कैबिनेट का मास्टरस्ट्रोक: 22 प्रस्तावों पर मुहर,  बिहार में लगेंगे 500 मेगावाट के सोलर प्लांट, 10 सरकारी कॉलेजों में भर्ती और किसानों के लिए 154 करोड़ मंजूर!

बंद चीनी मिल का विवाद सुलझा, 3 जिलों में नए केंद्रीय विद्यालय और विक्रमशिला सेतु को मिले करोड़ों!

पटना। बिहार की राजनीति और विकास के गलियारे से इस वक्‍त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना में  मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक समाप्‍त हो गई है। इस बैठक में सरकार ने एक साथ 22 बड़े एजेंडों पर मुहर लगाकर राज्‍य में विकास की नई क्रांति का बिगुल फूंक दिया है। ऊर्जा, कृषि, स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा से लेकर बुनियादी ढांचे तक, हर क्षेत्र के लिए कैबिनेट ने खजाना खोल दिया है।

आईये विस्‍तार से जानते हैं कैबिनेट के वे बड़े फैसले जो बिहार की तस्‍वीर और तकदीर बदलने वाले हैं:

1. सरकारी भवनों पर चमकेगी सौर ऊर्जा: 500 मेगावाट का महाप्रोजेक्ट

बिजली के क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ऊर्जा विभाग के बड़े प्रस्‍ताव को हरी झंडी दी गई है। ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक राज्‍य के सभी सरकारी और सरकार के अधीन भवनों पर कुल 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। यह पूरी परियोजना ‘रेस्‍को’ (RESCO – Renewable Energy Services Company) मोड में संचालित होगी। इसके तहत बिजली खरीद के लिए ‘पावर परचेज एग्रीमेंट’ (PPA) को भी मंजूरी दे दी गई है।

2. कृषि क्षेत्र में पैसों की बारिश: दलहन और डिजिटल मिशन को करोड़ों की मंजूरी

कृषि प्रधान बिहार के किसानों के लिए कैबिनेट ने ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं:

  • दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन: वित्तीय वर्ष 2026-27 में खरीफ, रबी और गरमा मौसम में दलहनी फसलों के उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए 7984.61604 लाख रुपये (79.84 करोड़ रुपये से अधिक) की भारी-भरकम राशि स्‍वीकृत की गई है।
  • डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन: राज्‍य में ‘नेशनल ई-गवर्नेंस प्लान कृषि’ के तहत एग्री स्‍टैक परियोजना, किसान रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे को अमलीजामा पहनाने के लिए 15400.00 लाख रुपये (154 करोड़ रुपये) की राशि को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।
  • कृषि रोड मैप के तहत पोषण मिशन: चतुर्थ कृषि रोड मैप के अंतर्गत खाद्यान्‍न और वाणिज्यिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन’ के तहत 4463.438 लाख रुपये (44.63 करोड़ रुपये से अधिक) की स्‍वीकृति दी गई है।

3. बंद मोतीपुर चीनी मिल का विवाद सुलझा: 63.39 करोड़ रुपये का भुगतान

मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में बंद पड़ी चीनी मिल की 266 एकड़ जमीन को मेसर्स इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) से वापस लेने के लिए आर्बिट्रेशन न्‍यायालय और पटना जिला एवं सत्र न्‍यायालय के आदेश के आलोक में कंपनी को 63,39,14,958 रुपये (63.39 करोड़ रुपये से अधिक) के भुगतान और व्‍यय की स्‍वीकृति दी गई है। इससे इस क्षेत्र में उद्योग के नए रास्‍ते खुलेंगे।

4. पशुपालन और डेयरी उद्योग को बूस्टर: कॉम्फेड के जरिए लगेगी आधुनिक मशीनें

‘सात निश्चय-2’ के तहत डेयरी विकास को नई ऊंचाई देने के लिए ‘नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट’ के अंतर्गत ‘कॉम्फेड’ (COMFED) को बड़ी सौगात मिली है। बल्क मिल्क कूलर, डाटा प्रोसेसर आधारित दुग्ध संग्रहण इकाई और दूध में मिलावट जांच मशीन की स्थापना के लिए कुल 56,88,42,000 रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसमें भारत सरकार के अंशदान के अतिरिक्‍त राज्‍य सरकार अपने कोटे से 28,44,21,000 रुपये का अंशदान देगी।

5. भागलपुर विक्रमशिला सेतु की बदलेगी सूरत: 126.25 करोड़ रुपये मंजूर

पथ निर्माण विभाग के तहत भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने प्रसिद्ध विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण, नवीन सस्पेंडेड स्लैब निर्माण और पुल के संपूर्ण भाग की मरम्‍मत व पुनर्स्थापन के लिए 12625.55 लाख रुपये (126.25 करोड़ रुपये से अधिक) की भारी-भरकम लागत पर प्रशासनिक स्‍वीकृति दी गई है। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यातायात बेहद सुगम हो जाएगा।

6. उच्च शिक्षा में नौकरियों की बहार: इंजीनियरिंग कॉलेजों में 76 नए पद सृजित

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्‍य के युवाओं को बड़ा तोहफा मिला है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के मानदंडों के आधार पर राज्‍य के 10 राजकीय अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) महाविद्यालयों और बिहार अभियंत्रण विश्‍वविद्यालय में पी.जी. (M.Tech) पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए कुल 76 शैक्षणिक पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें प्राध्यापक के 09, सह-प्राध्यापक के 29 और सहायक प्राध्यापक के 38 पद शामिल हैं। इसके अलावा, इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को परिणाम आधारित बनाने के लिए एनआईटीटीटीआर (NITTTR) भोपाल को नामित करते हुए 1,75,23,000 रुपये विमुक्‍त किए गए हैं।

7. स्‍वास्‍थ्‍य का महाविस्‍तार: एम्स पटना के लिए 26.76 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण

राज्‍य की चिकित्‍सा व्‍यवस्‍था को विश्‍वस्‍तरीय बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक बहुत बड़े प्रस्‍ताव को मंजूरी मिली है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना के विस्तार के लिए खगौल के मौजा-भुसौैला दानापुर में 26.76 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इस भूमि अधिग्रहण पर होने वाले कुल 3,48,89,98,270 रुपये (तीन अरब अड़तालीस करोड़ नवासी लाख निन्यानवे हजार दो सौ सत्तर रुपये) के संभावित खर्च को प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है।

8. तीन जिलों में खुलेंगे नए केंद्रीय विद्यालय: शिक्षा का नया सवेरा

राजस्‍व एवं भूमि सुधार विभाग के तहत राज्‍य के तीन जिलों—मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में नए केंद्रीय विद्यालयों की स्‍थापना का रास्‍ता साफ हो गया है:

  • मधुबनी: अंचल-लखनौर के मौजा-बेहट में 05 एकड़ जमीन।
  • मुंगेर: अंचल-मुंगेर सदर के मौजा-मय और मौजा-शंकरपुर में 05 एकड़ जमीन।
  • मुजफ्फरपुर: अंचल-मुशहरी के मौजा-मुशहरी उर्फ राधा नगर में 05 एकड़ गौशाला की जमीन। यह सभी जमीनें केंद्रीय विद्यालय संगठन, शिक्षा मंत्रालय (भारत सरकार) को मात्र 1 रुपये के टोकन मूल्‍य पर 30 वर्षों के लिए लीज पर ट्रांसफर की जाएंगी।

9. अन्य महत्वपूर्ण फैसले:

  • शहरी विकास: पटना और मुजफ्फरपुर में ‘ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ के मास्टर प्लान और टाउन प्लानिंग स्कीम के लिए भूमि अधिग्रहण व बुनियादी ढांचे के विकास को मंजूरी दी गई है। तकनीकी सहायता के लिए ‘सेंटर फॉर एनवायरनमेंट प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी’ (CEPT) अहमदाबाद को चुना गया है।
  • रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS): राज्‍य के चार कॉरिडोर में आरआरटीएस के निर्माण हेतु अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट और विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने के लिए 31.59 करोड़ रुपये की स्‍वीकृति के साथ ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम’ (NCRTC) को नामित किया गया है।
  • युवाओं को संबल: ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ को अगले 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31) तक विस्‍तारित करते हुए चालू वर्ष के लिए 300.00 करोड़ रुपये की स्‍वीकृति दी गई है।
  • निर्वाचन विभाग: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में जुटे कुल 243 निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों के लिए 72.90 लाख रुपये और 1351 सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों के लिए 3.37 करोड़ रुपये से अधिक के मानदेय भुगतान को हरी झंडी दी गई है। कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि सरकार आगामी चुनावों और राज्‍य के दूरगामी विकास को ध्‍यान में रखकर चौतरफा रणनीति पर काम कर रही है। इन योजनाओं के लागू होने से राज्‍य में रोजगार, बुनियादी ढांचे और आर्थिक समृद्धि को एक नया आयाम मिलेगा।

अन्‍य खबरों  के लिए नीचे  ’न्‍यूज भारत टीवी ’के लिंक पर क्लिक करें,

||  https://newsbharattv.in  ||

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here