सैन्य बलों की भर्ती के लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप शुरू होंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इंटरमीडिएट और तकनीकी कोर्सेज कर रहे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए 50,000 रुपये तक का ब्रांड न्यू हाईटेक लैपटॉप देने का शानदार प्रस्ताव तैयार किया गया है।

इसके अलावा, पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) प्रणाली के तहत 10 नए पिछड़ा वर्ग सैनिक स्कूल खोलने पर भी सरकार काम कर रही है। आम जनता और छात्र-छात्राओं की समस्याओं के तुरंत निवारण के लिए जल्द ही एक ऑनलाइन शिकायत व सुझाव पोर्टल भी लाइव कर दिया जाएगा। मंत्री ने आत्मविश्वास से कहा कि इन कदमों से राज्य की 60% आबादी सीधे लाभान्वित होगी और हमारे बच्चे अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण खुद करेंगे।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

कैबिनेट का मास्टरस्ट्रोक: 22 प्रस्तावों पर मुहर,  बिहार में लगेंगे 500 मेगावाट के सोलर प्लांट, 10 सरकारी कॉलेजों में भर्ती और किसानों के लिए 154 करोड़ मंजूर!

बंद चीनी मिल का विवाद सुलझा, 3 जिलों में नए केंद्रीय विद्यालय और विक्रमशिला सेतु को मिले करोड़ों!

पटना। बिहार की राजनीति और विकास के गलियारे से इस वक्‍त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना में  मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक समाप्‍त हो गई है। इस बैठक में सरकार ने एक साथ 22 बड़े एजेंडों पर मुहर लगाकर राज्‍य में विकास की नई क्रांति का बिगुल फूंक दिया है। ऊर्जा, कृषि, स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा से लेकर बुनियादी ढांचे तक, हर क्षेत्र के लिए कैबिनेट ने खजाना खोल दिया है।

आईये विस्‍तार से जानते हैं कैबिनेट के वे बड़े फैसले जो बिहार की तस्‍वीर और तकदीर बदलने वाले हैं:

1. सरकारी भवनों पर चमकेगी सौर ऊर्जा: 500 मेगावाट का महाप्रोजेक्ट

बिजली के क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ऊर्जा विभाग के बड़े प्रस्‍ताव को हरी झंडी दी गई है। ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक राज्‍य के सभी सरकारी और सरकार के अधीन भवनों पर कुल 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। यह पूरी परियोजना ‘रेस्‍को’ (RESCO – Renewable Energy Services Company) मोड में संचालित होगी। इसके तहत बिजली खरीद के लिए ‘पावर परचेज एग्रीमेंट’ (PPA) को भी मंजूरी दे दी गई है।

2. कृषि क्षेत्र में पैसों की बारिश: दलहन और डिजिटल मिशन को करोड़ों की मंजूरी

कृषि प्रधान बिहार के किसानों के लिए कैबिनेट ने ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं:

  • दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन: वित्तीय वर्ष 2026-27 में खरीफ, रबी और गरमा मौसम में दलहनी फसलों के उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए 7984.61604 लाख रुपये (79.84 करोड़ रुपये से अधिक) की भारी-भरकम राशि स्‍वीकृत की गई है।
  • डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन: राज्‍य में ‘नेशनल ई-गवर्नेंस प्लान कृषि’ के तहत एग्री स्‍टैक परियोजना, किसान रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे को अमलीजामा पहनाने के लिए 15400.00 लाख रुपये (154 करोड़ रुपये) की राशि को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।
  • कृषि रोड मैप के तहत पोषण मिशन: चतुर्थ कृषि रोड मैप के अंतर्गत खाद्यान्‍न और वाणिज्यिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन’ के तहत 4463.438 लाख रुपये (44.63 करोड़ रुपये से अधिक) की स्‍वीकृति दी गई है।

3. बंद मोतीपुर चीनी मिल का विवाद सुलझा: 63.39 करोड़ रुपये का भुगतान

मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में बंद पड़ी चीनी मिल की 266 एकड़ जमीन को मेसर्स इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) से वापस लेने के लिए आर्बिट्रेशन न्‍यायालय और पटना जिला एवं सत्र न्‍यायालय के आदेश के आलोक में कंपनी को 63,39,14,958 रुपये (63.39 करोड़ रुपये से अधिक) के भुगतान और व्‍यय की स्‍वीकृति दी गई है। इससे इस क्षेत्र में उद्योग के नए रास्‍ते खुलेंगे।

4. पशुपालन और डेयरी उद्योग को बूस्टर: कॉम्फेड के जरिए लगेगी आधुनिक मशीनें

‘सात निश्चय-2’ के तहत डेयरी विकास को नई ऊंचाई देने के लिए ‘नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट’ के अंतर्गत ‘कॉम्फेड’ (COMFED) को बड़ी सौगात मिली है। बल्क मिल्क कूलर, डाटा प्रोसेसर आधारित दुग्ध संग्रहण इकाई और दूध में मिलावट जांच मशीन की स्थापना के लिए कुल 56,88,42,000 रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसमें भारत सरकार के अंशदान के अतिरिक्‍त राज्‍य सरकार अपने कोटे से 28,44,21,000 रुपये का अंशदान देगी।

5. भागलपुर विक्रमशिला सेतु की बदलेगी सूरत: 126.25 करोड़ रुपये मंजूर

पथ निर्माण विभाग के तहत भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने प्रसिद्ध विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण, नवीन सस्पेंडेड स्लैब निर्माण और पुल के संपूर्ण भाग की मरम्‍मत व पुनर्स्थापन के लिए 12625.55 लाख रुपये (126.25 करोड़ रुपये से अधिक) की भारी-भरकम लागत पर प्रशासनिक स्‍वीकृति दी गई है। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यातायात बेहद सुगम हो जाएगा।

6. उच्च शिक्षा में नौकरियों की बहार: इंजीनियरिंग कॉलेजों में 76 नए पद सृजित

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्‍य के युवाओं को बड़ा तोहफा मिला है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के मानदंडों के आधार पर राज्‍य के 10 राजकीय अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) महाविद्यालयों और बिहार अभियंत्रण विश्‍वविद्यालय में पी.जी. (M.Tech) पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए कुल 76 शैक्षणिक पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें प्राध्यापक के 09, सह-प्राध्यापक के 29 और सहायक प्राध्यापक के 38 पद शामिल हैं। इसके अलावा, इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को परिणाम आधारित बनाने के लिए एनआईटीटीटीआर (NITTTR) भोपाल को नामित करते हुए 1,75,23,000 रुपये विमुक्‍त किए गए हैं।

7. स्‍वास्‍थ्‍य का महाविस्‍तार: एम्स पटना के लिए 26.76 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण

राज्‍य की चिकित्‍सा व्‍यवस्‍था को विश्‍वस्‍तरीय बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक बहुत बड़े प्रस्‍ताव को मंजूरी मिली है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना के विस्तार के लिए खगौल के मौजा-भुसौैला दानापुर में 26.76 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इस भूमि अधिग्रहण पर होने वाले कुल 3,48,89,98,270 रुपये (तीन अरब अड़तालीस करोड़ नवासी लाख निन्यानवे हजार दो सौ सत्तर रुपये) के संभावित खर्च को प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है।

8. तीन जिलों में खुलेंगे नए केंद्रीय विद्यालय: शिक्षा का नया सवेरा

राजस्‍व एवं भूमि सुधार विभाग के तहत राज्‍य के तीन जिलों—मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में नए केंद्रीय विद्यालयों की स्‍थापना का रास्‍ता साफ हो गया है:

  • मधुबनी: अंचल-लखनौर के मौजा-बेहट में 05 एकड़ जमीन।
  • मुंगेर: अंचल-मुंगेर सदर के मौजा-मय और मौजा-शंकरपुर में 05 एकड़ जमीन।
  • मुजफ्फरपुर: अंचल-मुशहरी के मौजा-मुशहरी उर्फ राधा नगर में 05 एकड़ गौशाला की जमीन। यह सभी जमीनें केंद्रीय विद्यालय संगठन, शिक्षा मंत्रालय (भारत सरकार) को मात्र 1 रुपये के टोकन मूल्‍य पर 30 वर्षों के लिए लीज पर ट्रांसफर की जाएंगी।

9. अन्य महत्वपूर्ण फैसले:

  • शहरी विकास: पटना और मुजफ्फरपुर में ‘ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ के मास्टर प्लान और टाउन प्लानिंग स्कीम के लिए भूमि अधिग्रहण व बुनियादी ढांचे के विकास को मंजूरी दी गई है। तकनीकी सहायता के लिए ‘सेंटर फॉर एनवायरनमेंट प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी’ (CEPT) अहमदाबाद को चुना गया है।
  • रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS): राज्‍य के चार कॉरिडोर में आरआरटीएस के निर्माण हेतु अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट और विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने के लिए 31.59 करोड़ रुपये की स्‍वीकृति के साथ ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम’ (NCRTC) को नामित किया गया है।
  • युवाओं को संबल: ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ को अगले 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31) तक विस्‍तारित करते हुए चालू वर्ष के लिए 300.00 करोड़ रुपये की स्‍वीकृति दी गई है।
  • निर्वाचन विभाग: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में जुटे कुल 243 निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों के लिए 72.90 लाख रुपये और 1351 सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों के लिए 3.37 करोड़ रुपये से अधिक के मानदेय भुगतान को हरी झंडी दी गई है। कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि सरकार आगामी चुनावों और राज्‍य के दूरगामी विकास को ध्‍यान में रखकर चौतरफा रणनीति पर काम कर रही है। इन योजनाओं के लागू होने से राज्‍य में रोजगार, बुनियादी ढांचे और आर्थिक समृद्धि को एक नया आयाम मिलेगा।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

खेल मंत्रालय के नाम पर महाधोखा! फर्जी संगठन ने ‘चयन पत्र’ बांटकर युवाओं से ठगे पैसे

नई दिल्ली: देश के उभरते खिलाड़ियों के सपनों के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SAI) नामक एक फर्जी संगठन खुद को भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त बताकर युवाओं को ठग रहा है। यह संगठन बड़े पैमाने पर खिलाड़ियों को नकली चयन पत्र (प्लेयर सिलेक्शन लेटर) और प्रचार सामग्री जारी कर रहा है। इतना ही नहीं, कथित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के नाम पर विज्ञापन निकालकर भोले-भाले खिलाड़ियों से 1,500 रुपये का पंजीकरण शुल्क (रजिस्ट्रेशन फीस) भी वसूल रहा है।

धोखाधड़ी से सावधान! पीआईबी फैक्ट चेक द्वारा जारी इस पोस्टर में ‘स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ की वेबसाइट और उसके द्वारा बांटे जा रहे फर्जी चयन पत्र (प्लेयर सिलेक्शन लेटर) की सच्चाई को उजागर करते हुए इसे पूरी तरह ‘फेक’ (फर्जी) घोषित किया गया है।

फिट इंडिया के लोगो का भी किया गलत इस्तेमाल

यह जालसाज संगठन युवाओं को गुमराह करने के लिए अपनी वेबसाइट और दस्तावेजों पर फिट इंडिया मूवमेंट के लोगो और ब्रांडिंग का अवैध रूप से उपयोग कर रहा है। इस संबंध में पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने देश के युवाओं को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।

मंत्रालय ने कहा– हमारा कोई संबंध नहीं

युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि:

  • इस तथाकथित ‘स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ को सरकार द्वारा कोई मान्यता या संबद्धता प्रदान नहीं की गई है।
  • इस संगठन का ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ से कोई संबंध नहीं है, और न ही इसे फिट इंडिया के ब्रांड नेम का उपयोग करने की कोई अनुमति दी गई है।
  • खिलाड़ी किसी भी झांसे में आने से बचें और प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल असली स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

बांकीपुर के रण में बीजेपी का बड़ा दांव! हाई-प्रोफाइल सीट पर युवा तुर्क अभिषेक कुमार को उतारा, विरोधियों के छूटे पसीने

पटना। बिहार के सियासी गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बिहार की सबसे वीआईपी और हाई-प्रोफाइल मानी जाने वाली 182-बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए भाजपा युवा मोर्चा के फायरब्रांड प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिन्हा ‘बंटी’ के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। बीजेपी के इस फैसले ने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है।

केंद्रीय चुनाव समिति का बड़ा फैसला, युवा चेहरे पर भरोसा

बांकीपुर सीट हमेशा से ही बिहार की राजनीति का केंद्र बिंदु रही है। इस हाई-प्रोफाइल सीट को जीतने के लिए बीजेपी ने इस बार किसी पुराने चेहरे के बजाय युवा और जोश से लबरेज उम्मीदवार पर दांव लगाया है। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, बिहार विधानसभा उपचुनाव 2026 के लिए अभिषेक कुमार के नाम को हरी झंडी दे दी गई है। एनडीए समर्थित इस चेहरे के मैदान में उतरने से बांकीपुर का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प और आक्रामक हो गया है।

बिहार की हाई-प्रोफाइल 182-बांकीपुर विधानसभा सीट से बीजेपी और एनडीए के आधिकारिक उम्मीदवार घोषित होने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिन्हा ‘बंटी’।

सीएम सम्राट चौधरी ने दी बधाई, कहा– ‘होगी ऐतिहासिक जीत‘

अभिषेक कुमार को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सूबे के मुखिया यानी सीएम सम्राट चौधरी ने उन्हें विशेष रूप से बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा 182-बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से अभिषेक कुमार को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किए जाने पर वे उन्हें हार्दिक बधाई देते हैं।

सीएम सम्राट चौधरी ने पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि अभिषेक कुमार के नेतृत्व, समर्पण और जनसेवा के संकल्प को बांकीपुर की जनता का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त होगा। उन्होंने दावा किया कि विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए बीजेपी इस सीट पर एक ऐतिहासिक और प्रचंड विजय दर्ज करेगी।

अभिषेक कुमार के नाम के ऐलान के साथ ही बांकीपुर में चुनावी सरगर्मियां सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। अब देखना यह होगा कि बीजेपी का यह युवा कार्ड विरोधियों के चक्रव्यूह को भेदने में कितना कामयाब साबित होता है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

बॉर्डर सील, घुसपैठ बंद! अररिया में मेडिकल कॉलेज और फारबिसगंज में बनेगा एयरपोर्ट; भारी बारिश के बीच गरजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी!

बिहार में घुसपैठ-अपराध पर फुल स्टॉप; केंद्र से विकास के लिए मिले ऐतिहासिक 50000 करोड़, लापरवाही पर 13 बड़े अफसरों को मिला फाइनल नोटिस, अब खुद सीएम हर महीने पटना में करेंगे सीधी सुनवाई!

पटना 07 जुलाई 2026: बिहार में कानून व्यवस्था और जन-समस्याओं के निपटारे को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बेहद कड़ा और बड़ा संदेश दिया है । अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत हरिपुर पंचायत सरकार भवन में आयोजित एक विशाल सहयोग शिविर में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि बिहार में अपराधियों और घुसपैठियों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति चलेगी । सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को पूरी तरह अभेद्य बनाने के लिए 735 किलोमीटर लंबी सीमा पर 194 बी०ओ०पी० (बॉर्डर आउटपोस्ट) स्थापित कर दिए गए हैं, जिससे अराजक तत्वों और अवैध घुसपैठ पर पूरी तरह लगाम कसी जा सके ।

अररिया के फारबिसगंज अंतर्गत हरिपुर पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान उमड़े जनसैलाब को मंच से संबोधित करते हुए और अपराधियों-घुसपैठियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ।

झमाझम बारिश के बीच आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में जनता के उत्साह को देखकर भावुक हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किसानों की समृद्धि और बिहार के सतत विकास की कामना की। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनता के कष्टों का त्वरित, पारदर्शी और बिल्कुल निष्पक्ष समाधान करना है । सरकार अब खुद चलकर गांव-गांव पहुंच रही है ताकि किसी भी गरीब और लाचार नागरिक को समय पर न्याय मिल सके । उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि जनता को कोई कष्ट होगा, तो सरकार को भी कष्ट होगा, इसलिए जन-समस्याओं का समाधान हर हाल में होकर रहेगा ।

सहयोग शिविर के बड़े आंकड़े और सख्त कार्रवाई:

  • बिहार राज्य में अब तक कुल 453062 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से रिकॉर्ड 425660 आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है ।
  • प्रशासन की जवाबदेही तय करते हुए लापरवाह अधिकारियों को पहला नोटिस 12869 लोगों को, दूसरा नोटिस 340 लोगों को और अंतिम तीसरा नोटिस 13 संबंधित पदाधिकारियों को भेजा जा चुका है ।
  • अररिया जिले की बात करें तो यहाँ प्राप्त 7130 आवेदनों में से 6845 का निष्पादन हो चुका है और केवल 285 आवेदन ही लंबित बचे हैं ।
  • हरिपुर पंचायत में मिले 259 आवेदनों में से 245 का ऑन-द-स्पॉट निपटारा कर दिया गया है, जबकि बचे हुए 14 आवेदनों पर तेजी से काम चल रहा है ।

व्यावसायिक (कॉमर्शियल) गाड़ियों  से ही टोल टैक्स और पटना में खुद  करेंगे प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में सीधी सुनवाई

मुख्यमंत्री ने जनहित में एक और बड़ा ऐलान करते हुए टोल टैक्स को लेकर चल रहे भ्रम को पूरी तरह दूर कर दिया । उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार के स्टेट हाई-वे पर अब सिर्फ व्यावसायिक (कॉमर्शियल) गाड़ियों को ही टोल टैक्स देना होगा । आम आदमी के निजी वाहनों को इससे पूरी तरह मुक्त रखा गया है, जो एक बहुत बड़ी राहत है । इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन लोगों की समस्याओं का समाधान सहयोग शिविर के माध्यम से नहीं हो पाया है, या जिन्हें लगता है कि कोई गलत आदेश जारी हुआ है, उनके लिए वह खुद प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में विशेष सुनवाई करेंगे और समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान करेंगे ।

अभियान बसेरा-2 के तहत सुयोग्य श्रेणी की महिला लाभार्थी को अररिया जिले के शीर्ष अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में गरिमामयी मंच से भूमि का बंदोबस्ती प्रमाण पत्र (पर्चा) सौंपते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

वृद्धों-विधवाओं की पेंशन बढ़ी, 125 यूनिट मुफ्त बिजली

विकास की चर्चा करते हुए सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया जिन्होंने विकसित भारत का सपना देखा है, और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नमन किया जिन्होंने समृद्ध बिहार की मजबूत नींव रखी है । उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बिहार के विकास के लिए मिलने वाली राशि को 16वें वित्त आयोग में 20000 करोड़ रुपये से सीधे बढ़ाकर 50000 करोड़ रुपये कर दिया है । सरकार समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है । इसी कड़ी में विधवा, दिव्यांगजन और वृद्धजनों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 400 रुपये से सीधे बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है ।

बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के सभी परिवारों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है । यही नहीं, जिन घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर प्लांट) लगेंगे और वे 125 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन करेंगे, उनकी अतिरिक्त बिजली सरकार खुद खरीदेगी और उसके बदले की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी । इसके अलावा, प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ‘पंचायत विकास दिवस’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और गरीबों से जुड़े मुद्दों की जमीनी स्तर पर समीक्षा कर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा ।

प्रखंडों में डिग्री कॉलेज और फारबिसगंज में बनेगा एयरपोर्ट

शिक्षा और बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं । 15 जुलाई तक राज्य के शेष बचे सभी 213 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की व्यवस्था पूरी कर दी जाएगी । सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित होंगे और ग्रामीण हाई स्कूलों में कोचिंग की विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि गाँव के बच्चों को पढ़ाई के लिए पटना या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख न करना पड़े । फारबिसगंज में एयरपोर्ट के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है और अगले वित्तीय वर्ष में इसका निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास किया जाएगा । अररिया में भी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए भूमि फाइनल हो चुकी है और जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा । इसके साथ ही फोरलेन सड़क, सिलीगुड़ी-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे, कोसी-मेची लिंक परियोजना, बैरगाछी-सिकटी सड़क, टैक्सगंज-सुकेला बाईपास और सुभाष चौक आर०ओ०बी० जैसी मेगा परियोजनाओं पर काम बेहद तेज गति से चल रहा है ।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। सम्राट चौधरी ने निर्देश दिया कि जिन लाभार्थियों के खातों में अभी तक राशि नहीं पहुंची है, उन्हें इसी महीने के भीतर हर हाल में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं ‘अभियान बसेरा-2’, ‘आयुष्मान वय वंदन कार्ड’, ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना’, ‘मुख्यमंत्री अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना’ और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अंतर्गत ‘मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक और स्वीकृति पत्र वितरित किए।

मंच पर मौजूद रहे तमाम बड़े दिग्गज

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री सह अररिया जिले के प्रभारी मंत्री रामचंद्र प्रसाद, सांसद प्रदीप कुमार सिंह, विधायक विजय कुमार मंडल, विधायक मनोज विश्वास, विधायक मो० मुर्शीद आलम, अररिया जिला परिषद अध्यक्ष आफताब अजीम, फारबिसगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद वीणा देवी, 20 सूत्री के उपाध्यक्ष आशीष पटेल, 20 सूत्री के उपाध्यक्ष सह भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण झा शामिल रहे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव सह अररिया जिले के प्रभारी सचिव मो० सोहैल, पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त दिनेश कुमार, पूर्णिया प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद, जिलाधिकारी विनोद दूहन, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जिलाध्यक्ष विष्णु ऋषिदेव, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष अरुण सिंह, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के जिलाध्यक्ष विभाष चंद्र मेहता सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग और आम जनता मौजूद रही।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

गरीबों के लिए मसीहा बना सकरा का यह अस्पताल! 25 सालों से मुफ्त इलाज कर डॉक्टर ने पेश की मानवता की मिसाल

व्यवसायीकरण के दौर में सेवा का अनोखा मंदिर: हर मंगलवार को बिना एक पैसा लिए होता है सैकड़ो मरीजों  का सफल इलाज, पूसा से लेकर पातेपुर तक के लाचार मरीजों के लिए संजीवनी बना रहा है  सकरा का यह मंगलवारी कैम्‍प !

सकरा (मुजफ्फरपुर)। आज के इस आधुनिक और घोर कलयुगी दौर में जहां चिकित्सा सेवा पूरी तरह से एक बड़ा और मुनाफा कमाने वाला व्यवसाय बन चुकी है, वहीं मुजफ्फरपुर जिले के सकरा इलाके से मानवता को गौरवान्वित करने वाली एक ऐसी कहानी सामने आ रही है जो हर किसी के दिल को छू लेगी। सकरा में एक ऐसा अस्पताल है, जो पिछले 25 वर्षों से लाचार, बेसहारा, वृद्ध और आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर मरीजों के लिए किसी भगवान के घर से कम नहीं साबित हो रहा है। हम बात कर रहे हैं सकरा कॉलेज गेट के ठीक बगल में दक्षिण दिशा स्थित क्षेत्र के प्रतिष्ठित और पुराने चिकित्सालय ‘आर पी मेमोरियल चैरिटेबल हॉस्पिटल’ की। इस अस्पताल में हर मंगलवार की तरह आज भी एक विशाल मुफ्त चिकित्सीय जांच, परामर्श एवं सहायता कैंप का आयोजन किया गया।

एक-एक मरीज की फाइलों और स्वास्थ्य रिपोर्ट की बारीकी से जांच करते  चिकित्सक डॉक्टर अरुण कुमार राय। पास ही मुस्तैदी से खड़े स्वास्थ्य कर्मी और अपनी बारी के इंतजार में उम्मीद भरी नजरों से देखतीं महिला मरीज।

यह महज एक साधारण मेडिकल कैंप नहीं है, बल्कि यह पिछले 25 वर्षों की अटूट श्रद्धा, सेवा और संकल्प का एक जीवंत प्रतीक है। इलाके के प्रसिद्ध और समाजसेवी चिकित्सक डॉक्टर अरुण कुमार राय द्वारा अपने पूज्य पिता की पावन स्मृति में इस आर पी मेमोरियल चैरिटेबल हॉस्पिटल के माध्यम से प्रत्येक मंगलवार को यह अनूठा और पूरी तरह से मुफ्त चिकित्सीय शिविर आयोजित किया जाता है। डॉक्टर अरुण कुमार राय ने चिकित्सा जगत के तमाम ऐशो-आराम और व्यावसायिक फायदों को दरकिनार करते हुए अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के स्वास्थ्य कल्याण के लिए समर्पित कर दिया है।

दूर-दराज के जिलों और सुदूर देहातों से दौड़े चले आते हैं बेसहारा मरीज

इस मुफ्त चिकित्सीय जांच शिविर की ख्याति और विश्वसनीयता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ केवल सकरा के स्थानीय लोग ही नहीं आते, बल्कि पूसा, पातेपुर, बरियारपुर और चिकनौटा जैसे कई किलोमीटर दूर स्थित सुदूर ग्रामीण और देहाती इलाकों से मरीज अपनी गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज कराने के लिए सुबह से ही पहॅुचने लगते हैं। ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव और अत्यंत गरीबी के कारण जो लोग बड़े शहरों के महंगे डॉक्टरों की फीस और जांच का खर्च उठाने में असमर्थ हैं, उनके लिए डॉक्टर अरुण कुमार राय का यह अस्पताल किसी वरदान और संजीवनी बूटी की तरह काम कर रहा है। आज के कैंप में भी सुबह से ही मरीजों का आना शुरू हो गया था और देखते ही देखते करीब दो दर्जन से अधिक गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज डॉक्टर साहब से परामर्श लेने पहुंचे।

सकरा के आर पी मेमोरियल चैरिटेबल हॉस्पिटल के मुख्य रजिस्ट्रेशन काउंटर पर कतारबद्ध खड़े ग्रामीण और इलाज का पर्चा हाथ में लेकर चेहरे पर गहरी संतुष्टि और मुस्कान लिए खड़ीं ग्रामीण महिलाएं और बुजुर्ग मरीज,

मुस्तैदी से डटे रहे जांबाज पारा मेडिकल स्टाफ महबूब, अमर और रोशनी

इतनी भारी संख्या में पहुंचे मरीजों की भीड़ को व्यवस्थित करना और उन्हें सही समय पर बेहतर इलाज मुहैया कराना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन अस्पताल के समर्पित पारा मेडिकल स्टाफ ने अपनी मुस्तैदी से इस काम को बेहद आसान बना दिया। शिविर में पारा मेडिकल स्टाफ के मुख्य स्तंभ महबूब आलम, अमर कुमार और रोशनी खातून पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ अपनी ड्यूटी पर तैनात रहे। इन स्वास्थ्य कर्मियों ने न केवल काउंटर पर आने वाले हर एक मरीज का बेहद शालीनता से स्वागत किया, बल्कि बेहद मुस्तैदी से उनका प्राथमिक चेकअप किया, जिसमें मरीजों का ब्लड प्रेशर, वजन और अन्य जरूरी शुरुआती जांच शामिल थीं। इसके बाद बेहद सुव्यवस्थित तरीके से एक-एक कर सभी मरीजों को डॉक्टर अरुण कुमार राय के केबिन तक पहुंचाया गया ताकि मरीज बिना किसी हड़बड़ाहट के डॉक्टर साहब को अपनी तकलीफ बता सकें।

क्या कहते हैं गरीबों के दुखों को हरने वाले डॉक्टर अरुण कुमार राय?

शिविर की समाप्ति के बाद मीडिया से बेहद आत्मीय बातचीत करते हुए डॉक्टर अरुण कुमार राय भावुक हो गए। उन्होंने अपने इस 25 वर्षों के लंबे और गौरवशाली सफर को याद करते हुए कहा, “जब मैंने इस चैरिटेबल हॉस्पिटल की शुरुआत अपने पिता की याद में की थी, तब मेरा एकमात्र लक्ष्य यही था कि इलाके का कोई भी गरीब व्यक्ति पैसे के अभाव में बिना इलाज के न मरे। आज इस सफर को 25 वर्ष से ज्‍यादा  हो चुके हैं और मुझे यह बताते हुए बेहद आत्मसंतुष्टि और गर्व की अनुभूति हो रही है कि सिर्फ इस मंगलवार वाले विशेष मुफ्त कैंप के माध्यम से अब तक हजारों-हजार मरीज पूरी तरह से ठीक होकर अपने घरों को लौट चुके हैं और खुशहाल जीवन जी रहे हैं।”

डॉक्टर अरुण कुमार राय ने आगे विस्तार से बताते हुए कहा, “आज भी हमारे इस सेवा शिविर में करीब दो दर्जन से अधिक असहाय मरीज इलाज के लिए पहुंचे हैं। मैं समाज को यह विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आगे भी जीवन की आखिरी सांस तक प्रत्येक मंगलवार को यह मुफ्त चिकित्सीय जांच और परामर्श शिविर इसी तरह पूरी भव्यता और सेवा भाव के साथ चलता रहेगा। हमारा यह संकल्प अटूट है।” डॉक्टर अरुण कुमार राय ने कहा कि, “जो मरीज बहुत ज्यादा वृद्ध हैं, शारीरिक रूप से लाचार हैं, चलने-फिरने में असमर्थ हैं, या फिर ऐसे  मरीज जिनके परिवार में उनकी देखभाल करने वाला कोई दूसरा सदस्य मौजूद नहीं है, उन्हें हमारे इस आर पी मेमोरियल चैरिटेबल हॉस्पिटल की तरफ से न केवल मुफ्त डॉक्टर परामर्श दिया जाता है, बल्कि उन्हें ठीक होने के लिए आवश्यक दवाइयां भी  मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि वे स्‍वास्‍थ्‍य लाभ प्राप्‍त कर सकें ।”

आज के कैंप में आज ईलाज के लिए आये मरीजों की सूची:

अस्पताल के आधिकारिक और पंजीकृत रिकॉर्ड के अनुसार, दोपहर तक आज के इस शिविर में  गंभीर बीमारियों का सफल इलाज कराने और मुफ्त परामर्श पाने वाले मुख्य मरीजों की सूची इस प्रकार है, जिन्हें डॉक्टर साहब ने खुद अपने हाथों से देखा और दवाइयां लिखीं: अबेदा खातून – निवासी: पातेपुर चौराहा,रिभा कुमारी – निवासी: रायपुरा ,राधा देवी – निवासी: मरीचा, पुतुल कुमारी – निवासी: सादपुर,राजकिशोर ठाकुर – निवासी: कटेसर, लीला देवी – निवासी: सुजावलपुर , सोनम कुमारी – निवासी: जे पी ब्रह्मपुरा, सोनू कुमार – निवासी: लोहारगामा, रामरती देवी – निवासी: शहदउल्लापुर, राबिया खातून – निवासी: खेसराही,कायनात बानो – निवासी: खेसराही, सुधीर कुमार – निवासी: खास पट्टी, जगन्नाथपुर, अनिल कुमार राय – निवासी: मनोहर पट्टी, मंटू देवी – निवासी: रैनी ,अशर्फी देवी – निवासी: रैनी, सहित अन्‍य दर्जनों मरीज को देखा गया ।

निश्चित रूप से, आर पी मेमोरियल चैरिटेबल हॉस्पिटल और डॉक्टर अरुण कुमार राय द्वारा किया जा रहा यह निस्वार्थ कार्य आज के आधुनिक समाज के लिए एक महान प्रेरणा है। इस अस्पताल ने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में सच्ची सेवा की भावना हो, तो बिना किसी सरकारी मदद या भारी-भरकम फंड के भी हजारों असहाय लोगों की जिंदगी को संवारा और बचाया जा सकता है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

किराये का खेल खत्म: पंचायत सरकार भवन में शिफ्ट होगा मुरौल नगर पंचायत कार्यालय, प्रशासन की हरी झंडी

सहयोग पोर्टल पर मची खलबली! मुजफ्फरपुर के सादिकपुर मुरौल मामले में सरकार सख्त, किराये के मकान के खेल में शामिल चेहरे होंगे बेनकाब!

मुजफ्फरपुर, 6 जुलाई 2026: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से सरकारी पैसे के क्रूर दुरुपयोग और प्रशासनिक व्यवस्था की मनमानी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे पंचायती राज विभाग को हिलाकर रख दिया है। नगर पंचायत मुरौल में सभी सुख-सुविधाओं से लैस एक भव्य ‘पंचायत सरकार भवन’ पहले से ही सीना ताने खड़ा है, लेकिन इसके बावजूद जनता की गाढ़ी कमाई को पानी की तरह बहाते हुए नगर पंचायत का दफ्तर एक निजी किराये के मकान में चलाया जा रहा था। इतना ही नहीं, भ्रष्टाचार और लापरवाही की हद तो तब पार हो गई जब इस मजबूत और सर्वसुविधा युक्त सरकारी भवन को कार्यालय संचालन के लिए अनुपयुक्त यानी पूरी तरह से बेकार घोषित कर दिया गया और कागजों पर एक बिल्कुल नये भवन के निर्माण की अनुशंसा तक भेज दी गई। सरकारी खजाने को चूना लगाने की इस सोची-समझी साजिश का भंडाफोड़ तब हुआ जब सादिकपुर मुरौल के रहने वाले एक जागरूक नागरिक एवं मुरौल नगर पंचायत के वार्ड पार्षद आनंद कन्द साह ने इस महाघोटाले के खिलाफ सीधे सरकार के ‘सहयोग पोर्टल’ पर मोर्चा खोल दिया।

सादिकपुर मुरौल के निर्माणाधीन भवन के पूरा होने तक वर्तमान पंचायत सरकार भवन( सत्‍यनारायण पंचायत सरकार भवन)  के केवल 2 कमरों को छोड़कर शेष पूरे परिसर में नवगठित नगर पंचायत मुरौल का कार्यालय तुरंत शिफ्ट कर नियमित रूप से संचालित किया जाने को हरी झंडी

क्या है पूरा खेल और कैसे रची गई साजिश? :  शिकायतकर्ता आनंद कन्द साह, पंजीकरण संख्या REF452154, जो ग्राम पंचायत राज सादिकपुर मुरौल के निवासी हैं, ने विभाग में एक धारदार परिवाद पत्र दाखिल किया था। इस शिकायत में उन्होंने सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र पर कड़े सवाल दागे कि जब नगर पंचायत मुरौल के अधिकार क्षेत्र में पहले से ही करोड़ों की लागत से बना आलीशान पंचायत सरकार भवन उपलब्ध है, तो फिर जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा एक निजी किराये के मकान पर क्यों लुटाया जा रहा है? इसके साथ ही, वर्तमान के सुदृढ़ और पूरी तरह से सुरक्षित सरकारी भवन को रातों-रात अनुपयुक्त बताकर नये सिरे से नया भवन बनाने की सिफारिश करने के पीछे आखिर अधिकारियों की क्या काली मंशा थी, इस पर भी तीखे सवाल खड़े किए गए। इस एक शिकायत ने दफ्तरों में आराम फरमा रहे अफसरों की नींद उड़ा दी।

पटना से जारी कड़ा फरमान: आनंद कुमार साह की शिकायत सीधे विभागीय स्तर (एल3) पर पहुंचने के बाद पंचायती राज विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी ललित राही द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (पत्रांक 9695)। इस पत्र के जरिए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन को पूरे मामले की जांच कर मात्र 24 घंटे के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया है।

अधिकारियों के बीच मची खलबली, पत्रों का दौर शुरू  : जैसे ही यह मामला सहयोग पोर्टल के जरिए आला अधिकारियों तक पहुंचा, विभाग के भीतर जबरदस्त खलबली मच गई। पंचायती राज विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी ने इस बेहद गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्काल मुजफ्फरपुर के जिला पंचायत राज पदाधिकारी से पत्रांक 9695/पं0रा0 के जरिए सीधे तौर पर जवाब तलब कर लिया। इसके बाद जांच और पत्राचार की जो कड़ियां सामने आईं, उसने इस पूरे तंत्र के काले कारनामों की पोल खोलकर रख दी:

  • नगर कार्यपालक पदाधिकारी (नगर पंचायत मुरौल) ने पत्रांक 722 के जरिए प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी से नवगठित नगर निकाय के संचालन के लिए पंचायत सरकार भवन उपलब्ध कराने का एक अनुरोध किया था।
  • इसके तुरंत बाद, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी ने पत्रांक 118 के जरिए इस पूरे मामले की जटिल स्थिति को देखते हुए जिला मुख्यालय से दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन मांगा, जिससे साफ है कि परदे के पीछे कुछ बड़ा पक रहा था।
समाहरणालय मुजफ्फरपुर की बड़ी कार्रवाई: पंचायती राज विभाग के निर्देश पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा जारी विस्तृत जांच रिपोर्ट (ज्ञापांक 3603)। इस पत्र ने वर्तमान सरकारी भवन को ‘अनुपयुक्त’ बताने वाली साजिश का भंडाफोड़ करते हुए स्पष्ट किया कि भवन पूरी तरह उपयुक्त है और किराये के मकान का खेल अब बंद होगा।
प्रशासन का अंतिम हंटर और आदेश की प्रति: जिला पंचायत राज पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा हस्ताक्षरित अंतिम आदेश का मुख्य अंश। इसमें स्पष्ट निर्देश है कि सादिकपुर मुरौल के निर्माणाधीन भवन के पूरा होने तक वर्तमान पंचायत सरकार भवन के केवल 2 कमरों को छोड़कर शेष पूरे परिसर में नवगठित नगर पंचायत मुरौल का कार्यालय तुरंत शिफ्ट कर नियमित रूप से संचालित किया जाए।(उपर के पत्र का कोट किया हुआ हिस्‍सा)

जांच में हुआ महाखुलासा: बिल्कुल सही है सरकारी भवन  लगातार बढ़ते दबाव के बाद जिला पंचायत राज पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा इस पूरे मामले की स्थलीय जांच की गई। इस उच्च स्तरीय जांच रिपोर्ट में जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था। जांच में यह पूरी तरह साफ हो गया कि नगर पंचायत मुरौल के क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला यह पंचायत सरकार भवन कार्यालय के नियमित और सुचारू संचालन के लिए शत-प्रतिशत उपयुक्त और मजबूत है। नये भवन के निर्माण की पूरी थ्योरी मनगढ़ंत और पूरी तरह से बेबुनियाद पाई गई, जो केवल बजट खपाने के लिए रची गई थी।

अस्थायी व्यवस्था और प्रशासन का हंटर:  जांच रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में ग्राम पंचायत राज सादिकपुर मुरौल का नया पंचायत सरकार भवन अभी निर्माणाधीन है, जिस कारण सादिकपुर मुरौल का ग्राम पंचायत कार्यालय और ग्राम कचहरी इसी पुराने भवन से अस्थायी रूप से संचालित हो रहे हैं। इस समस्या का त्वरित समाधान निकालते हुए जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने बिहार सरकार के नगर आवास एवं आवास विभाग के कड़े नियमों (पत्रांक 1284/न0वि0 एवं आ0वि0) का हवाला देते हुए अपना अंतिम आदेश जारी कर दिया है:

“जब तक ग्राम पंचायत राज सादिकपुर मुरौल के नये भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान पंचायत सरकार भवन के केवल 2 कमरों को ग्राम पंचायत कार्यालय के लिए सुरक्षित छोड़ा जाएगा। इसके अलावा शेष पूरे विशाल पंचायत सरकार भवन में नवगठित नगर पंचायत मुरौल के कार्यालय को तुरंत शिफ्ट कर नियमित रूप से संचालित किया जाएगा।”

इस कड़े फैसले और रिपोर्ट की प्रतिलिपि जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर को सादर सूचनार्थ एवं अनुमोदनार्थ भेज दी गई है। साथ ही प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी और नगर कार्यपालक पदाधिकारी को इस पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

सांकेतिक (प्रतीकात्‍मक) तस्‍वीर

पटना तक हड़कंप, एल3 स्तर पर पहुंची शिकायत: 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट! यह पूरा मामला तब और अधिक गरमा गया जब सहयोग पोर्टल पर लंबित यह शिकायत सीधे एल3 (L3) यानी सर्वोच्च विभागीय स्तर पर पहुंच गई। मामले की संवेदनशीलता और सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को देखते हुए पंचायती राज विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी ललित राही ने मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी को पत्र जारी कर पूरे मामले पर बिजली की गति से कार्रवाई करने का आदेश दिया है। विभाग ने साफ किया है कि आनंद कुमार साह, पिता-मनोज कुमार की इस शिकायत के सभी बिंदुओं की गहनता से नियमानुसार जांच कर मात्र 24 घंटे के भीतर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट विभाग को सौंपी जाए। इस मामले को सरकार ने शीर्ष प्राथमिकता पर रखा है।

विशेष कार्य पदाधिकारी ललित राही ने इस संबंध में ज्ञापांक 2प/पं०स०भ०-09-15/2020/9695/पं०रा० दिनांक 01/07/2026 के जरिए मुजफ्फरपुर के जिला पंचायत राज पदाधिकारी को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रतिलिपि भेज दी है, ताकि धरातल पर तुरंत एक्शन लिया जा सके। इसके साथ ही विभागीय गै०स०प्रे०सं-2253 दिनांक 25.06.2026 के आलोक में नोडल पदाधिकारी, सहयोग शिविर कोषांग-सह-विशेष कार्य पदाधिकारी, पंचायती राज विभाग को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। अब देखना यह होगा कि विभाग के इस बेहद कड़े और अल्टीमेटम वाले आदेश के बाद मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन इस किराये के मकान के खेल में शामिल जिम्मेदार चेहरों पर अगले 24 घंटे के भीतर क्या कार्रवाई करता है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

बिहार की राजनीति में सबसे बड़ा टसल ! बांकीपुर से खुद चुनावी मैदान में उतरे प्रशांत किशोर, महावीर मंदिर में टेका माथा!

पटना से आई बड़ी खबर: व्यवस्था बदलने के लिए प्रशांत किशोर ने चली सबसे बड़ी चाल

पटना। बिहार की सियासत में इस वक्त का सबसे बड़ा भूचाल आ चुका है। बांकीपुर विधानसभा उप-चुनाव के लिए जन सुराज पार्टी ने एक ऐसा चौंकाने वाला फैसला लिया है जिसने विरोधियों के होश उड़ा दिए हैं। जन सुराज पार्टी ने किसी और को नहीं, बल्कि खुद पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर के नाम का ऐलान चुनावी उम्मीदवार के रूप में कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही बिहार की चुनावी जंग बेहद रोमांचक और हाई-प्रोफाइल हो गई है।

 बांकीपुर विधानसभा उप-चुनाव के लिए जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार घोषित होने के बाद पटना के ऐतिहासिक महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना करते प्रशांत किशोर। मंदिर के पुजारी उन्हें तिलक लगाकर और माला पहनाकर आशीर्वाद देते हुए।

महावीर मंदिर पहुंचे प्रशांत किशोर, जीत के लिए मांगा आशीर्वाद

बांकीपुर विधानसभा उप-चुनाव के लिए आधिकारिक तौर पर उम्मीदवार घोषित होने के तुरंत बाद प्रशांत किशोर पटना के प्रसिद्ध महावीर (हनुमान) मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने बजरंगबली की पूजा-अर्चना की, माथा टेका और जीत के लिए आशीर्वाद लिया। मंदिर के पुजारियों ने उन्हें तिलक लगाया और अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया। मंदिर परिसर में प्रशांत किशोर को देखने के लिए समर्थकों और मीडियाकर्मियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।

“यह चुनाव विधायक चुनने का नहीं, बिहार की तकदीर बदलने का है” – प्रशांत किशोर

महावीर मंदिर में दर्शन करने के बाद मीडिया के कैमरों और माइक के सामने आते ही प्रशांत किशोर ने एक बेहद दमदार और बड़ा बयान दिया। उन्होंने सीधे तौर पर बांकीपुर के मतदाताओं को संबोधित करते हुए इसे केवल एक आम उप-चुनाव मानने से इनकार कर दिया।

महावीर मंदिर परिसर के बाहर भारी संख्या में मौजूद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते और बांकीपुर के विकास के लिए अपना विजन रखते जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर।

प्रशांत किशोर ने कहा:

“बांकीपुर का यह उप-चुनाव किसी व्यक्ति को विधायक बनाने, जिताने या हराने का चुनाव नहीं है। यह सरकार बनाने-बिगाड़ने का भी चुनाव नहीं है। यह बिहार में एक नई राजनीतिक शुरुआत का चुनाव है, बिहार की राजनीति को एक नई दिशा देने का चुनाव है।”

उन्होंने आगे बांकीपुर के मतदाताओं की तारीफ करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी, ऊपर वाले की कृपा से, बिहार के सबसे प्रबुद्ध और सबसे समृद्ध मतदाताओं के कंधों पर है। उनके कंधों पर यह जिम्मेदारी है कि बिहार की राजनीति को एक नई दिशा दी जाए।

जाति-धर्म से ऊपर उठकर वोट करने की अपील

प्रशांत किशोर ने जनता पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि इतने प्रबुद्ध और समृद्ध लोग, अपनी जाति, धर्म, दल, विचारधारा और नेताओं की चिंता किए बगैर सिर्फ और सिर्फ बिहार के भविष्य की चिंता करेंगे। लोग बिहार में एक बेहतर व्यवस्था बने, इसकी चिंता करके वोट देंगे और बांकीपुर से पूरे बिहार में एक बिल्कुल नई और साफ-सुथरी राजनीति की शुरुआत होगी।

जन सुराज के इस बड़े दांव के बाद अब बांकीपुर का उप-चुनाव पूरे देश की नजरों में आ गया है और आने वाले दिनों में यहां की राजनीतिक सरगर्मी और तेज होने वाली है।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||