नेपाल में फुरके खोला और त्रिशूली नदी का बढ़ा जलस्तर, गंडक के निचले इलाकों में मचा हड़कंप; पीएम मोदी ने बालेन्द्र शाह से की बात, अमित शाह ने बिहार-यूपी के मुख्यमंत्रियों संग संभाला मोर्चा; 37.5 टन राहत सामग्री के साथ भारत की दूसरी विशेष उड़ान रवाना।
नई दिल्ली / पटना
नेपाल और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में जलप्रलय ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़ और जीएलओएफ (ग्लेशियर झील फटने) के कारण नेपाल में भारतीय सीमा से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित फुरके खोला में त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। इस भीषण आपदा के कारण नेपाल में भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। इस संकट की स्थिति का सीधा असर भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों पर पड़ने की गंभीर आशंका जताई गई है, जिसके चलते बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

संकट की घड़ी में ‘पड़ोसी प्रथम’: 37.5 टन राहत सामग्री रवाना
आपदा की इस अत्यंत कठिन घड़ी में भारत सरकार पूरी संवेदनशीलता और ‘पड़ोसी प्रथम’ की नीति के तहत मजबूती से नेपाल के साथ खड़ी है। भारत की ओर से त्वरित, संवेदनशील और मानवीय सहायता प्रदान करते हुए 37.5 टन एचएडीआर (मानवीय सहायता और आपदा राहत) सामग्री, आवश्यक दवाइयों एवं खाद्य पैकेटों के साथ वायुसेना की दूसरी राहत उड़ान को तुरंत रवाना किया गया है। भारत, नेपाल सरकार के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है और राहत तथा बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग दे रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम से की बातचीत, जताया दुख
नेपाल में आई इस प्राकृतिक विभीषिका पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात की। नरेंद्र मोदी ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि संकट के इस कठिन समय में भारत के 140 करोड़ नागरिक नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं। प्रधानमंत्री ने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने की प्रतिबद्धता दोहराई और बताया कि भारतीय राहत एवं बचाव दल नेपाली अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार व यूपी के मुख्यमंत्रियों संग की समीक्षा, एनडीआरएफ अलर्ट पर
केंद्र सरकार नेपाल में पैदा हुए इस जल-संकट पर चौबीसों घंटे कड़ी नजर रखे हुए है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेपाल में आई आपदा और उससे भारतीय क्षेत्रों पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से दूरभाष पर विस्तृत बातचीत की। गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका अत्यंत दुखद है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव टीमों के साथ एनडीआरएफ को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।” गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार जलाशयों में जलस्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

बिहार के मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण, बगहा, बेतिया व मोतिहारी में प्रशासनिक चौकसी तेज
नेपाल में आए सैलाब और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमावर्ती इलाकों—बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया एवं मोतिहारी का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। सर्वेक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक कर संभावित खतरों, आवश्यक एहतियाती उपायों, तटबंधों की सुरक्षा और राहत-बचाव तैयारियों की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी तत्परता के साथ सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में आम नागरिकों की सुरक्षा तथा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारतीय पर्यटकों के लिए दूतावास ने जारी किए आपातकालीन नंबर
नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई भारतीय पर्यटकों के फंसे होने या लापता होने की खबरें आई हैं। विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की त्वरित मदद और परिजनों तक जानकारी पहुंचाने के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाले हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। भारतीय नागरिक व उनके रिश्तेदार +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
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