‘खेल की बात, पीएम मोदी के साथ‘: 29 अगस्त राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के युवाओं को बड़ा संदेश, 5000 से अधिक स्थानों पर जुड़े खिलाड़ी
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और देशभर के खिलाड़ियों व युवाओं के साथ सीधा संवाद किया। 29 अगस्त को मनाए जाने वाले ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ से ठीक पहले आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री ने खेल जगत से जुड़े लोगों को अग्रिम शुभकामनाएं दीं और मेजर ध्यानचंद जैसे महान सपूत के योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि देश के महान खिलाड़ियों को नमन करने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने का बड़ा अवसर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात, पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम के तहत देशभर के युवाओं, एथलीटों और खेल प्रेमियों से सीधा संवाद किया। देश के 5000 से भी अधिक स्थानों पर युवाओं ने एक साथ जुड़कर प्रधानमंत्री के इस प्रेरणादायी संबोधन को सुना।
2036 ओलंपिक के लिए आज से ही कसनी होगी कमर
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब हम वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी और तैयारियों की बात करते हैं, तो हमारा ध्यान आज से ही उन युवा खिलाड़ियों को तराशने पर होना चाहिए जो 2036 में विभिन्न वैश्विक खेल स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का परचम लहराएंगे।

5 से 15 साल के बच्चों के लिए शुरू होगा ऐतिहासिक ‘टैलेंट हंट‘
इसी दूरदर्शी सोच के तहत प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से घोषित उस टैलेंट हंट अभियान पर विशेष जोर दिया, जो 5 से 15 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस प्रक्रिया में हमें केवल बच्चे की व्यक्तिगत रुचि ही नहीं देखनी है, बल्कि यह भी वैज्ञानिक आकलन करना है कि वह शारीरिक क्षमता और शारीरिक बनावट के आधार पर किस खेल के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है। उसी आकलन के अनुसार उसे विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।” उन्होंने देश को आश्वस्त किया कि सरकार खिलाड़ियों के साथ हर कदम पर पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगी।

बदलाव की ताकत और नए भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का युवा खेलों को महज जीत-हार या प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली एक बहुत बड़ी ताकत के रूप में देख रहा है। उन्होंने कहा कि खेल केवल मैदान पर पदक जीतना नहीं सिखाते, बल्कि जीवन की मुश्किल परिस्थितियों से लड़कर आगे बढ़ने का हौसला और अनुशासन देते हैं। ‘खेल की बात, पीएम मोदी के साथ’ अभियान ने पूरे देश के युवाओं को अपनी सोच, सपनों और संकल्पों को साझा करने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान किया है।
अन्य खबरों के लिए नीचे ’न्यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें ,
|| https://newsbharattv.in ||


