पटना से कटिहार तक फैला था नेटवर्क, पुराने दस्तावेजों में हेराफेरी कर बनाते थे फर्जी म्यूटेशन
कटिहार: कटिहार पुलिस ने जमीन के फर्जीवाड़े और सरकारी दस्तावेजों की चोरी करने वाले एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार पटना और भागलपुर तक जुड़े हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पटना से मिली थी खुफिया जानकारी सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अभिजीत कुमार सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली थी कि कटिहार के कुछ अपराधी पटना रजिस्ट्री ऑफिस में सेंधमारी और कागजात चोरी करने की फिराक में हैं। इस सूचना को साझा करते हुए पटना पुलिस की मदद से चार लोगों को वहां रंगे हाथों पकड़ा गया। उनकी निशानदेही पर कटिहार पुलिस ने डंडखोरा और मुफस्सिल सिरसा इलाके में छापेमारी की।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान:
- मसयूर रहमान उर्फ मुन्ना खान (निवासी: डंडखोरा)
- सुरेश कुमार सिंह (निवासी: मुफस्सिल सिरसा)
- प्रद्युमन कुमार (निवासी: मुफस्सिल सिरसा)

क्या था ‘मोडस ऑपरेंडी‘? SDPO अभिजीत कुमार सिंह ने बताया कि यह गिरोह निबंधन कार्यालयों (रजिस्ट्री ऑफिस) से पुराने दस्तावेज चोरी करता था। चोरी किए गए दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर नई एंट्री की जाती थी और पुराने रजिस्ट्री पेपर को नया स्वरूप देकर तैयार किया जाता था। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सीओ (CO) कार्यालय से मिलीभगत या झांसा देकर म्यूटेशन कराया जाता था और फिर उस जमीन पर अवैध दावेदारी पेश कर कब्जा कर लिया जाता था।
पुराने कांडों में भी स्वीकारी संलिप्तता पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि कटिहार सहायक थाना क्षेत्र में 19 अक्टूबर 2024 को निबंधन कार्यालय में हुई चोरी (कांड संख्या 766/24) में भी इन्हीं का हाथ था। इसके अलावा, भागलपुर के जोकसर थाना अंतर्गत दर्ज एक मामले (कांड संख्या 170/24) में भी सुरेश कुमार सिंह और प्रद्युमन कुमार वांछित थे।
पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में संदिग्ध रजिस्ट्री पेपर और म्यूटेशन से जुड़े फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़े सफेदपोशों की तलाश में जुटी है।
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