पटना। बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी के उफान और लगातार बढ़ते जलस्तर ने तबाही की आहट दे दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। आज मुख्यमंत्री ने गांधी घाट सहित गंगा नदी के विभिन्न इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा और तटबंधों की स्थिति का जायजा लिया।

कल 1 बजे हवाई सर्वेक्षण, 2 बजे होगी महाबैठक गंगा के रौद्र रूप और संभावित बाढ़ के संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कल दोपहर 1 बजे प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। हवाई सर्वेक्षण के तुरंत बाद दोपहर 2 बजे वे अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में नदियों के जलस्तर, तटबंधों की मजबूती, जलभराव वाले क्षेत्रों और राहत-बचाव की तैयारियों का बारीकी से आकलन किया जाएगा।

SDRF और NDRF अलर्ट मोड पर, राहत-बचाव की अग्रिम तैयारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देश दिया कि आपदा से निपटने के लिए SDRF और NDRF की टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित आश्रय स्थल, चिकित्सा सुविधा, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की अग्रिम व्यवस्था हर हाल में पूरी रखी जाए। आमजनों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में जान-माल का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

खतरे के निशान से 1.65 मीटर ऊपर बह रही गंगा, आंकड़ों से समझिए खौफनाक जलस्तर गांधी घाट पर दर्ज किए गए आंकड़े स्थिति की विभीषिका बयां कर रहे हैं। जलस्तर में लगातार हो रही तेज बढ़ोतरी इस प्रकार है:
- 01 सितम्बर : सुबह 6 बजे 49.40 मीटर, शाम 6 बजे 49.50 मीटर
- 02 सितम्बर: सुबह 6 बजे 49.71 मीटर, शाम 6 बजे 49.98 मीटर
- 03 सितम्बर: सुबह 6 बजे 50.18 मीटर और दोपहर 12 बजे तक यह बढ़कर 50.25 मीटर तक पहुंच गया।

वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.65 Meter अधिक दर्ज किया गया है, जिससे तटीय इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन को स्थिति पर पैनी नजर रखने और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाकर तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
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