मुजफ्फरपुर । ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में बहुचर्चित दंपती हत्या और रहस्यमय ढंग से लापता होने के सनसनीखेज मामले का मुजफ्फरपुर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। रिश्तों को तार-तार कर देने वाले इस मामले में जमीन बंटवारे के विवाद में सगे छोटे भाई ने ही अपने बड़े भाई मनोज भगत और भाभी की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से दोनों शवों को कंबल में लपेटकर कार से बोचहां थाना क्षेत्र के कर्णपुर उत्तरी स्थित एक सुनसान जगह पर फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी को बनारस (वाराणसी) से गिरफ्तार कर लिया है।

19 मई की रात रची गई खूनी साजिश
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक (नगर) मो मोहिबुल्लाह अंसारी ने प्रेसवार्ता में बताया कि 19 मई 2026 की रात्रि जमीन बंटवारे के पारिवारिक विवाद को लेकर आरोपी अविनाश कुमार उर्फ अनुज कुमार का अपने बड़े भाई और भाभी से विवाद हुआ। इसके बाद उसने चीनी मिट्टी की भारी मूर्ति से प्रहार कर दोनों की निर्मम हत्या कर दी।
अगली सुबह (20 मई) करीब 3 बजे आरोपी कार से दोनों शवों को कंबल में लपेटकर कर्णपुर उत्तरी की तरफ ले गया और सुनसान इलाके में फेंक दिया।

बेटी और बहन ने दर्ज कराई थी शिकायत
दंपती से संपर्क न होने पर 22 मई 2026 को वादिनी शेफाली ने ब्रह्मपुरा थाने में माता-पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर ब्रह्मपुरा थाना कांड संख्या 160/26 दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक (नगर) के अनुश्रवण और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02) विनीता के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम में ब्रह्मपुरा थाना प्रभारी और जिला सूचना इकाई के सदस्य शामिल थे।
पुलिस को गुमराह करने के लिए 4 जून 2026 को मृतक की बहन सारिका देवी से आरोपी छोटे भाई अविनाश कुमार उर्फ अनुज कुमार के भी लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई (कांड संख्या 178/26)।

एफएसएल जांच और सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
जांच के दौरान गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी अनुसंधान और फॉरेंसिक (एफएसएल) टीम की मदद ली। सरिका देवी के घर से बरामद कार की तलाशी लेने पर उसमें खून के अंश पाए गए। एफएसएल टीम ने साक्ष्य संकलित किए।
सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग से पता चला कि घटना वाली रात कार और मृतकों का मोबाइल बोचहां थाना क्षेत्र की ओर गया था। इसके बाद अविनाश कुमार उर्फ अनुज कुमार पर शक गहरा गया।

बनारस से हत्थे चढ़ा कातिल, साधु के भेष में छिपा था
घटना के बाद आरोपी लगातार पुलिस की पकड़ से बचने के लिए अपने ठिकाने बदलता रहा। वह धार्मिक स्थलों और पहाड़ी क्षेत्रों में घूम-घूमकर पहचान छिपाता रहा। आखिरकार 23 अगस्त 2026 को पुलिस टीम ने उसे वाराणसी (बनारस) से धर दबोचा। कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
मामले में बरामदगी:
- घटना में प्रयुक्त कार/वाहन: 01
- हत्या में प्रयुक्त चीनी मिट्टी की मूर्ति: 01
- मोबाईल: 02
- शव ले जाने में प्रयुक्त इंडिका कार: 01
- शव लपेटने में प्रयुक्त कंबल: 01
- वाहन का मैट
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