सम्राट चौधरी और प्रह्लाद जोशी की हाई-लेवल बैठक में फैसला; मुफ्त बिजली योजना से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन और फ्लोटिंग सोलर पर लगी मुहर, बदल जाएगी सूबे की तस्वीर।
पटना, 09 जुलाई 2026: बिहार को ऊर्जा क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर और स्वच्छ बनाने के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मिलकर एक बेहद उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें बिहार की बिजली व्यवस्था की पूरी तस्वीर बदलने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। सरकार ने सबसे बड़ा तोहफा राज्य के अन्नदाताओं को दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि राज्य के सभी किसानों को सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक लगातार 12 घंटे एग्रीकल्चर फीडर के जरिए बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि सिंचाई की लागत को न्यूनतम किया जा सके।

लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में हुई इस महा-बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के तमाम बड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य फोकस रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) परियोजनाओं को सुपरफास्ट स्पीड से जमीन पर उतारना था। ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ को लेकर सख्त हिदायत दी गई है कि सभी जिला अधिकारी अपने-अपने जिलों के लिए तय किए गए लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर हासिल करें। इस योजना को लेकर आम जनता के बीच जागरूकता बढ़ाई जाएगी और आवेदन से लेकर बिजली मिलने तक की सभी प्रक्रियाओं को एकदम सरल और समयबद्ध किया जाएगा।
बैठक के मुख्य फैसले:
- पीएम-कुसुम योजना को रफ्तार: कृषि क्षेत्र के सोलरलाइजेशन (सौरकरण) को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है। इसके जरिए किसानों को सौर ऊर्जा पर आधारित सिंचाई की अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे डीजल और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता खत्म होगी और किसानों की कमाई बढ़ेगी।
- पानी पर तैरेंगे सोलर प्लांट: बिहार के बड़े जलाशयों और उपयुक्त जल स्रोतों का पूरी तरह से वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। इसके बाद राज्य में विशाल फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं की नई कार्ययोजना तैयार होगी, जिससे बिजली उत्पादन में नया रिकॉर्ड बनेगा।
- ग्रीन हाइड्रोजन नीति पर मुहर: भविष्य की बढ़ती हुई औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए बिहार में बेहद जल्द एक प्रभावी ग्रीन हाइड्रोजन नीति तैयार करने की दिशा में तेजी से काम शुरू करने पर सहमति बन गई है।
- प्राइवेट इन्वेस्टमेंट का स्वागत: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक बेहद पारदर्शी और फ्रेंडली माहौल तैयार करने का आदेश दिया गया है।

बैठक के दौरान नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी और पटना में मौजूद बिहार के ऊर्जा सचिव अजय यादव ने शानदार प्रेजेंटेशन के जरिए वर्तमान और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा सामने रखी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ तौर पर कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और पारंपरिक ईंधनों के संकट को देखते हुए भारत को आत्मनिर्भर बनना ही होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ और आत्मनिर्भर भारत के सपने को बिहार में पूरी ताकत से लागू करने का संकल्प दोहराया।
इस ऐतिहासिक बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, केंद्रीय संयुक्त सचिव अनुपम कुमार और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित दोनों सरकारों के कई अन्य वरिष्ठ और जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार को इस क्षेत्र में लीडर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए, जिसपर राज्य सरकार ने तुरंत एक्शन लेने की बात कही है।
अन्य खबरों के लिए नीचे ’न्यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,
|| https://newsbharattv.in ||


