सकरा में पहली बारिश ही बनी आफत: दुकानों और स्कूलों में घुसा पानी, घुटने भर पानी में तैरती दिखी नगर पंचायत के विकास की दास्तान!

नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के नाम से जुड़ी प्रतिष्ठा दांव पर, अपनों को ही नहीं दिख रहा भ्रष्टाचार

सकरा (मुजफ्फरपुर): मानसून की पहली ही बारिश ने सुबह-सुबह सकरा प्रखण्‍ड क्षेत्र के सकरा नगर पंचायत प्रशासन के दावों की कलई खोलकर रख दी। करीब 2 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने जहाँ भीषण गर्मी से राहत दिलाई और किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी, वहीं दूसरी ओर आम जनता और व्यापारियों के लिए यह बारिश एक बड़ी मुसीबत बनकर टूटी। जलजमाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण लोग सुबह-सुबह बेहाल और हलकान नजर आए।

सकरा नगर पंचायत के सुजावलपुर स्टेशन रोड में 2 घंटे की बारिश के बाद डूबी दुकानें और कुदाल हाथ में लेकर नाला चीर कर पानी निकालते स्‍थानीय दुकानदार

सब्जी और मछली मंडी में पसरा सन्नाटा, स्टेशन रोड बना दरिया

बारिश का असर सुबह लगने वाली सुजावलपुर सब्जी मंडी और मछली मंडी पर सबसे ज्यादा पड़ा, जहाँ ग्राहकों और दुकानदारों के गायब होने से पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। सकरा नगर पंचायत क्षेत्र के सुजावलपुर स्टेशन रोड में देखते ही देखते स्थिति नारकीय हो गई। पूरी सड़क मानो किसी दरिया में तब्दील हो गई। एन एच से 50 मीटर उत्तर बिनोद पुस्तक भंडार से लेकर मझोलिया मोड़ तक कई घंटों तक घुटने भर पानी जमा रहा, जिससे पैदल चलने वाले राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

6 माह पहले बनी सड़क ने डुबोया, बिना नाले के भुगत रहे खामियाजा

स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि करीब 6 माह पहले बनी नई सड़क को पहले के मुकाबले काफी ऊँचा कर दिया गया, लेकिन इसके साथ जल निकासी के लिए नाले का निर्माण नहीं कराया गया। इसका खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सड़क ऊँची होने के कारण बारिश का सारा पानी बैक मारकर कई दुकानों के भीतर घुस गया, जिससे व्यापारियों का हजारों का सामान बर्बाद हो गया।

सकरा नगर पंचायत के सुजावलपुर स्टेशन रोड में 2 घंटे की बारिश के बाद डूबी दुकानें और जलमग्न सड़क, जो प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है।

स्कूल के कमरों में भरा पानी, बच्चों को दी गई छुट्टी, खुद कुदाल लेकर उतरे व्यापारी

 सकरा में स्कूल के भीतर पानी घुस जाने के बाद गंदे पानी के बीच से होकर बाहर निकलते मासूम बच्चे और खुद कुदाल से पानी का रास्ता साफ करते लोग।

जलजमाव का सबसे डरावना रूप सकरा सिनेमा हॉल के पास देखने को मिला। यहाँ एक स्कूल के भीतर और कमरों के अंदर तक तेजी से पानी प्रवेश कर गया। कमरों में पानी भर जाने के बाद आनन-फानन में बच्चों को स्कूल से छुट्टी दे दी गई। मासूम बच्चे पानी में जैसे-तैसे बच-बचाकर सड़क पर बाहर निकलते हुए देखे गए। इस दौरान जल निकासी की कोई व्यवस्था न देख सकरा सिनेमा हॉल के पास के व्यापारियों ने खुद मोर्चा संभाला। व्यापारियों ने खुद कुदाल की व्यवस्था की और पानी के बीच उतरकर नाला चीरकर जल निकासी का रास्ता बनाया।

4 साल बीते, बुनियादी सुविधाओं को तरसे लोग: चुनाव में भुगतना पड़ेगा अंजाम

सकरा नगर पंचायत के सुजावलपुर, खासकर मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र के दोनों ओर नाला निर्माण नहीं होने से यहाँ व्यवसाय करने वाले लोगों में भारी आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि सुजावलपुर से ढोली स्टेशन तक नाले के निर्माण की मांग लोग बरसों से कर रहे हैं। नगर पंचायत चुनाव बीते हुए लगभग 4 वर्ष पूरा होने वाले  हैं और अब सिर्फ 1 वर्ष का समय बचा है। आक्रोशित दुकानदारों और स्थानीय जनता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस बचे हुए 1 वर्ष में नाले का निर्माण नहीं कराया गया, तो आने वाले अगले चुनाव में यह यहाँ का सबसे प्रमुख मुद्दा बनेगा और जनप्रतिनिधियों को इसका अंजाम भुगतना होगा।

बारिश के बाद वार्ड संख्‍या छह में , ढ़ोली स्‍टेशन के सामने एवं मतवाला शिवमंदिर मुहल्‍ला के पीछे  की नारकीय स्थिति का दृश्‍य  

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी चमचमाती सड़क: मात्र 6 महीने में दर्जनों जगह से टूटी, बंद कर दिए गए  जलनिकासी के लिए बने पुल, स्थानीय पार्षद  और नेता मौन!

सकरा नगर पंचायत क्षेत्र के सुजावलपुर से ढोली स्टेशन तक बनी नई सड़क निर्माण के मात्र 6 महीने के भीतर ही पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यह सड़क भ्रष्टाचार की जीती-जागती मिसाल बन गई है, जो दर्जनों जगहों से टूटकर बिखर चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर जल निकासी को सुचारू रखने के लिए पहले 4 पुल थे, लेकिन इन सभी पुलों पर अवैध अतिक्रमण कर लिया गया। हद तो तब हो गई जब कुछ महीने पहले सड़क निर्माण के दौरान इनमें से कई पुलों को पूरी तरह बंद कर दिया गया। पुल बंद होने की वजह से जल निकासी का पूरा तंत्र ध्वस्त हो गया है, जो आने वाले समय में यहाँ जलजमाव की समस्या को और भयानक बना देगा। इस गंभीर जन समस्या और जर्जर, नाला विहीन सड़क पर स्थानीय वार्ड पार्षद भी पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।

सुजावलपुर चौक पर लगा, सकरा बाजार पथ का शिलान्यास पट, जिस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी समेत कई कई दिगग्‍ज नेताओं के नाम दर्ज हैं। इसी वीआईपी सड़क का निर्माण मात्र 6 महीने में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर जमींदोज हो रहा है ।

नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के नाम से जुड़ी प्रतिष्ठा दांव पर, अपनों को ही नहीं दिख रहा भ्रष्टाचार, भाजपा जदयू के नेतागण मौन

चौंकाने वाली बात यह है कि इस जर्जर हो चुकी सड़क का शिलान्यास खुद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (जो ग्रामीण कार्य विभाग के उस समय के उप मुख्यमंत्री अतिथि/विशिष्ट अतिथि रहे) के हाथों 12.05.2025 को संपन्न हुआ था। सड़क के शिलान्यास पट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और अशोक चौधरी जैसे कद्दावर नेताओं के नाम अंकित हैं। इसके बावजूद मात्र 6 महीने में ही इस सड़क का उखड़ जाना सीधे तौर पर सरकार की साख पर बट्टा लगा रहा है। सबसे बड़ा सवाल स्थानीय भाजपा नेताओं पर उठ रहा है, जिन्हें इस सड़क के नाम से जुड़े बिहार के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिष्ठा और क्षेत्र में हुआ यह खुला भ्रष्टाचार दिखाई ही नहीं दे रहा है।

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