ताजपुर/समस्तीपुर (27 अगस्त 2026): आसमान छूती महंगाई और लगातार बढ़ती रोजमर्रा की चीजों की कीमतों से त्रस्त जनता का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के आह्वान पर गुरुवार को ताजपुर नगर क्षेत्र में एक आक्रोशपूर्ण प्रतिवाद मार्च निकाला गया। हाथ में लाल झंडे, तख्तियां और केंद्र सरकार के खिलाफ गूंजते नारों के साथ सड़कों पर उतरे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने नगर का भ्रमण कर सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध जताया।

गांधी चौक से निकला प्रतिवाद मार्च, गूंजे आक्रोशित नारे
गुरुवार को खेग्रामस कार्यकर्ताओं, किसानों, मजदूरों और स्थानीय नागरिकों का हुजूम ताजपुर के ऐतिहासिक गांधी चौक पर एकत्र हुआ। वहां से विशाल जुलूस की शक्ल में प्रदर्शनकारी नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों, बाजारों और चौराहों से गुजरते हुए वापस गांधी चौक पहुंचे। पूरे जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारी महंगाई रोकने, खाद्य पदार्थों के दाम घटाने और कारपोरेट परस्त नीतियों को वापस लेने की मांग को लेकर गूंजदार नारेबाजी करते रहे।

रसोई से लेकर बाजार तक हाहाकार, गरीबों पर आर्थिक बोझ: वक्ता
जुलूस के गांधी चौक पहुंचने के बाद यह प्रदर्शन एक विशाल सभा में तब्दील हो गया। इस सभा की अध्यक्षता भाकपा माले प्रखंड कमिटी सदस्य ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने की।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम आदमी, गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों का जीना दूभर हो गया है। रसोई गैस, खाद्य तेल, दाल, चीनी, सब्जी, सरसों तेल, रिफाइन और पेट्रो-उत्पादों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने आम जनता की कमर तोड़कर रख दी है। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई पर काबू पाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है और उसकी कारपोरेट तथा अमीर परस्त नीतियों के कारण ही देश में महंगाई चरम पर पहुंची है।

यह नेता रहे मौजूद, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख नेताओं में आसिफ होदा, मनोज कुमार सिंह, संजीव राय, राजदेव प्रसाद सिंह, कैलाश सिंह, मोतीलाल सिंह, मकसुदन सिंह, दिनेश राय और शंकर महतो शामिल थे।
नेताओं ने सरकार से पुरजोर मांग की कि आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की दरों में तुरंत कटौती की जाए, रसोई गैस व राशन सामग्री को बेहद सस्ती दरों पर आम जनता को उपलब्ध कराया जाए और महंगाई से राहत देने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने जनता की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी तेज और उग्र किया जाएगा।

पुतला दहन के साथ समाप्त हुआ प्रदर्शन
सभा के अंत में आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। पुतला दहन के दौरान गांधी चौक का पूरा इलाका सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा।
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