बेतिया (पश्चिम चंपारण): सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने बेतिया पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। मझौलिया थाना क्षेत्र में गश्ती दल द्वारा पैसे लेने के गंभीर आरोपों के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP), पश्चिम चंपारण ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए एक दारोगा को निलंबित कर दिया है, जबकि दो होमगार्डों के वेतन पर रोक लगा दी गई है।

क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, बीती 28 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में मझौलिया थाना के गश्ती दल पर वीडियो बनाने वाले व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से पैसे (घूस) लेने का सीधा आरोप लगाया जा रहा था। देखते ही देखते वीडियो जिले भर में चर्चा का विषय बन गया और पुलिस की छवि पर दाग लगने लगा।

सख्ती: बेतिया पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, जिसमें मझौलिया थाना के गश्ती दल पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद की गई निलंबन की कार्रवाई का विवरण है।

SP की गाज: दारोगा सस्पेंड, जवानों पर भी कार्रवाई वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए। प्रथम दृष्टया आरोपों को सही पाते हुए मझौलिया थाना के गश्ती दल में मौजूद पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) जनार्दन पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

कार्रवाई यहीं नहीं रुकी, वीडियो में दिख रहे दो गृह रक्षकों (होमगार्डों)— (1) बलिराम महतो (नंबर 5668) और (2) पन्नालाल चौधरी (नंबर 5437) का अप्रैल 2026 माह का वेतन रोक (होल्ड) दिया गया है। विभाग इनके खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर चुका है।

बेतिया पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में उन अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है जो ड्यूटी के दौरान नियमों की अनदेखी करते हैं।

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