ताजपुर में गरीबों के निवाले पर सरकारी डाका! 3867 राशनकार्ड रद्द होने से भड़का आक्रोश, मोतीपुर में सड़क पर उतरे आम लोग,

बुलडोजर राज और महंगाई के खिलाफ खेग्रामस-माले का बिगुल, मांगें पूरी नहीं हुईं तो थमेगा चक्का

ताजपुर। ताजपुर प्रखंड में सरकारी तंत्र द्वारा गरीबों को भूखे मारने की एक बड़ी साजिश सामने आई है। यहाँ एक झटके में गरीब, मजदूर और अत्यंत पिछड़े वर्ग के लोगों के 3867 राशनकार्ड अचानक रद्द कर दिए गए हैं। सरकार के इस तुगलकी फरमान के खिलाफ शनिवार को मोतीपुर में खेग्रामस (अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा) और भाकपा माले के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला गया। मार्च में शामिल ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

महंगाई और बेरोजगारी के बीच खाद्यान्न संकट : आक्रोश मार्च को संबोधित करते हुए माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश में महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है, वहीं दूसरी तरफ सरकार गरीबों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं में कटौती कर उनके पेट पर लात मार रही है। राशनकार्ड रद्द होने से हजारों परिवारों के सामने अचानक दाने-दाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मांग की कि सभी रद्द राशनकार्डों को बिना किसी देरी के तुरंत बहाल किया जाए।

ताजपुर प्रखंड के मोतीपुर में रद्द किए गए 3867 राशनकार्डों को बहाल करने, बुलडोजर राज पर रोक लगाने और वास-आवास के अधिकार को लेकर बैनर थामकर विरोध प्रदर्शन करते खेग्रामस एवं भाकपा माले के नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह व अन्य ग्रामीण कार्यकर्ता।

बुलडोजर राज और वासभूमि पर आर-पार की जंग इस दौरान वक्ताओं ने मनरेगा को प्रभावी ढंग से दोबारा चालू कर सभी जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को नियमित रोजगार देने की मांग उठाई। साथ ही, भूमिहीन गरीबों को वासभूमि व पक्का मकान देने और सूबे में चल रहे ‘बुलडोजर राज’ पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई। नेताओं ने साफ कहा कि गरीबों और वंचितों के अधिकारों पर हो रहे इस प्रशासनिक हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रखंड कमिटी सदस्य ललन दास ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ही इन रद्द राशनकार्डों को बहाल नहीं किया और गरीबों की मांगें नहीं मानीं, तो आने वाले दिनों में चक्का जाम कर एक व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इस विरोध मार्च में मुख्य रूप से सुशील सहनी, विभा देवी, देबकी सहनी, चंदन सहनी, राजकुमारी देवी, अनुठिया देवी समेत भारी संख्या में स्थानीय महिलाएं, पुरुष और खेग्रामस के जुझारू कार्यकर्ता शामिल रहे।

ताजपुर में गुंडाराज का तांडव! व्यवसायियों पर गोलियां, 22 जून को थाना का घेरााव

ताजपुर। एक तरफ जहां आम जनता सरकारी नीतियों से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ अपराधियों के तांडव से ताजपुर दहल उठा है। लगातार बढ़ रही हत्या, लूट और गोलीबारी की वारदातों के कारण लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। बिहार राज्य व्यवसाई संघ और भाकपा माले ने बढ़ते अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने में पुलिस की घोर विफलता के विरोध में 22 जून 2026 को ताजपुर थाना का पूर्ण घेराव करने का एलान किया है।

ताजपुर के राजधानी चौक स्थित चौधरी किराना स्टोर के मालिक नरेश चौधरी पर दुकान बंद करते समय अपराधियों ने की फायरिंग। बचने के प्रयास में उनके बांया हाथ में लगी गोली। घायल के इलाज की तस्‍वीर

किराना दुकानदार को मारी गोली, मरे जा रहे बेगुनाह  : बीती रात अपराधियों ने राजधानी चौक स्थित एक किराना दुकान में घुसकर दुकानदार नरेश चौधरी को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल व्यवसाई से मिलकर उनका हालचाल जानने के बाद माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, प्रखंड कमिटी सदस्य सह व्यवसाई मो० एजाज और बिहार राज्य व्यवसाई संघ के राज्य कमिटी सदस्य सह व्यवसाई प्रभात रंजन गुप्ता ने पुलिस प्रशासन को निकम्मा करार दिया।

नेताओं ने याद दिलाया कि इससे पहले 15 मई को गांधी चौक के पास मोटरसाइकिल मिस्त्री संजीव सहनी की दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इन बेतहाशा आपराधिक घटनाओं ने व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच भारी भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।

आर-पार की लड़ाई का एलान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई और बढ़ते अपराध पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो 22 जून 2026 को जनता मैदान से एक विशाल आक्रोश जुलूस निकाला जाएगा, जो ताजपुर थाना का घेराव कर पुलिसिया निष्क्रियता के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेगा।

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