बिना राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के नहीं चलेगी क्लास, बिहार सरकार ने तय किया कड़ा शेड्यूल; आदेश जारी!

बिहार सरकार का बड़ा फरमान: अब ‘राष्ट्रीय गीत’ से शुरू और ‘राज्य गीत’ पर खत्म होंगे सरकारी कार्यक्रम, नियम तोड़ा तो खैर नहीं!

मुजफ्फरपुर/पटना: बिहार सरकार ने राज्य में राष्ट्रीयता की भावना, देश की अस्मिता और राज्य के गौरव को बढ़ावा देने के लिए एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। अब बिहार के सभी सरकारी व निजी स्कूलों के संचालन और सरकारी कार्यक्रमों के नियमों में भारी बदलाव कर दिया गया है। बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग और बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (पटना) के आदेश पर मुजफ्फरपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कुमार अरविन्द सिन्हा ने इस संबंध में एक बेहद सख्त और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है।

इस नए आदेश के बाद अब राज्य के सभी स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने से पहले एक कड़ा शेड्यूल तय कर दिया गया है, जिसका पालन करना हर हाल में अनिवार्य होगा।

सांकेतिक (प्रतीकात्‍मक) तस्‍वीर

नियम तोड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई, कड़ाई से पालन करने का अल्टीमेटम

सरकार की ओर से जारी आधिकारिक पत्रांक- Media 1064 के तहत साफ चेतावनी दी गई है कि इस नए प्रोटोकॉल का अक्षरशः और दृढ़ता से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मुजफ्फरपुर जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO), कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर (CRC) के समन्वयकों/संचालकों और सभी सरकारी व निजी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12वीं तक) के प्रधानाध्यापकों, प्रधान शिक्षकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर पर इसका तत्काल अनुपालन शुरू कराएं। आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर विभागीय गाज गिरनी तय है।

जानिए क्या है नया कड़ा शेड्यूल:

1. स्कूलों के लिए तय हुआ नया नियम (कक्षा 1 से 12वीं तक): अब राज्य के किसी भी सरकारी या निजी स्कूल में सीधे क्लास या पढ़ाई शुरू नहीं की जा सकेगी। प्रतिदिन स्कूल के दैनिक संचालन की शुरुआत इस तय क्रम में होगी:

  • सबसे पहले: स्कूल की शुरुआत अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय गीत‘ (वंदे मातरम) के गायन से की जाएगी।
  • दूसरे नंबर पर: राष्ट्रीय गीत समाप्त होने के तुरंत बाद अनिवार्य रूप से सामूहिक रूप से राष्ट्रगान‘ (जन गण मन) गाया जाएगा।
  • इसके बाद: इन दोनों के गरिमापूर्ण गायन के बाद ही स्कूल की अन्य शैक्षणिक गतिविधियां और कक्षाएं (तय कार्यावली के अनुसार) शुरू हो सकेंगी।

2. सरकारी कार्यक्रमों के लिए बदला पूरा प्रोटोकॉल: सिर्फ स्कूल ही नहीं, बल्कि बिहार सरकार के सभी सरकारी कार्यक्रमों के लिए भी एक बिल्कुल नया और सख्त शेड्यूल जारी किया गया है:

  • शुरुआत: किसी भी सरकारी कार्यक्रम का आगाज़ सबसे पहले राष्ट्रीय गीत के गायन से होगा।
  • दूसरा चरण: इसके ठीक बाद कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों द्वारा राष्ट्रगान का गायन किया जाएगा, जिसके बाद ही मुख्य कार्यक्रम आगे बढ़ेगा।
  • समापन: कार्यक्रम का अंत अनिवार्य रूप से बिहार राज्य गीत‘ (मेरे भारत के कंठहार…) के गायन के साथ ही किया जाएगा। यानी अब बिना बिहार राज्य गीत के कोई भी सरकारी कार्यक्रम समाप्त नहीं हो सकेगा।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविन्द सिन्हा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, नई पीढ़ी और समाज में राष्ट्रीयता की भावना, देश की अस्मिता और गौरव को कूट-कूट कर भरने तथा बिहार के गौरवशाली इतिहास की पहचान को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह ऐतिहासिक आदेश लागू किया है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रगान के संबंध में जारी विस्तृत निर्देशों (जिसमें राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के अवसर और गरिमा के नियम शामिल हैं) को भी इस आदेश के साथ जोड़कर कड़ाई से लागू करने को कहा गया है।


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