मुजफ्फरपुर। साइबर अपराधियों की नजर अब देश की सुरक्षा में तैनात जवानों पर भी टिक गई है। आए दिन जवानों को हनीट्रैप, फर्जी कॉल और ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बनाने की साजिशें रची जा रही हैं। इसी खतरे को देखते हुए मुजफ्फरपुर स्थित एसएसबी कैंप में साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता विषय पर एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जवानों को साइबर दुनिया के छिपे हुए खतरों से आगाह करना और उन्हें डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना था। इस परिचर्चा का संचालन और संबोधन पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम), मुजफ्फरपुर द्वारा किया गया।

हनीट्रैप और फर्जी कॉल के मायाजाल से सावधान
परिचर्चा के दौरान पुलिस उपाधीक्षक ने जवानों को विस्तार से बताया कि किस तरह साइबर अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर या खूबसूरत चेहरों की आड़ में जवानों को हनीट्रैप में फंसाते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल, फर्जी कॉल और डिजिटल ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में जवानों को जागरूक किया गया।

डिजिटल पहचान और गोपनीयता की सुरक्षा जरूरी
कार्यक्रम में जवानों को सुरक्षा के कई महत्वपूर्ण टिप्स और उपाय दिए गए:
- अनजान लोगों से दूरी: सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों के साथ कभी भी व्यक्तिगत जानकारी या संवेदनशील दस्तावेज साझा न करें।
- संदिग्ध लिंक से बचें: किसी भी अज्ञात या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें, यह डेटा चोरी या फोन हैक करने का जरिया हो सकता है।
- सोशल मीडिया पर सतर्कता: अपनी डिजिटल पहचान, पासवर्ड और गोपनीयता को हर हाल में सुरक्षित रखें।

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
कार्यक्रम के अंत में बल दिया गया कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें” के संदेश के साथ जवानों को हर कदम पर सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया गया। इस परिचर्चा के बाद जवानों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अपने सवालों के जवाब भी प्राप्त किए।
अन्य खबरों के लिए नीचे ’न्यूज भारत टीवी ’ के लिंक पर क्लिक करें,
|| https://newsbharattv.in ||

