मुजफ्फरपुर पुलिस का साइबर अपराधियों पर बड़ा प्रहार: डिजिटल अरेस्ट कर 17 लाख की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

मुजफ्फरपुर पुलिस ने साइबर अपराधों पर कड़ा नियंत्रण पाने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने फर्जी अधिकारी बनकर “डिजिटल अरेस्ट” के जरिए लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

क्या है पूरा मामला?

मुजफ्फरपुर के रहने वाले वादी भोला प्रसाद महतो को करीब तीन हफ्ते पहले अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबरों से कॉल आए थे। कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई (CBI) और पुलिस अधिकारी बताया। अपराधियों ने पीड़ित को डरा-धमकाकर “डिजिटल अरेस्ट” किया और झांसे में लेकर उनसे 17 लाख रुपये की मोटी रकम ठग ली।

मुजफ्फरपुर नगर पुलिस अधीक्षक मो0 मोहिबुल्लाह अंसारी और साइबर डीएसपी हिमांशु प्रेस वार्ता के दौरान गिरफ्तार साइबर ठगों और बरामद सामान की जानकारी देते हुए।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व साइबर डीएसपी हिमांशु कर रहे थे। पुलिस ने तकनीकी जांच और विभिन्न बैंकों के घोस्ट‘ (Ghost) और मयूल‘ (Mule) अकाउंट्स का बारीकी से विश्लेषण किया। इस जांच के आधार पर पुलिस ने गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को धर दबोचा।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान :पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन आरोपियों ब्रजेश कुमार,कृष्ण कुमार (निवासी: गरौल, जिला वैशाली),एवं विक्रम कुमार (निवासी: मुजफ्फरपुर) को गिरफ्तार किया है:

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन आरोपियों के बैंक खातों पर देश के विभिन्न राज्यों में पहले से ही साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। गिरोह का एक अन्य सदस्य फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

बरामद सामान

गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं:

  • 3 मोबाइल फोन (जिनका उपयोग अंतरराष्ट्रीय नंबर निकालकर व्हाट्सएप कॉल करने के लिए किया जाता था)।
  • 13 चेकबुक और पासबुक (विभिन्न बैंकों की)।
  • 3 डेबिट कार्ड
  • बैंकों से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण कागजात।

मुजफ्फरपुर पुलिस की निरंतर कार्रवाई

नगर पुलिस अधीक्षक मो0 मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इससे महज तीन-चार दिन पहले भी 67 लाख रुपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में दो लोगों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात वीडियो कॉल या “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी से न डरें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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