सहयोग कार्यक्रम में 137 मामलों की सुनवाई, फरियादियों की जुबानी सुनते ही दिए कड़े निर्देश; कहा- जिनका काम हो चुका वे पटना न आएं
पटना, 8 सितम्बर 2026: राज्य की जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम हॉल में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुना। कार्यक्रम में पहुंचे कुल 137 आवेदकों की समस्याओं का तुरंत निष्पादन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कड़े और सख्त लहजे में अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि जनता के आवेदनों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि अधिकारी और कर्मी पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा के अंदर जनता की समस्याओं का निष्पादन करें। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य तय करते हुए कहा कि सहयोग शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान हर हाल में 30 दिन के अंदर मिलना चाहिए।

जटिल समस्याओं वाले ही आएं पटना, जिनका काम हुआ वे न लगाएं चक्कर
मुख्यमंत्री ने राज्य भर से आने वाले फरियादियों के लिए एक बड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की समस्याओं का जिला स्तर पर समाधान हो गया है, उन्हें बेवजह पटना आने की जरूरत नहीं है। जिन आवेदकों की समस्याएं अधिक जटिल हैं और जिनका समाधान जिला स्तर पर नहीं हो पा रहा है, केवल वही आवेदक राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में अपनी शिकायतें लेकर पटना आएं। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिक की शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान हो।

इन विभागों से जुड़ी आई थीं सबसे अधिक शिकायतें
सहयोग कार्यक्रम के दौरान राज्य भर से आए आवेदकों ने सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी पीड़ा रखी। इसमें मुख्य रूप से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, शिक्षा विभाग, गृह विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और समाज कल्याण विभाग से जुड़े मामले शामिल थे। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी मामलों का समय-सीमा के भीतर निपटारा करें।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने वृद्धा पेंशन तथा राशन कार्ड के योग्य आवेदकों को तुरंत लाभ देने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल किसी तकनीकी कारण से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

बैठक में मौजूद प्रमुख लोग एवं अधिकारी
कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार के संबद्ध विभागों के मंत्रीगण के अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव उपस्थित थे। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक तथा वरीय अधिकारी भी सीधे जुड़े हुए थे।

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