मुजफ्फरपुर (सकरा)। विभाजनकारी ताकतों को कड़ा संदेश देने और हिंदू समाज के भीतर की दूरियों को मिटाने के लिए बुधवार को सकरा खंड में एक बड़ी वैचारिक क्रांति का आगाज हुआ। विष्णुपुर बघनगरी स्थित शिवालय सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रांगण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा आयोजित ‘सामाजिक सद्भाव बैठक’ में एकता का ऐसा सैलाब उमड़ा जिसने स्पष्ट कर दिया कि अब समाज को जातियों में बांटने वाली राजनीति सफल नहीं होगी।

“एकता का संकल्प: सकरा के विष्णुपुर बघनगरी में सामाजिक सद्भाव बैठक के बाद एकजुटता प्रदर्शित करते समाज के विभिन्न वर्गों के लोग और संघ के पदाधिकारी।”

समरसता से ही सशक्त होगा राष्ट्र

बैठक को मुख्य मार्गदर्शक के रूप में संबोधित करते हुए मुजफ्फरपुर विभाग निरीक्षक राजेश रंजन जी ने कहा कि हिंदू समाज का संगठित होना किसी के विरोध में नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि जब समाज का हर वर्ग कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा, तभी विघटनकारी शक्तियां परास्त होंगी।

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आयोजित बैठक के दौरान सामाजिक समरसता के विषयों पर चर्चा सुनते क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक एवं मातृशक्ति।”

एक जाजम पर बैठे सभी वर्ग

विभाग कार्यवाह अरविंद जी के कुशल संचालन में आयोजित इस बैठक की सबसे खास बात यह रही कि इसमें समाज के हर तबके के गार्जियन, युवाओं और महिलाओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। खुले सत्र में चर्चा की गई कि कैसे आपसी भाईचारे और रोटी-बेटी के संबंधों को मजबूत कर सामाजिक समरसता को गांव-गांव तक ले जाया जाए।

सामाजिक समरसता की शपथ

बैठक के अंत में उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि वे छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों को जड़ से मिटाएंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक अपनत्व का भाव पहुँचता है।

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