ऐतिहासिक रफ्तार: 29 अप्रैल 2026 को इस साल का 50वां कांड दर्ज किया गया, जो पिछले 6 वर्षों में सबसे तेज है।

पटना | विशेष संवाददाता

बिहार में भ्रष्टाचार के दानव पर लगाम कसने के लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (VIB) ने इस वर्ष ‘सुपरफास्ट’ मोड में काम शुरू किया है। राज्य में जीरो टॉलरेंस की नीति को चरितार्थ करते हुए निगरानी ब्यूरो ने वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही कार्रवाई का ‘अर्धशतक’ जड़ दिया है। ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 को इस साल का 50वां कांड दर्ज किया गया, जिसने पिछले 6 वर्षों के सभी रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया है।

पिछले 6 वर्षों में सबसे प्रचंड प्रहार

निगरानी ब्यूरो द्वारा जारी तुलनात्मक आंकड़ों पर नजर डालें तो भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह अब तक की सबसे तेज स्ट्राइक है। साल 2025 में 50वां मामला दर्ज होने में जुलाई तक का समय लगा था, जबकि 2024 में पूरे साल में केवल 12 और 2023 में महज 36 मामले ही सामने आए थे। ब्यूरो की इस सक्रियता ने सचिवालय से लेकर प्रखंड कार्यालयों तक बैठे घूसखोरों की नींद उड़ा दी है।

ट्रैप का जाल: राजस्व और पुलिस विभाग में हड़कंप

इस साल अब तक हुए कुल कांडों में से 45 मामले ‘रंगे हाथ गिरफ्तारी’ (Trap) के हैं। विभागवार आंकड़ों के मुताबिक:

  • राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग: 08 ट्रैप (सबसे ज्यादा)
  • पुलिस विभाग: 07 ट्रैप
  • पंचायती राज विभाग: 04 ट्रैप
  • स्वास्थ्य विभाग: 03 ट्रैप इसके अलावा शिक्षा, खनन, कृषि और विश्वविद्यालय स्तर पर भी भ्रष्ट अधिकारी ब्यूरो के चंगुल में फंसे हैं।

बड़ी मछलियां भी नहीं बच पाईं

इस साल के अभियान की खास बात यह रही कि ब्यूरो ने सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि ‘बड़ी मछलियों’ पर भी शिकंजा कसा है। 45 ट्रैप कांडों में से 8 मुख्य मामले ऐसे हैं जहाँ रिश्वत की राशि 50,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक थी:

  1. परमजय सिंह (सहायक निदेशक, युवा रोजगार): 5,00,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।
  2. मो. सनाउल्लाह खान (सहायक कुल सचिव, पटना): 2,50,000 रुपये घूस लेते धरे गए।
  3. मुकेश कुमार (प्रशाखा पदाधिकारी, मुंगेर): 1,70,000 रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार।
  4. देवकांत कुमार (पु.अ.नि., राजगीर): 90,000 रुपये लेते होटल से पकड़े गए।

जनता से सीधी अपील

निगरानी ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई जनता के सहयोग से ही संभव है। यदि कोई सरकारी सेवक रिश्वत की मांग करता है, तो आम नागरिक बेझिझक ब्यूरो के टोल-फ्री नंबरों, व्हाट्सएप नंबर (9473494167) या ईमेल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ब्यूरो ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गुप्त रखी जाएगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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